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Saturday, February 29, 2020

बजट 2020-21 पंजाब

चंडीगढ़, 28 फरवरी:
राज्य की वित्तीय स्थिति सही राह पर है। वर्ष 2010 के मुकाबले वर्ष 2020 में पंजाब के सभी वित्तीय सूचक बेहतर स्थिति में हैं। अब वित्तीय स्थिति नियंत्रण अधीन है, सूचक वृद्धि के रुझान में जा रहे हैं और पंजाब की आर्थिकता पहले की अपेक्षा मज़बूत है। अगले दो सालों में पंजाबियों और पंजाब के निवासियों के जीवन में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।

वर्ष 2014-15 में राज्य का खज़़ाना 25 दिनों के लिए, 2015-16 में 7 दिनों के लिए और 2016-17 में 16 दिनों के लिए दुगुना ओवरड्राफ्ट की स्थिति में रहा था, परंतु पिछले तीन वर्षों में हम एक दिन के लिए भी खज़ाने को दुगुना ओवरड्राफ्ट की स्थिति में नहीं जाने दिया।
उपाय और साधन, पेशगियां और ओवरड्राफ्ट के दिनों को कम करके राज्य वर्ष 2017-18 में लगभग 10.75 करोड़ रुपए, 2018-19 में 21.70 करोड़ रुपए और वर्ष 2019-20 में 20 करोड़ रुपए (23.02.2020 तक) की ब्याज अदायगियाँ बचाने में कामयाब रहा है। 
इसके अलावा संयमी कजऱ् प्रबंध के द्वारा राज्य तबदीली योग्य सिमाएं और सक्युरटीज़ के पुन: जारी करने सम्बन्धी पहुँच कर 7.50 करोड़ रुपए और बचाने में कामयाब रहा है।
यह सरकार के यत्नों और सौहृदयता की वजह से है कि देश आर्थिक मंदी वाले माहौल के बावजूद भी हमारी मालीया प्राप्तियाँ वर्ष 2019-20 में 18.80 प्रतिशत बढ़ी हैं और वर्ष 2020-21 में 18.96 प्रतिशत तक और बढऩे की संभावना है।
वर्ष 2017-18 में 10,273 करोड़ रुपए; वर्ष 2018-19 में 4175 करोड़ रुपए और वर्ष 2019-20 में हमारे बजट अनुमानों में 2,323 करोड़ रुपए का फंडिंग अंतर था।
हमारी सरकार ने पूंजीगत ख़र्च 10,280 करोड़ रुपए तक बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है जो कि 2019-20 (संशोधित अनुमान) केवल 4,013 करोड़ रुपए (उस समय के प्रभावों के बिना) था और इस बढ़ाए गए पूँजीगत ख़र्च के साथ रोजग़ार और ख़र्च को बढ़ावा मिलेगा जो कि राज्य की आर्थिकता पर अपेक्षित प्रभाव डालेगी।
पिछले 2 सालों में राज्य की कुल मालीया प्राप्तियों की वसूली में हुई तरक्की के साथ कुल मालीया प्राप्तियों पर ब्याज भुगतान का अनुपात वर्ष 2017-18 में 28.93 प्रतिशत से कम होकर वर्ष 2018-19 में 26.19 प्रतिशत हो गया। इसके अलावा वर्ष 2019-20 (संशोधित अनुमान) और वर्ष 2020-21 (बजट अनुमान) के लिए यह अनुपात क्रमवार 23.82 प्रतिशत और 21.68 प्रतिशत हो जाने की संभावना है।
हम कजऱ् /जीएसडीपी अनुपात को भी लगातार कम करने के योग्य हुए हैं जो कि हमें विरासत में मिले जैसे कि 2016-17 में 42.75 प्रतिशत से 2017-18 में 40.77 प्रतिशत था और इससे आगे यह 2018-19 में कम होकर 40.61 प्रतिशत रह गया। इसके अलावा 2019-20 (संशोधित अनुमान) में यह अनुपात 39.83 प्रतिशत रहने की संभावना है और 2020-21 (बजट अनुमान) के लिए हम 38.53 प्रतिशत तक और कम हो जाने की उम्मीद रखते हैं।
कृषि और किसानों के कल्याण 
राज्य के ‘‘फ़सलीय कजऱ् माफ स्कीम’’ के फ्लैगशिप प्रोग्राम के अंतर्गत सभी छोटे और हाशिया ग्रसित किसानों (5 एकड़ तक) के 2 लाख रुपए तक के सभी फ़सलीय कजऱ्ों को माफ किया है। अगले पड़ाव के तौर पर वर्ष 2020-21 के दौरान विशेष रूप में भूमी रहित कृषि कामगारों के कजऱ्ों को क्षमा करने के लिए 520 करोड़ रुपए समेत कुल 2,000 करोड़ रुपए का आवंटन मुहैया करवाया जा रहा है।
वर्ष 2020-21 के दौरान 14 करोड़ रुपए के प्राथमिक आवंटन के साथ गुरदासपुर और बलाचौर (एसबीएस नगर) में 2 नये कृषि कॉलेज स्थापित किये जा रहे हैं। 
किसानों को मुफ़्त बिजली: वर्ष 2020-21 के दौरान 8,275 करोड़ रुपए का आवंटन।
राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (आरकेवीवाई): वर्ष 2020-21 के दौरान कृषि और सम्बन्धित सेवाओं के और ज्य़ादा सामुहिक और एकीकृत विकास को यकीनी बनाने के लिए इस स्कीम के अधीन 200 करोड़ रुपए का ख़र्च मुहैया करवाया गया है।
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (पीएमकेएसवाई): विभिन्न विभाग जैसे कृषि, जल स्रोत, ग्रामीण विकास से सम्बन्धित स्कीम को प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अधीन लाया गया है। वर्ष 2020-21 में पीएमकेएसवाई के लिए 141 करोड़ रुपए का आवंटन किया गया है।
‘पानी बचाओ पैसे कमाओ’: किसानों को विभिन्न फसलें उगाने के लिए उत्साहित करने के लिए, पानी प्रयोग में कुशलता लाने और अन्य किसानों को स्वै-इच्छा से स्कीम को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए डैमो फार्म भी स्थापित किये जा रहे हैं। वर्ष 2020-21 के दौरान इस उद्देश्य के लिए 40 करोड़ रुपए का आवंटन मुहैया करवाया गया है।
माईक्रो सिंचाई प्रणाली की स्थापना, भूमिगत पाईप लाइनज़: वर्ष 2020-21 के दौरान इन स्कीमों के लिए 100 करोड़ रुपए का आवंटन।
अगले तीन सालों के दौरान 12,000 और सोलर पंप लगाए जाएंगे।
वर्ष 2020-21 में काला संघिया सब डिविजऩ, कपूरथला के अधीन 11 के.वी. नत्थू चाहल कृषि फीडर के सोलराईज़ेशन के लिए एक महत्वपूर्ण प्रोजैक्ट हाथ में लिया जायेगा। 
फ़सलीय विभिन्नता: किसानों को उत्साहित करने के लिए वैकल्पिक फसलों को उगाने के लिए विशेष तौर पर मक्का बीजने के लिए एक प्रोत्साहन स्कीम। फ़सलीय विभिन्नता को उत्साहित करने के लिए 200 करोड़ रुपए का आवंटन।
पंजाब कृषि यूनिवर्सिटी, लुधियाना के अधीन मोहाली में एक एग्रीकल्चर मार्किटिंग इनोवेशन रिर्सच और इंटेलिजेंस सैंटर (एएमआईआरआईसी) की स्थापना। वर्ष 2020-21 के दौरान इस उद्देश्य के लिए इस प्रस्तावित केंद्र के लिए एक बार कॉप्र्स ग्रांट मुहैया करवाने के लिए 10 करोड़ रुपए के आवंटन का प्रस्ताव है। 
चार नयी बाग़बानी भूसंपदा जो वेरका, (अमृतसर) में नाशपाती भूसंपदा, सुजानपुर, (पठानकोट) में लीची भूसंपदा, वजीदपुर, (पटियाला) में अमरूद भूसंपदा और कोटकपूरा, (फरीदकोट) में बाग़बानी भूसंपदा स्थापित की जा रही हैं।
फूड प्रोसैसिंग उद्योग को (धान और पीनेयोग्य पदार्थों के अलावा) और ज्य़ादा प्रोत्साहन।
पशु पालन, मछली पालन और डेयरी विकास
जि़ला फाजि़ल्का के गाँव सप्पांवाली में 62 करोड़ रुपए की लागत से गडवासू, लुधियाना के कांस्टीच्यूऐंट कॉलेज के तौर पर एक वैटरनरी कॉलेज और क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र की स्थापना की जायेगी। वर्ष 2020-21 के दौरान इस मंतव्य के लिए 10 करोड़ रुपए के आरंभिक आवंटन का प्रस्ताव रखा गया है।
वर्ष 2020-21 के दौरान डेयरी उत्पाद में 7 प्रतिशत का विस्तार किया जायेगा।
आवारा पशुओं की समस्या: आवारा पशुओं के प्रबंध और इनको रखने के मंतव्य से पशुओं के लिए बाड़े  के (स्टेटवाईड) बुनियादी ढांचे को मज़बूत करने के लिए 25 करोड़ रुपए का उपबंध।
वर्ष 2020-21 के दौरान रीसरकूलेटरी एक्वाकचर सिस्टम को 8 अन्य इकाईयों में विस्तार करने का प्रस्ताव।
झींगां मछली और मछली पालन के अधीन क्रमवार 200 हेक्टेयर और 3,000 हेक्टेयर नया क्षेत्र लाया जायेगा।
सहकारिता
बटाला और गुरदासपुर चीनी मिलों का आधुनिकीकरण: जिसके लिए 50 करोड़ रुपए का आवंटन किया गया है।
राज्य के गन्ना उत्पादक किसानों को सहायता मुहैया करवाने के लिए 100 करोड़ रुपए के आवंटन का प्रस्ताव। 
नशा मुक्ति 
जल्दी ही और 25 ओओएटी नशा मुक्ति क्लीनिकों को कार्यशील किया जायेगा।
खेल और युवा सेवाएं
नए स्टेडियमों का निर्माण और मौजूदा खेल ढांचे को अपग्रेड/मज़बूत करना। वर्ष 2020-21 के दौरान 35 करोड़ रुपए की राशि का आवंटन।
‘‘नौजवानों के लिए मुफ़्त स्मार्ट मोबाइल फ़ोन’’ योजना के अंतर्गत नौजवानों को स्मार्ट फ़ोन बाँटने के लिए 100 करोड़ रुपए आवंटित किये गए हैं।
रोजग़ार सृजन करने और कौशल विकास
इस वर्ष 324 करोड़ रुपए के ख़र्च का प्रस्ताव। यह पिछली सरकार के अन्तिम वर्ष 2016-17 के दौरान किये गए 17.52 करोड़ रुपए के बजट अनुमानों से 20 गुणा अधिक है। 
वर्ष 2020-21 में हमारा लक्ष्य 800 से अधिक प्लेसमेंट कैंपों का आयोजन करने का और 1,50,000 अन्य आवेदनकर्ताओं को रोजग़ार प्राप्त करने का और 69,600 बेरोजग़ार आवेदनकर्ताओं को कैरियर काउंसलिंग के द्वारा सहायता प्रदान करने का है। 
सरकार द्वारा पंजाब के नौजवानों की फ़ौज में भर्ती की सहायता के लिए होशियारपुर में आम्र्ड फोर्स प्रैपरेट्री इंस्टीट्यूट को स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया है।
उद्योग और वाणिज्य 
उद्योग की माँगों की पूर्ति के लिए सरकार ने 1,000 एकड़ भूमि वाले उच्च् वर्ग दर्जो के औद्योगिक बुनियादी ढांचे वाले 3 मेगा औद्योगिक पार्क विकसित करने की योजना। वर्ष 2020-21 के दौरान टेक्स्टाईल उद्योग, ग्रीन उद्योग और एकीकृत उत्पादन कलस्टर विकसित किये जाएंगे।
जि़ला फतेहगढ़ साहिब के गाँव वजीराबाद में फार्मासीऊटीकल इकाईयाँ पर विशेष ज़ोर देते हुए 125 एकड़ के क्षेत्रफल में एक औद्योगिक पार्क विकसित किया जायेगा। 
वर्ष 2020-21 के दौरान पठानकोट, अमृतसर (नया), गोइन्दवाल साहिब और चनालों, होशियारपुर, एस.बी.एस. नगर, बटाला, कोटकपूरा, नाभा (पुराना), मोगा, संगरूर, खन्ना और डेराबस्सी में 131 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत से औद्योगिक फोकल प्वाइंटों के बुनियादी ढांचों का नवीनीकरण। 
वर्ष 2020-21 के दौरान औद्योगिक बिजली सब्सिडी मुहैया करवाने के लिए 2,267 करोड़ रुपए के आवंटन का प्रस्ताव।
पर्यटन एवं सांस्कृतिक मामले: वर्ष 2020-21 के दौरान इस क्षेत्र के लिए 447 करोड़ रुपए के आवंटन का प्रस्ताव।
वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए 100 करोड़ रुपए की लागत से स्वदेश दर्शन स्कीम के अधीन महत्वपूर्ण /बड़े प्रोजैक्टों को लागू करने का प्रस्ताव है और एशियन डिवैल्पमैंट बैंक द्वारा सहायता प्राप्त आईडीआईपीटी प्रोजैक्ट के अधीन 124 करोड़ रुपए की रकम आवंटित की गई है। 
वर्ष 2020-21 के दौरान पटियाला में विरासती स्ट्रीट के निर्माण के लिए पटियाला विकास अथॉरिटी को 25 करोड़ रुपए की सहायता के आवंटन का प्रस्ताव है।
12 अप्रैल, 2020 से शुरू होने वाले श्री गुरु तेग़ बहादुर जी के 400 साला प्रकाश पर्व शताब्दी के सम्बन्ध में साल भर चलने वाले उत्सवों के लिए वर्ष 2020-21 के दौरान 25 करोड़ रुपए के प्राथमिक आवंटन का प्रस्ताव।
एक समर्पित ‘‘श्री गुरु तेग़ बहादुर मार्ग’’ जो तेज़ गति चार मार्गीय, श्री आनन्दपुर साहिब (रोपड़) से बंगा (एसबीएस नगर) तक 54.50 किलोमीटर लंबा होगा, का निर्माण किया जायेगा।
हरीके वैटलैंड और इकौ-टूरिज़्म डिवैल्पमैंट अथॉरिटी की स्थापना और वर्ष 2020-21 में इस मंतव्य के लिए 15 करोड़ रुपए के प्राथमिक ख़र्च का उपबंध किया जायेगा।
सामाजिक न्याय, अधिकारता और अल्पसंख्यक 
कुल एस.सी.एस.पी. योजना वर्ष 2018-19 में 3562 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 2019-20 में 5030 करोड़ रुपए कर दी है और वर्ष 2020-21 में 6868 करोड़ रुपए कर दी गई है जो कि 2018-19 की अपेक्षा 92 प्रतिशत की वृद्धि है।
वर्ष 2020-21 के दौरान हमारे दबे-कुचले भाईयों का जीवन स्तर ऊँचा उठाने के लिए शैक्षिक, सामाजिक और अन्य विकास प्रोग्रामों के लिए विभिन्न कल्याण स्कीमों के अधीन 901 करोड़ रुपए का कुल उपबंध। विभिन्न स्कीमों के अधीन राज्य के हिस्से को 2019-20 (संशोधित अनुमान) की अपेक्षा 18 प्रतिशत बढ़ाया गया है।
आशीर्वाद: अनुसूचित जाति / बी.सी. / ईसाई / विधवा / तलाकशुदा और किसी भी जाति की विधवाओं की बेटियों के विवाह के समय पर दी जाने वाली 21,000 रुपए की दर से वित्तीय सहायता मुहैया करवाने के लिए 165 करोड़ रुपए का उपबंध। 
प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना: अनुसूचित जाति-केंद्रित गाँवों में बुनियादी ढांचा सुविधाओं की तरक्की वर्ष 2020-21 के लिए 46 करोड़ रुपए का ख़र्च मुहैया करवाया जायेगा।
अनुसूचित जातियों की 50 प्रतिशत से अधिक आबादी वाले गाँवों के सुधार के लिए एक विशेष राज्य प्रयोजित योजना शुरू की जा रही है। इस स्कीम के लिए वर्ष 2020-21 के दौरान 10 करोड़ रुपए का आरंभिक उपबंध मुहैया करवाया गया है।
सामाजिक सुरक्षा और महिला एवं बाल विकास
वर्ष 2016-17 के दौरान 19.08 लाख लाभपात्रियों की कवरेज से सामाजिक सहायता पैंशनों के लिए उपबंध 1100 करोड़ रुपए (चाहे कि हम जानते हैं इस का जारीकरन हमेशा की तरह अनिश्चित था), था, वर्ष 2019-20 के दौरान 24 लाख लाभपात्रियों को उनके खाता में सीधे तौर पर पैंशन डालने के लिए 2,165 करोड़ रुपए पैंशनों के लिए आवंटित किये गए हैं। वर्ष 2019-20 (बजट अनुमान) के मुकाबले 31 प्रतिशत के वृद्धि के साथ 2388 करोड़ रुपए का उपबंध।
एकीकृत बाल विकास योजना: 0-6 साल के बच्चों, गर्भवती औरतों और दूध पिलाने वाली माताओं के लिए पोषण स्तर में सुधार लाने के लिए 65 करोड़ रुपए की रकम आवंटित की गई है।
हरेक जि़ले में बुज़ुर्ग नागरिकों के कल्याण के लिए बुढ़ापा घर स्थापित करने के लिए 5 करोड़ रुपए के मूलभूत आवंटित करने का प्रस्ताव।
अपंग व्यक्तियों की सामाजिक-आर्थिक सुरक्षा के लिए राज्य स्तरीय स्कीम शुरू करने का भी प्रस्ताव और इस उद्देश्य के लिए अपेक्षित वित्तीय सहायता साल के दौरान मुहैया करवाई जायेगी। 
लैंगिक समानता को उत्साहित करने के लिए राज्य समूह विभागों में लैंगिक समानता बजट (जैंडर रिस्पांसिव बजटिंग) शुरू करने का प्रस्ताव।
नयी योजना ‘‘कस्तूरबा गांधी महिला योजना का प्रस्ताव रखता हूँ जिसका उद्देश्य, राज्य के विभिन्न विभागों द्वारा चलाईं जातीं सभी मौजूदा महिला-केंद्रित सरकारी योजनाओं के लाभों को शामिल करना है जिससे सामाजिक क्षेत्रों और घर में औरतों और बच्चों के जीवन मानक को उभारना और सुरक्षा एवं सम्मान को यकीनी बनाया जाये। 
एक नयी योजना, ‘माता तृप्ता महिला योजना का प्रस्ताव किया गया है, जिसमें उन पहलूओं को कवर करने के लिए राज्य द्वारा नयी पहलकदमियां /प्रोग्राम शामिल किये जाएंगे, जिनको किसी भी मौजूदा केंद्र /राज्य द्वारा प्रायोजित महिला/बाल-लडक़ी आधारित स्कीमों के अंतर्गत शामिल नहीं किया गया। 
रक्षा सेवाएं
रक्षा सेवाओं के कल्याण के लिए 127 करोड़ रुपए आरक्षित रखे गए हैं जो कि 2019-20 (बजट अनुमानों) की अपेक्षा 29 प्रतिशत का विस्तार है।
हमारे शहीदों और पूर्व सैनिकों के प्रति सम्मान के तौर पर हमारी सरकार ने वीरता पुरस्कार जैसे परमवीर चक्र, अशोक चक्र, महावीर चक्र, कीर्ति चक्र, वीर चक्र, शौर्य चक्र, मरने के उपरांत सम्मान प्राप्त करने वालों की विधवाओं और उनके वारिसों को दी जाती मासिक वित्तीय सहायता को बढ़ाकर उस वित्तीय सहायता के बराबर करने का प्रस्ताव रखा है, जो कि अपने जीवन काल में ही यह वीरता पुरस्कार प्राप्त करने वालों की विधवाओं और उनके वारिसों को दी जा रही है। मैं पूर्व स्वतंत्रता काल के पूर्व सैनिकों और उनकी विधवाओं को दी जाती मासिक वित्तीय सहायता को भी तारीख़ 01.04.2020 से बढ़ाकर 6,000 रुपए प्रति माह करने का प्रस्ताव रखता हूं।
गार्डियनज़ ऑफ गवर्नेंस के अधीन 60 करोड़ रुपए का उपबंध मुहैया करवाया गया है।
श्रमिक कल्याण
सभी निर्माण कामगारों को उनके बुढ़ापे के दौरान 3,000 रुपए की निश्चित ज़रूरी मासिक वित्तीय सहायता मुहैया करवाने का फ़ैसला किया है और प्रधानमंत्री श्रम योगी मान धन योजना (पीएमएसवाईएम) के अनुकूल उनके जीवन साथियों को 1500 रुपए प्रति माह वित्तीय सहायता देने का फ़ैसला किया है। यह स्कीम 3.5 लाख निर्माण कामगार परिवारों को लाभ पहुंचाएगी।
ग्रामीण विकास एवं पंचायतें 
स्मार्ट विलेज मुहिम: अगले दो सालों के लिए 3,000 करोड़ रुपए का ख़र्च आरक्षित किया गया है परंतु वर्ष 2020-21 के लिए 20,440 कामों को मुकम्मल करने के लिए 600 करोड़ रुपए के आवंटन का प्रस्ताव है; ज़रूरत के अनुसार बाकी फंड आने वाले समय में मुहैया करवाए जाएंगे। 
जालंधर जि़ले के गाँव बल्लां को जाने वाली सडक़ों और आस-पास के सौन्द्रीयकरण के लिए 5 करोड़ रुपए के विशेष आवंटन का प्रस्ताव।
मनरेगा: इस योजना को लागू करने के लिए इस साल 230 लाख मानवीय दिहाडिय़ां सृजन करने के लिए 320 करोड़ रुपए आवंटित करने का प्रस्ताव।
एनआरएलएम: वर्ष 2020-21 के दौरान 32 करोड़ रुपए का ख़र्च प्रस्ताव किया गया है।
श्यामा प्रसाद मुखर्जी अरबन मिशन: इस मिशन के लिए वर्ष 2020-21 के लिए 90 करोड़ रुपए के ख़र्च का प्रस्ताव रखा गया है। 
प्रधानमंत्री आवास योजना: सरकार वर्ष 2020-21 के दौरान बाकी रहते 10,500 घरों को कवर करने के लिए 125 करोड़ रुपए ख़र्च करने का प्रस्ताव रखा गया है।
पंजाब ग्रामीण आवास योजना: पंजाब ग्रामीण आवास योजना, राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में ‘कच्चे/अर्ध पक्के घरों’ के मालिकों को ‘पक्के घरों’ के तौर पर अपग्रेड करने के लिए अनुदान मुहैया करवाने का लक्ष्य है। इस मंतव्य के लिए वर्ष 2020-21 के दौरान 500 करोड़ रुपए के ख़र्च का प्रस्ताव किया गया है।
स्कूल शिक्षा 
स्कूल शिक्षा की तरक्की के लिए 12,488 करोड़ रुपए का उपबंध किया गया है जो कि वर्ष 2020-21 के लिए कुल ख़र्च का 8 प्रतिशत है। यह वर्ष 2016-17 में इस क्षेत्र के बजट आरक्षण की अपेक्षा 23 प्रतिशत ज्य़ादा है।
वर्ष 2020-21 के दौरान 4,150 अतिरिक्त क्लासरूमों के निर्माण के लिए 100 करोड़ रुपए की राशि आवंटित करने का प्रस्ताव। 
लुधियाना जि़ले में किदवयी नगर में एक नये सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल के निर्माण के लिए 3 करोड़ रुपए और एसबीएस नगर में सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल में एक नये ब्लॉक के निर्माण के लिए 5 करोड़ रुपए का आवंटन।
वर्ष 2020-21 के लिए स्कूलों में मुरम्मत और रख-रखाव के लिए 75 करोड़ रुपए का बजट उपबंध प्रस्ताव किया गया है। 
राज्य सरकार पहले पड़ाव में 259 सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्मार्ट स्कूलों में 10 किलोवाट के सोलर प्लांट स्थापित करने की इच्छा रखती है और 621 और सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल को दूसरे पड़ाव में कवर किया जायेगा।
स्मार्ट स्कूल नीति अधिसूचित कर दी है और डिजिटल एजुकेशन के लिए 100 करोड़ रुपए के ख़र्च करने का प्रस्ताव।
वर्ष 2020-21 के दौरान स्कूलों में लड़कियों की सुरक्षा और स्वास्थय के लिए 13 करोड़ रुपए का ख़र्च प्रस्ताव किया गया है। 
विद्यार्थियों को मुफ़्त परिवहन सुविधा के लिए वर्ष 2020-21 के दौरान 10 करोड़ रुपए का आवंटन का प्रस्ताव। 
सभी सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में जल संरक्षण प्रणाली की स्थापति के लिए 25 करोड़ रुपए के आवंटन का प्रस्ताव।
उच्च शिक्षा
राष्ट्रीय उच्च शिक्षा अभियान के अतर्गत राज्य में उच्च शिक्षा के सुधार के लिए 174 करोड़ रुपए की रकम स्वीकृत की गई है।
राज्य की 2 यूनिवर्सिटियों में अनुसंधान गतिविधियों को प्रफुल्लित करने के लिए 150 करोड़ रुपए आवंटित। 
वर्ष 2020-21 में ऐतिहासिक सरकारी कॉलेज होशियारपुर, पटियाला, संगरूर, कपूरथला, मलेरकोटला और अमृतसर के बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए 5 करोड़ रुपए आवंटित करने का प्रस्ताव किया गया है। 
वर्ष 2020-21 के दौरान पाँच नये डिग्री कॉलेजों के निर्माण के लिए 25 करोड़ रुपए का उपबंध भी किया गया है।
वर्ष 2020-21 के दौरान पंजाबी यूनिवर्सिटी, पटियाला में लड़कियों के नये होस्टलों के निर्माण के लिए 15 करोड़ रुपए का प्रस्ताव।
सभी यूनिवर्सिटियों की ग्रांट-इन-एड के आवंटन में 6 प्रतिशत का विस्तार। 
तरन तारन जि़ले में एक नयी ‘श्री गुरु तेग़ बहादुर स्टेट लॉ यूनिवर्सिटी’ स्थापित की जायेगी।
तकनीकी शिक्षा
19 सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाएं और एक प्राईवेट औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था के नवीनीकरण के लिए वर्ष 2020-21 के दौरान 35 करोड़ रुपए के आवंटन का प्रस्ताव।
राज्य द्वारा वर्ष 2020-21 से सभी जि़लों में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं को कवर करने के लिए 60 करोड़ रुपए के आरंभिक ख़र्च के साथ अपंग व्यक्तियों के लिए कम-से-कम 1 कोर्स शुरू किया जायेगा।
वर्ष 2020-21 के दौरान सरकार 75 करोड़ रुपए के आरंभिक ख़र्च के साथ 19 नयी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाएं स्थापित करना। 
वर्ष 2020-21 के दौरान, बटाला, अमृतसर, होशियारपुर, जीटीबी गढ़ (मोगा) और पटियाला में सरकारी पोलीटैक्निक कॉलेजों के बुनियादी ढांचे के नवीनीकरण के लिए 41 करोड़ रुपए का आवंटन।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के लिए 3778 करोड़ रुपए के आवंटन का प्रस्ताव किया गया है जो कि 2019-20 (संशोधित अनुमान) के मुकाबले 2020-21 में 15 प्रतिशत अधिकहै।
वर्ष 2020-21 के बजट में इस उद्देश्य के लिए 221 करोड़ रुपए की रकम का प्रस्ताव।
15 करोड़ रुपए की लागत के साथ राज्य के सभी जि़ला अस्पतालों में आईसीयूज़ की स्थापना। 
साल 2020-21 के दौरान स्वास्थ्य सुविधाएं जैसे कि सब-सैंटर, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसीज़) और कम्युनिटी स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसीज़) के साथ सम्बन्धित बुनियादी ढांचे का नवीनीकरण, मुरम्मत और रख-रखाव के लिए 50 करोड़ रुपए के विशेष आवंटन करने का प्रस्ताव।
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्याक्रम: साल 2020-21 के दौरान आरबीएसके स्कीम के लिए एन.एच.एम. के अधीन 45 करोड़ रुपए का विशेष आवंटन। 
एकीकृत आयुष अस्पताल: थैलेसीमिया के मरीज़ों को आयुर्वैदिक थैरेपी प्रदान करने के लिए मॉडल ग्राम, लुधियाना में सरकारी आयुर्वैदिक अस्पताल में एक थैलेसीमिया सैंटर स्थापित करने की मंशा रखता है।
डॉक्टरी स्वास्थ्य एवं शिक्षा 
साल 2020-21 के दौरान 897 करोड़ रुपए का आवंटन किया गया है जो 2019-20 (संशोधित अनुमान) के मुकाबले 49 प्रतिशत की वृद्धि है।
कपूरथला और होशियारपुर में नये मैडीकल कॉलेजों की स्थापना के लिए हरेक को 10 करोड़ रुपए के मूलभूत आवंटन का प्रस्ताव। 
साल 2020-21 में पटियाला, अमृतसर और फरीदकोट में मौजूदा मैडीकल कॉलेजों के नवीनीकरण के लिए 224 करोड़ रुपए का प्रस्ताव रखा गया है।
फाजि़ल्का में ट्रशरी कैंसर केयर सैंटर और अमृतसर और होशियारपुर में स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट की स्थापना के लिए 72 करोड़ रुपए के आवंटन का प्रस्ताव। 
स्थानीय निकाय
साल 2020-21 में स्वच्छ भारत मिशन के लिए 103 करोड़ रुपए का प्रस्ताव रखा जा रही है और यूएलबीज़ के सहयोग से हमारा उद्देश्य इस साल राज्य के सभी शहरों को कूड़ा मुक्त बनाने का है।
अमरुत: इस मंतव्य के लिए 700 करोड़ रुपए के बजट उपबंध का प्रस्ताव है।
स्मार्ट सिटी: इस मिशन के अधीन 532 करोड़ रुपए की कुल लागत के साथ काम चल रहा है। अन्य काम के लिए 1,248 करोड़ रुपए के टैंडर दिए जा चुके हैं। साल 2020-21 के दौरान इस मंतव्य के लिए 810 करोड़ रुपए के बजट उपबंध का प्रस्ताव।
प्रदूषित वातावरण, हवा की गुणवत्ता, नीचे जा रहे पानी के स्तर और साफ़-सफ़ाई जैसी चुनौतियों की तरफ विशेष ध्यान देते हुए मैं इस मंतव्य के लिए 104 करोड़ रुपए और 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों क्रमवार लुधियाना और अमृतसर के लिए 76 करोड़ रुपए की रकम आवंटित करने का प्रस्ताव।
साल 2020-21 के लिए 15वें वित्त आयोग द्वारा सिफ़ारिश के अनुसार अमृतसर, फिऱोज़पुर और जालंधर के कन्नटोनमैंट बोर्ड के लिए उचित राशि आरक्षित की जायेगी।
बुढ्ढा नाला लुधियाना के कायाकल्प के लिए 650 करोड़ रुपए की लागत वाला प्रोजैक्ट। साल 2020-21 में पटियाला में बड़ी और छोटी नदी के कायाकलम के लिए 60 करोड़ रुपए की राशि के ख़र्च।
पंजाब शहरी वातावरण सुधार प्रोग्राम (पीयूईआईपी): पंजाब के सभी 167 यू.एल.बीज़ में वातावरण और बुनियादी ढांचे में सुधार के मंतव्य के साथ इस प्रोग्राम की शुरुआत की गई है। इस प्रोग्राम का सम्बन्ध, निर्माण, सडक़ों के रख-रखाव, गलियों और ड्रेन, स्ट्रीट लाईटों, कूड़े-कर्कट का निपटारा और पार्कों आदि के साथ है और यह काम प्रगति अधीन है। हम अगले 2 सालों में लगभग 1,046 करोड़ रुपए ख़र्च करना चाहते हैं और इस साल हम इस प्रोग्राम पर लगभग 500 करोड़ रुपए ख़र्च करेंगे।
इस निधि के अधीन छोटे शहरी कस्बों में एस.टी.पीज़. स्थापित करने के लिए साल 2020-21 के लिए 100 करोड़ रुपए का उपबंध है।
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी): साल 2020-21 में इस प्रोग्राम के लिए 249 करोड़ रुपए के उपबंध का प्रस्ताव रखा गया है।
आवास एवं शहरी विकास
साल 2020-21 के दौरान पहले पड़ाव में गऱीब शहरी को 5,000 ई.डब्ल्यू.एस. मकान।
विभिन्न विकास अथॉरिटियों जैसे कि गमाडा, गलाडा, बीडीए, पीडीए, एडीए, जेडीए द्वारा साल 2020-21 के दौरान हमारे विस्तार कर रहे शहरी नगरों के योजनाबद्ध विकास के लिए 877 करोड़ रुपए की अनुमानित रकम के साथ शहरी बुनियादी ढांचा विकास कार्य किये जाएंगे।
बिजली
एससी, बीसी, नॉन-एससी, बीपीएल और स्वतंत्रता सैनानी उपभोक्ताओं को रियायती बिजली मुहैया करवा रही है। साल 2020-21 के दौरान कुल 1,705 करोड़ रुपए की रकम आवंटित करने का प्रस्ताव है।
साल 2022 में 14,800 मेगावॉट की और ज्य़ादा धान की फ़सल माँग की पूर्ति के उद्देश्य के लिए रोपड़, धन्नानसू, राजपुरा, बालाचौर और नकोदर में 400 केवी के कामों के लिए बिजली की सप्लाई की योजना भी बनाई गई है।
साल 2020-21 के दौरान 222.5 एमवीए सामथ्र्य वाले 13 नये सब-स्टेशन और 46 नयी 66 केवी की लाईनें 368.90 सर्कट केएम लंबाई में शामिल किये जाने की योजना है। 
इसके अलावा 35 सब-स्टेशनों का विस्तार जो कि सिस्टम में 325.5 एमबीए का विस्तार करेगा और 34 नं. 66 केवी लाईनों के 502.16 सर्कट केएम वृद्धि की भी योजना है।
हम एक्सलरेटिड पावर डिवैल्पमैंट रिफॉर्मज़ प्रोग्राम (एपीडीआरपी) के अधीन 30,000 या इसके ऊपर वाली आबादी वाले 47 कस्बों के वितरण नैटवर्क को मज़बूत करने का प्रस्ताव रखते हैं। डीडीयूजीकेवाई स्कीम के अधीन 252.06 करोड़ की लागत के साथ ग्रामीण क्षेत्रों /उप-शहरी क्षेत्रों की वितरण प्रणाली के मज़बूतीकरण का प्रस्ताव है।
नागरिक उड्डयन
पटियाला एविएशन कंपलैक्स (पीएसी) में सिविल एंड मिलिट्री एयरक्राफ्ट, इंजन-एयरक्राफ्ट / इंजन के हिस्सों और एवीओनिक हिस्सों के इलेक्ट्रॉनिक और मकैनिकल समूह का रख-रखाव, मुरम्मत और ओवरहॉल (एम.आर.ओ.) के लिए स्थापित किये गए तकनीकी हब्ब द्वारा एक ‘‘सैंटर ऑफ एक्सीलेंस’’ विकसित किया जायेगा। 
सडक़ें और पुल
साल 2020-21 में, राज्य में सडक़ों और पुलों के नवीनीकरण, निर्माण और मुरम्मत के लिए 380 करोड़ रुपए आवंटित किये गए हैं जिसके साथ राज्य की 405 किलोमीटर लम्बी सडक़ों को लाभ होगा। ब्यास से बाबा बकाला, बटाला और डेरा बाबा नानक प्रकाश पर्व मार्ग के नवीनीकरण का कार्य साल 2020-21 में शुरू हो जायेगा। 
बठिंडा, पठानकोट और अहमदगढ़ में आर.ओ.बी./ आर.यू.बीज़ के निर्माण के लिए 55 करोड़ रुपए रखे गए हैं। 
इसके अलावा, नाबार्ड की सहायता से 71 ग्रामीण सडक़ों और 4 पुलों के नवीनीकरण के लिए 100 करोड़ रुपए रखे गए हैं।
साल 2020-21 के दौरान नवीनीकरण की जा रही प्रमुख सडक़ें, फरीदकोट-फिऱोज़पुर रोड; गुरदासपुर-काहनूंवान-श्री हरगोबिन्दपुर रोड, फिल्लौर-राहो रोड, चंडीगढ़ -लांडरां-चुन्नी-सरहिन्द-पटियाला रोड, अमृतसर- फतेहगढ़ चूडिय़ाँ-डेरा बाबा नानक आदि हैं। 
सरकार ने पठानकोट में ऐलीवेटड ट्रैक बनाने का एक महत्वपूर्ण प्रोजैक्ट अपने हाथ में लिया है। जिसके साथ 9 रेलवे क्रॉसिंग ख़त्म होंगे जो शहर की भीड़-भाड़ को कम करने में भी सहायता करेंगे। 
गाँव नूरमहल-धगाड़ा, जालंधर से गाँव भून्दड़ी, लुधियाना और जंडियाला गुरू, अमृतसर में एक बाइपास का प्रस्ताव। 
साल 2020-21 के दौरान मोरिंडा-चमकौर साहिब, बेला पन्याली सडक़ को चौड़ा करने के अलावा सतलुज नदी पर बेला में एक पुल के निर्माण कार्य को भी हाथ में लिया जायेगा।
हुसैनीवाला, फिऱोज़पुर में इस साल पुरातन महाराजा पुल के निर्माण और सुधार के लिए उचित आवंटन भी मुहैया करवाया गया है।
साल 2020-21 के दौरान, फतेहगढ़ साहिब, सरहिन्द से बस्सी पठाना तक एक आफटेक बाइपास का निर्माण करने का प्रस्ताव है।
प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना (पी.एम.जी.एस.वाई.)-999 के अधीन 750 किलोमीटर लम्बी सडक़ों के निर्माण को अपग्रेड करने के लिए 250 करोड़ रुपए आवंटित किये गए हैं। 
केंद्रीय सडक़ फंड योजना के अंतर्गत 300 किलोमीटर सडक़ों को लाभ पहुँचाने वाले विभिन्न कार्यों के लिए 350 करोड़ रुपए का उपबंध किया गया है। 
राज फिरनियों को भी पक्की सडक़ों में बदल देगा, जिसके लिए 2020-21 के दौरान 200 करोड़ रुपए का एक विशेष प्रोजैक्ट शुरू किया जायेगा।
सरकार द्वारा 28,765 किलोमीटर सडक़ों की मुरम्मत के लिए 3,227 करोड़ रुपए ख़र्च किये गए हैं, जिसमें से 20,934 किलोमीटर लिंक सडक़ों की मुरम्मत हो चुकी है, जबकि रहती 7,831 किलोमीटर सडक़ों की मुरम्मत तारीख़ 30.06.2020 तक मुकम्मल कर ली जायेगी। इसके अलावा, इस साल के दौरान 215 करोड़ रुपए की लागत के साथ इन सडक़ों पर 960 पुलियों की मुरम्मत भी की जायेगी और साल 2020-21 के दौरान राज्य में 834 करोड़ रुपए की लागत के साथ 6,162 किलोमीटर लम्बी सडक़ों की मुरम्मत की जायेगी।
पट्टी को मक्खू और फिऱोज़पुर के साथ जोडऩा इस क्षेत्र के लोगों की लम्बे समय से चली आ रही माँग है। पट्टी-मक्खू रेल लिंक के लिए ज़मीन प्राप्ति के मकसद से, इस साल 50 करोड़ रुपए की रकम के आवंटन का प्रस्ताव है। 
साल 2020-21 के दौरान, राजपुरा से लुधियाना तक समर्पित फ्रंट कोरीडोर रेल लाईन के लिए भूमि प्राप्ति और आर.ओ.बी./ आर.यू.बीज़ के निर्माण के लिए 35 करोड़ रुपए निर्धारित किये गए हैं जो क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को उत्साहित करेंगे।
साल 2020-21 में सरकारी घरों और इमारतों की मुरम्मत और संभाल के लिए 60 करोड़ रुपए के आवंटन का प्रस्ताव है, जिसमें ग्रुप-सी और डी कर्मचारियों द्वारा किराये पर लिए गए घरों की मुरम्मत के लिए 23 करोड़ रुपए का विशेष उपबंध शामिल है।
परिवहन
सभी सरकारी और प्राईवेट बसों में व्हीकल ट्रेकिंग सिस्टम / पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम (वीटीएस/पीआईएस) लगाई जायेगी।
सीमावर्ती और कंडी क्षेत्र विकास बोर्ड
एकीकृत को यकीनी बनाने के लिए साल 2020-21 में सीमावर्ती और कंडी क्षेत्र के सर्वपक्षीय विकास के लिए 100 करोड़ रुपए और कंडी क्षेत्र विकास के लिए भी 100 करोड़ रुपए के आवंटन का प्रस्ताव।
सीमावर्ती क्षेत्र विकास प्रोग्राम: सीमावर्ती गाँवों को स्वास्थ्य, शिक्षा, बुनियादी ढांचा और सामाजिक सुरक्षा आदि जैसे महत्वपूर्ण सैक्टरों में ज़रूरी बुनियादी ढांचे की सुविधा प्रदान करने के लिए, साल 2020-21 के लिए 100 करोड़ रुपए के बजट के उपबंध का प्रस्ताव है।
जल सप्लाई और सैनीटेशन
साल 2020-21 के दौरान जल सप्लाई और सेनिटेशन के अंतर्गत 2029 करोड़ रुपए की राशि मुहैया करवाई गई है जो 2019-20 (संशोधित अनुमान) में 128 प्रतिशत की वृद्धि है। 
मौजूदा जल सप्लाई स्कीमों के विकास के लिए सरकार 2020-21 के दौरान 886 करोड़ रुपए के अनुमानित खर्च किए के साथ 600 बस्तियाँ (स्लिप्पड बैक 350  गुणवत्ता प्रभावित 250) को कवर करने का इरादा रखती है।
राष्ट्रीय जल गुणवत्ता सब-मिशन प्रोग्राम के अंतर्गत, लम्बे समय के स्थायी उपायों को प्रदान करने के लिए 777 आर्सेनिक और फ्लोराइड प्रभावित आबादी को कवर किया जायेगा। 
संगरूर जि़ले के गाँवों में पानी की सही सप्लाई की उचित मात्रा और बढिय़ा पानी, सतही जल सप्लाई के प्रोजैक्ट हाथ में लिए जाएंगे। 
साल 2020-21 में कंडी क्षेत्र की स्कीमों समेत सभी जल सप्लाई स्कीमों के अतर्गत मुरम्मत और रख-रखाव जारी रखेगी। साल 2020-21 में इस मंतव्य के लिए 30 करोड़ रुपए के आवंटन का प्रस्ताव है।
फऱीदकोट शहर में जल सप्लाई के रख-रखाव के कार्य के लिए 8 करोड़ रुपए के विशेष आवंटन का प्रस्ताव है। 
होशियारपुर, मोगा, संगरूर और एस.ए.एस. नगर में चार मल्टी-जि़ला जल परीक्षण लैब स्थापित करने का प्रस्ताव है।
जल स्रोत
साल 2020-21 के दौरान 30 किलोमीटर राजस्थान फीडर और 10 किलोमीटर सरहिन्द फीडर के लिए 300 करोड़ रुपए और 50 करोड़ रुपए की लागत के साथ काम शुरू किया जायेगा। 
साल 2020-21 के दौरान नालों की सफ़ाई, बाढ़ों की रोकथाम के कार्यों और जल निकास के कार्यों के लिए 100 करोड़ रुपए का उपबंध किया गया है।
कंडी क्षेत्रों में 175 करोड़ रुपए की लागत से गहरे ट्यूबवैल लगाने के प्रोजैक्ट कीइ वृद्धि सरकार अपने हाथों में लेगी। इस प्रोजैक्ट के अधीन आनन्दपुर साहिब के 18 ब्लॉक, बलाचौर, भुंगा, दसूहा, धारकलां, गढ़शंकर, होशियारपुर और अन्य ब्लॉकों में 443 गहरे ट्यूबवैल लगाए जाएंगे जो 46,448 एकड़ क्षेत्र को कवर करेंगे। यह प्रोजैक्ट 8,860 परिवारों को सिंचाई मुहैया करने को यकीनी बनाएगा। इस मंतव्य के लिए साल 2020-21 में 79 करोड़ का पहला आवंटन मुहैया करवाया गया है। 
साल 2020-21 के दौरान खेमकरन, लाहौर ब्रांच (गुरदासपुर और अमृतसर), सुखचैन और रामसर माइनर (फाजि़ल्का) में और निजामवाहा डिस्ट्रीब्यूट्री (फाजि़ल्का) के राणा लिंक चैनल के निर्माण और चक्क सोहेलेवाला (फाजि़ल्का) के निर्माण के लिए 6 नहरी प्रोजैक्टों के पुनर सुधार, पुनर निर्माण और आधुनिकीकरण का काम भी हाथ में लिया जायेगा।
वन और वन्य जीवन
साल 2020-21 के दौरान पनकामपा फंडों के लिए 57 लाख पौधे लगाने के लिए 180 करोड़ रुपए की राशि भी निर्धारित की गई। 
राज्य में वन्य जीवन के प्रबंधन और विकास के लिए 6 करोड़ रुपए का प्रस्ताव रखा गया।
साल 2020-21 के दौरान ग्रीन पंजाब मिशन और पनकामपा (पीयूएनसीएएमपीए) के अधीन 8000 हेक्टेयर क्षेत्रफल पर पौधे लगाने और ‘सब-मिशन ऑन एग्रो-फ़ारैस्ट्री’ के अंतर्गत किसानों द्वारा 50 लाख पौधे लगाने का काम हाथ में लिया जायेगा।
साल 2020-21 दौरान छत बीड़ चिडिय़ा घर, ज़ीरकपुर को सैलानी स्थल के तौर पर विकसित करने के लिए 10 करोड़ रुपए बुनियादी ढांचे के विकास की गतिविधियों के लिए मुहैया करवाया जायेगा। 
नई और नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत
साल 2020-21 के दौरान 300 मेगावॉट की सामथ्र्य के विभिन्न नवीकरणीय ऊर्जा प्रोजैक्टों को हाथ में लिया जायेगा।
साल 2020-21 के दौरान हमारे गाँवों की सुरक्षा बढ़ाने के उद्देश्य से सोलर स्ट्रीट लाईटें लगाने के लिए 10 करोड़ रुपए के आवंटन के साथ एक विशेष योजना का प्रस्ताव है। 
गृह मामले एवं न्याय
साल 2020-21 में जालंधर और बरनाला में दो और रसायनिक परीक्षण लैबोरेटरियाँ स्थापित की जाएंगी।
साल 2020-21 के दौरान कानून व्यवस्था की मशीनरी को मज़बूत करने के लिए विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत 132 करोड़ रुपए की राशि मुहैया करवाई जा रही है।
जेलों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए सरकार केंद्रीय जेल, होशियारपुर में एक नया अस्पताल बनाएगी।
राज्य की 5 जेलों में नशा मुक्ति केंद्र स्थापित किये जाएंगे।
जेल सुरक्षा और निगरानी प्रणालियों के विस्तार के लिए साल 2020-21 के दौरान 25 करोड़ रुपए मुहैया किये जाएंगे।
ई-गवर्नेंस प्रोजैक्ट: साल 2020-21 के दौरान विभिन्न ई-गवर्नेंस प्रोजैक्टों को शुरू करने के लिए 68 करोड़ रुपए के ख़र्च का उपबंध किया गया है।
आबकारी और कर
वित्तीय वर्ष 2013-14 से 2016-17 से सम्बन्धित लम्बित वैट मुल्यांकन मामलों का फ़ैसला करने के लिए पंजाब वैल्यू एडिड टैक्स एक्ट, 2005 के अंतर्गत एक नई मुल्यांकन नीति को अधिसूचित किया है। इस नीति के अधीन, छोटे व्यापारिक संस्थान मुल्यांकन से मुक्त हो जाएंगे और 8,000 बड़े व्यापारिक संस्थाओं को साल में वैट के अधीन मुल्यांकन किया जायेगा। नतीजे के तौर पर साल 2013-14 से 2016-17 से सम्बन्धित मामलों की संख्या 1,24,000 से कम होकर लगभग 30,000 रह जायेगी।
कुछ अन्य अहम ऐलान
1.    सीएलयू में छूट
शहरों में भीड़ को कम करने, रियल अस्टेट और व्यापारिक क्षेत्र को पुन: सृजत करने के उद्देश्य से और इनकी तरफ से रोजग़ार और माँग पर पड़ते प्रभावों को देखते सरकार ने म्यूंसीपल क्षेत्र से बाहर चैंज ऑफ लैंड यूज (सी.एल.यू.) के खर्च से छूट देने का फ़ैसला किया है। यह छूट दो सालों भाव 31.03.2022 तक होगी।
2.    मुफ़्त स्कूली शिक्षा
इस समय राज्य सरकार द्वारा आठवीं कक्षा तक के सभी विद्यार्थियों और 12वीं कक्षा तक केवल लड़कियाँ को मुफ़्त शिक्षा प्रदान की जा रही है। सभी बच्चों को शिक्षित करने के हमारे उद्देश्य के हिस्सेके तौर पर कैप्टन अमरिन्दर सिंह की सरकार ने सरकारी स्कूलों में 12वीं कक्षा तक के सभी विद्यार्थियों को मुफ़्त शिक्षा देने का फ़ैसला किया है।
3.    फल और सब्जियों पर मंडी फीस और ग्रामीण विकास फीस (आरडीएफ) में कटौती
मेरी सरकार ने फ़सली विभिन्नता को उत्साहित करने और किसानी आय को बढ़ाने के यत्नों के लिए मंडी फीस और ग्रामीण विकास फीस (आरडीएफ) को घटाने का फ़ैसला किया है। फलों और सब्जियों की बिक्री कीमत पर लगने वाली फीस को 2 प्रतिशत (कुल 4 प्रतिशत) से घटा कर प्रतिशत किया गया है। (फल और सब्जियों की बिक्री कीमत पर कुल 1 प्रतिशत जो कि 1 अप्रैल से प्रभावी होगी)
4.    छठा वेतन आयोग
छठा पंजाब वेतन आयोग तारीख़ 24.02.2016 को नोटीफिकेशन के द्वारा स्थापित किया गया था और इसकी तरफ से जल्द शिफारिशें जमा करवाने की उम्मीद है। इसको देखते, मैंने 2020 -21 के बजट अनुमानों में इस सम्बन्धी उपयुक्त व्यवस्था की है।
5.    डीए में 6 प्रतिशत की वृद्धि
जैसे कि राज्य की वित्तीय हालात स्थिर हो रही है, मैं 01.03.2020 से सभी कर्मचारियों और पैनशनरों के महँगाई भत्ते (डी.ए.) में 6 प्रतिशत का बढ़ोतरी करने का प्रस्ताव पेश किया है। डी.ए. में वृद्धि से पंजाब सरकार के खजाने पर लगभग 1000 करोड़ रुपए का बोझ पड़ेगा।
6.    सेवा में वैकल्पिक वृद्धि वापस ली
पिछली सरकार ने सभी काडरों में 2 सालों के लिए सरकारी सेवा में वैकल्पिक वृद्धि की नीति को अधिसूचित करते हुये बढ़ रहे वित्तीय संकट से  निपटने के लिए एक आसान पहुँच अपनाई हालाँकि, इस कदम ने निसंदेह अदायगियों को अस्थाई तौर पर मुलतवी कर दिया परन्तु साथ ही नौजवानों के लिए रोजग़ार के मौकों पर बुरा प्रभाव डाला। मेरी सरकार ने सत्ता में आने से तुरंत बाद सभी विभागों में खाली पदों को भरने के लिए अथक मेहनत की है और अब अगले कदम के तौर पर मैं 31.03.2020 से सभी काडरों में वैकल्पिक सेवा वृद्धि को ख़त्म करने का ऐलान करता हूं और सभी कर्मचारी जो पहले ही यह वृद्धि ले चुके हैं उनको समर्थ अधिकारियों की तरफ से 31.03.2020 तक सेवामुक्त किया जायेगा। इसके लिए पैनशन और पैनशन सम्बन्धी लाभों के अतिरिक्त भार के लिए बजट अनुमानों में उपयुक्त व्यवस्था की गई है। 
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