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Sunday, January 06, 2019

सज्जन कुमार को कैद मनमोहन सिंह की सरकार की तरफ से अपील पर हुई -तृप्त बाजवा

‘मोदी झूठ बोल कर लोगों को गुमराह कर रहे हैं’

चण्डीगढ़, 6 जनवरी:
पंजाब के ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री तृप्त रजिन्दर सिंह बाजवा ने प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी की तरफ से सज्जन कुमार को नवंबर 1984 में दिल्ली में हुए सिख हत्याकांड केस में हुई उम्र कैद का सेहरा अपने सिर बाँधने को कोरा झूठ, सच्चाई से कोसों दूर और गुमराहकुन करार दिया है।


श्री बाजवा ने आज यहाँ से जारी एक प्रेस बयान में कहा है कि सज्जन कुमार को उम्र कैद की सज़ा डा. मनमोहन सिंह की सरकार के समय सी.बी.आई. की तरफ से 30 अप्रैल 2013 को निचली अदालत की तरफ से उसे बरी करने के फ़ैसले के विरुद्ध दिल्ली हाईकोर्ट में की गई अपील पर हुई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दिल्ली सिख हत्याकांड के दोषियों को सज़ाएं दिलाने के लिए कांग्रेस के नेतृत्व वाली केंद्रीय सरकार की तरफ से की गई कोशिशों स्वरूप ही सज्जन कुमार आज जेल में बंद है।
उन्होंने कहा कि प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी और उसके पिछलग्गू सुखबीर सिंह बादल के इस दावे में कोई सच्चाई नहीं है कि सज्जन कुमार को सज़ा केंद्र सरकार की तरफ से 2015 में बनाई गई विशेष जांच टीम की तरफ से बंद किये गए मामलों को फिर खोले जाने के निष्कर्ष के तौर पर हुई है। मंत्री ने कहा कि यह सत्य है कि सज्जन कुमार के विरुद्ध चल रहे 2 अन्य केस विशेष जांच टीम की तरफ से फिर खोले गए हैं।
श्री बाजवा ने कहा कि प्रधान मंत्री मोदी को ऐसे बहुत ही नाज़ुक मामले पर लोगों को गुमराह करने से पहले तथ्यों को ज़रूर जाँच लेना चाहिए।
ग्रामीण विकास मंत्री ने प्रधान मंत्री के इस दावे को भी झूठा बताया कि श्री करतारपुर साहिब का बन रहा रास्ता भी उनकी सरकार की ही प्राप्ति है। उन्होंने कहा कि मुल्क के पूर्व प्रधान मंत्री डा. मनमोहन सिंह भारत -पाकिस्तान के बीच होती रही द्विपक्षीय बातचीत के द्वारा यह मुद्दा हमेशा ही बड़े ज़ोरदार ढंग से उठाते रहे हैं। उनसे पहले स्व. प्रधान मंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने भी यह मुद्दा फरवरी 1999 में पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ के पास उठाया था।
उन्होंने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह की पहलकदमी स्वरूप वर्ष 2002 -2007 के दौरान दोनों पंजाबों के मुख्यमंत्रियों की तरफ से एक दूसरे के मुल्क के किए गए दौरों के दौरान भी यह मामला वह लगातार उठाते रहे थे।
श्री बाजवा ने इस मुद्दे सम्बन्धी पुराना इतिहास याद करते हुए कहा कि गुरू नानक देव जी के पाँच सौ साला प्रकाश पर्व के अवसर पर उस समय  के प्रधान मंत्री स्व. इंदिरा गांधी ने श्री करतारपुर साहिब को भारत की सीमा में लाने के लिए पाकिस्तान के साथ ज़मीन कीअदला बदली का वादा किया था जो 1971 की जंग के कारण पूरा नहीं हो सका।
उन्होंने कहा कि श्री करतारपुर साहिब के लिए बन रहा रास्ता मुल्क के पिछले प्रधान मंत्रियों की तरफ से की गई लगातार कोशिशों और सिख संगत की तरफ से की गई अरदासों के परिणाम स्वरूप ही अस्तित्व में आ रहा है, इसलिए प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी को इसका सेहरा सिफऱ् अपने सिर बाँधने से बचना चाहिए।
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