चंडीगढ़, 19 दिसंबर:
राज्य में खाद्य पदार्थों की सुरक्षा संबंधी पता लगाने के लिए लोगों द्वारा सहायता की प्रशंसा करते हुए तंदुरुस्त पंजाब मिशन के डायरैक्टर स. काहन सिंह पन्नू ने बताया कि मोबाइल फूड सेफ्टी वैनों और लोगों की तरफ से स्वैच्छा से लाए गए नमूनों की जांच से पता लगता है कि अक्तूबर और नवंबर 2019 के दौरान, 567 में से 101 नमूने निर्धारित मापदण्डों को पूरा करने में असफल रहे।
इस सम्बन्धी जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि मोबाइल फूड सेफ्टी वैनें अलग -अलग जि़लों में बारी-बारी जाने के लिए तैनात की गई हैं। अक्तूबर महीने के दौरान जिला होशियारपुर में एक वैन तैनात की गई जिसमें लोग टैस्ट के लिए 368 नमूने लाए। इन नमूनों में दूध और दूध उत्पादों के 78, मसालों के 49, पानी और अन्य पीने वाले पदार्थों के 16 और मिठाईयों के 225 नमूने शामिल थे। होशियारपुर में टैस्ट किये गए इन नमूनों में से 40 नमूने असफल रहे।


इसी तरह नवंबर महीने के दौरान, फूड सेफ्टी वैन फिऱोज़पुर में तैनात की गई थी जिसमें लोग टैस्ट के लिए 199 नमूने लेकर आए थे जिनमें दूध और दूध के उत्पादों के 60, मसालों के 54, अनाज और खाद्य पदार्थों के 20, नमक के 9 और अन्य खाद्य पदार्थों के 56 नमूने शामिल थे। फिऱोज़पुर में 199 नमूनों की जांच की गई, जिसमें से 61 नमूने निर्धारित मापदण्डों को पूरा करने में असफल रहे।
जनता की तरफ से दिए समर्थन का धन्यवाद करते हुए स. पन्नू ने कहा कि फूड सेफ्टी वैन में नमूनों की मौके पर ही जांच करने के लिए नाम मात्र 50 रुपए प्रति नमूना वसूला जाता है परन्तु जांच फीस के बावजूद नागरिकों ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की परख करवाने से परहेज़ नहीं किया। उन्होंने कहा कि जांच के बाद लोगों को मौके पर ही रिपोर्ट की प्रमाणित कॉपी भी दे दी जाती है।
कैप्शन-फूड सेफ्टी वैनों में खाद्य पदार्थों के नमूनों की जांच के बाद मौके पर ही रिपोर्ट की सत्यापित कॉपियां बाँटते हुए।

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