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मुख्यमंत्री फार्म में 2-सिखज़ की बहादुरी ब्यान करता है विशेष कमरा

चंडीगढ़, 29 अक्तूबर:
दीवारें उनकी बहादुरी की कहानी/गाथा ब्यान करती हैं। सुनहरी तख्ती उनकी शान की गवाही भरती है। यह छोटे म्युजिय़म की झलक पेश करता है। वास्तव में यह कमरा पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने 2-सिखज़, जिसके साथ उनका अटूट नाता है, की बहादुरी को समर्पित है, जिसमें उनके परिवार की तीन पीढिय़ों ने शानदार सेवाएं दी हैं। 


मोहाली के गाँव सिसवां में घने हरे-भरे वातावरण के बीच में बने मुख्यमंत्री के फार्म का यह कमरा सिख रेजीमेंट के साहस की कहानी बेहद ख़ूबसूरत ढंग से पेश करता है। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह से पहले उनके पिता और दादा जी भी सिख रेजीमेंट का हिस्सा रह चुके हैं। 
रेजीमेंट के 10 वीर चक्कर और 2 परमवीर चक्कर विजेताओं के चित्र इस 2-सिख को समर्पित कमरे की दीवारों का श्रृंगार हैं। 
स्थानीय कलाकार कुलदीप द्वारा तैयार किये गए यह चित्र उन बहादुर शूरवीरों की सेना के इतिहास में छोड़ी विलक्षण पहचान की बाकमाल पेशकारी करती हैं। समूचा कमरा रेजीमेंट के गौरवमई इतिहास से लबालब है, जिसको कैप्टन अमरिन्दर सिंह जैसी शख्सियतें अपने ढंग से जीवित रख रही हैं। 
इस कमरे ने 2-सिखज़ के मोटो ‘निश्चय करि अपुनी जीत करों ’ की उस समय पर गवाही भरी जब मुख्यमंत्री ने अपनी समकालीन रेजीमेंट के अफसरों को उनकी पत्नियों समेत रात के खाने पर बुलाया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अपनी रेजीमेंट के जवानों के साथ समय व्यतीत करना उनको बहुत पसंद है और इतिहास और यादों के साथ भरे इस कमरे में उनके साथ होना ख़ास है। उन्होंने कहा कि 2-सिखज़ रेजीमेंट के जवानों के साथ समय बिताने पर वह बहुत खुश हैं। इस अवसर पर कर्नल के.एस. चिब्ब, सी.ओ., 2-सिखज़, कर्नल सुखविन्दर सिंह, लैफ. जनरल ए.के. शर्मा और लैफ. जनरल आर.एस. सुजलाना उपस्थित थे। 
अफसरों के लिए यह पल जंग के मैदान से कोसों दूर, आज भी उनके दिलों के नज़दीक इतिहास को एक नये परिपेक्ष में देखने का समय था। 

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