बराड़ और बादलों का अपास में गले मिलना राज्य में लोकसभा मतदान से पहले दोनों पक्षों की मायूसी का प्रकटाव
चंडीगढ़, 19 अप्रैल:
   पूर्व संसद मैंबर के शिरोमणी अकाली दल में शामिल होने पर तीखी प्रतिक्रया ज़ाहिर करते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने आज जगमीत सिंह बराड़ की मौकापरस्ती का मज़ाक उड़ाते हुए कहा कि कांग्रेस में वापसी के तमाम रास्ते बंद होने के बाद अपना राजनैतिक अस्तित्व बचाने के लिए उसने आखिरी प्रयास किया है।
   पिछले कुछ हफ़्तों से श्री बराड़ से प्राप्त हुए वट्टसऐप संदेशों की लड़ी का जि़क्र करते हुए कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि पूर्व संसद मैंबर राजनीति में वापसी के लिए तिलमिला रहा था और आखिर उसने बादलों के साथ जाने का फ़ैसला किया जबकि उसने वादा किया था कि यदि कांग्रेस उसे वापस लाने के लिए सहमत होती है तो वह बादलों से मुकाबला करेंगे।
   मुख्यमंत्री ने कहा कि यह स्वाभाविक बात है कि श्री बराड़ के आगे एक राजनैतिक एजेंडा है और इसलिए वह किसी भी हद तक जाने के लिए तैयार है। कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि पूर्व संसद मैंबर कांग्रेस में शामिल होने के लिए पिछले कई हफ़्तों से ढीठता के साथ कोशिशें कर रहा था परन्तु कांग्रेस हाई कमांन ने दख़ल देने से इन्कार कर दिया और उन्होंने (कैप्टन अमरिन्दर सिंह) बराड़ के संदेशों के प्रति कोई हामी नहीं भरी जिसके बाद पूर्व संसद मैंबर ने अकाली दल का पल्ला पकडऩे का फ़ैसला लिया।
   कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि यह स्पष्ट है कि उनकी तरफ से पूर्व संसद मैंबर के संदेशों के प्रति हामी भरने से इन्कार कर देने के बाद बराड़ ने बादलों के पैरों में गिरने का फ़ैसला लिया जिनसे मुकाबला करने का वह वादा कर रहा था।
   मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ऐसे मौकापरस्त और ख़ुदगर्ज़ व्यक्तियों के बिना ही अच्छी है। मुख्यमंत्री ने व्यंग्य करते हुए कहा कि उनको उम्मीद है कि श्री बराड़ बादलों का कांग्रेस पार्टी की अपेक्षा अधिक वफ़ादार रहेगा, जिस पार्टी ने उसका राजनैतिक कैरियर बनाने में अहम भूमिका निभाई।
   मुख्यमंत्री ने बराड़ को गले लगाने के लिए बादलों पर भी चुटकी लेते हुए कहा कि 19 मई को पंजाब में होने जा रहे लोकसभा मतदान में दिखाई देती स्पष्ट हार के मद्देनजऱ इससे बादलों की निराशा प्रदर्शित होती है। उन्होंने कहा कि बराड़ जैसे बाहरी बंदे को पार्टी में शामिल करके बादलों ने अपनी मायूसी ज़ाहिर की है।
   श्री बराड़ जो पहले कांग्रेस वर्किंग कमेटी का मैंबर रह चुका है और बाद में ऑल इंडिया त्रिणमूल कांग्रेस में शामिल हो गया, को पार्टी विरोधी बयानों के कारण नवंबर, 2016 में राष्ट्रीय कांग्रेस में से निकाल दिया गया था।
   मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कितनी हास्यप्रद बात है कि बराड़ उनसे (कैप्टन अमरिन्दर सिंह) अपनी गलतियों के लिए माफी मांगने और अपने बाकी रहते साल ‘पटियाला के महाराजा’ को देने और पंजाब में बादलों से निपटने का वादा करने के 10 दिनों बाद ही अकाली दल में शामिल हो गया।


   श्री बराड़ ने 9 अप्रैल को कैप्टन अमरिन्दर सिंह को लिखा, ‘‘आदरणीय महाराजा साहिब, मेरी भूलों के लिए मुझे क्षमा कर दो। सर डॉक्टर मुहम्मद इकबाल ने कहा, ‘‘गुनाहगार हूँ, काफिर नहीं हूँ मैं। मैं हमेशा आपके हक में खड़ा हूँगा और बाकी रहते साल मुझे महाराजा पटियाला के लिए दिए जाएँ। नवजोत को देश की चयन मुहिम, तजऱ्-ए-बयानी और आपमुहारेपन में जुटे रहने दो। मुझे अपने साथ रखो। पंजाब में मैं बादलों को सूत करूँगा। आपका श्रद्धालू।’’
   यह माफी और पेशकश मुख्यमंत्री को किये संदेश की लड़ी का हिस्सा हैं जिसके अंतर्गत 22 मार्च, 2019 को मिलने का समय माँगा था और 31 मार्च को बिना शर्त पार्टी में शामिल होने की पेशकश की और 1 अप्रैल, 2019 को दिल्ली में कपूरथला हाऊस में भेजे नोट, 9 अप्रैल को माफी मांगने और अपने बाकी बचते साल महाराजा पटियाला को समर्पित करके पंजाब में बादलों से निपटने की पेशकश की गई थी।
   श्री बराड़ ने आखिरी संदेश 11 अप्रैल को भेजा जब उसने कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस के वफ़ादार सिपाही बनने की आढ़ में बठिंडा से चुनाव लडऩे की छिपी हुई मंशा ज़ाहिर कर दी।
   इस संदेश में, ‘‘आदरणीय महाराजा साहिब, यह विनती आपके साथ मिल जाने की न तो शर्त है और न ही स्वार्थ। समय के वृक्ष मुताबिक यदि राजनैतिक मजबूरियों के कारण आखिरी पलों में आला कमान बठिंडा के लिए योग्य पगड़ीधारी जाट सिख उम्मीदवार ढूँढने में असफल रहे तो मैं अपने आप को बशर्ते आप मेरे केस की सिफ़ारिश करो, चुनाव के लिए पेश करता हूँ। मैं यह सीट जितूंंगा। बहुत ही सत्कार सहित। जगमीत सिंह बराड़, पूर्व संसद मैंबर।’’
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