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Wednesday, January 01, 2020

विजीलैंस ब्यूरो ने अपराधियों की 101 करोड़ रुपए की जायदादें की ज़ब्त


वर्ष 2019 के दौरान 165 अपराधियों को रिश्वत लेते हुये रंगे हाथों दबोचा
सभी इंजीनियरिंग प्रोजेक्टों के लिए ‘सोशल ऑडिट स्कीम’ की की शुरूआत
अदालत द्वारा 29 विजीलैंस मामलों में 42 दोषियों को दी सज़ा

चंडीगढ़, 1 जनवरी:
समाज में से भ्रष्टाचार ख़त्म करने के लिए पंजाब विजीलैंस ब्यूरो ने अपराधियों की जायदादें ज़ब्त करने की एक अन्य पहलकदमी की है जिसके अंतर्गत वर्ष 2019 के दौरान 101,64,82,194 रुपए की जायदाद ज़ब्त की गई।
इस सम्बन्धी जानकारी देते हुये विजीलैंस ब्यूरो के मुख्य डायरैक्टर -कम-ए.डी.जी.पी. श्री बी.के. उप्पल ने कहा कि विजीलैंस ब्यूरो ने चार अलग-अलग मामलों में मुलजिमों की अवैध जायदादें ज़ब्त की हैं। उन्होंने कहा, ‘रिश्वत लेने वालों पर नकेल डालने और इस सामाजिक बुरायी को रोकने के लिए कड़ा रूख अपनाते हुये लोगों में जागरूकता पैदा करने के लिए ब्यूरो ने बहु-समर्थकी पहुँच अपनाई है।’
इंजीनियरिंग और विकास प्रोजेक्टों में भ्रष्टाचार को रोकने के लिए उन्होंने कहा कि ब्यूरो की तरफ से लोगों को प्रोजेक्टों की विस्तृत जानकारी देने के लिए एक ‘सोशल ऑडिट स्कीम’ शुरू की गई है। इस योजना के अंतर्गत सम्बन्धित विभागों के मुख्य विजीलैंस अधिकारियों द्वारा ‘सिटीजन इन्फारमेशन बोर्ड’ स्थापित किये जाएंगे, जिसके अंतर्गत प्रोजेक्टों के बारे में जानकारी अंग्रेज़ी और पंजाबी में लिखी जायेगी जिससे लोग भ्रष्टाचार को रोकने में भी अपना योगदान डाल सकेंगे।
इस सम्बन्धी और ज्यादा जानकारी देते हुये श्री बी के उप्पल ने बताया कि विजीलैंस ब्यूरो ने पिछले वर्ष के दौरान अलग-अलग विभागों के 147 अधिकारियों और 18 प्राईवेट व्यक्तियों को रिश्वत लेते हुये रंगे हाथों काबू किया। हर किस्म के भ्रष्टाचार के प्रति ज़ीरो सहनशीलता की नीति अपनाते हुये ब्यूरो ने 1 जनवरी से 31 दिसंबर, 2019 तक 13 गज़टिड अधिकारियों (जी ओज़) और 134 नॉन -गज़टिड अधिकारियों (एन.जी.ओ.) को काबू किया है।
विजीलैंस ब्यूरो के चीफ़ ने बताया कि इस वर्ष के दौरान अन्य विभागों के अलावा पंजाब पुलिस के 63 मुलाजिमों, राजस्व विभाग के 28, बिजली के 13, पंचायतों और ग्रामीण विकास के 3, सेहत विभाग के 7, स्थानीय निकाय के 6, खाद्य और सिविल सप्लाई विभाग के 3, आबकारी और कर के 4 और जल सप्लाई और सेनिटेशन के 5 कर्मचारियों को भ्रष्टाचार के अलग-अलग मामलों में रिश्वत की माँग करते और रिश्वत लेते हुये रंगे हाथों काबू किया।
कुछ प्रमुख मामलों का विवरण देते हुये श्री बी.के. उप्पल ने बताया कि इस वर्ष के दौरान वन कंजरवेटर हर्ष कुमार और अजय पलटा, डायरैक्टर, पलटा इंजीनियरिंग वर्कस, ए.ई.टी.सी. -कम -सहायक कमिशनर हरमीत सिंह, ई.टी.ओ. अमरदीप सिंह नन्दा, अस्टेट अफ़सर अली हसन, इंस्पेक्टर आबकारी दीपेंद्र सिंह, कार्यकारी इंजीनियर पी.डब्ल्यू.डी. अजीत पाल सिंह बराड़, कृषि विकास अफ़सर जसकंवल सिंह, जिला सेहत अफ़सर डा. लखबीर सिंह और डा. राज कुमार को गिरफ़्तार किया गया।
ब्यूरो की कार्य कुशलता संबंधी बताते हुये उन्होंने आगे कहा कि विजीलैंस ब्यूरो ने पिछले वर्ष 57 दोषियों के खि़लाफ़ 27 अपराधिक केस दर्ज किये जिनमें 7 जी ओज़, 24 एन.जी.ओज़ और 26 प्राईवेट व्यक्ति शामिल हैं। इसके इलावा 13 जी.ओज़., 22 एन.जी.ओज़. और 6 प्राईवेट व्यक्तियों के खि़लाफ़ भ्रष्टाचार की शिकायतों की जांच के लिए 42 विजीलैंस जांचें भी दर्ज की गई हैं। इसके अलावा एक गज़टिड अफ़सर और 2 नॉन -गज़टिड अफसरों के विरुद्ध नाजायज जायदाद के 3 केस भी दर्ज किये गए हैं।
विजीलैंस ब्यूरो के प्रमुख ने आगे कहा कि भ्रष्टाचार के अलग-अलग मामलों में अलग-अलग अदालतों में दोषी ठहराए जाने के कारण 6 एन.जी.ओ. को उनसे सम्बन्धित प्रशासकीय विभागों ने उनकी सेवाओं से ख़ारिज कर दिया है। उन्होंने आगे बताया कि ब्यूरो इस वर्ष के दौरान 50 विजीलैंस जांचें निपटाने के योग्य रहा। इसके अलावा विजीलैंस ब्यूरो ने भ्रष्टाचार के तरीकों की पहचान के लिए अलग-अलग विभागों को निर्देश /सुझाव भी जारी किये हैं।
इस सम्बन्धी और विवरण सांझे करते हुये श्री बी.के.उप्पल ने कहा कि अलग-अलग विशेष अदालतों ने भ्रष्टाचार रोकथाम एक्ट के अधीन 29 मामलों में 42 दोषियों को सज़ा सुनाई है जिसमें 5 जी.ओज़, 31 एन.जी.ओज़ और 6 प्राईवेट व्यक्ति शामिल हैं और अपराधियों को छह महीने से सात वर्ष की कैद की सज़ा सुनाई गई है। उन्होंने आगे कहा कि निचली अदालत ने 1000 रुपए से 2,30,000 रुपए तक के जुर्माने लगाए हैं जिससे 14,96,500 रुपए इक_े किये गए।  
विजीलैंस जागरूकता सप्ताह के दौरान विजीलैंस ब्यूरो ने सफलतापूर्वक एक मुहिम चलाई जिसके दौरान समाज में से भ्रष्टाचार को ख़त्म करने के लिए शहरों के साथ साथ ग्रामीण क्षेत्रों में सैमीनार और सार्वजनिक मीटिंगें की गई। इसके अलावा ब्यूरो के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को आपसी एकता और अखंडता की कसम भी उठवाई गई। उन्होंने आगे कहा कि विजीलैंस ब्यूरो ने 2 विद्यार्थियों समेत 24 व्यक्तियों को भ्रष्टाचार से पर्दा उठाने वालों को प्रशंसा पत्र भी दिये गये हैं।

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