ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग द्वारा राज्य भर के गाँवों में लोगों को जागरूक करने के लिए शुरु की गई है व्यापक मुहिमसामाजिक दूरी को कायम रखने के लिए गाँवों में गोलाकार चक्रों को 2 मीटर की दूरी पर रंग से निशानबद्ध किया जा रहा हैसरपंचों को एमरजैंसी स्थितियों में कफ्र्यू पास जारी करने के लिए अधिकार दिए गए हैंविभाग द्वारा जानकारी साझा करने, गलत खबरों और अफ़वाहों को रोकने के लिए सभी सरपंचों के वट्सऐप ग्रुप बनाए गए हैंपंजाब के 12,584 गाँवों में 3,07,096 लीटर सोडियम हाईपोक्लोराईट का छिडक़ाव करके सफ़ाई की गई है

चंडीगढ़, 5 अप्रैल:
पंजाब में कोरोनावायरस के कारण पैदा हुई स्थिति के कारण मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह द्वारा गाँवों में ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग को बड़ी जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग के मंत्री स. तृप्त राजिन्दर सिंह बाजवा ने आज यहाँ जारी एक बयान में जानकारी देते हुए बताया कि विभाग के अधिकारी और कर्मचारी दिन-रात एक करके इस मिशन में जुटे हुए हैं।
मंत्री तृप्त बाजवा ने बताया कि गाँवों में सामाजिक दूरी बनाए रखने सम्बन्धी उपाय, सरपंचों को अपने स्रोतों का प्रयोग करके गरीबों को भोजन और दवा मुहैया कराने का अधिकार, सरपंचों को एमरजैंसी स्थितियों में कफ्र्यू पास जारी करने के लिए दी गई शक्ति, कोविड-19 बारे जागरूकता सम्बन्धी लिटरेचर गाँवों में लोगों तक पहुँचाने, ग्रामीण क्षेत्रों में स्व-सहायता ग्रुप द्वारा मास्क तैयार करना और सैनीटाईज़ेशन आदि की जि़म्मेदारी ग्रामीण विकास विभाग को सौंपी गई है।
उन्होंने बताया कि उनको विभाग की सचिव श्रीमती सीमा जैन और डायरैक्टर श्री डी.पी.एस. खरबन्दा ने जानकारी साझा करते हुए बताया की ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग, पंजाब द्वारा राज्य भर के गाँवों में लोगों को जागरूक करने के लिए व्यापक मुहिम शुरु की गई है। जिसके अंतर्गत यकीनी बनाया जा रहा है कि अधिक से अधिक व्यक्तियों को वायरस के साथ संक्रमित व्यक्तियों के संपर्क में आने से बचाया जा सके और कमज़ोर व्यक्ति जो कोविड-19 महामारी से संक्रमित हो सकते हैं, वह सम्बन्धित विभागों के साथ तालमेल करके अलग निगरानी में रखे जा रहे हैं।
ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग ने बड़े स्तर पर लोगों की सुरक्षा के लिए सामाजिक दूरी को लागू करने को यकीनी बनाने के लिए युद्धस्तर पर काम कर रहा है। ग्राम पंचायतों को उन स्थानों की पहचान करने के लिए कहा गया है जहाँ सामाजिक देरी को कायम रखने के लिए विभिन्न तरीके इस्तेमाल किए जा रहे हैं। गाँवों में रंगदार गोलाकार चक्रों को 2 मीटर की दूरी पर रंग के साथ निशानबद्ध किया जा रहा है। गुरुद्वारों में रोज़ाना एनाउंसमैंट के द्वारा लोगों को सामाजिक दूरी पर अमल करने के लिए विनतियाँ की जा रही हैं।
विभाग द्वारा सरपंचों को अपने स्रोतों का प्रयोग करके गरीबों को भोजन और दवा मुहैया कराने का अधिकार दिया गया। विभाग ने गाँव स्तर पर वित्तीय सहायता को यकीनी बनाया है। इस सम्बन्धी ग्राम पंचायतों द्वारा एक महीने में अधिक से अधिक 50,000 रुपए ख़र्च करने के अधिकार दिए गए हैं और ग्राम पंचायतों को गरीब लोगों और ख़ास कर दिहाड़ीदारों को रोज़ी-रोटी मुहैया करवाने के लिए 5000 रुपए प्रति दिन ख़र्च करने का अधिकार दिया गया है। अब तक 1752 ग्राम पंचायतों द्वारा ज़रूरतमंदों को राशन और दवाएँ मुहैया करवाने के लिए कुल 3,16,552 रुपए ख़र्च किए गए हैं।
सरपंचों को एमरजैंसी स्थितियों में कफ्र्यू पास जारी करने के लिए अधिकार दिए गए हैं। किसी भी मैडीकल एमरजैंसी की स्थिति में सरपंचों को रात के समय (शाम 7 बजे से 6 बजे) के दौरान कफ्र्यू पास जारी करने का अधिकार दिया गया है। मरीज़ के संपर्क में आने वाले एक सहायक को अलग पास दिया जा रहा है। अब तक ग्राम पंचायतों द्वारा 3910 पास जारी किए जा चुके हैं।
इसके अलावा कोविड-19 संबंधी जागरूकता मुहिम चलाई गई है। विभाग द्वारा आई.सी.आई. की गतिविधियों के अंतर्गत सभी सरपंचों के वट्सऐप ग्रुप बनाए गए हैं और कोरोनावायरस की रोकथाम और ग्राम पंचायतों की कोरोनावायरस को रोकने में निभाई गई भूमिका और गाँवों में पहुँचने वाले प्रवासी मज़दूरों के प्रबंधन सम्बन्धी विभिन्न वीडियोज़ और निर्देश नियमित तौर पर साझे किए जा रहे हैं। जागरूकता वीडियो और प्रैस न्यूज़ विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मज़ जैसे कि फेसबुक, वट्सऐप, ट्विट्टर आदि द्वारा साझे किए जा रहे हैं। फेक न्यूज़ और अफ़वाहों को रोकने के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे ग्रामीण लोगों में किसी भी तरह की घबराहट पैदा ना हो। इसके अलावा ग्रामीण स्तर पर भी इस सम्बन्धी पर्चे बाँटे जा रहे हैं।
एक और बड़ा प्रयास विभाग द्वारा किया जा रहा है जिसके अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में स्व-सहायता ग्रुप द्वारा मास्क तैयार किए जा रहे हैं। इस पहल के अंतर्गत स्व-सहायता ग्रुप (एस.एच.जी.) को मास्क तैयार करने के लिए उत्साहित किया जा रहा है। यह रोजग़ार उपलब्ध कराने के दोहरे उद्देश्य को पूरा करेगा और समय की ज़रूरत के अनुसार सेवा करेगा। मास्क के लिए कपड़े की सामग्री आसानी से प्राप्त की जा सकती है। यह मास्क बनाना बहुत आसान है। यह मास्क काफ़ी सस्ते और प्रभावशाली हैं। मास्क का प्रयोग (जैसे कि मास्क को धोना, स्टोर करना और दोबारा इस्तेमाल करना आदि) संबंधी जानकारी भी दी जा रही है। यह मास्क एक बार प्रयोग में आने वाले मास्क के मुकाबले अधिक वातावरण अनुकूल हैं।
पंजाब में कोरोनावायरस के प्रकोप को रोकने की कोशिश के अंतर्गत पंजाब के 12,584 गाँवों में 3,07,096 लीटर सोडियम हाईपोक्लोराईट का छिडक़ाव करके सफ़ाई की गई है। यह कीटाणूनाशक दवा पंजाब ऐलकलीज़ एंड कैमीकल्ज़ लिमिटड द्वारा खऱीदी गई है इस पहलकदमी के अंतर्गत ज़्यादातर ग्राम पंचायतों में तीन बार छिडक़ाव किया जा चुका है।

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