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Friday, March 27, 2020

पंजाब पुलिस ने सभी जिलों में खाने के 1.9 लाख पैक्ट बाँटे

वलंटियरों और रिक्शा चालकों को किया जा रहा है शामिल

ज़रूरी वस्तुओं की मौका ढुलाई करने वाले 3000 ट्रकों को निकलने की सहूलत

चंडीगढ़, 27 मार्च:
पंजाब पुलिस ने शुक्ररवार को राज्य भर में लगभग 1.9 लाख फूड पैक्ट बाँटने और विभिन्न जिलों में मैडीकल कैंप लगा कर कफ्र्यू राहत कामों में विस्तार किया है। जबकि पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य में अलग-अलग अंतरराज्जीय सरहदी नाकों के द्वारा ज़रूरी वस्तुएँ ले जा रहे लगभग 3000 ट्रकों और लोरियाँ को यातायात की सुविधा दी है। बीते कल शुरू की गई सुविधा के अंतर्गत पुलिस ने व्यक्तियों द्वारा 2-पास सम्बन्धित प्राप्त हुये 1600 उचित आवेदन पत्रों को मंज़ूरी मिली है। इसके साथ ही अपनी किस्म के नवीन पास जैसे पंजाब, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और चंडीगढ़ में से निकलने के लिए नये किस्म के अंतरराज्जीय क्रिटीकल संकटकालीन ट्रांजिट के पास और यात्रा के लिए बद्दी उद्योग के पास भी दिए जा रहे हैं। 
आज कफ्र्यू लागू करने और ज़रूरी सप्लाई के साथ-साथ कानून व्यवस्था बरकरार रखने के लिए कुल 42,515 पुलिस कर्मचारियों के अलावा वालंटियर भी मैदान में थे। शुक्रवार शाम तक कफ्र्यू का उल्लंघन करने और क्वांटाईन सम्बन्धी विभिन्न दिशा निर्देशों का उल्लंघन करने  वालों के विरुद्ध कुल 79 मामले दर्ज किये गए और 104 व्यक्तियों को गिरफ़्तार किया गया।
यह जानकारी देते डी.जी.पी दिनकर गुप्ता ने बताया कि 112 पुलिस एमरजैंसी नंबर, जो कल कफ्र्यू हेल्पलाइन में तबदील कर दिया गया था और 24 घंटों के दौरान करीब 17,000 काल आईं थीं, जिनमें से 10699 काल कोविड -19 और अन्य जानकारी से सम्बन्धित हैं। कोविड एमरजैंसी से सम्बन्धित काल 1176 थे, जिनमें से 406 कफ्र्यू के उल्लंघन से सम्बन्धित, 531 ज़रूरी वस्तुओं की सप्लाई के लिए, 65 दवाएँ, 102 कोरोना वायरस के शक्की मामलों की रिपोर्ट करने के लिए और 10 डाक्टरी सहायता, जबकि 62 अन्य फुटकर काल थे। बाकी की काल मुद्दों से सम्बन्धित हैं कोविड से सम्बन्धित नहीं थे।
कफ्र्यू सम्बन्धी कामों को और सुचारू बनाने हेतु जिलों के सभी कमिशनरेट पुलिस और एसएसपीज़ को विशेष कामों जैसे जि़ला बार रूम, जि़ला कंट्रोल रूम, ज़रूरी सेवाओं सम्बन्धी, जिलों में यातायात के निर्विघ्न प्रवाह को बनाई रखने समेत राष्ट्रीय / राज मार्ग, जि़ला पुलिस मीडिया संपर्क अफ़सर और अस्पताल / मैडीकल संपर्क अधिकारी नामज़द किये हैं।
ई -पास सुविधा का विवरण देते हुये डीजीपी ने कहा कि बड़ी संख्या में प्राप्त हुई 1600 आवेदकों को पास दिए गए। उन्होंने कहा कि कुछ आवेदनों को रद्द कर दिया गया जबकि कुछ अभी भी कार्यवाही अधीन हैं। जि़क्रयोग्य है कि डिजिटल ई -पास सुविधा, एक वैब आधारित ऐपलीकेशन है, जिसको कल पंजाब पुलिस ने राज्य भर में अलग-अलग किस्मों की श्रेणियों के लिए लगभग 9 अलग -अलग तरह के ई-पास मुहैया करवाने के लिए लांच किया था, जैसेकि अस्पताल, मैडीकल से जुड़े मुद्दों, पत्रकारों, ज़रूरी चीजों सम्बन्धित, ज़रूरी सेवाओं, सेहत कर्मचारी, सरकारी अधिकारी, विक्रेता (फल, सब्जियाँ, किराना), डिलीवरी करने वाले कामगार (किराना, फल, सब्जियाँ, रैस्टोरैंट, कैमिस्ट) आदि।
भोजन के वितरण संबंधी गुप्ता ने कहा कि आज बाँटे गए 188317 फूड पैक्टों में से 134815 लाख पकाए गए खाने के थे और 53502 सूखे भोजन के पैकेट थे।
कुल 10,205 फूड पैकेट अमृतसर शहर में और 10,000 अमृतसर ग्रामीण में बाँटे गए, जबकि बठिंडा में 950 पैकेट बाँटे गए, बटाला में 500, बठिंडा में 9540, फरीदकोट में 2400, फतेहगढ़ साहिब में 5200, फाजि़ल्का में 3000 और फिऱोज़पुर में 4500 पैकेट बाँटे गए।
इसी तरह, गुरदासपुर में 1950, होशियारपुर में 9500, जालंधर शहर में 12,000, जालंधर ग्रामीण में 6055, कपूरथला में 1550, खन्ना में 4000, लुधियाना शहर में 17000 और लुधियाना ग्रामीण में 13,600 फूड पैकेट भेजे गए।
इसी तरह मानसा में 28000 लोगों को अधिक से अधिक 28000 खाने-पीने की चीजें मुहैया करवाई गई, जबकि मोगा में 1100 पैक्ट दिए गए, पटियाला में 7500, पठानकोट में 15000, रोपड़ में 3667, संगरूर में 8000, एसएएस नगर में 9000, एसबीएस नगर में 1000, श्री मुक्तसर साहिब में 7000 और तरन तारन में 9600 पैक्ट बाँटे गए।
डीजीपी ने बताया कि सीनियर अधिकारी अपने जिलों में ज़रूरी चीजें की सप्लाई की सुविधा के लिए विशेष उपाय कर रहे हैं।
पुलिस जि़ला लुधियाना (ग्रामीण) के तीन झुग्गियों झौंपडिय़ों इलाकों के लिए कम्युनिटी रसोई स्थापित की गई है। पुलिस जि़ला लुधियाना (ग्रामीण) में लगभग 1600 व्यक्तियों को सुखा राशन दिया गया जबकि 12000 के करीब लोगों को पका हुआ खाना मुहैया करवाया गया।
एसएसपी कपूरथला के नेतृत्व में फगवाड़ा, सुभानपुर और बेगोवाल क्षेत्रों में मैडीकल कैंप लगाए गए। बठिंडा में पुलिस की तरफ से सूखे राशन वाले 1400 पैकेट बाँटे गए। सूखे राशन पैक्ट में 5 किलो आटा, 1 किलो चीनी, 100 ग्राम चाय, आधा किलो घी, आधा किलो दाल, 1 किलो चावल, 1 किलो नमक, सभी ज़रूरी मसाले शामिल हैं। इसके अलावा बठिंडा में 8140 पक्के भोजन के पैकेट बाँटे गए।
डीजीपी के अनुसार केंद्र सरकार के अचानक तालाबन्दी करने के आदेश के कारण ज़रूरी चीजों की सप्लाई चेन में पड़े विघ्न के साथ साथ हर तरह की खाने पीने वाली चीजें और जल्द खऱाब होने वाले पदार्थों को उपलब्ध करवाने के लिए सर्वोत्त्म यत्न किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अंतराज्जीय सरहद के साथ साथ राज्य के अंदर माल लाने वाली गाड़ीयों और ट्रकों के यातायात, विशेश तौर पर जल्द खऱाब होने वाली चीजों को लाने ले जाने वाले लोगों को पूरी तरह बहाल कर दिया गया था और इस समय कोई भी ट्रक अंतरराज्यीय सरहद पर नहीं रोका जायेगा।
ज़रूरी वस्तुओं की सप्लाई को और उचित और निर्विघ्न बनाने हेतु अंतराज्जीय सप्लाई चेन को यकीनी बनाने के लिए, पटियाला के शंभू में एन.एच. -1पर अंतराज्यीय बैरियर की निगरानी के लिए आई.जी.पी. पटियाला रेंज के जतिन्दर सिंह औलख को तैनात किया गया है।
कफ्र्यू को सफल बनाने हेतु पुलिस अधिकारियों की तरफ से वलंटियरों को भर्ती करने की कोशिश भी की जा रही है, खासकर गाँवों और शहरों / कस्बा मोहल्ले में कफ्र्यू को लागू करने के लिए, खासकर कुछ ख़ास क्षेत्र और गाँव में जहाँ पुलिस की मौजुदगी कम है। एसएसपी बरनाला ने 50 ऐसे वालंटियर भर्ती किये जबकि एसएसपी बठिंडा ने गाँवों में कफ्र्यू लागू करने के लिए चौकीदारों और वन्य गार्डें को लगाया गया है।
डीजीपी ने कहा कि साधारण रिक्शा चालकों को आपरेशन के छोटे क्षेत्रों में सब्जियाँ / दूध आदि बेचने के लिए भी शामिल किया जा रहा है। इसके साथ सब्जियों की डिलीवरी और रिक्शा चालकों को रोज़ी -रोटी की सुविधा मिलेगी।
राज्य के लोगों को दरपेश कोविड -19 के गंभीर खतरे और इस फैलने से रोकने के मद्देनजऱ, डीजीपी ने एक बार फिर नागरिकों को स्वै-संयम और अनुशासन दिखाने की चेतावनी दी और कफ्र्यू  के दौरान लगायी पाबंदियाँ और तालाबन्दी की सख्ती से पालना करने सम्बन्धी अपील की। उन्होंने चेतावनी दी कि तालाबन्दी का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध पुलिस के पास डिज़ास्टर मैनेजमेंट एक्ट, 2005 की सख्त व्यवस्था और आइपीसी की धाराओंं के अंतर्गत मुकदमा दर्ज करने के अलावा कोई चारा नहीं होगा।

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