पाबन्दी 3 से कम हाईजीन रेटिंग वाले एफ.बी.ओज़ पर भी लागू होगी
बिना रेटिंग वाले एफ.बी.ओज़ से भोजन की सप्लाई करने वाले ओ.एफ.एस.ऐज़ पर भी लगाई पाबन्दी
पाबन्दी 1 साल के लिए होगी और 30 अप्रैल से प्रभावी होगी - पन्नू
चंडीगढ़, 1 मार्च: 
पाबंदी के हुक्म जारी करते हुए फूड सप्लाई एंड ड्रग एडमिनस्ट्रेशन के कमिश्नर स. काहन सिंह पन्नू ने बताया कि सार्वजनिक हित में फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्डज़ एक्ट, 2006 की धारा 30 (2) (ए) और 18 (1) (ए) अधीन प्राप्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए हाईजीन रेटिंग न करवाने वाले फूड बिजनेस ऑपरेटरों (एफ.बी.ओज़) से सम्बन्धित ऑनलाइन फूड सप्लाई एग्रीगेटरों (ओ.एफ.एस.ऐज़) के द्वारा भोजन का वितरण /सप्लाई /बिक्री पर पाबंदी लगाई गई है। जारी किये हुक्मों में ओ.एफ.एस.ऐज़ को बिना हाईजीन रेटिंग वाले एफ.बी.ओज़ और उन एफ.बी.ओज़ जिनकी रेटिंग 5 में से 3 से कम है, से भोजन लेने पर भी पाबंदी लगाई गई है। 

पाबंदी सम्बन्धी यह हुक्म राज्यभर में 30 अप्रैल 2020 से प्रभावी होंगे और 1 साल तक लागू रहेंगे। 
हुक्मों में कहा गया है कि पंजाब राज्य में सूचना प्रौद्यौगिकी पर आधारित ऑनलाइन फूड सप्लाई एग्रीगेटर्ज़ जैसे कि मैसर्ज उबर ईट्स, मैसर्ज स्विगी, मैसर्ज जोमैटो, मैसर्ज फूड पांडा आदि फूड बिजनेस ऑपरेटरों से भोजन लेकर उपभोक्ताओं को बिक्री /स्पलाई कर रहे हैं। आई.टी. आधारित प्लेटफार्म के द्वारा भोजन डिलिवर करने का यह एक नया तरीका है जिसमें भोजन उपभोक्ताओं और भोजन बनाने, ख़ास कर ताज़ा भोजन पकाने वालों के बीच सीधा और प्रमुख संपर्क टूट गया है।
ऑनलाइन फूड स्पलाई एग्रीगेटर्ज़ द्वारा भोजन का वितरण/बिक्री /स्पलाई ने भोजन की गुणवत्ता को बनाए रखने की जि़म्मेदारी को ख़त्म कर दिया है, जिस सम्बन्धी उपभोक्ता फूड बिजऩेस ऑपरेटरों से भोजन लेते समय पहले ख़ुद जांच करते रहे हैं। 
ऑनलाइन फूड सप्लाई एग्रीगेटर्ज़ द्वारा भोजन की स्पलाई के साथ यह यकीनी बनाना ज़रूरी हो गया है कि यह एग्रीगेटर उपभोक्ताओं को सिफऱ् मानक और स्वच्छ भोजन की स्पलाई ही करें। 
स. पन्नू ने कहा कि एफ.बी.ओज़ और ओ.एफ.एस.ऐज़ की नैतिक जि़म्मेदारी बनती है कि वह मानक और स्वच्छ भोजन पदार्थों की डिलिवरी को यकीनी बनाएं और इस सम्बन्धी स्टेट अथॉरिटी की भी ड्यूटी लगाई गई है कि वह फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्डज़ एक्ट की धारा 18 (1) (ए) के अंतर्गत उपभोक्ताओं को सुरक्षित भोजन की स्पलाई को यकीनी बनाएं। 
उन्होंने कहा कि फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एफ.एस.एस.ए.आई.) ने हिदायतें जारी की हैं जिसके अंतर्गत फूड बिजऩेस ऑपरेटरों की हाईजीन रेटिंग करने की प्रणाली शुरू की गई है और एफ.एस.एस.ए.आई की तरफ से विभिन्न एजेंसियों को एफबीओज़ की हाईजीन रेटिंग करने के लिए अधिकृत किया गया है।
पन्नू ने बताया कि फूड एंड ड्रग एडमिनस्ट्रेशन कार्यालय, पंजाब ने सभी ओ.एफ.एस.ऐज़ को यह यकीनी बनाने की सलाह दी थी कि वह उपभोक्ताओं को स्पलाई करने के लिए जिन एफ.बी.ओज़ से भोजन ले रहे हैं, उनको अपने बिजनेस की हाईजीन रेटिंग करवाने के लिए कहा जाये और ओ.एफ.एस.ऐज़ को सिफऱ् उन एफ.बी.ओज़ से भोजन लेना और स्पलाई करना चाहिए जिनकी हाईजीन रेटिंग 5 में से कम से कम 3 है। एफ.बी.ओज़ की हाईजीन रेटिंग करवाने की तारीख़ 31 अक्तूबर 2019 तक बढ़ाई गई थी। 
यह देखा गया है कि हाईजीन रेटिंग की महत्ता संबंधी जागरूकता पैदा करने के बावजूद भी ओ.एफ.एस.ऐज़ ने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया है जिसके परिणामस्वरूप उपभोक्ता असुरक्षित भोजन की संभावित डिलिवरी की मुश्किलों का सामना कर रहे हैं।
बाद में विभाग ने 18.01.2020 को ओ.एफ.एस.ऐज़, एफ.बी.ओज़ और अन्य हिस्सेदारों को किसी भी किस्म के ऐतराज़ों की माँग के लिए एक नोटिस जारी किया था जिसमें कहा गया था कि हाईजीन रेटिंग न करवाने वाले एफ.बी.ओज़ से सम्बन्धित ओ.एफ.एस.ऐज़ द्वारा भोजन का वितरण / सप्लाई / बिक्री पर पाबंदी क्यों न लगाई जाये? पन्नू ने कहा कि 30 जनवरी, 2020 या इससे पहले ऐतराज़ देने के लिए कहा गया था। क्योंकि ओएफएसऐज़ और एफबीओज़ सहित किसी भी हिस्सेदार से कोई ऐतराज़ नहीं मिला, इसलिए पाबंदी के हुक्म जारी किये गए हैं।
---------

Post a Comment

Contact Form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.