CM के निर्देशों पर 3,95,000 प्रवासी कामगारों को विशेष रेलगाडिय़ों के द्वारा उनके पैतृक राज्य वापस भेजा गया

चंडीगढ़, 24 मई:
आज पटियाला से 300वीं रेलगाड़ी रवाना होने के साथ पंजाब सरकार द्वारा कैप्टन अमरिन्दर सिंह के निर्देशों पर अब तक 3,95,000 से अधिक प्रवासी मज़दूरों को उनके पैतृक राज्यों को वापस जाने की सुविधा दी गई है। 
इस सम्बन्धी जानकारी देते हुए नोडल अधिकारी विकास प्रताप ने बताया कि आज कुल 23 रेलगाडिय़ाँ चल रही हैं, जिसके साथ ही प्रवासी कामगारों को लेकर जाने वाली रेलगाडिय़ों की कुल संख्या 311 हो गई है, और पंजाब इस सम्बन्ध में अग्रणी राज्य बन गया है। राज्य सरकार द्वारा प्रवासी कामगारों को उनके पैतृक राज्य वापस जाने की सुविधा देने के लिए अब तक 21.8 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं।
डिप्टी कमिश्नर कुमार अमित द्वारा पटियाला से हरी झंडी दिखाकर रवाना की गई 300वीं रेलगाड़ी प्रवासी कामगारों को उत्तर प्रदेश में उनके घर लेकर जाएगी। 
उन्होंने कहा कि हम यह यकीनी बना रहे हैं कि अपने पैतृक राज्यों को वापस जाने की इच्छा रखने वाले प्रवासी कामगारों को बिना किसी मुश्किल के जल्द से जल्द उनके परिवारों से मिलाया जाए। नोडल अधिकारी विकास प्रताप ने कहा कि मुख्यमंत्री के दिशा-निर्देशों के अनुसार राज्य सरकार हमारे मेहमान कर्मचारियों को हर तरह की राहत और सहायता प्रदान करने के लिए 24 घंटे काम कर रही है। उन्होंने आगे कहा कि यह कार्य डिप्टी कमिश्नरों और फिऱोज़पुर एवं अम्बाला डिविजऩ के रेलवे अधिकारियों के सहयोग के साथ पूरा किया जा रहा है। 
कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने इस संकट के शुरू में ही राज्य में काम कर रहे सभी प्रवासियों को भरोसा दिया था कि हर कोई जो अपने गृह राज्य में वापस जाना चाहता है, को हर तरह की सहायता और सहयोग दिया जाएगा।
कुल 311 में से उत्तर प्रदेश के लिए सबसे अधिक 204 रेलगाडिय़ाँ और उसके बाद बिहार को 82 रेलगाडिय़ाँ प्रवासी कामगारों को लेकर रवाना हुई हैं। इसी तरह झारखंड को 9, मध्य प्रदेश को 7 और छत्तीसगढ़ और पश्चिमी बंगाल को 2-2 रेलगाडिय़ाँ रवाना हुई हैं। इसके अलावा महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, मनीपुर, तमिलनाडु और उत्तराखंड के लिए एक-एक रेलगाड़ी प्रवासी मज़दूरों को लेकर रवाना हुई है।
प्रवासी मज़दूरों की मुश्किलों को कम करने के लिए राज्य द्वारा हर संभव सहायता प्रदान करने की वचनबद्धता का भरोसा देते हुए उन्होंने कहा कि घर वापस जाने वाले सभी लोगों को उनके सफऱ के लिए भोजन, पानी और अन्य ज़रूरी चीज़ें भी प्रदान की जा रही हैं।
इसके अलावा, इन सभी राज्यों के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई है, जो प्रवासियों की उनके गृह राज्यों तक सुरक्षित वापसी की सुविधा के लिए अन्य राज्यों में अपने समकक्ष के साथ सक्रियता से संपर्क में हैं, और प्रवासियों की ज़रूरी चिकित्सा जांच के लिए डिप्टी कमिश्नरज़ स्तर पर टीमों का गठन किया गया है। 

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