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Sunday, January 27, 2019

कैदियों के लिए दैनिक ज़रूरतों की वस्तुएं खरीदने के लिए ई-पर्स सिस्टम जारी


मुख्यमंत्री ने महिलाओं के लिए खुली कृषि जेलसंबंधी प्रस्ताव तैयार करने के लिए कहा
कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने पटियाला केंद्रीय जेल में कैदियों की सुविधाओं का किया निरीक्षण
कैदियों के परिवारों के लिए प्रतिक्षा-घर समर्पित करने के साथ सौर्य ऊर्जा प्लांट शुरू कराया

पटियाला, 27 जनवरी:
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कैदियों को जेलों के अंदर दैनिक ज़रूरत वाली वस्तुओं की खऱीद की सुविधा प्रदान करने के लिए ई -पर्स सिस्टम जारी किया। यह प्रणाली राज्य भर की 15 जेलों में शुरू की गई है जहाँ सभी वित्तीय तबादले स्मार्ट कार्ड की मदद से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर के द्वारा किये जाएंगे। 


कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने केंद्रीय जेल पटियाला के दौरे दौरान जेल विभाग को महिलाओं के लिए भी खुली कृषि जेलस्थापित करने का प्रस्ताव तैयार करने के लिए कहा है। यह राज्य में अपनी किस्म की पहली जेल होगी, जहां महिला कैदी भी जेल के अंदरूनी घेरे से बाहर काम करने के समर्थ हो सकेंगी और यह जेल उनकी रिहाई के बाद उनके पुनर्वास के लिए मददगार साबित होगी।इस दौरान उन्होंने कैदियों के परिवारों के लिए नये बने प्रतिक्षा घर को कैदियों के परिवारिक सदस्यों को समर्पित करने के बाद मुख्यमंत्री ने ए.डी.जी.पी. जेल श्री रोहत चौधरी को यह प्रस्ताव तैयार करने के आदेश दिए। इस मौके पर मुख्यमंत्री के साथ उनकी धर्म पत्नी और पूर्व केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री श्रीमती परनीत कौर भी मौजूद थे।


इस मौके पर चौधरी ने मुख्यमंत्री को बताया कि जेल विभाग के पास पहले ही नाभा में पुरूष कैदियों के लिए एक खुली कृषि जेल मौजूद है जबकि बठिंडा, एस.बी.एस. नगर और कपूरथला में भी ऐसी जेलें स्थापित करने का प्रस्ताव विचार अधीन है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि नया बने यह प्रतिक्षा घर राज्य के दूर दराज़ के इलाकों से कैदियों को मिलने आने वाले उनके पारिवारिक सदस्यों के लिए लाभदायक होगा। जबकि इस समय उनको खुले में या अस्थायी रूप से जगह पर बैठ कर अपनी बारी का इन्तज़ार करना पड़ता है। राज्य की जेलों में बनाऐ जा रहे अन्य प्रतिक्षा घरों में शोचालय, पीने वाले पानी के कूलर, टेलिविजऩ आदि की भी सुविधा होगी। यहां खाने -पीने वाली वस्तुओं के स्टोर भी होंगे जहां से यह लोग अपने बंदी रिश्तेदारों के लिए वस्तुएं खऱीद सकेंगे। पटियाला समेत लुधियाना और कपूरथला केंद्रीय जेलों में यह प्रतिक्षा-घर बनाए गए हैं जबकि फिऱोज़पुर, होशियारपुर, नई नाभा जेल और जि़ला जेल संगरूर में इनका काम प्रगति अधीन है।
इस मौके पर ए.डी.जी.पी. श्री चौधरी ने मुख्यमंत्री को बताया कि राज्य की जेलों के मौजूदा बुनियादी ढांचे को आगे और मज़बूत बनाने, जेल विभाग के लिए गाड़ीयों की खरीद करने और सुरक्षा सम्बन्धित साजो-समान, हथियारों, इमारती बुनियादी ढांचे और जेलों के आधुनिकीकरन के लिए 60 करोड़ रुपए के फंड पहले ही राज्य सरकार द्वारा स्वीकृत किये जा चुके हैं। उन्होंने आगे बताया कि अब तक सभी जेलों को पोलीथीन मुक्त घोषित किया जा चुका है और कैंटीनों में इस्तेमाल कियेे जाने वाले लिफ़ाफ़े रद्दी के अखबारों से तैयार किये जाते हैं।
     मुख्यमंत्री ने पर्यावरण समर्थकी ऊर्जा का प्रयोग के मद्देनजऱ केंद्रीय जेल में स्थापित किये 320 किलोवाट के एक र्सार्य ऊर्जा प्लांट को भी चालू करवाया। श्री चौधरी ने मुख्यमंत्री को यह भी बताया कि राज्य की 19 जेलों में 5000 यूनिट की क्षमता वाले ऐसे सौर्य ऊर्जा प्लांट लगाए जा रहे हैं। 
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने राज्य की जेलों की फ़ैक्टरियों में बने साजो-समान समेत जेलों के बंदियों द्वारा बनाऐ गए बेकरी के समान, दरिया, खेस, फर्नीचर, कपड़े, चित्र, एल.ई.डी. बल्ब, फूलकारी, साबुनों आदि की लगाई गई प्रदर्शनी ध्यान के साथ पढ़ते हुए इसकी प्रशंसा की। श्री चौधरी ने मुख्यमंत्री को बताया कि पंजाब प्रिजन डिवैल्पमैंट बोर्ड स्थापित करने के प्रस्ताव पहले ही सरकार के पास है।
इसके बाद मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने केंद्रीय जेल अंदरूनी उच्च सुरक्षा जोन, जहाँ गंभीर जुर्मों वाले बंदी रखे जाते हैं, का भी दौरा किया और इसकी सुरक्षा का जायज़ा लिया। जि़क्रयोग्य है कि नाभा जेल ब्रेक कांड के बाद जेलों की सुरक्षा बाबत बनाई गई कमेटी की सिफारशों के मद्देनजऱ राज्य की 12 जेलों में 21 उच्च सुरक्षा जोन बनाऐ गए हैं, जहाँ पर उच्च सुरक्षा उपकरण, सी.सी.टी.वी. कैमरे, डी.एफ.एम.डी /एच.एच.एम.डी. और थैला आदि की जांच के लिए अलग एक्स-रेे मशीन जांच केंद्र बनाया गया है। 
मुख्यमंत्री ने इस समय गैंग्स्टरों के सुधार हेतु नयी नीति संबंधी भी जानकारी हासिल की, जिसके अंतर्गत जुर्म की दुनिया को अलविदा कहने वाले और अपने व्यवहार में तबदीली लाने वाले बंदियों को इस उच्च सुरक्षा जोन से बाहर निकाल लिया जाता है।
इस दौरान कैप्टन अमरिन्दर सिंह और श्रीमती परनीत कौर ने जेल के बंदियों के छोटे बच्चों को रखने के लिए जेल के अंदर बने करैच का भी दौरा करके बच्चों को दी जाती सुविधाओं के बारे में जाना और बच्चों के साथ बातचीत की। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर जेल स्टाफ के नये पदोन्नत हुए कर्मचारियों और अधिकारियों के साथ भी मुलाकात करके उनकी मुश्किलें जानी और उनको भरोसा दिया कि बेहतर जेल प्रबंधों के अंतर्गत जेल विभाग में नयी भर्ती की जायेगी और पदोन्नतियों में आये गतिरोध को दूर किया जायेगा।
इस मौके पर पूर्व केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री परनीत कौर, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार रवीन ठुकराल, पंजाब राज्य भलाई बोर्ड की चेयरपर्सन गुरशरन कौर रंधावा, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रमुख सचिव गरीश दियालन, मुख्यमंत्री के ओ.एस.डी. अमृतप्रताप सिंह हनी सेखों, आई.जी. ए.एस. राय, डिप्टी कमिशनर कुमार अमित, डी.आई.जी. जेलें पटियाला सर्कल लखमिन्दर सिंह जाखड़, एस.एस.पी. मनदीप सिंह सिद्धू, सीनियर सुपरडैंट केंद्रीय जेल जसपाल सिंह हांस, अतिरिक्त सुपरडैंट गुरचरन सिंह धालीवाल, डिप्टी सुपरडैंट हैडक्वाटर कँवर वी.पी सिंह, डिप्टी सुपरडैंट प्रशिक्षण स्कूल राकेश शर्मा, डिप्टी सुपरडैंट अपेक्षा शर्मा समेत अन्य अधिकारियों समेत रोटरी क्लब मिड टाऊन के नुमायंदे कर्नल जे.एस. थिंद, तेजिन्दर ऋषि और एन.के. जैन भी मौजूद थे। 


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