डीसी फिरोजपुर ने शुरू की स्मार्ट फॉर्मर स्कीम, पराली नहीं जलाने वाले छह किसानों को दिए सर्टीफिकेट - BTTNews

ताजा अपडेट

�� बी टी टी न्यूज़ है आपका अपना, और आप ही हैं इसके पत्रकार अपने आस पास के क्षेत्र की गतिविधियों की �� वीडियो, ✒️ न्यूज़ या अपना विज्ञापन ईमेल करें bttnewsonline@yahoo.com पर अथवा सम्पर्क करें मोबाइल नम्बर �� 7035100015 पर

Wednesday, October 23, 2019

डीसी फिरोजपुर ने शुरू की स्मार्ट फॉर्मर स्कीम, पराली नहीं जलाने वाले छह किसानों को दिए सर्टीफिकेट

जिले के हरेक ब्लॉक से एक-एक प्रोग्रेसिव फॉर्मर को किया सम्मानित

कहा दूसरे किसानों को भी पराली नहीं जलाने के लिए करें प्रेरितपंजाब सरकार की तरफ से मिलने वाली सब्सिडी का फायदा उठाकर आधुनिक उपकरण खरीदने का आह्वान किया


फिरोजपुर, 23 अक्टूबरः

पर्यावरण को पराली की आग से दूषित होने से बचाने के लिए डिप्टी कमिश्नर फिरोजपुर की तरफ से बुधवार को स्मार्ट फार्मर स्कीम शुरू की गई है, जिसके तहत पराली को आग नहीं लगाने वाले किसानों को स्मार्ट फार्मर का सर्टीफिकेट देकर सम्मानित किया जाएगा। बुधवार को मुहिम की शुरूआत करते हुए फिरोजपुर जिले के हरेक ब्लॉक से एक-एक किसान को सम्मानित किया गया, जिन्होंने पराली को आग लगाना छोड़ दिया है। डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि ये मुहिम उन सभी किसानों के लिए है, जोकि पर्यावरण के मित्र हैं और पराली नहीं जलाकर वातावरण को बचाने में अहम योगदान दे रहे हैं।


जीरा ब्लॉक के किसान कुलदीप सिंह ने बताया कि उनके गांव में 38 एकड़ जमीन पर खेती करते हैं और पिछले 4 साल से पराली को आग लगाना बंद कर दिया है। खेतीबाड़ी विभाग की मदद से हैप्पी सीडर मशीन के साथ वह पराली को जमीन में ही जोत देते हैं। दूसरे किसानों को जागरूक करने के लिए मेरी खेती मेरा किसान नामक यू-ट्यूब चैनल भी चला रहे हैं, जिसमें 2.36 लाख किसान अटैच हैं। उन्होंने बताया कि पराली नहीं जलाने की वजह से उनका लाखों रुपए का फायदा हुआ है क्योंकि अब जमीन की उपजाऊ शक्ति बढ़ने की वजह से उन्हें फर्टिलाइजर, जिंक, पेस्टीसाइड व अन्य पोषक तत्व पहले से कम डालने पड़ते हैं। अब पूरे 38 एकड़ में वह 88 हजार रुपए खर्च करते हैं जबकि पहले 1.50 लाख रुपए सिर्फ पेस्टीसाइड पर ही खर्च हो जाते थे। अब पेस्टीसाइड की जरूरत भी पहले से कम पड़ती है।
इसी तरह फिरोजपुर सिटी के किसान हरबंस सिंह ने बताया कि उनकी 7 एकड़ जमीन है, जिस पर पिछले 6 साल से पराली को आग नहीं लगा रहे। पादरी गांव के किसान सरबजीत सिंह का कहना है कि 7 एकड़ जमीन पर खेती करते हैं, जिसमें 2016 से वह धान की कटाई के बाद पराली को आग नहीं लगा रहे। गुरु हर सहाय के किसान सोहन लाल ने बताया कि 25 एकड़ जमीन पर पिछले छह साल से पराली को आग नहीं लगा रहे। ममदोट ब्लॉक के किसान गुरसेवक सिंह ने बताया कि उनकी 27 एकड़ जमीन है, जिस पर पिछले तीन साल से पराली को आग नहीं लगा रहे। गांव हुकूमतसिंह वाला के किसान दविंदर सिंह सेखों ने कहा कि पिछले साल से उन्होंने पराली को आग लगाना बंद किया है। उनकी गांव में 40 एकड़ जमीन है और पराली को आग नहीं लगाने की वजह से उन्हें कई फायदे हुए हैं।
सभी किसानों ने डिप्टी कमिश्नर चंद्र गैंद की तरफ से किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए शुरू की गई स्मार्ट फार्मर मुहिम की प्रशंसा करते हुए कहा कि इससे अच्छा काम करने वाले किसानों को नई उर्जा मिलेगी। डिप्टी कमिश्नर ने सभी किसानों से कहा कि वह अपने गांव में ज्यादा से ज्यादा किसानों को जागरूक करें और पंजाब सरकार की तरफ से सब्सिडी पर मिलने वाली मशीनरी के बारे में बताएं ताकि सभी किसान इसका फायदा उठा सकें। इस मौके पर मुख्य खेतीबाड़ी अधिकारी गुरमेल सिंह भी मौजूद थे।

No comments:

Post a Comment