Type Here to Get Search Results !

पंजाब सरकार ने नॉन रिफन्डेबल लेवी सिक्योरिटी 10 लाख रूपए से घटाकर 7.25 लाख रूपए की



जगह की कमी के मामले में धान की डिलीवरी के लिए शैलर मालिकों पर कोई ब्याज नहीं लगेगा
5000 मीट्रिक टन से अधिक धान के भंडारण पर मिल्लरों पर लागू होगी बैंक गारंटी

चंडीगढ़, 9 अक्तूबर:

शैलर मालिकों द्वारा आज पंजाब के खाद्य, सिविल सप्लाई और खपतकार मामलों संबंधी मंत्री श्री भारत भूषण आशु के साथ मीटिंग की जिसमें ग्रामीण विकास व पंचायत मंत्री तृप्त रजिन्दर सिंह बाजवा भी उपस्थित हुए। इस मीटिंग में ज्ञान भारद्वाज ग्रुप और राकेश जैन ग्रुप समेत राज्य के जाने माने शैलर मालिक शामिल हुए।


राजनीति से प्रेरित शैलर मालिकों के एक ग्रुप की तरफ से की जा रही हड़ताल की रौशनी में आज हुई इस मीटिंग में कई अहम फ़ैसले लिए गए। श्री भारत भूषण आशु ने बताया कि किसानों को किसी भी किस्म की परेशानी से बचाने और शैलर मालिकों की योग्य माँगों को ध्यान में रखते हुए पंजाब सरकार ने नॉन रिफंडएबल लेवी सिक्यूरिटी 10 लाख से घटा कर 7.25 लाख करने का फ़ैसला लिया है। उन्होंने कहा कि इस फ़ैसले से शैलर मालिकों को बड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने बताया कि बैंक गारंटी 4000 मीट्रिक टन की जगह 5000 मीट्रिक टन से अधिक धान का भंडारण करने वाले शैलरों पर ही लागू होगी।
उन्होंने आगे बताया कि 10 अक्तूबर, 2019 से पहले अप्लाई करने वाले शैलर मालिकों को धान की अलॉटमैंट पहल के आधार पर और प्रो राटा कट की जायेगी। इन मिल्लरों को अलाटमैंट की मात्रा भी बढ़ाई जायेगी। उन्होंने कहा कि जो शैलर बीते साल या उससे एक साल पहले खुले हैं उनको पुरानी मिलों के तौर पर माना जायेगा।
श्री आशु ने कहा कि अगर मिल जगह की कमी के कारण चावलों की सप्लाई नहीं कर सकता तो उसको कोई ब्याज नहीं देना पड़ेगा और साथ ही कहा कि गुणवत्ता कटौती पर लगे ब्याज को माफ करने सम्बन्धी यह मामला पहले ही वित्त विभाग को भेज दिया गया है।
उन्होंने आगे बताया कि निजी स्वार्थों के कारण एक ख़ास पक्ष हड़ताल पर है जो बाकी शैलर मालिकों को गुमराह करने की कोशिश कर रही है। जिस कारण राज्य की कुल 4000 चावल मिलों में से अब तक सिफऱ् 1500 मिलों को ही अलॉट किया गया है। उन्होंने मिल मालिकों को 10 अक्तूबर से पहले अप्लाई करने के लिए कहा और वह पंजाब सरकार की तरफ से दिए जा रहे लाभ का अधिक से अधिक लाभ लें।  जगह की कमी सम्बन्धी मिल मालिकों की चिंताओं को दूर करने के मद्देनजऱ उन्होंने जगह मुहैया करवाने सम्बन्धी राज्य सरकार की वचनबद्धता को दोहराया। उन्होंने यह भी बताया कि एफ.सी.आई. ने हर महीने 7 लाख मीट्रिक टन चावल ले-जाने /उठाने की योजना बनाई है जिससे नज़दीक भविष्य में उपयुक्त जगह बनाई जा सकेगी। उन्होंने मिल मालिकों को यह भी भरोसा दिया कि जगह की कमी के कारण उन पर कोई बुरा प्रभाव नहीं पड़ेगा।

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.