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कैप्टन ने कहा 1971 की जंग में बंदी बनाए जवानों को भी तुरंत रिहा करे पाक

भारतीय हवाई सेना के विंग कमांडर अभिनंदन वरथमन की देश वापसी का किया स्वागत 
तनाव के बावजूद करतारपुर कॉरीडोर का काम जारी रहेगा
डेरा बाबा नानक /गुरदासपुर, 1 मार्च 

कैप्टन अमरिन्दर सिंह मुख्यमंत्री पंजाब ने जहाँ भारतीय हवाई सेना के विंग कमांडर अभिनंदन वरथमन की देश वापसी का स्वागत किया है वहीं उन्होंने पाकिस्तान को कहा कि वह 1971 की जंग के दौरान बंदी बनाए भारतीय जवानों की मौजूदगी को माने और उनको भी तुरंत रिहा किया जाये।   


भारत -पाकिस्तान के बीच पैदा हुए तनाव के मौके पर सरहदी लोगों और सुरक्षा बलों का हौसला बढ़ाने के लिए आज डेरा बाबा नानक में पुहंचे कैप्टन अमरिन्दर सिंह मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत सरकार को जंगी कैदियों का यह मसला पाकिस्तान के साथ उठाना चाहिए। 
उन्होंने कहा कि चाहे कि पाकिस्तान की हरकतों के कारण सरहद पर तनाव वाली स्थिति बनी हुई है परन्तु इसके बावजूद करतारपुर कॉरीडोर को खोलने के लिए सरकार द्वारा यत्न जारी रहेंगे। मुख्यमंत्री पंजाब ने केंद्र सरकार से अपील की कि करतारपुर कॉरीडोर मुकम्मल होने के उपरांत रोज़मर्रा के 5 हज़ार से 10 हज़ार श्रद्धालुओं के रोज़मर्रा के दर्शन करने हेतु जाने की व्यवस्था की जाये। उन्होंने अपने दादा जी महाराजा भुपिन्दर सिंह को याद करते हुए कहा कि 1928 की बाढ़ों के कारण गुरुद्वारा करतारपुर साहिब की इमारत को जो नुक्सान पहुँचा था, वाहेगुरू जी की कृपा से उन्होंने सेवा करके गुरुद्वारा साहिब की इमारत का पुन: निर्माण करवाया था।    करतारपुर कॉरीडर सम्बन्धी अधिग्रहण की जाने वाली ज़मीन के विवाद सम्बन्धी उन्होंने कहा कि यह मुद्दा केंद्र सरकार के पास उठाया जायेगा। उन्होंने आशा प्रकट की कि दोनों देशों के बीच हालात सुखदायक होंगे और पूरी दुनिया के सिख गुरुद्वारा करतारपुर साहिब के खुले दर्शन दीदार कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री पंजाब ने डेरा बाबा नानक के गाँव हरूवाल में लोगों की हौसला अफजायी करते हुए कहा कि सरहदी लोगों ने हमेशा ही मुश्किल घड़ी का बहुत बहादुरी के साथ मुकाबला किया है। उन्होंने कहा कि जब करतारपुर कॉरीडेर मुकम्मल हो जायेगा तो वह ख़ुद सबसे पहले संगत के साथ गुरुद्वारा करतारपुर साहिब के दर्शन करने जाएंगे। उन्होंने सरहदी लोगों को कहा कि वह बिल्कुल भी न घबराएं क्योंकि सुरक्षा बल हर स्थिति का सामना करने के लिए पूरी तरह समर्थ हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार इस मौके पर लोगों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। 
उन्होंने कहा कि 1965 की जंग के दौरान भी वह भारतीय सेना के जनरल हरबख्श सिंह के साथ डेरा बाबा नानक में आए थे और यदि अब दोबारा कोई ऐसी स्थिति बनती है तो वह फिर डेरा बाबा नानक में आकर लोगों के साथ खड़े होंगे।
इसके उपरांत उन्होंने डेरा बाबा नानक कस्बे में लोगों के जलसे को संबोधित करते हुए कहा कि पंजाब सरकार की तरफ से लगातार केंद्र सरकार के साथ संपर्क बनाया हुआ है और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पंजाब सरकार की पूरी तरह तैयार है। इस मौके पर लोगों द्वारा लगाए गए ‘भारत माता की जय ’ के नारों सम्बन्धी उन्होंने कहा कि जब वह फ़ौज में थे तो तब भी यहाँ के लोगों में देश भक्ति का यह जज़्बा था जो आज भी बरकरार है।
डेरा बाबा नानक के दौरे के मौके पर मुख्यमंत्री पंजाब ने बी.एस.एफ की 10 बटालियन के जवानों के साथ चाय पी और उनकी हौसला अफजायी की। इसके अलावा उन्होंने भारतीय फ़ौज के कैंप में पुहंचकर जवानों की बहादुरी को सराहा और पंजाब के लोगों की तरफ से उनको हर तरह के सहयोग का भरोसा दिया।
इससे पहले कैप्टन अमरिन्दर सिंह मुख्यमंत्री पंजाब द्वारा सरहदी क्षेत्र में स्थिति का जायज़ा लेने के लिए सिविल और पुलिस अधिकारियों के साथ मीटिंग की गई। जिसमें डी.आई.जी बॉर्डर रेंज और डिप्टी कमिशनर गुरदासपुर ने सुरक्षा के पक्ष से जो कदम उठाए गए हैं उस सम्बन्धी जानकारी दी। मुख्यमंत्री पंजाब ने सिविल और पुलिस प्रशासन को हिदायत की कि लोगों की सुरक्षा को हर हाल में यकीनी बनाया जाये और सही जानकारी लोगों तक पहुँचाई जाये।
ध्यानपुर में हैलीकॉप्टर से उतरते वक्त मुख्यमंत्री पंजाब ने सरकारी सीनियर सेकंडरी स्कूल, ध्यानपुर के विद्यार्थियों के साथ मुखातिब होते हुए उनको पूरी मेहनत और लगन के साथ पढऩे के लिए प्रेरित किया और कहा कि वह पढ़-लिखकर देश और समाज की तरक्की में अपना योगदान दें।
डेरा बाबा नानक के पुलिस स्टेशन में पुहंचकर मुख्यमंत्री ने पंजाब पुलिस और पी.ए.पी कमांडो को कहा कि वह सुरक्षा के पक्ष से पूरी सावधानी बरतें और फ़ौज के बाद वह दूसरी मज़बूत सुरक्षा लाईन के तौर पर काम करें।
इस मौके पर मुख्यमंत्री पंजाब के साथ स. सुखजिन्दर सिंह रंधावा कैबिनेट मंत्री, श्री रवीन ठुकराल मीडिया सलाहकार मुख्यमंत्री पंजाब और श्री दिनकर गुप्ता डी.जी.पी पंजाब भी मौजूद थे।
इसके अलावा हरप्रताप सिंह अजनाला विधायक अजनाला, एस.पी.एस परमार आई.जी बॉर्डर रेंज अमृतसर, विपुल उज्जवल डिप्टी कमिशनर गुरदासपुर, ओपिन्दरजीत सिंह घुम्मन एस.एस.पी बटाला, रजेश शर्मा डी.आई.जी बी.एस.एफ गुरदासपुर सैक्टर, वरिन्दर वाजपेयी कमांडैंट 10 बटालियन बी.एस.एफ भी मौजूद थे।

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