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Friday, March 15, 2019

मोहाली की अदालत द्वारा कोल्यांवाली की ज़मानत रद्द,. Akali leader Dyal Singh Kolianwali bail rejected

चंडीगढ़, 15 मार्च:
पंजाब विजीलैंस ब्यूरो के विरोध के बाद भ्रष्टाचार रोकथाम कानून के मामले संबंधी विशेष अदालत के अतिरिक्त सैशन जज मिस. मोनिका गोयल द्वारा अकाली नेता दियाल सिंह कोल्यांवाली की ज़मानत अजऱ्ी आज तथ्यों के आधार पर रद्द कर दी गई है।
इससे पहले अदालत द्वारा उसको तकनीकी आधार पर डिफ़ाल्ट ज़मानत दी गई थी क्योंकि विजीलैंस ब्यूरो उसके विरुद्ध आय से अधिक जायदाद बनाने के केस में 60 दिनों के अंदर चालान पेश करने में असमर्थ रहा था।
कोल्यांवाली के विरूद्ध दायर अपराधों के मद्देनजऱ ब्यूरो द्वारा जांच मुकम्मल करने के बाद विजीलैंस ने आई.पी.सी के अंतर्गत कुछ अन्य धाराएं शामिल की। इन आई.पी.सी धाराओं के आधार पर ही स्पैशल जज ने विजीलैंस ब्यूरो की अपील मंजूर करते हुये दियाल सिंह कोल्यांवाली की तरफ से दायर अग्रीम ज़मानत याचिका रद्द कर दी है।
गौरतलब है कि कोल्यांवाली भ्रष्टाचार रोकथाम कानून की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत आय से अधिक जायदाद बनाने के लिए मुकद्मा भुगत रहा है।
विजीलैंस ब्यूरो ने कोल्यांवाली के विरुद्ध आज यह दलील दी कि उसकी तरफ से ब्यूरो को कोई सहयोग नहीं दिया जा रहा। तकनीकी आधार पर ज़मानत मिलने के उपरांत बार-बार सम्मन जारी करने के बावजूद भी कोल्यांवाली ब्यूरो के सामने पेश होने से असमर्थ रहा। 
आय से अधिक जायदाद बनाने के अलावा विजीलैंस द्वारा आइपीसी द्वारा अन्य धाराएं शामिल की गई क्योंकि जांच के दौरान कई ओर तथ्य और अपराध सामने आए जिनमें उसने लोगों के साथ धोखाधड़ी की थी।

उसने जाली दस्तावेज़ जमा करवा के धोखो से सेल डीडज़ को रजिस्टर करवाया था। एक केस में उसने ज़मीन के बदले ज़मीन देने के मामले में शिकायतकर्ता के साथ धोखा किया, जो ज़मीन वास्तव में है ही नहीं थी।

     विजीलैंस ब्यूरो ने अदालत के आगे अपील दायर की थी कि विभिन्न दस्तावेज़ बरामद करने के लिए और जांच के दौरान नोटिस में आए मामलों संबंधी और जानकारी प्राप्त करने के लिए कोल्यांवाली को हिरासत में लेकर पूछताछ ज़रूरी है।
CHANDIGARH, March 15:
 Ms Monica Goyal, the Additional Sessions Judge of the Special Judge Court for Prevention of Corruption Act cases, Mohali today rejected the bail plea of Akali leader Dyal Singh Kolianwali after it was opposed by the Punjab Vigilance Bureau.

Earlier, the court had granted him default bail on technical grounds since the vigilance bureau had not been able to file challan in the disproportionate assets case against him within 60 days.
Given the extent of charges against Kolianwali, the bureau was not able to complete the investigation and file challan within 60 days. Subsequently, Vigilance Bureau added some Sections under IPC and the Ld. Special Judge Court accepted the plea of the Vigilance Bureau and rejected anticipatory bail sought by Dyal Singh Kolianwali apprehending arrest under these IPC Sections added during investigation of the case by Vigilance Bureau.
Kolianwali is facing trial for possessing disproportionate assets under various sections of the Prevention of Corruption Act.
The Vigilance Bureau today put up a strong case against the Akali leader saying he had not been cooperating with the bureau. Despite entertaining all his pleas, Koliawali failed to appear before the bureau despite repeated summons after he got the bail on technical grounds.
Besides disproportionate assets, the Vigilance Bureau has added more sections under the Indian Penal Code as during the course of investigation several other offences were revealed in which he had cheated and defrauded people.
He had fraudulently got sale deeds registered by furnishing fake documents. In one of the cases he had cheated a complainant into transferring his land in lieu of another land, which never existed.
There Vigilance Bureau submitted before the court that custodial interrogation of Kolianwali was required for recovering various documents which he was holding back and finding out more details regarding the matters that came to its (vigilance bureau’s) notice during the course of investigation.
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2 comments:

  1. O year KYO panjabi da Haal Behalf Keeta Hai je Sahi Nahi Likhani Aundi Ta Na Likho PLZ

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