बूड्डे और उसके 15 अपराधी साथियों की गिरफ़्तारी से कत्ल /फिरौती /कार छीनने और लूटपाट के 10 अपराधिक मामलों के दोषियों की शिनाख़त और गिरफ़्तारी की गई
पंजाबी संगीत और फि़ल्म इंडस्ट्री में बूड्डे  और उसके साथियों द्वारा डर, भय और आतंक का ख़ौफ़ पैदा किया गया 
डी.जी.पी. ने कहा, पंजाब पुलिस के दबाव के कारण गैंगस्टर विदेशों में भाग रहे हैं
कई देशों में बूड्डे के संपर्कों के जानकारी का पता लगाने के लिए यत्न जारी
चंडीगढ़, 16 दिसंबर:
पंजाब पुलिस के निरंतर यत्नों स्वरूप गैंगस्टर सुखप्रीत सिंह उर्फ बूड्डे के अर्मीनिया से डिपोरट होने से उसके 15 अपराधी साथियों को गिरफ़्तार किया गया जिससे बड़ी संख्या में हथियार, नशीले पदार्थ और विदेशी नकदी ज़ब्त की गई है। 
इन गिरफ़्तारियों में बिदी चंद निवासी खुडडा लहौरा, सेवामुक्त डिप्टी के पासपोर्ट अफ़सर जो कि 2007-2008 के दौरान लोक संपर्क अफ़सर (पी.आर.ओ.), चंडीगढ़ में तैनात था जिसने गौरव पटिआल से 50,000 रुपए लेकर फज़ऱ्ी नाम और पते पर भारतीय पासपोर्ट बना कर उसको सौंपना था। बिदी चंद 2011 में डिप्टी पासपोर्ट अफ़सर के तौर पर सेवामुक्त हुआ था। 
इस संबंधी और जानकारी देते हुये डी.जी.पी. दिनकर गुप्ता ने बताया कि बूड्डे को अर्मीनिया से वापस लाते समय वह अवैध ढंग से यू.एस. जाने की कोशिश कर रहा था। परमीश वर्मा पर हमला करने के उपरांत बूड्डा अप्रैल 2018 को पंजाब से यू.ए.ई. भाग गया था, जिस दौरान उसने कई देशों की यात्रा की जिसमें यू.ए.ई., चीन, ईरान, रूस, थाईलैंड, इंडोनेशिया, जोर्जीया और सिंगापुर शामिल हैं। जबकि पंजाब पुलिस द्वारा विभिन्न देशों में उसकी यात्रा /स्टे सम्बन्धी गतिविधियों पर पूरी नजऱ रखी जा रही थी। 
डी.जी.पी. ने कहा कि पंजाब पुलिस अब इन देशों में उसके संपर्कों का पता लगाने की कोशिश कर रही है और पंजाब पुलिस के सुपरवीजन ऑफ आर्गेनाईजड़ क्राइम कंट्रोल यूनिट की टीमों द्वारा लुधियाना, मोगा, फरीदकोट, खन्ना, एस.ए.एस. नगर अमृतसर में आगे और पड़ताल की जा रही है। 
डी.जी.पी. ने बताया कि बूड्डे की निशानदेही पर 6 हथियार जिसमें एक कर्बाईन, 1 बुलटप्रूफ जैकेट, 3 किलो अफ़ीम, 7 व्हीकल, हथियार और कुल 13.80 लाख रुपए की नगदी और 1700 यू.एस. डॉलर उसके अन्य सहयोगियों से बरामद किये गए हैं। 
जि़क्रयोग्य है कि बूड्डा निवासी गाँव कुस्सा, जिला मोगा के अर्मीनिया में होने संबंधी पता लगाया गया और इंटरपोल द्वारा जारी रैड कार्नर नोटिस (आर.एन.सी.) के आधार पर उसको पकड़ा गया था और उसको सुरक्षित वापस लाने के लिए यत्न किये गए थे जिसके बाद 23 नवंबर को पंजाब पुलिस द्वारा उसको आई.जी.आई. एयरपोर्ट दिल्ली में गिरफ़्तार किया गया।
गौरतलब है कि जि़ला बठिंडा के जुगराज सिंह उर्फ राजा कत्ल मामले में पैरोल मिलने के उपरांत बूड्डे द्वारा फरीदकोट जेल में रिपोर्ट नहीं किया गया। जिसमें उसको उम्र कैद की सज़ा सुनाई गई थी। पैरोल का उल्लंघन करने के उपरांत उसने और उसके साथियों ने जनवरी 2017 को हरियाणा के चौटाला गाँव के एक फार्म हाऊस में प्रदीप कुमार और अमित सहारन का कत्ल किया। 
बूड्डे ने जुलाई 2017 में फरीदकोट जिले के बाजाखाना में रवीन्द्र कोचर का उसकी राइस मिल में कत्ल किया। अप्रैल 2018 में उसके और उसके साथियों ने अंतर गिरोहों की दुश्मनी के अंतर्गत बदला लेने की फिराक में हरियाणा के चंडीमन्दर इलाके में भुपेश राणा का कत्ल किया। 20 लाख रुपए की फिरौती की रकम न देने के उपरांत बूड्डे ने 14 अप्रैल, 2018 को परमीश वर्मा पर गोली चलाई। इसके बाद वह नेपाल के रास्ते से दुबई भाग गया और दुबई से ही तालमेल करके उसने डराने धमकाने और कत्ल की अपराधिक गतिविधियों को अंजाम देना शुरू कर दिया। 
दुबई में उसके इशारों पर उसके पंजाब में नजदीकी साथियों द्वारा तीन और कत्ल किये गए जिस का खुलासा पड़ताल के उपरांत हुआ। 17 जून, 2018 को रामपुरा फूल में पोल्ट्री फार्म के मालिक हरदेव सिंह उर्फ गोगी जटाना पर दविन्दर बम्बीहा के गोलीबारी के एक मामले में पुलिस का मुखबिर होने के शक में दो मोटरसाईकल सवारों द्वारा उसका कत्ल कर दिया गया।
दिसंबर 2018 के एक अन्य मामले में सुखप्रीत सिंह उर्फ बूड्डा द्वारा अपने एक दोस्त सरपंच बेअंत सिंह के कत्ल का बदला लेने के लिए रजिन्दर कुमार उर्फ गोगा निवासी माणूके, जिला मोगा के कत्ल की साजि़स घड़ी गई जिस मामले में रजिन्दर कुमार उर्फ गोगा बरी हो गया था।
हाल ही में बूड्डे की हिदायतों पर उसके साथी लखविन्दर उर्फ लक्खा और अमरीक सिंह उर्फ शेरा द्वारा बाबा जरनैल सिंह निवासी मोगा के साथ साजिश घड़ के कोटकपूरा के गाँव कोटसुखिया के डेरा हरीके दास के बाबा दियाल दास का कत्ल किया गया। 
बूड्डे की गिरफ़्तारी और उसको पंजाब वापस लाना पंजाब पुलिस की एक बड़ी सफलता है। पिछले 2 सालों के दौरान यह पंजाब का मुख्य सक्रिय गैंगस्टर बना गया था। बूड्डे और उसके साथियों की तरफ से पंजाबी संगीत और फि़ल्म इंडस्ट्री में डर, भय और आतंक का माहौल पैदा किया जा रहा था। अब तक बूड्डे और उसके 15 साथियों की गिरफ़्तारी से कत्ल, फिरौती /कार छीनने और लूटपाट के 10 मामलों में दोषिओं की शिनाख़त की गई है। बूड्डे और उसके साथियों द्वारा किये गए खुलासों के आधार पर इनके खि़लाफ़ 4 और एफ.आर.आरज़ दर्ज की गई हैं जिस सम्बन्धी अगली जाँच जारी है। 

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