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बादल बेअदबी मामलों में दूध के धुले साबित नहीं हो सकते - कैप्टन अमरिन्दर सिंह

बादलों के हाथों में खेलकर ऐतिहासिक समागम का मज़ाक बनाने के लिए शिरोमणि कमेटी पर भी निशाना साधा

चंडीगढ़, 4 नवंबर:
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने आज कहा कि श्री गुरु नानक देव जी के 550 साला प्रकाश पर्व के ऐतिहासिक मौके पर होने वाले समागमों में बादलों द्वारा अपनी नेतागीरी जमाने की कोशिशें करने से वह बरगाड़ी और बेअदबी के अन्य मामलों में दूध के धुले साबित नहीं हो सकते।
आज प्रात:काल यहाँ विधानसभा में नये चुने विधायकों के शपथ ग्रहण समागम में शामिल होने के बाद पत्रकारों के साथ अनौपचारिक बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि पवित्र श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी के विभिन्न मामलों को रोकने और शांतमई प्रदर्शन कर रहे निहत्थे सिखों पर गोलियाँ चलाने में नाकाम रहने के कारण सिख भाईचारे ने बादलों को पूरी तरह रद्द कर दिया है परन्तु इन्होंने इससे कोई सबक नहीं सीखा।


कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि पिछले तीन सालों में हुए चुनावों में सिख संगत ने अकालियों को मुँह नहीं लगाया। उन्होंने कहा कि हरसिमरत कौर बादल हाल ही में सांसदीय चुनावों में कुछ वोटों के फर्क से संसद की सीढिय़ाँ बड़ी मुशकिल से ही चढ़ सकी। उन्होंने कहा कि बादलों द्वारा अपने संकुचित राजनैतिक हितों के लिए धर्म का दुरुपयोग करने के किये ढकोसलों से लोग अच्छी तरह वाकिफ़ हो चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण बात है कि सुखबीर बादल और उसकी पत्नी हरसिमरत बादल की कमांड अधीन अकाली सिख भाईचारे को विभाजित करने की कोशिशें कर रहे हैं जबकि विश्व व्यापक भाईचारे का महान संदेश देने वाले गुरू साहिब जी का गुरपर्व मना रहे हैं जिन्होंने अंतर-धर्म सद्भावना और संवाद के लिए योगदान पाया।
कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी पर निशाना साधते हुए कहा कि धार्मिक संस्था बादलों के हाथों में खेल कर गुरू साहिब जी के 550वें प्रकाश पर्व के ऐतिहासिक मौके का मज़ाक बना रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रिवायती तौर पर ऐसे सभी बड़े समागम हमेशा राज्य सरकार द्वारा मनाए जाते रहे हैं परन्तु शिरोमणि कमेटी इस बार अकालियों के इशारे पर राज्य सरकार के प्रोग्रामों को सहयोग देने से पीछे हट गई है। मुख्यमंत्री ने याद करते हुए कहा कि उनके मुख्यमंत्री के तौर पर पिछले कार्यकाल के दौरान भी श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का 400 साला प्रकाश पर्व और ऐसे अन्य ऐतिहासिक धार्मिक समागमों को राज्य सरकार द्वारा मनाया गया था। कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि गुरू साहिब जी के 550 साला प्रकाश पर्व समागम साझे तौर पर मनाने के लिए उनकी सरकार ने शिरोमणि कमेटी के पास हर तरह से सम्पर्क स्थापित करने की कोशिशें की परन्तु धार्मिक संस्था सीधे तौर पर इस मामले में अकालियों के एजंडे पर चल रही है।
इस मौके पर साझे तौर पर समागम मनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा संजीदा यत्न न करने संबंधी शिरोमणि कमेटी द्वारा लगाए गए दोषों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस महान समागम के लिए सभी तैयारियाँ कर दी गई और पंजाब सरकार श्रद्धालुओं के लिए इस उत्साहमई मौके को जि़ंदगी के अनमोल यादगार पल बनाने के लिए तैयार है।
एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने प्रकाश पर्व के सत्कार में करतारपुर गलियारे के खुलने समेत पाकिस्तान सरकार द्वारा किये गए अन्य प्रयासों के संदर्भ में पड़ोसी मुल्क के अपवित्र इरादों के विरुद्ध चौकस रहने की ज़रूरत को दोहराया है। उन्होंने कहा कि सिख भाईचारा पिछले 70 सालों से पवित्र करतारपुर साहिब के दर्शनों के लिए गलियारा खोलने की माँग करते थे परन्तु पाकिस्तान द्वारा अचानक इस माँग को स्वीकार कर लेना पाकिस्तान के छिपे हुए इरादों का संकेत है जिसका मकसद सिखों की धार्मिक भावनाओं का शोषण करके भाईचारे में दरार पैदा करना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनको यह आशा नहीं कि पाकिस्तान गलियारे के द्वारा कोई गलती करने की हिम्मत रखता है परन्तु एक सरहदी राज्य होने के नाते पंजाब को हर समय चौकस रहना होगा। उन्होंने कहा कि राज्य ने स्थिति पर पूरी नजऱ बनाई हुई है।
पराली जलाने की समस्या के स्थाई हल के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने मोदी सरकार के सुस्त रूख पर दुख ज़ाहिर करते हुए कहा कि गेंद अब केंद्र के पाले में है जिसको इस समस्या का हल निकालने के लिए ठोस फ़ैसले लेने चाहिए। उन्होंने पराली जलाने के ख़तरनाक रुझान को ख़त्म करने के लिए केंद्र द्वारा किसानों को वित्तीय सहायता देने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि राज्य के 75 प्रतिशत किसान दो एकड़ से कम ज़मीन के मालिक हैं जिस कारण उनकी तरफ से वैज्ञानिक ढंग से पराली का निपटारा करना आर्थिक तौर पर संभव नहीं है।
नये चुने गए कांग्रेसी विधायकों को बधाई देते हुए कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने उनको लोक भलाई स्कीमों और प्रयासों को और आगे ले जाने के लिए तनदेही के साथ काम करने का न्यौता दिया जिससे इनको नागरिकों के दरों तक पहुँचाया जा सके।
यहाँ यह बताने योग्य है कि कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी विधानसभा में और मज़बूत हुई है और कुल 117 विधायकों में से 80 विधायक सत्ताधारी पार्टी के हैं।
इससे पहले पंजाब विधानसभा के स्पीकर राणा के.पी. सिंह ने नये चुने विधायकों रमिन्दर सिंह आँवला (जलालाबाद), बलविन्दर सिंह धालीवाल (फगवाड़ा) और इन्दु बाला जो मुकेरियाँ उप-चुनावों में जीत कर आए हैं, को पद और गोपनीयता की शपथ ग्रहण करवाई।
इस मौके पर मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार रवीन ठुकराल और पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रधान सुनील जाखड़ के अलावा शपथ ग्रहण समागम में स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू, उद्योग मंत्री सुंदर शाम अरोड़ा, विधायक संगत सिंह गिलजियां, डॉ. राज कुमार वेरका, पवन कुमार आदीया और पंजाब अधीनस्थ सेवाएं चयन बोर्ड के चेयरमैन रमन बहल उपस्थित थे। इस मौके पर नये चुने विधायकों के पारिवारिक सदस्यों ने भी सम्मिलन किया।

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