पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या के मामले में पंचकूला अदालत ने फैसला सुना दिया है। इस मामले में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम (Ram Rahim) आरोपी था जिसे कोर्ट ने दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। राम रहीम इस समय अपनी दो अनुयायियों के बलात्कार के जुर्म में रोहतक की सुनारिया जेल में 20 साल की सजा काट रहा है तथा पहले चल रही 20 साल की कैद पूरी होने के बाद ही उम्रकैद की सजा शुरू होगी।

2002 के पत्रकार हत्या मामले में विशेष सीबीआई अदालत के न्यायाधीश जगदीप सिंह ने 11 जनवरी को राम रहीम और तीन अन्य को दोषी ठहराया था। राम रहीम और तीन अन्य को जब दोषी ठहराया गया था तब भी वे वीडियो कांफ्रेंस के जरिए पेश हुए थे। चारों को आईपीसी की धारा 302 (हत्या) और 120 बी (आपराधिक साजिश) के तहत दोषी ठहराया गया था । निर्मल सिंह और कृष्ण लाल को शस्त्र कानून के तहत भी दोषी ठहराया गया है। इसके अलावा चारो आरोपियों पर 50-50 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है।

पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या के मामले में सुनवाई के लिए गुरमीत राम रहीम वीडियो कांफ्रेंस के जरिए पेश हुआ। 2002 के इस मामले में राम रहीम को मुख्य षड़यंत्रकर्ता नामित किया गया था। छत्रपति के समाचार पत्र ‘पूरा सच’ ने एक पत्र प्रकाशित किया था जिसमें यह बताया गया था कि डेरा मुख्यालय में राम रहीम किस प्रकार महिलाओं का यौन उत्पीड़न कर रहे हैं, जिसके बाद ही पत्रकार छत्रपति की हत्या कर दी गई थी।
Tags ,

Contact Form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.