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पंजाब में 1 जून से स्त्री रोग सेवाओं के लिए होगी ई-संजीवनी ओपीडी की शुरूआत

लेबर रूम और विशेष नवजात शिशु देखभाल ईकाइयों में काम करने वाले 600 डॉक्टरों और स्टाफ नर्सों को दिया गया ऑनलाइन प्रशिक्षण चंडीगढ़, 20 मई: ...

लेबर रूम और विशेष नवजात शिशु देखभाल ईकाइयों में काम करने वाले 600 डॉक्टरों और स्टाफ नर्सों को दिया गया ऑनलाइन प्रशिक्षण

चंडीगढ़, 20 मई:
कोविड-19 के मद्देनजऱ अस्पतालों में भीड़ एकत्रित होने से रोकने के लिए टैलीमेडिसिन राज्य भर के मरीज़ों के लिए एक वरदान साबित होगा, क्योंकि बहुत से लोगों को रोज़ाना डाक्टरी सलाह और पुरानी बीमारियों सम्बन्धी सुझावों की ज़रूरत होती है।
आम दवाओं के लिए टैलीमेडिसिन के अलावा अब स्वास्थ्य विभाग मातृ स्वास्थ्य देखभाल (एमसीएच) को यकीनी बनाने के लिए 1 जून से स्त्री रोग सेवाओं के लिए ई-संजीवनी ओपीडी की शुरूआत करने जा रहा है।
इस सम्बन्धी जानकारी देते हुए स्वास्थ्य मंत्री स. बलबीर सिंह सिद्धू ने बताया कि पंजाब द्वारा प्रात:काल 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक जनरल मैडिसिन के लिए ई-संजीवनी ओपीडी सेवाएं पहले ही शुरू कर दी गई हैं। हालाँकि दिशा-निर्देशों के अनुसार गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था की पहली तिमाही तक अस्पताल में संक्रमण के होने का ख़तरा बढ़ जाता है और उनको अस्पताल में आने से परहेज़ करना चाहिए। इसलिए गर्भवती महिलाओं और दूध स्तनपान करवाने वाली माताओं को जन्म से पहले की देखभाल के लिए और स्त्री रोग सेवाएं प्रदान करने के लिए पंजाब सरकार स्त्री रोग सेवाओं के लिए ई-संजीवनी ओपीडी शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
एमसीएच सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए डॉक्टरों और स्टाफ नर्सों को प्रशिक्षण देने के लिए ऑनलाइन टैक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म के प्रयोग संबंधी जानकारी देते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने आगे कहा कि प्रशिक्षण सैशन के दौरान सामाजिक दूरी बनाए रखने के लिए विभिन्न उपाय किए गए हैं। उन्होंने कहा कि कौशल में सुधार के लिए नियमित प्रशिक्षण मुहैया करवाने और स्वास्थ्य सेवाओं के प्रबंधन के लिए निर्देशों का प्रसार करने के लिए लोगों को इकठ्ठा करना मुश्किल हो गया है, इसलिए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा इको ज़ूम प्लेटफॉर्म की सहायता से ऑनलाईन प्रशिक्षण सैशनों का प्रयोग किया जा रहा है। सभी डॉक्टरों, स्टाफ नर्सों और पैरा-मैडीकल स्टाफ के साथ संपर्क करके पूरे पंजाब राज्य में स्वास्थ्य सेवा संबंधी विभिन्न प्रोग्रामों के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसी तरह का एक प्रशिक्षण कोविड-19 महामारी के चलते गर्भवती महिलाओं के प्रबंधन के लिए जागरूकता संबंधी राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन पंजाब, एस.एच.आई.एफ.डब्ल्यू. (राज्य स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संस्थान) प्रशिक्षण प्रभाग, मैडीकल कॉलेज, अमृतसर, पटियाला और फऱीदकोट की तकनीकी सहायता के साथ करवाया गया। 
विशेष तौर पर यह प्रशिक्षण डॉयरैक्टर (परिवार कल्याण) डॉ. प्रभदीप कौर की निगरानी अधीन प्रोग्राम अफ़सर, डॉ. गुरविन्दर कौर समेत प्रोग्राम अफ़सर (एम.सी.एच.) डॉ. इन्दरदीप कौर की हाजिऱी में हुआ। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य क्लिनिकल स्टाफ को गर्भवती महिलाओं और प्रसव के प्रबंधन के विषय सम्बन्धी जागरूक करना था। इस प्रशिक्षण में अलग-अलग विषय जैसे कोविड-19 महामारी, ट्राईज और टेस्टिंग इंट्रापार्टम केयर, जन्म के बाद और नवजात बच्चों की देखभाल और सुविधा की तैयारी संबंधी विचार-विमर्श किया गया। प्रशिक्षण में राज्य भर में लेबर रूम में काम कर रहे लगभग 600 डॉक्टरों और स्टाफ नर्सों और स्पैशल न्यूबौरन केयर युनिट (एस.एन.सी.यू) ने भाग लिया। एमसीएच सेवाओं के लिए लगभग 85 स्त्री रोग विशेषज्ञों और जि़ला परिवार नियोजन अधिकारियों को ई संजीवनी ओपीडी सेवाएं देने सम्बन्धी प्रशिक्षण दिया गया।  
उन्होंने कहा कि यह सेवाएं गर्भवती महिलाओं के लिए बहुत मददगार होंगी, जिनको गर्भावस्था के दौरान दवा, ख़ुराक और आम देखभाल की सलाह दी जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि स्त्री रोग ओपीडी का समय सोमवार से शनिवार तक प्रात:काल 8.00 बजे से प्रात:काल 9.30 बजे तक होगा। मंत्री ने यह भी बताया कि घर रहना और अस्पताल में अनावश्यक आने से परहेज़ करना सुरक्षित होगा।

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