चंडीगढ़, 25 दिसंबर:
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह की हिदायतों पर की गई प्राथमिक जांच ने जेल मंत्री सुखजिन्दर सिंह रंधावा और जग्गू भगवानपुरिया के बीच किसी भी तरह के संबंधों को ख़ारिज किया है। यह बात यहाँ बुधवार को पंजाब पुलिस के सीनियर अधिकारी ने ख़तरनाक गैंगस्टर को 5-स्टार सहूलतें देने के दोषों को रद्द करते हुये कही।
जग्गू हाल ही में सीनियर नेताओं के साथ अपने पुराने संबंधों के दोषों और जवाबी दोषों के कारण सुर्खियों में रहा है।
इन दोषों की रिपोर्टों के मद्देनजऱ मुख्यमंत्री ने डी.जी.पी. (इंटेलिजेंस) की निगरानी अधीन जांच करवाने के निर्देश दिए थे और साथ ही तेज़ी से कार्यवाही करने और जल्द से जल्द रिपोर्ट सौंपने के लिए भी कहा था। चाहे अंतिम रिपोर्ट अभी आनी बाकी है, पंजाब पुलिस के इंटेलिजेंस विंग के अनुसार प्राथमिक जांच से गैंगस्टर और जेल मंत्री रंधावा के बीच कोई सम्बन्ध सामने नहीं आया हैं।
इस बात को उजागरकरते हुये कि बीते कुछ महीनों से जग्गू के साथियों के खि़लाफ़ कार्यवाही जारी है, पंजाब पुलिस ने गैंगस्टर के साथ नरमी बरतने के किसी भी तरह के राजनैतिक दबाव को नकारा है। पिछले महीने बलजीत सिंह को अमृतसर जिले में हथियारों और सोने समेत पकड़ा गया था और अक्तूबर में गैंगस्टर हरमिन्दर सिंह को जालंधर जिले में बड़ी मात्रा में हथियारों और गोला-बारूद समेत गिरफ़्तार किया गया था। दोनों जग्गू के करीबी बताए जाते हैं। इससे पहले मई में पुलिस द्वारा जग्गू के नजदीकी सहयोगी केटेगरी ‘ए’ गैंगस्टर शुबनम सिंह को गिरफ़्तार किया गया था जिसके हिंदु संघर्ष सेना नेता और अमृतसर म्युंसिपल काऊंसलर के कत्ल में शामिल होने की सूचना थी। पंजाब पुलिस के प्रवक्ता ने बताया कि पिछले कुछ महीनों में ऐसी और कई गिरफ़्तारियाँ की गई हैं।
ए.डी.जी.पी. (जेल) ने गैंगस्टर के लिए पटियाला सैंट्रल जेल, जहाँ कि उसको उच्च सुरक्षा जोन में रखा गया है, में किसी भी तरह की 5-स्टार सहूलतों के दोषों को नकार दिया है।
ए.डी.जी.पी. जेल द्वारा प्राथमिक जांच से पता लगा है कि जग्गू भगवानपुरिया को अन्य कैदियों की तरह उच्च सुरक्षा जोन में एक अलग सैल में रखा गया है और उसकी गतिविधियों पर सख्त नजऱ रखी जा रही है।
जग्गू जोकि एक ख़तरनाक गैंगस्टर है, मुख्य तौर पर अमृतसर और गुरदासपुर जि़लों में सक्रिय था और कत्ल, कंट्रैक्ट कीलिंग, चोरी, लूट-पान और गुंडागर्दी जैसे कई मामलों में शामिल था। वह अकालियों के शासन के दौरान कथित रूप में ऐसे कम से कम 47 मामलों में शामिल था।
सितम्बर 2014 में अकाली सरकार दौरान उसने अन्य गैंगस्टर संजीव कुमार उर्फ बाबा को अमृतसर में मारा था। बाबा जो कि उस समय पैरोल पर जेल में से बाहर था, अन्य गैंगस्टर राजू चौहान को जनवरी 2010 में अमृतसर कोर्ट कंपलैक्स में कत्ल करने के मामले में उम्र कैद की सज़ा भुगत रहा था। जग्गू जुलाई 2015 में उसकी गिरफ़्तारी से लेकर जेल में बंद है।

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