एस.सी., ग़ैर एस.सी -बी.पी.एल और बी.सी. उपभोक्ताओं के अलावा सालाना 3000 यूनिटों से ज्यादा बिजली उपभोग करने वाले योग्य उपभोक्ताओं को राहत के आसार

चंडीगढ़, 21 फरवरी

सालाना 3000 यूनिटों से ज्यादा बिजली उपभोग करने वाले अनुसूचित जातियों, गरीबी रेखा से नीचे वाले ग़ैर एस.सी और पिछड़ी श्रेणियों के परिवारों को प्रति महीना 200 यूनिट मुफ़्त देने के पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व वाले मंत्रीमंडल के फ़ैसले की रौशनी में पंजाब राज्य पावर निगम लिमटिड (पी.एस.पी.सी.एल) ने विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। 

मुख्यमंत्री कार्यालय के एक प्रवक्ता के अनुसार इस फ़ैसले से 1.17 लाख घरेलू उपभोक्ता वापस इस स्कीम के अधीन आ जाएंगे जो ऊपरी सीमा लागू होने के कारण इसमें से बाहर चले गए थे। इससे सरकारी खज़ाने पर 163 करोड़ रुपए का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। 
जि़क्रयोग्य है कि मंत्रीमंडल ने इस साल 31 जनवरी को अपनी मीटिंग के दौरान एस.सी, बी.सी और बी.पी.एल परिवारों की तरफ से बिजली उपभोग की सालाना 3000 यूनिटों की ऊपरी सीमा हटाने का फ़ैसला लिया था। 
इससे 17.76 लाख एस.सी., ग़ैर एस.सी. बी.पी.एल और बी.सी घरेलू उपभोक्ताओं को लाभ होगा। इस सम्बन्धी प्रवानित लोड 1 किलोवॉट है। सब्सिडी से सरकारी खज़ाने पर सालाना कुल1253 करोड़ रुपए का बोझ पड़ेगा। 
गौरतलब है कि 23 अक्तूबर, 2017 को पंजाब राज्य बिजली रेगुलेटरी आयोग द्वारा जारी की गई बिजली दरों सम्बन्धी हुक्मों में एस.सी, गैर.एस.सी -बी.पी.एल और बी.सी उपभोक्ताओं को दी रियायत की सुविधा 1 नवंबर, 2017 से वापस ले ली थी। 
जारी किये गए सर्कुलर के अनुसार एस.सी, ग़ैर एस.सी -बी.पी.एल और बी.सी परिवारों से सम्बन्धित योग्य उपभोक्ता जिनका घरेलू श्रेणी का एक किलोवॉट तक प्रवानित लोड है वह प्रति महीना 200 यूनिट मुफ़्त बिजली की सुविधा प्राप्त करते रहेंगे। उनपर कोई भी शर्त नहीं होगी चाहे वह सालाना 3000 यूनिट से भी अधीक बिजली का उपभोग करते हों। 
हालाँकि आयकर अदा करने वाले एस.सी., ग़ैर एस.सी -बी.पी.एल और बी.सी उपभोक्ताओं के लिए रियायत नहीं होगी। यह रियायतें प्राप्त करने के लिए योग्य लाभपात्री को हर साल एक स्वै ऐलाननामा सम्बन्धित ए.ई/ए.ई.ई/डी.एस सब -डिवीजऩ दफ़्तर पी.एस.पी.सी.एल के पास पेश करना होगा कि वह आयकर का भुगतान करने वाला नहीं है। 
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