कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने उद्योगपतियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के द्वारा स्थिति पर चर्चा में मांगे  सुझाव 

विभाग को प्रसिद्ध उद्योगपतियों द्वारा ट्रैक्टर और सहायक उद्योग चलाने की इजाज़त देने समेत उठाए गए विभिन्न मसलों को विचारने के लिए कहा
चंडीगढ़, 8 अप्रैल:
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने ऐलान किया कि राज्य को लॉकडाउन से धीरे-धीरे बाहर निकालने के लिए उपाए ढूँढने के लिए टास्क फोर्स बनाई जाएगी।
राज्य के प्रसिद्ध उद्योगपतियों को एक वीडियो कॉफ्रेंसिंग के द्वारा संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि इस कठिन समय में नाजुक मसलों और चुनौतियों को हल करने के लिए सरकार द्वारा उद्योग की पूरी मदद की जाएगी। मुख्यमंत्री ने उद्योग जगत को अपने सुझाव देने के लिए कहा और मौजूदा समय में उपजे इन हालातों में राज्य सरकार के फ़ैसले लेने की प्रक्रिया का हिस्सा बनने का भी न्योता दिया।
उद्योगपतियों द्वारा उठाए गए विभिन्न मुद्दों में से एक था ट्रैक्टर और सहायक उद्योगों को ज़रूरी राहत देना और गेहूँ की कटाई और रबी की फसलों के मंडीकरण के सीजन के दौरान किसानों की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए खोलने की इजाज़त देना। साइकिलों को भी ज़रूरी वस्तुओं में शामिल करने के ऐलान की भी माँग उठी। इसके अलावा और सुझाव यह भी आया कि पैकिंग उद्योगों को भी खोलने की आज्ञा दी जाए जिससे ज़रूरी वस्तुओं की आपूर्ति को यकीनी बनाया जा सके।
उद्योगों की तरफ से आए और सुझावों में चंडीगढ़ तक एयर कार्गो सेवाओं को पुन: सुरजित करने के साथ-साथ राज्य में स्वास्थ्य एवं मैडीकल स्टार्टअप को उत्साहित करना भी शामिल था। पर्यटन उद्योग जो लॉकडाउन के चलते बुरी तरह प्रभावित हुआ है, को भी राहत देने पर सुझाव आए और विचार-चर्चा हुई।
मीटिंग में बड़ा मामला जो विचारा गया, वह फार्मासूटीकल कंपनियों को पेश आ रही मुश्किलों का था, जो कोविड-19 संकट से निपटने में अहम योगदान दे रही हैं। इन मुश्किलों में से एक जम्मू-कश्मीर में अंतरराज्यीय यातायात को बंद करना और हरियाणा से माल और मज़दूरों को लाने पर लगाई गई कुछ पाबंदियों का है। उद्योगों द्वारा नकद लेन-देन की दिक्कतों को भी उजागर किया गया जो इस संकट के समय के दौरान मज़दूरों को की जाने वाली अदायगियों संबंधी स्पष्टता चाहते थे।
मुख्यमंत्री ने उद्योग विभाग को कहा कि उठाए गए मामलों को गंभीरता से विचारते हुए इनको जल्द से जल्द हल किया जाये। इसके अलावा राष्ट्रीय लॉकडाउन के चलते कुछ उद्योगों को चलाने के लिए दिशा निर्देश दिए जाएँ। यदि कोई उद्योग चलाना चाहता है तो वह राज्य सरकार के पास पहुँच कर सकता है और उनके अनुरोधों को दिशा-निर्देशों के दायरे के अंदर हल करने के लिए सभी यत्न किये जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने उद्योगों का इस संकट की घड़ी में राज्य सरकार को निरंतर सहयोग देने के लिए धन्यवाद करते हुए कहा कि यह लड़ाई लम्बी चल सकती है जिसके विश्वव्यापी अर्थव्यवस्था और उद्योगों पर बुरे प्रभाव पड़ सकते हैं। हर कोई इस लॉकडाउन से प्रभावित है। उन्होंने कहा कि इस महामारी को रोकने के लिए भारत ने शुरुआत में ही पहल कर दी है और शुरुआती समय पर उठाए गए यह कदम बहुत मददगार साबित हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस समय पंजाब में स्थिति पूरी तरह कंट्रोल में है।
मुख्यमंत्री ने यह बताया कि प्रवासी मजदूरों को रोकने और उनकी देखभाल के लिए उद्योग को की गई उनकी अपील कोई आदेश नहीं था बल्कि एक सुझाव था। उन्होंने कहा कि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि लॉकडाउन को और कितनी देर जारी रखने की जरूरत होगी, इसलिए उनको वापस न जाने देना महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यदि प्रवासी मजदूर चले जाते हैं तो वह आसानी से वापस नहीं आ सकेंगे। इसके चलते कटाई और खरीद सीजन के लिए तैयार राज्य के सामने बड़ी मुश्किलें पैदा हो सकती हैं।
मीटिंग के दौरान लॉकडाउन के कारण पैदा हुई आर्थिक मंदी बारे चिंता प्रकट की गई और सी.आई.आई. के नुमायंदों ने सुझाव दिया कि टैक्स अधिकारी जी.एस.टी. और वैट रिफंडों की प्रक्रिया के लिए घर से काम कर सकते हैं। सी.आई.आई. 20 वेंटिलेटर भी दान कर रहा है जिससे राज्ये में पैदा हुई मैडीकल ऐमरजैंसी से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग की सहायता की जा सके।
कुछ उद्योगपतियों द्वारा यह महसूस किया गया कि कोरोना के बाद चीन से दूसरे देशों में तबदीली भारत के लिए एक मौका पैदा करेगी जिसके लिए पंजाब को सक्रियता से तैयार रहना चाहिए।
इससे पहले उद्योग ने अगले दो महीनों के लिए बिजली के रेटों में कटौती के लिए मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया जिससे छोटे उद्योगों को विशेष लाभ होगा। उन्होंने लॉकडाउन / कफ्र्यू लगाए जाने सम्बन्धी राज्य सरकार के समय पर लिए गए फैसलों की प्रशंसा भी की।
उद्योग मंत्री सुंदर शाम अरोड़ा ने उद्योग द्वारा निभाई गई भूमिका की प्रशंसा की जो इस बड़ी लड़ाई में काफी महत्वपूर्ण है। ट्रांसपोर्ट सचिव के. सिवा प्रसाद ने कहा कि राज्य और जिलों के बीच तालमेल बनाई रखने और यातायात के प्रबंधन के लिए कंट्रोल रूम द्वारा सुविधाजनक यातायात को यकीनी बनाने के लिए सभी यत्न किये जा रहे हैं।
वीडियो कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लेने वालों में सचित जैन, राजिन्दर गुप्ता (ट्राइडेंट), ए.एस. मित्तल (सोनालिका), उपकार आहूजा, हरीश चवन (महिन्द्रा), करण गिलहोत्रा, सचिद मदान (आई.टी.सी.), राहुल आहूजा (सी.आई.आई.), पंकज मुंजाल (हीरो साइकिल), गौतम कपूर, रुपिन्दर सचदेवा, एस.पी. ओसवाल, कमल ओसवाल, दिनेश दुआ (फार्मा), अशोक सेठी (बासमती), कोमल तलवार (आई.टी.), मुकुल वर्मा (स्पोर्टस गुड्डज) और भवदीप सरदाना शामिल थे।

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