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Saturday, March 16, 2019

करतारपुर गलियारे संबंधी पाकिस्तान के इरादे पर विश्वास नहीं किया जा सकता -कैप्टन

सशस्त्र सेनाओं का सियासीकरन करने के लिए भाजपा की आलोचना 

‘कांग्रेस ने अपना राजनैतिक एजेंडा आगे पेश करने के लिए कभी भी 1965 और 1971 की जंगों के मुद्दे को नहीं उठाया’
लोकपाल /हितों के टकराव संबंधी बिल अगले सत्र में पेश करने का वादा, राज्य में कांग्रेस को विरोधियों से कोई टक्कर नहीं


चंडीगढ़, 16 मार्च:
करतारपुर गलियारे को खोले जाने संबंधी पाकिस्तान के इरादे पर विश्वास न होने की बात को स्पष्ट करते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि उनका एजेंडा राजनैतिक और बदनीयती वाला है और उनका उद्देश्य सिखों की भावनाओं का शोषण करना है ।
गलियारे पर नज़दीक से नजर रखने की ज़रूरत पर ज़ोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि चाहे वह इस गलियार के हक में हैं परन्तु इस सम्बन्ध में बहुत ज़्यादा सावधानी रखे जाने की ज़रूरत है। अपनी सरकार के दो वर्ष मुकम्मल होने पर प्रैस कॉन्फ्ऱेंस के दौरान उन्होंने कहा कि पाकिस्तान दूसरे मनसूबों को सामने रख कर यह कर रहा है। उसका मकसद शांति को बढ़ावा देना नहीं है ।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत का एजेंडा धार्मिक है परन्तु उनका एजेंडा पूरी तरह विघटनकारी है। मुख्यमंत्री ने जनमत संग्रह 2020 को मिसाल के तौर पर पेश किया जिसके द्वारा आई.एस.आई. सिखों की भावनाओं का शोषण करने में लगी हुई है। इसके द्वारा वह न केवल पंजाब को बाँटने और अस्थिर करने में सक्रिय है बल्कि वह समूचे देश में ही यह रास्ता अपना रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पाकिस्तान का प्रधानमंत्री इमरान ख़ान शांति की बात कर रहा है परन्तु वहाँ से सेना का प्रमुख जनरल बाजवा लगातार अपने घृणित इरादों को बढ़ावा दे रहा है। कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने हाल ही में पंजाब में आई.एस.आई. का समर्थन प्राप्त बहुत से गिरोहों का भांडाफोड़ किये जाने का जिक्र करते हुए पाकिस्तान के असल मंसूबे से सावधान किया है। उन्होंने कहा कि मकसूदां और पठानकोट में किये गए हमलों के दौरान इस्तेमाल किये गए ग्रेनेड पाकिस्तान के बने हुए थे ।
एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि पाकिस्तान की तरफ से गलियारे के द्वारा निकलने वाले श्रद्धालुओं की प्रस्तावित संख्या बहुत कम है और वह चाहते हैं कि रोज़मर्रा गलियारे के द्वारा ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिब में जाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या कम-से-कम 15000 की जाये। उन्होंने करतारपुर गुरुद्वारा साहिब के खुले दर्शन की माँग फिर दोहराई । उन्होंने कहा कि गलियारे के बावजूद पासपोर्ट और वीज़े को ज़रूरी रखा गया है जिसकी ज़रूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि लाजि़मी तौर पर किसी पहचान चीज़ की ज़रूरत है परन्तु इस सम्बन्ध में पासपोर्ट आदि की ज़रूरत नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह गरीब लोगों को दर्शन करने से वंचित कर देगा ।
आगामी चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को हाल ही के वायु सेना के हमलों के साथ लाभ होने संबंधी पूछे जाने पर कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि कांग्रेस समेत हर सरकार पुलवामा हमले के बाद जवाबी हमला करती। सरकार ने सिफऱ् अपना काम किया है जिस तरह कांग्रेस सरकार ने पिछले समय के दौरान किया था। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने साधारण रूप में सर्जीकल स्ट्राईक का नया मुहावरा लायी है ।
सशस्द्ध सेनाओं का सियासीकरन करने और इसको अपने राजनैतिक हितों के लिए इस्तेमाल करने के लिए भारतीय जनता पार्टी की तीखी आलोचना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जवान और अफ़सर रोज़मर्रा ही मारे जा रहे हैं। कांग्रेस ने कभी भी 1965 या 1971 की जंग का सियासीकरन नहीं किया। उन्होंने कहा, ‘हम राजनैतिक हितों से राष्ट्र को हमेशा ही ऊपर रखा है ।’
उनकी सरकार द्वारा लोकपाल बिल और हितों के टकराव संबंधी बिल का वादा किये जाने संबंधी पूछे जाने पर कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि इस संबंधी मसौदा तैयार है और इसके अधीन मुख्यमंत्री से लेकर नीचे तक हरेक को लाया जायेगा। उन्होंने कहा कि यह बिल अगले सत्र के दौरान सदन में पेश किये जाएंगे। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार द्वारा किये गए वादे के मुताबिक सिफऱ् चार कानून लम्बित हैं जिनको जल्द ही लागू कर दिया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि रेत खनन संबंधी नयी नीति विचाराधीन है ।
पिछली सरकार द्वारा दर्ज किये गये झूठे मामलों की जांच के लिए जस्टिस महिताब सिंह गिल आयोग की सिफारिशों संबंधी मुख्यमंत्री ने कहा कि इनको लागू किया जा रहा है जिससे अकाली और भाजपा की तरफ से ज्यादतियों को उलटाया जा सके ।
बहबल कलाँ गोलीबारी के दोषियों की ज़मानत का प्रबंध ए.जी. द्वारा किये जाने के सुखपाल खैहरा के दोषों के सम्बन्ध में मुख्यमंत्री ने कहा कि खैहरा की आदत बात करने के लिए बात करने की है। इस मामले की जांच के लिए एस.आई.टी. गठित की गई थी जो अपना काम मुकम्मल करने के नज़दीक है। उन्होंने कहा कि इसकी सारी जांच अदालत को कार्यवाही के लिए भेजी जायेगी चाहे इसमें किसी का ही नाम क्यों न हो ।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी विरोधी नेता के पास रचनात्मक एजेंडा नहीं है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार द्वारा किये गए बड़े स्तर पर विकास कामों के कारण राज्य में कांग्रेस की टक्कर में कोई भी नहीं है। उन्होंने कहा कि शिरोमणि अकाली दल का प्रधान सुखबीर सिंह बादल चुनाव से पहले डेरों को अपने तरफ खींचने की कोशिश कर रहा है, परन्तु इसका उसकी पार्टी को कोई भी फ़ायदा नहीं होगा और उसकी पार्टी का राज्य में से सफाया हो जायेगा। उन्होंने कहा कि सुखबीर के डेरों के दौरों से स्पष्ट झलक मिलती है कि आगामी लोक सभा चुनाव में अपनी पक्की हार को देखते हुए वह डरा हुआ है और यह डर उसके चेहरे से देखा जा सकता है ।
राज्य में बाबू राज होने के दोषों को पूरी तरह रद्द करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के मामलों में चुने हुए नुमायंदों की पूरी तरह चलती है। उन्होंने कहा कि मंत्री स्वतंत्र रूप में काम कर रहे हैं। उनके काम में उनके सहित कोई भी दख़ल नहीं दे रहा। कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि वह केवल नीतिगत फ़ैसले लेते हैं और वह मंत्रियों को किसी भी रूप में हिदायतें जारी नहीं करते। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार सभी मोर्चों पर सख्त काम करने लगी हुई है। कानून व्यवस्था की बहाली के लिए बड़ी प्राप्ति की है। उन्होंने कहा कि शांति से बिना कोई भी प्रगति नहीं हो सकती।
राज्य के एन.आर.आईज़. से सम्बन्धित मुद्दों के सम्बन्ध में कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि उनके मामलों के लिए विशेष अदालतें बनाने के लिए उन्होंने पहले ही हाई कोर्ट के चीफ़ जस्टिस को लिखा है। इसके अलावा सेवा निभा रहे फौजियों और बलात्कार के मामलों के सम्बन्ध में भी लिखा गया है। चीफ़ जस्टिस ने हां समर्थकी स्वीकृति दी है। उन्होंने उम्मीद प्रकट की कि इस प्रस्ताव को जल्द ही स्वीकृत करके लागू कर दिया जायेगा ।
अमृतसर से पार्टी के उम्मीदवार संबंधी पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वह और अन्य पार्टी नेता कभी भी पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को चुनाव लडऩे का प्रस्ताव लेकर नहीं मिले। वह सिफऱ् राज्य के पार्टी मामलों संबंधी जानकारी देने के लिए गए थे। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री ने पहले ही स्पष्ट किया हुआ है कि वह अपनी सेहत के मद्देनजऱ चुनाव नहीं लड़ेंगे ।
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