अग्रणी कतार में डटे पुलिसकर्मियों के लिए साप्ताहिक छुट्टी /आराम देने के लिए निर्देशों का सख्ती से पालना करने के आदेश


अग्रणी कतार में डटे पुलिसकर्मियों की सुरक्षा के लिए राज्य सरकार से 4050 पीपीई किटों और 18000 एन-95 मास्कों की मांग

चंडीगढ़, 19 अप्रैल:
पंजाब के डीजीपी दिनकर गुप्ता ने रविवार को कोविड -19 के खिलाफ ड्यूटी पर लगे पुलिसकर्मियों के लिए कई सुरक्षा और कल्याण उपायों की घोषणा की और 55 साल से अधिक उम्र के पुलिस मुलाजि़मों की तैनाती या डॉक्टरी इलाज अधीन मुलाजि़मों को तैनात न करने के आदेश दिए हैं।
उन्होंने अगली कतार में डटे पुलिसकर्मियों की साप्ताहिक छुट्टी /आराम के दिनों का सख्ती से पालना करने के आदेश भी दिए। डीजीपी ने सभी पुलिस कमिश्नरों और एस.एस.पीज़. को हिदायत की कि वह अग्रणी कतार में डटे पुलिसकर्मियों को साप्ताहिक छुट्टी / आराम देने के लिए रोटेशनल प्रणाली का पालन करें, तैनाती का प्रबंध इस विधि से किया जाए कि सभी कर्मचारियों को 10 दिन बाद दो दिन का आराम दिया जा सके।
उन्होंने यह भी हिदायत की कि 55 साल से अधिक उम्र के पुलिस मुलाजि़मों या वह मुलाजि़म जो पहले से ही चिकित्सा जोखि़मों जैसे हाईपरटैंशन, दिल के रोग, दमा या जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता सही ना हो, को जहाँ तक संभव हो सके किसी भी कारण से अग्रणी कतार पर तैनात नहीं किया जाना चाहिए।
इन पुलिस मुलाजि़मों की सुरक्षा को यकीनी बनाने के लिए डीजीपी ने मुख्य सचिव को विनती की है कि वह राज्य के स्वास्थ्य विभाग को तुरंत कम-से-कम 4050 पीपीई किटें /सूट और 18000 एन-95 मास्क मुहैया करने के लिए निर्देश दें। श्री गुप्ता ने कहा कि इस समय कुछ पीपीई सूट पहले ही पुलिस विभाग के पास उपलब्ध हैं, जो संवेदनशील कार्यों के दौरान इस्तेमाल की जा रही हैं। डीजीपी ने कहा कि हालाँकि हॉटस्पॉट, कंटेनमैंट ज़ोन, समूहों, विभिन्न वॉर्डों, कोविड अस्पतालों (स्तर 1-2-3) पर तैनात पुलिस अधिकारियों को पीपीई किटों की ज़रूरत है, जो केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा प्रमानित हों। उन्होंने आगे कहा कि जिन पुलिस मुलाजि़मों को कोरोनवायरस के पुष्ठ मामलों या संदिग्ध मरीज़ों के संपर्क में आना पड़ता है, वहां उनको डीब्रिफिंग करने के समय, कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग और तबलीग़ी जमात के मामलों की निगरानी आदि करने के लिए भी ऐसी पीपीई किटों की ज़रूरत होती है।
डीजीपी ने कहा कि पुलिस फोर्स के पास इस समय 2.5 लाख फेस मास्क, 81000 दस्ताने, 136000 हैंड सैनीटाईजऱ और 20100 साबुन /हैंड वॉश हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस मुलाजि़मों की पूरी सुरक्षा को यकीनी बनाने के लिए सभी यत्न किए जा रहे हैं। जि़क्रयोग्य है कि लुधियाना का एक एसीपी पहले ही कोविड -19 संक्रमण का शिकार हो गया है।
कोविड -19 के दौरान पुलिस कर्मचारियों की ड्यूटियां निभाने के लिए कल्याण के उपायों की सूची देते हुए डीजीपी ने कहा कि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए, मल्टी-विटामिन की तकरीबन 1.36 लाख गोलियाँ पुलिस में बाँटी गई हैं। पुलिस मुलाजि़मों को पौष्टिक, सेहतमंद और अपेक्षित ख़ुराक भी मुहैया करवाई जा रही है, जिससे कोरोनवायरस का सामना करने वाले लोगों के जोखि़म को कम किया जा सके और नींद और आराम की कमी के कारण कम हुई रोग प्रतिरोधक क्षमता के ख़तरे का सामना भी किया जा सके।
श्री गुप्ता ने कहा कि अब तक तकरीबन 12 लाख फूड पैकेट और 1.35 लाख बिस्कुटों के पैकेट बाँटे जा चुके हैं और सभी सी.पीज़ और एस.एस.पीज़ ने जगह-जगह पके हुए भोजन की व्यवस्था करने के उचित प्रबंध किए हैं।
डीजीपी ने आगे खुलासा किया कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने पुलिस फोर्स को जगह-जगह पर खाने के पैकेट मुहैया करवाने के लिए 3 करोड़ रुपए मंज़ूर किये थे, जो कि पहले ही सभी जिलों को दो किस्तों में बाँट चुके हैं। कफ्र्यू में 3 मई तक की वृद्धि के मद्देनजऱ, डीजीपी ने कहा कि विभाग ने इसके लिए और फंड माँगे हैं।
डीजीपी ने आगे कहा कि सभी चैक प्वाइंट्स जो विभिन्न जिलों के एंट्री/एग्जि़ट प्वाइंट्स पर लगाए गए हैं, को टैंट और अन्य प्राथमिक सुविधाएं दी गई हैं। इस मंतव्य के लिए नए टैंट भी खऱीदे गए हैं। गर्मी से बुनियादी सुरक्षा प्रदान करने के लिए जिलों के महत्वपूर्ण चैक प्वाइंट्स पर बड़े छाते लगाए गए हैं।
जि़क्रयोग्य है कि राज्य में कफ्र्यू लागू करने, खाने-पीने, ज़रूरी वस्तुओं की सप्लाई और दवाओं के वितरण को यकीनी बनाने के अलावा राज्य के विभिन्न जिलों में 43000 से 48000 के करीब पंजाब पुलिस के जवान तैनात किये गए हैं, इसके अलावा हेल्पलाइन नं. 112 और कोविड हेल्पलाईन नंबर जारी किए गए हैं।

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