चंडीगढ़, 2 मार्च:
सरकारी नौकरियों में आर्थिक तौर पर कमज़ोर वर्गों (ई.डब्ल्यू.एस) के लिए आरक्षण के मामले में मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व में पंजाब मंत्रीमंडल ने संवैधानिक संशोधन के अनुसार चलने का फ़ैसला किया है। 

प्रस्तावित संशोधन भारतीय संविधान में क्लॉज 15(6) और 16(6) को शामिल करने से सम्बन्धित है जो संवैधानिक (103वां संशोधन) एक्ट 2019 के द्वारा किया गया है। 
संशोधन के अनुसार आर्थिक तौर पर कमज़ोर वर्गों से सम्बन्धित पंजाब के उन निवासियों को 10 प्रतिशत आरक्षण मुहैया करवाया जायेगा जो अनुसूचित जातियों /अनुसूचित जनजातियों और पिछड़ी श्रेणियों के लिए आरक्षण की मौजूदा स्कीम अधीन नहीं आते और जिनके परिवारों की कुल वार्षिक आय आठ लाख से कम है। 
यह आरक्षण राज्य के विभागों /बोर्डों /निगमों /स्थानीय संस्थाओं में ए, बी, सी और डी ग्रुपों में सीधी भर्ती के दौरान मुहैया करवाया जायेगा। इस उद्देश्य के लिए परिवार की आय में सभी स्रोतों को शामिल किया जायेगा जिनमें वेतन, कृषि, बिजऩेस, पेशा आदि होंगे। यह आवेदन करने वाले वर्ष से पहले वाले वित्तीय वर्ष की आय होगी।
कृषि वाली ज़मीन पाँच एकड़ और 1000 वर्गगज से अधिक के रिहायशी फ़्लैट और नोटीफाईड म्युंसीपलटियों में 100 वर्गगज या इससे अधिक का रिहायशी प्लॉट और नोटीफाईड म्युंसीपलटियों के क्षेत्रों के बाहर 200 वर्गगज या इससे अधिक का प्लॉट जिन व्यक्तियों का होगा, उनको आर्थिक तौर पर पिछड़े वर्गों में से बाहर रखा जायेगा। चाहे उनकी पारिवारिक आय कुछ भी हो। परिवार की आय और संपत्ति सम्बन्धी दस्तावेज़ की पड़ताल के बाद तस्दीक होने ज़रुरी होंगे। 
मंत्रीमंडल ने इस प्रस्ताव से सम्बन्धित किसी भी ज़रुरी नियम /नोटिफिकेशन /हिदायत में संशोधन के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत किया है। 
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