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Sunday, July 07, 2019

मंत्री सुखजिन्दर सिंह रंधावा ने जत्थेदार श्री अकाल तख्त साहिब, सिंह साहिब ज्ञानी हरप्रीत सिंह को लिखी चिठ्ठी


सेवा में,
सिंह साहिब ज्ञानी हरप्रीत सिंह जी,
जत्थेदार, श्री अकाल तख्त साहिब,
श्री अमृतसर साहिब।
विषय:- श्री गुरू नानक देव जी का 550वां प्रकाश पर्व मनाने में शिरोमणी गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा निभाई जा रही आपत्ति योग्य भूमिका सम्बन्धी।
श्रीमान सिंह साहिब जीओ,
वाहिगुरू जी का खालसा।। वाहिगुरू जी की फ़तह।।
जगत गुरू श्री गुरू नानक देव जी का 550वां प्रकाश पर्व पंजाब में सभी पक्षों द्वारा साझे तौर पर मनाने के लिए राज्य के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह जी द्वारा की गई पहल के तौर पर दास अपने दो अन्य साथी मंत्रीयों सहित पिछले दिनों आप जी और शिरोमणी गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान भाई गोबिंद सिंह जी लोंगोवाल जी को मिला था। श्री अकाल तख्त साहिब जी कार्यालय में बहुत ही सदभावना वाले माहौल में हुई इस मीटिंग में हुए लंबे विचार-विमर्श के बाद यह फ़ैसला हुआ था कि गुरूद्वारा साहिबान के अंदरूनी सभी समारोह शिरोमणी गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी करेगी और बाहर के प्रबंध पंजाब सरकार करेगी। यह भी तय हुआ था कि मुख्य समारोह में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का प्रकाश करने, समापन के समय अरदास करने, हुक्मनामा लेने और कड़ाह प्रसाद वरताने की सेवा भी शिरोमणी गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी करेगी।
इन फ़ैसलों के अलावा यह भी तय हुआ था कि मुख्य समारोह की रूप रेखा बनाने और इस मौके पर दुनिया भर में प्रमुख राजनैतिक, धार्मिक और सामाजिक शख़्िसयतों को आमंत्रण देने जैसे अन्य महत्वपूर्ण मामलों सम्बन्धी विचार-विमर्श करने के लिए पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह जी जल्द ही श्री अमृतसर साहिब आकर श्री अकाल तख्त साहब जी के जत्थेदार और शिरोमणी गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान साहिब के साथ एक मीटिंग करेंगे।
सिंह साहिब जी, मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह जी की पहल की बदौलत हुई इस मीटिंग का पूरे सिख जगत में बहुत ही अच्छा प्रभाव गया था क्योंकि हर गुरू नानक नाम लेवा प्राणी यह चाहता है कि वर्ष 1999 में खालसा पंथ की तीसरी जन्म शताब्दी और उसके बाद आईं अन्य ऐतिहासिक शताब्दियों से उलट यह शताब्दी सभी सम्बन्धित पक्षों द्वारा मिल-जुल कर मनाई जानी चाहिए।

परन्तु बड़े ही खेद के साथ हमें आप जी के ध्यान में लाना पड़ रहा है कि शिरोमणी गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान भाई गोबिन्द सिंह लोंगोवाल जी एक राजनैतिक जमात शिरोमणी अकाली दल के हाथों में खेलते हुए अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा बनकर देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी को प्रकाश पर्व में शामिल होने का आमंत्रण पत्र देने चले गए। सिंह साहिब जीओ, शिरोमणी गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान जी की इस कार्यवाही से जहाँ सिख जगत की सिरमौर जत्थेबंदी शिरोमणी गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी की प्रतिष्ठा को ठेस पहुँची है, वहीं कैप्टन अमरिन्दर सिंह जी द्वारा श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व का 550वां ऐतिहासिक दिवस मिल-जुल कर मनाने के किये गए यत्न भी चोटिल हुए हैं।
सिंह साहिब जीओ, पहली पातशाही श्री गुरु नानक देव जी का यह ऐतिहासिक प्रकाश पर्व पंजाब में मनाने के लिए दो ही प्रमुख पक्ष हैं। एक लोगों द्वारा चुनी हुई पंजाब सरकार और दूसरी सिख जगत की नुमायंदा जमात शिरोमणी गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी। राज्य के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह जी की दिली इच्छा यह है कि यह ऐतिहासिक दिवस दोनों पक्ष श्री अकाल तख्त साहिब जी की देख-रेख और रहनुमाई मेें मिल-जुल कर मनाएं। राज्य की राजसी, धार्मिक और सामाजिक जत्थेबंदियाँ इस महान कार्य में अपना-अपना सहयोग दें। समस्त सिख जगत और हर पंजाबी की भी दिली भावना यही है।
परन्तु अब शिरोमणी गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी ने समूचे सिख पंथ की नुमायंदा जत्थेबंदी के तौर पर अपने फज़ऱ् निभाने की जगह एक राजनैतिक पार्टी शिरोमणी अकाली दल के पीछे लगकर जहाँ सिख पंथ की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है, वहीं पंजाब सरकार द्वारा बाबा नानक जी का ऐतिहासिक प्रकाश पर्व साझे तौर पर मनाने कि की जा रही कोशिशों को नुक्सान पहुँचाया है। शिरोमणी कमेटी के प्रधान जी द्वारा उठाए गए इस कदम से दोनों पक्षों का आपसी विश्वास टूटा है और अनावश्यक शक व शंकाएं उभरी हैं।
हमें इस ऐतिहासिक दिवस पर होने वाले मुख्य समारोह में देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के शामिल होने पर कोई आपत्ती नहीं है। परन्तु जिस ढंग से शिरोमणी गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान जी शिरोमणी अकाली दल की संकुचित राजनीति के अंतर्गत यह आमंत्रण देकर आए हैं उससे हमारी भावनाओं को ठेस पहुंची है। बेहतर यह होता कि आपके साथ होने वाली मुख्यमंत्री जी की मीटिग में जो कोई प्रमुख राजनैतिक, धार्मिक और सामाजिक शख़्िसयतों को बुलाने का फ़ैसला होता उनको पंजाब सरकार और शिरोमणी कमेटी द्वारा साझे तौर पर आमंत्रण पत्र भेजे जाते। प्रधानमंत्री जी को भी पंजाब के मुख्यमंत्री और शिरोमणी गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान साझे तौर पर आमंत्रण देने जाते।

सिंह साहिब जीओ, दुनिया भर की सिख संगतें महसूस कर रही हैं कि शिरोमणी अकाली दल पहले की तरह ही इस ऐतिहासिक दिवस के अवसर पर होने वाले समारोहों को खालसा पंथ की चढ़दी कला की जगह केवल अपने संकुचित राजनैतिक लाभ के लिए ईस्तेमाल करना चाहता है। परन्तु सिख जगत यह चाहता है कि यह ऐतिहासिक दिवस इस गौरवमयी ढंग से मनाया जाना चाहिए कि पूरी दुनिया में सिखों की चढ़दी कला हो। पूरे सिख जगत की नजऱें इस समय आप पर टिकी हुई हैं कि आप अपनी ऐतिहासिक भूमिका किस तरह निभाते हो। जत्थेदार साहिब जीओ, इस टूटे विश्वास को पुन: बहाल करने के लिए हमें गुरू साहिबान द्वारा दिखाए गए मार्ग पर चलना चाहिए। श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का फरमान है:
होई इकत्र मिलहु मेरे भाई दुबिधा दूरी करहु लिव लाई।।
हरि लामै की होवहु जोड़ी गुरमुखी बैसहु सफा विछाई।।
दास की आप जी को विनम्र विनती है कि आप शीघ्र ही दोनों पक्षों की एक साझी सभा बुलाकर इस ऐतिहासिक दिवस को सिख सिद्धांतों, ऐतिहासिक परंपराओं और पंथक रीति रिवाज़ों के अनुसार मनाने के लिए अपनी रहनुमाई प्रदान करें।
                        सत्कार सहित।
                                        आप जी का दास
(सुखजिन्दर सिंह रंधावा)


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