सरकारी अस्पतालों को प्राईवेट हाथों में देने का कोई इरादा नहीं-ब्रह्म मोहिन्द्रा - BTTNews

ताजा अपडेट

�� बी टी टी न्यूज़ है आपका अपना, और आप ही हैं इसके पत्रकार अपने आस पास के क्षेत्र की गतिविधियों की �� वीडियो, ✒️ न्यूज़ या अपना विज्ञापन ईमेल करें bttnewsonline@yahoo.com पर अथवा सम्पर्क करें मोबाइल नम्बर �� 7035100015 पर

Monday, January 21, 2019

सरकारी अस्पतालों को प्राईवेट हाथों में देने का कोई इरादा नहीं-ब्रह्म मोहिन्द्रा

चंडीगढ़, 
ग्रामीण इलाकों में स्थापित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और कम्युनिटी स्वास्थ्य केन्द्रों को निजी अदारों को देने सम्बन्धी मीडिया रिपोर्टों का खंडन करते हुए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री ब्रह्म मोहिन्द्रा ने एक प्रैस बयान के द्वारा स्पष्ट किया कि पंजाब सरकार का सरकारी अस्पतालों को प्राईवेट हाथों में देने का कोई इरादा नहीं है। 

श्री मोहिन्द्रा ने कहा कि मौजूदा सरकार का मुख्य मंतव्य पब्लिक हैल्थ व्यवस्था को मज़बूती प्रदान करना है। पिछली सरकार की तरफ से भर्ती पर लगाई रोक को हटाकर स्वास्थ्य विभाग की तरफ से अक्तूबर, 2018 के दौरान पीपीएससी के द्वारा 308 डाक्टरों की भर्ती की गई, 513 मैडीकल अफसर(सपैशलिस्ट एमएस /एमडी) का विज्ञापन जारी किया गया जबकि भर्ती को भारी सर्मथन न मिलने के कारण केवल 140 डॉक्टर ही भर्ती किये जा सके। पिछली सरकार द्वारा साल 2015 में जारी हिदायतों के मुताबिक पहले तीन सालों के लिए नये भर्ती किये डाक्टरों को  15,600 रुपए तनख़्वाह पर ही भर्ती किया जाता था परन्तु हमारी सरकार की तरफ से डॉक्टरों को एनपीए समेत पूरी तनख़्वाह और भत्ते देने का फ़ैसला किया गया।
उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग में काम करते 750 रुरल् मैडीकल अफसरों(आरएमओ) को स्वास्थ्य विभाग में लाने के लिए पूरे यत्न कर रहा है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग में अब भी 373 स्पैशलिस्ट और 256 मैडीकल अफसरों की पद खाली पडें हैं और जिन्हें जल्द ही भर लिया जायेगा। उन्होंने कहा कि 190 सब -सैंटर और 239 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में हैल्थ और वैलनैस्स सैंटर खोले गए हैं। फरवरी,2019 तक 258 उम्मीदवारों प्रशिक्षण मुकम्मल कर लेंगे। 258 और सब -सैंटरों को हैल्थ और वैलनैस्स सैंटर में तबदील कर दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि छह महीनों के प्रशिक्षण के लिए 800 उम्मीदवारों की सूची तैयार की गई है जो जून,2019 तक 1487 वैलनैस्स सैंटरों में तैनात किये जाएंगे। डाक्टरों और पैरा मैडीकल स्टाफ की आसामियों को भरने के लिए एक प्रस्ताव कैबिनेट को भेजा जा रहा है इसके अलावा मौजूदा सरकार की तरफ से अलग- अलग श्रेणियों में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अधीन 866 कर्मचारियों को भर्ती किया गया है और 2100 आसामियों को भरने का मामला प्रक्रिया अधीन है।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इसी तरह ही वित्त विभाग की तरफ से रेगुलर स्टाफ भर्ती होने तक ईएसआई अस्पतालों के मैडीकल अफ़सर और पैरा मैडीकल स्टाफ की सभी आसामियों को भरने की परवानगी दी गई है। उन्होंने बताया कि जल्द ही 108 सेवा के अंतर्गत मरीजों को एमरजैंसी सेवाएंं मुहैया करवाने के लिए 80 नई ऐंबूलैंसें चलाईं जाएंगी। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग 1 मार्च,2019 से 43 लाख परिवारों को 5 लाख रुपए तक का स्वास्थ्य बीमा मुहैया कराने के लिए स्वास्थ्य बीमा योजना शुरू करने जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने इस बीमा योजना के अधीन अधिक से अधिक लोगों को इलाज सेवाएंं यकीनी तौर पर मुहैया कराने के लिए बड़े स्तर पर सब-डिविजऩ अस्पताल और जिला अस्पतालों की कार्य कुशलता में विस्तार करने के लिए एक योजना भी तैयार की है।
श्री मोहिन्द्रा ने आगे कहा कि देश की राज्य सरकारों को अलग अलग कारणों से स्पैशलिस्ट डाक्टरों की कमी का सामना करना पड़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग को डाक्टरों, ग़ैर -सरकारी संस्थाओं और अन्य संस्थाओं की तरफ से सरकारी स्वास्थ्य संस्थाओं में सेवाएंं प्रदान करने संबंधीं निवेदन मिल रहे हैं। तीन निवेदन पहले ही विचाराधीन हैं - एसबीएस नगर और पटियाला में एक -एक कार्डियोलोजिस्ट और एक डाक्टर की तरफ से लुधियाना के कम्युनिटी हैल्थ सैंटर में सेवा निभाने के लिए निवेदन किया गया है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार की तरफ से भी हिदायतें जारी की गई हैं कि सरकारी संस्थाओं में बीमारियों के इलाज के लिए प्राईवेट संस्थाओं को काम करने का मौका दिया जायेगा। भारत सरकार इसके लिए वित्तीय सहायता देने की तैयारी भी कर रही है। उन्होंने कहा कि सभी सहयोगियों के सुझाव लेने के बाद ही स्वास्थ्य विभाग इस योजना को अमल में लाने संबंधी विचार करेगा।
उन्होंने कहा कि दूर -दराज के इलाकों में स्थापित सरकारी संस्थाओं और सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएंं मुहैया करवाने के लिए इछुक्क प्राईवेट एनजीओ, डॉक्टरों की रुचि प्रकट करने सम्बन्धी एक विज्ञापन दिया गया। यदि दूर -दराज के इलाकों में कोई काम करने के लिए सहमत होता है तो मरीजों पर किसी भी तरह का वित्तीय भार नहीं पडेगा। केवल मौजूदा कीमत पर ही सरकारी अस्पतालों में फीस ली जायेगी। प्राप्त प्रतिक्रिया के आधार पर ही 1-2 संस्थाओं में पॉयलट प्रोजैक्ट प्रयोग किया जायेगा। स्वास्थ्य और मैडीकल एजुकेशन विभाग में कई सफल प्रोजैक्ट पब्लिक प्राईवेट पार्टनरशिप के अंतर्गत चलाए जा रहे हैं।
 जैसे कि पंजाब इंस्टीट्यूट ऑफ मैडीकल साईंसिज़(पी.आई.एम.एस)जालंधर, मोहाली और बठिंडा में 2 मैक्स अस्पताल और फतेहगढ़ साहिब में एक इंडस्स अस्पताल चल रहा है।
श्री ब्रह्म मोहिन्द्रा ने पीसीएमएस डॉक्टरों से अपील करते हुए कहा कि आपको इस मामले सम्बन्धी चिंता करने की ज़रूरत नहीं है, स्वास्थ्य विभाग समय -समय पर स्पैशलिस्ट और डॉक्टरों की भर्ती करने सम्बन्धी विज्ञापन जारी करता आ रहा है। उन्होंने कहा विभाग राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन और स्टेट बजट द्वारा सरकारी अस्पतालों का सुधार और  मजबूतीकरण करने के लिए वचनबद्ध है।