डिप्टी कमीशनरों को सरकार के वायदों को अमलीजामा पहनाने के लिए पूरी ताकत के साथ जुट जाने के हुक्म
किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार विरुद्ध सख़्त चेतावनी
चुने हुए नुमायंदों के लिए बनता सत्कार यकीनी बनाने के हुक्म

चंडीगढ़,
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने आज समूह जिलों के डिप्टी कमीशनरों को उनकी सरकार की तरफ से किये वायदों को अमलीजामा पहनाने और लोगों के साथ संबंध बढ़ाने के लिए सख़्त मेहनत करने और पूरी ताकत के साथ जुट जाने के हुक्म दिए हैं। उन्होंने कहा कि इन वायदों के कारण ही उनकी सरकार 22 महीने पहले सत्ता में आई थी।



मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार को किसी भी स्तर पर हरगिज़ बरदाश्त नहीं किया जायेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोक कल्याण स्कीमों और विकास प्रोजैक्टों को समय पर मुकम्मल करने को यकीनी बनाने के लिए डिप्टी कमीशनरों को किसी भी किस्म की मदद मुहैया करवाने के लिए तैयार है।
अपनी सरकार की कारगुज़ारी बारे कांग्रेसी विधायकों से हासिल की फीडबैक के बाद मुख्यमंत्री ने राज्य के प्रशासन को लोक सेवा के लिए तत्पर रहने के सख़्त आदेश देते हुए सरकार के विकास एजंडे को पूरा करने को यकीनी बनाने के लिए अगले दो महीने और सख़्त मेहनत और वचनबद्धता के साथ काम करने के लिए कहा।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि चुने हुए नुमायंदों के सत्कार को हर कीमत पर कायम रखा जायेगा। उन्होंने डिप्टी कमीशनरों को विधायक या सरपंच समेत किसी भी चुने हुए नुमायंदे को बनता सत्कार देने के हुक्म दिए। कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा,‘‘चुने हुए नुमायंदे लोकतंत्र में लोगों की नुमायंगी करते हैं और उनके साथ हमारा व्यवहार स्नेहपूर्ण होना चाहिए।’’
सरकारी प्रोग्रामों का जायज़ा लेने के लिए डिप्टी कमीशनरों की मीटिंग के दौरान मुख्यमंत्री ने सचिवों को डिप्टी कमीशनरों के साथ लगातार संबंध कायम रखने के निर्देश दिए जिससे अलग -अलग स्कीमों को लागू करने और निचले स्तर तक लोगों को लाभ मुहैया करवाने में कोई कमी न रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम अपनी तरफ से बढिय़ा से बढिय़ा काम करें। उन्होंने डिप्टी कमीशनरों को अपने-अपने दफ़्तरों में निकम्मे लोगों की भी शिनाख़्त करने के हुक्म दिए। इन दफ़्तरों में चाहे तहसीलों, बी.डी.पी.ओ. दफ़्तर, पुलिस थाने या म्यंूसिपैलिटी के स्तर पर दफ़्तर शामिल होने और इन दफ़्तरों में निचले स्तर तक भ्रष्टाचार के मुकम्मल ख़ात्मे को यकीनी बनाया जाये।
मुख्यमंत्री ने डिप्टी कमीशनरों को कहा कि वह अपने स्टाफ की अनुशासनबद्धता यकीनी बनाएं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि विकास कामों और प्रोग्रामों को लागू करने में देरी बरदाश्त नहीं की जायेगी। काम की गति धीरे होने बारे लोगों से मिलीं रिपोर्टों पर चिंता ज़ाहिर करते हुए उन्होंने डिप्टी कमीशनरों को साफ़ तौर पर कहा कि अब बहुत हो गया। उन्होंने डिप्टी कमीशनरों को अपने जिलों के दफ़्तरों और अन्य निचले स्टाफ के काम की निगरानी रखने के आदेश दिए।
मीटिंग के दौरान मुख्यमंत्री ने ऐलान किया कि बेघर अनुसूचित जातियों के परिवारों को 5-5 मरलों के एक लाख प्लॉट दिए जाएंगे और जिन गाँवों में पंचायती ज़मीन मौजूद है, वहाँ पहले पड़ाव में हरेक गाँव में कम- से -कम 10 प्लॉट दिए जाएंगे। जिन गाँवों में पंचायती ज़मीन मौजूद नहीं है और उसका प्रबंध किया जाना है, ऐसे अनुसूचित जातियों के लाभपात्रीयों को दूसरे पड़ाव में विचारा जायेगा। मुख्यमंत्री ने शहरी और ग्रामीण स्तर पर विकास को यकीनी बनाने के लिए कई कदमों का ऐलान भी किया। उन्होंने ग्रामीण विकास और पंचायत विभाग को अलॉट किये कामों की निगरानी रखने के लिए कहा।
कजऱ् माफी के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने डिप्टी कमीशनरों को चुने हुए स्थानीयनुमायंदों को शामिल करने और इस स्कीम में से कोई भी योग्य व्यक्ति न रह जाने को यकीनी बनाने के लिए कहा। नशा विरोधी मुहिम को पहले की तरह जारी रखने की माँग पर ज़ोर देते हुए मुख्यमंत्री ने डिप्टी कमीशनरों को एन.डी.पी.एस. एक्ट के उन मामलों की समीक्षा करने के लिए कहा जिनमें चार्जशीट दायर न करने के कारण ज़मानत दे दी गई। उन्होंने डिप्टी कमीशनरों को ओ.ओ.ए.टी. क्लिनिकों का निरंतर दौरा करके इसके साथ जुड़े लोगों के साथ संबंध स्थापित करने के लिए कहा जिससे सफल इलाज को यकीनी बनाया जा सके। उन्होंने अधिकारियों को बुरे तत्वों की तरफ से बुपरिनौरफिन के किए जा रहे दुरुपयोग रोकने के लिए कहा। डिप्टी कमीशनरों को सभी पंचायती नुमायंदों को अपने अपने गाँवों में नशों पर नकेल कसने के लिए सक्रियता के साथ काम करने के लिए डैपो और बड्डी प्रोग्राम में शामिल करने की भी हिदायत की।
अपनी सरकार के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए स्मार्ट गाँव मुहिम और शहरी इलाकों के लिए शहरी वातावरण सुधार प्रोग्राम का जि़क्र करते हुए मुख्यमंत्री ने डिप्टी कमीशनरों को इस सम्बन्धी प्रस्ताव 31 जनवरी तक ग्रामीण विकास विभाग और स्थानीय निकाय विभाग के सचिवों तक पहुँचाने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि सम्बन्धित एजेंसियों के द्वारा काम 15 फरवरी तक शुरू कर दिया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कार्य उनकी सरकार की सबसे मुख्य प्राथमिकता है और वह इसमें किसी किस्म की देरी नहीं चाहते।
बुढ्ढा नाला के प्रदूषण पर चिंता ज़ाहिर करते हुए मुख्यमंत्री ने लुधियाना के डिप्टी कमिश्नर को नामधारी दरबार के साथ तालमेल करने के लिए कहा जिन्होंने समयबद्ध तरीके से बुढ्ढा नाले की सफ़ाई के नेक कार्य का जिम्मा लिया हुआ है।
मुख्यमंत्री ने गुरदासपुर में करतारपुर रास्ते के लिए ज़मीन ग्रहण करने की प्रक्रिया तेज़ करने के हुक्म दिए जिससे इस प्रोजैक्ट को समय पर पूरा किया जा सके।
मुख्यमंत्री ने डिप्टी कमीशनरों को बाढ़ों की रोकथाम और नहरों की सफ़ाई का काम समय पर मुकम्मल कराने के लिए कहा और इस सम्बन्धी अन्य सरकारी फंडों के लिए इन कामों को नरेगा के साथ जोडऩे के लिए कहा। उन्होंने कहा कि दक्षिणी पंजाब में नहर बंदी के समय के दौरान इन नहरों की सफ़ाई का काम पूरा किया जाये जिससे 20 अप्रैल तक नरमे की बिजवाई शुरू हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि सिंचाई विभाग बीते साल ऐसा करने में असफल रहा था।
कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने डिप्टी कमीशनरों को खरीफ की खरीद के लिए सभी ज़रुरी प्रबंध समय पर करने के लिए कहा क्योंकि इस बार गेहूँ की खरीद के दौरान लोकसभा मतदान होंगे। उन्होंने कहा कि यातायात और मज़दूरों के ठेका प्रक्रिया समय में मुकम्मल हो जाने चाहिए और यह भी स्पष्ट किया कि फ़सल की निर्विघ्न खरीद हर हाल में यकीनी बनाई जाऐ।
मुख्यमंत्री ने डिप्टी कमीशनरों को लिंक सडक़ों की मुरम्मत के काम की निगरानी करने के लिए कहा जिससे यह यकीनी बनाया जा सके कि मंडी बोर्ड या लोक निर्माण विभाग की तरफ से मुरम्मत का काम अच्छी तरह किया जा रहा है।
आवारा कुत्तों की समस्या पर चिंता ज़ाहिर करते हुए मुख्यमंत्री ने डिप्टी कमीशनरों को कुत्तों की नसबंदी करने का प्रोगराम शुरू करने के लिए कहा क्योंकि कुत्तों की तरफ से अब समूह के रूप में मनुष्य पर हमला किया जा रहा है जिससे गंभीर तौर पर ज़ख्मी होने या कई बार जान भी चली जाती है।
मीटिंग के दौरान ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग प्रमुख सचिव अनुराग वर्मा ने स्मार्ट गाँव मुहिम के अंतर्गत विभाग की तरफ से उठाएजाने वाले कदमों की जानकारी दी। इसी तरह स्थानीय निकाय  विभाग के प्रमुख सचिव ए. वेनूप्रसाद ने भी शहरी वातावरण बुनियादी ढांचा प्रोजैक्ट की मुख्य विशेषताओं का खुलासा किया।
डिप्टी कमीशनरों ने खेती कजऱ् माफी, नशा रोकू प्रोग्राम, घर -घर रोजग़ार और कारोबार मिशन अधीन चल रहे रोजग़ार प्रोग्रामों आवारा कुत्तों की समस्या और सरकारी गौशालाओं बारे अपने विचार और सुझाव पेश किये।
इस मौके पर कैबिनेट मंत्री तृप्त रजिन्दर सिंह बाजवा, सुखजिन्दर सिंह रंधावा, सुखबिन्दर सिंह सरकारिया, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार रवीन ठुकराल, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रमुख सचिव सुरेश कुमार, मुख्य सचिव करन अवतार सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह एन.एस. कलसी, अतिरिक्त मुख्य सचिव सहकारिता विसवाजीत खन्ना, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव तेजवीर सिंह, प्रशासकीय सुधार के प्रमुख सचिव सीमा जैन, खाद्य एवं सिविल स्पलाई के प्रमुख सचिव के.ए.पी. सिन्हा और तकनीकी शिक्षा के प्रमुख सचिव डी.के. तिवाड़ी उपस्थित थे।
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