Type Here to Get Search Results !

नशा मुक्ति केंद्र रजिस्टर मरीज़ों को दो सप्ताह के लिए दवा घर ले जाने की सुविधा मुहैया करवाएंगें


चंडीगढ़, 29 मार्च:
नोवोल कोरोना वायरस (कोविड -19) के इस चुनौतीपूर्ण समय के दौरान नशें के पीडि़त मरीज़ों के लिए बड़ी राहत के तौर पर पंजाब सरकार ने 198 ओट (ओ.ओ.टी.) क्लीनिक, 35 सरकारी नशा मुक्ति केन्द्रों और 108 लाइसेंसशुदा प्रायवेट नशा मुक्ति केन्द्रों को मानसिक रोगों के डाक्टर द्वारा मूल्यांकन करने के बाद रजिस्टर्ड मरीज़ों को बुप्रेनोरफाईन +  नलोकसोन दवाओं की दो सप्ताह की डोज़ घर लेजाने की सुविधा देने की मंज़ूरी दी है। 

इस संबंधी और जानकारी देते हुुये स्वास्थ्य मंत्री स. बलबीर सिंह सिद्धू ने बताया कि इस सम्बन्धी सभी डिप्टी कमीशनरों को पहले ही निर्देश जारी कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार अन्य इलाज सेवाओं समेत नशा मुक्ति प्रोग्राम के अंतर्गत स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करवाने के लिए वचनबद्ध है। उन्होंने कहा कि कफ्र्यू और लॉकडाऊन के इस समय के दौरान सरकार ने नशे की आदत से पीडि़त मरीज़ों के इलाज और देखभाल के लिए विशेष पहलकदमियां की हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने आगे कहा कि कोविड-19 संबंधी जागरूकता पैदा करने के लिए मरीज़ों में सामाजिक दूरी बनाई रखने पर विशेष ज़ोर दिया गया है और इन केन्द्रों में दवाएँ लेने के दौरान एक दूसरे से दूरी बनाऐ रखने सम्बन्धी उनको विशेष निर्देश जारी किये जा रहे हैं। यह कदम इन केन्द्रों में नशे के मरीज़ों के आने -जाने को कम करने के लिए उठाये गए हैं जिससे कोविड-19 के फैलाव को रोका जा सके।
स. बलबीर सिंह सिद्धू ने बताया कि बहुत से केंद्र पहले ही कार्यशील हैं और मरीज़ों को दवा दे रहे हैं। रोज़ाजना औसतन डोज़ 3.2 गोलियों के मुकाबले पिछले दो दिनों में दवा घर लेजाने के कारण सरकारी केन्द्रों में प्रति मरीज़ औसतन डोज़ 11.4 गोलियाँ हो गई है। पिछले दो दिनों में सरकारी केन्द्रों की तरफ से बीपीएन की तकरीबन 3,09,796 गोलियाँ और निजी केन्द्रों की तरफ से 5,68,747 गोलियाँ दी गई। उन्होंने कहा कि इन केन्द्रों में आने वाले मरीज़ों को कोरोना वायरस और इसके रोकथाम के उपायों संबंधी जागरूक किया जाता है। उन्होंने कहा कि दवा देने के दौरान सामाजिक दूरी रखी जा रही है और मरीज़ों को यह भी सूचित किया जा रहा है कि ज़्यादा बुख़ार, सूखी खाँसी और साँस लेने में मुश्किल होने की स्थिति में उनको लाजि़मी तौर पर नज़दीकी स्वास्थ्य केंद्र के साथ संपर्क करना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे मरीज़ों को उनके सम्बन्धित नशा मुक्ति केन्द्रों और ओओएटी क्लिनिकों में आने सम्बन्धी सुविधा देने के लिए जि़ला अधिकारियों के साथ संपर्क किया जा रहा है। टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 104 के द्वारा दिन-रात डाक्टरी सेवाएं भी मुहैया करवाई जा रही हैं।

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.