Type Here to Get Search Results !

मोदी सरकार ने राजस्व अदला-बदली के अनुपात को बिगाड़ा-वित्त मंत्री

उद्योगपतियों को प्रोग्रेसिव पंजाब निवेशक सम्मेलन -2019 के लिए दिया न्यौता

चंडीगढ़/एस.ए.एस. नगर, 4 नवम्बर:
मोदी सरकार द्वारा राजस्व अदला-बदली के अनुपात में पक्षपात की आलोचना करते हुए पंजाब के वित्त मंत्री स. मनप्रीत सिंह बादल ने आज जी.एस.टी. से राज का हिस्सा तुरंत जारी करने की माँग की जिसकी अदायगी में देरी के कारण पंजाब को बार-बार नुकसान न बर्दाश्त करना पड़े। उन्होंने आर्थिकता सम्बन्धी बुरी नीतियों के लिए मोदी सरकार को जम कर कोसा।


मोहाली में 5 और 6 दिसंबर को होने वाले प्रोग्रेसिव पंजाब निवेशक सम्मेलन-2019 सम्बन्धी इनवैस्ट पंजाब द्वारा उद्योगपतियों की मुश्किलें जानने के लिए करवाए गए सम्मेलन के दौरान निवेशकों को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि कैप्टन अमरिन्दर सिंह सरकार ने सफलता के साथ इंस्पेक्टर राज का ख़ात्मा किया है, जो उद्योग को पुनर्जिवित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित हुआ है और इससे पंजाब में पिछले ढाई सालों के दौरान 50 हज़ार करोड़ रुपए का निवेश हो चुका है।
उद्योगों को पुनर्जीवित करने की कैप्टन अमरिन्दर सिंह की निजी वचनबद्धता दोहराते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि पंजाब में सामथ्र्य है कि वह उद्योग पक्ष से देश का अग्रणी राज्य बन सकता है। उन्होंने राज्य में व्यापार को आसान करने के लिए की नीतिगत पहलकदमियां भी गिनाई। उन्होंने बड़े उद्योगपतियों से अपील की कि वह पंजाब में और निवेश करें जिससे राज्य को निवेश पक्ष से ऊँचाईयों पर पहुँचाया जा सके। उन्होंने आगे कहा कि पंजाब में विश्व स्तर के इंजीनियर और तकनीशियन हैं, जो उभरते उद्यमियों के लिए लाभकारी साबित हो सकते हैं। उद्योगपति और यह तकनीशियन मिलकर राज्य के आर्थिक पक्ष से सुनहरी दौर को वापस ला सकते हैं। प्रोग्रेसिव पंजाब निवेशक सम्मेलन-2019 के लिए उद्यमियों को निजी तौर पर न्यौता देते हुए श्री मनप्रीत बादल ने कहा कि यह सम्मेलन राज्य में व्यापार के सामथ्र्य को और शिखर पर पहुँचाने के लिए मील का पत्थर साबित होगा।
इस अवसर पर संबोधित करते हुए आनन्दपुर साहिब से संसद मैंबर श्री मनीष तिवारी ने नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों की आलोचना की, जिसके कारण देश की विकास दर कम होकर 5 प्रतिशत पर आ गई है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की बुरी नीतियों के कारण वित्तीय संस्थाओं में लोगों का समूचा विश्वास डावांडोल हुआ है। जो विकास दर एक समय 10 प्रतिशत थी, वह अब कम होकर 5 प्रतिशत पर आ गई है। श्री तिवारी ने कहा कि मोदी सरकार की बुरी नीतियों के बावजूद पंजाब सरकार ने अपनी गतिशील लीडरशिप के नेतृत्व में निवेशकों का विश्वास बहाल करने के लिए रचनात्मक माहौल सृजन किया है।
इस मौके पर अतिरिक्त मुख्य सचिव इंडस्ट्रीज श्रीमती विनी महाजन ने उद्योगपतियों के साथ विचार-विमर्श सैशन का नेतृत्व किया और उद्योगपतियों के मसलों का हल किया। उन्होंने भरोसा दिया कि पंजाब सरकार ने बढिय़ा रियायतों वाली बेहतरीन औद्योगिक नीति बनाई है। उन्होंने कहा कि नौकरशाही निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल पैदा करने के लिए काम करेगी। इस समय उद्योगपतियों ने अपने विचार साझे किये और सरकार द्वारा भ्रष्टाचार मुक्त माहौल, सस्ती बिजली और अन्य रियायतों की बात की।
इस मौके पर अन्यों के अलावा पंजाब ब्यूरो ऑफ इनवेस्टमैंट प्रोमोशन के सी.ई.ओ. रजत अग्रवाल, इनवैस्ट पंजाब के अतिरिक्त सी.ई.ओ. विनीत कुमार, डिप्टी कमिश्नर एस.ए.एस. नगर गिरीश दयालन, निवेश संबंधी मुख्यमंत्री के सलाहकार मेजर बी.एस. कोहली, अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर साक्षी साहनी और अन्य उपस्थित थे।

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.