कर्फ्यू का उल्लंघन करने वालों के लिए राज्य में 21 खुली जेलें स्थापित, कल और भी की जाएंगी नोटीफाई

चंडीगढ़, 2 अप्रैल:
कोविड-19 के संकट सम्बन्धी झूठी खबरें फैलाने वालों पर शिकंजा कसते हुए पंजाब के डीजीपी श्री दिनकर गुप्ता ने शुक्रवार को सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों की निगरानी करने के लिए एक विशेष टीम के गठन की घोषणा की और साथ ही झूठी ख़बरें फैलाने वाले किसी भी व्यक्ति की पहचान करने और उस पर कार्यवाही करने के लिए कहा। 
डीजीपी ने खुलासा किया कि टीम का नेतृत्व एडीजीपी रैंक के अधिकारी करेंगे जो कि पुलिस हैडक्वाटरों पर तैनात रहेंगे, सभी जि़ला पुलिस प्रमुखों को झूठी खबरें फैलाने वालों के खि़लाफ़ तुरंत कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि 2005 के आपदा प्रबंधन एक्ट के अंतर्गत जिसको अब कोविड-19 वायरस के कारन पैदा हुए संकट से निपटने के लिए पूरे देश में लागू किया गया है, सम्बन्धी गलत खबरें फैलाना एक जुर्म है।
इस गंभीर और संवेदनशील विषय पर झूठी खबरें फैलाने वालों को सख्त चेतावनी देते हुए डीजीपी ने कहा कि इस मामले में जो भी दोषी पाया गया उसे पंजाब पुलिस आड़े हाथों लेगी। उन्होंने कहा कि गलत खबरें फैलाने का दोषी वट्सऐप ग्रुप एडमिन होगा और इसलिए ग्रुप प्रबंधकों को उन तत्वों की पहचान करने में पुलिस का सहयोग करना चाहिए जो अपने निजी एजंडे के लिए अपने ग्रुप का गलत प्रयोग करना चाहते हैं।
श्री गुप्ता ने वट्सएप पर झूठी और चिंताजनक खबरें फैलाने वाले पटियाला आधारित पुरुषों और महिलाओं के खि़लाफ़ फ़ौजदारी केस दर्ज करने में पटियाला पुलिस द्वारा की गई तुरंत कार्यवाही की सराहना की।
उन्होंने जनता से अपील की कि वह अपने स्वयं के एजंडे को आगे बढ़ाने के लिए मौजूदा संकट का लाभ लेने की कोशिश करने वालों से सावधान रहें।
डीजीपी ने राज्य में कफ्र्यू सख्ती से लागू करने के लिए कहा, पुलिस और जि़ला प्रशासन कफ्र्यू की उल्लंघना करने वालों के लिए खुली जेलें स्थापित कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि ऐसी 21 जेलें पहले से कार्य अधीन थीं, अन्य संबंधी कल नोटीफाई की जाएंगी। उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति कफ्र्यू का उल्लंघन करता पाया गया, वह इन जेलों में भेजा जायेगा और उसके खि़लाफ़ आपदा प्रबंधन एक्ट 2005 के अंतर्गत मुकद्दमा दर्ज किया जायेगा।
इस दौरान, पुलिस कर्मचारियों द्वारा युद्धस्तर पर किये जा रहे राहत कार्यों को भी तेज़ी से जारी रखा गया और आज 2 करोड़ से अधिक खाद्य इकाईयाँ (भोजन और सूखा राशन) गुरुद्वारों, ग़ैर-सरकारी संगठनों और नागरिक वॉलंटियरों के सहयोग से ज़रूरतमंदों को मुहैया करवाया गया। 

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