कैप्टन अमरिन्दर सिंह द्वारा डिप्टी कमीशनरों और पुलिस को यकीनी बनाने के आदेश

चंडीगढ़, 24 मई:
मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने समूह डिप्टी कमीशनरों और जि़ला पुलिस मुखियों को यह यकीनी बनाने की हिदायत की कि कोई भी प्रवासी कामगार घर वापसी मुल्क के किसी अन्य राज्य को पैदल चल कर जाने या पंजाब में होते भूखे पेट रहने के लिए मजबूर न हो। उन्होंने कहा कि सभी प्रवासी मज़दूरों के गृह राज्यों में सुरक्षित पहुँच यकीनी बनाना उनकी सरकार की जि़म्मेदारी बनती है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि डिप्टी कमीशनरों और पुलिस अधिकारियों को आदेश दिए कि यदि किसी भी प्रवासी के सडक़ पर चले जाते का पता लगे तो उसे नज़दीक की जगह पर छोडऩा चाहिए जहाँ वह अपने गृह राज्य के लिए रेलगाड़ी या बस ले सके, चाहे 300वीं विशेष श्रमिक रेल प्रवासी मज़दूरों को लेकर उत्तर प्रदेश की तरफ रवाना हो गई है। उन्होंने अधिकारियों को हिदायत की कि उनको पंजाब छोडऩे तक भोजन और पानी मुहैया करवाना चाहिए।
प्रवासियों को न घबराने की अपील करते हुये मुख्यमंत्री ने भरोसा दिया कि राज्य सरकार गृह राज्यों में वापसी के इच्छुक हर प्रवासी की सहायता करेगी और उनकी मुफ़्त यात्रा और भोजन का भी बंदोबस्त करेगी।
‘संकट में हर व्यक्ति का ध्यान रखने ’ के प्रति राज्य की वचनबद्धता को दिखाते हुये कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने प्रवासियों को हमारे सहयोगी भारतीय बताया जो राज्य और यहाँ की आर्थिकता में योगदान डालते हैं।
प्रवासियों से रूबरू होते हुये मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘पंजाब आपकी कर्म भूमि है, चाहे यह आपकी जन्म भूमि न भी हो।’’ कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने प्रवासी को अपने गृह राज्य में वापसी करने का कठिन रास्ता पैदल चल कर तय करने की कोशिश न करने की अपील की है क्योंकि राज्य सरकार उनके सफऱ के लिए रेल और बसें समेत सभी ज़रुरी प्रबंध कर रही है।
मुख्यमंत्री ने खुलासा किया कि पंजाब से बाहर जाने के लिए राज्य के पोर्टल पर अब तक 10 लाख से अधिक व्यक्ति नाम दर्ज करवा चुके हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार रजिस्टर्ड हो चुके सभी व्यक्तियों की प्रामाणिकता की व्यापक कवायद आरंभ की हुई है और हर व्यक्ति को फोन कॉल करके दोबारा पता लगाया जा रहा है कि क्या वह अपने गृह राज्य में वापसी करन के इच्छुक हैं या नहीं। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘यह इस तथ्य के मद्देनजऱ किया जा रहा है कि पिछले 3-4 दिनों से राज्य में दो तिहाई औद्योगिक इकाईयों ने बन्दिशों में ढील देने के बाद काम शुरू कर दिया है जिस के उपरांत पंजाब से बाहर जाने के इच्छुक व्यक्तियों की संख्या में बड़ी कमी आई है। कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने इसको स्वागती संकेत करार दिया।
कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि पंजाब सरकार तब तक सम्बन्धित राज्यों के लिए रेलगाडिय़ांं चलाए जाने को जारी रखेगी जब तक इन लोगों की तरफ से अपने राज्यों को जाने की इच्छा अभिव्यक्त की जायेगी। मुुख्यमंत्री ने साथ ही कहा कि पंजाब सरकार की तरफ से अपने गृह राज्यों को वापस जाने के इच्छुक प्रवासी कामगारों को वापस भेजने के लिए खाना और यात्रा की सुविधा मुफ़्त मुहैया करवाने के लिए अप्रैल के अंत में लिए फ़ैसले के बाद इन कामगारों को सम्बन्धित राज्यों को भेजने के लिए मुफ़्त यात्रा की सुविधा के लिए राज्य सरकार पहले ही रेलवे को 20 करोड़ की अदायगी कर चुकी है।
मुख्यमंत्री ने सांझा किया कि आज 300वीं श्रमिक रेलगाड़ी पटियाला से शाम 5 बजे उत्तर प्रदेश के लिए रवाना हो चुकी है। उन्होंने कहा कि रविवार तक पंजाब के अलग-अलग जिलों से अलग -अलग राज्यों जिनमें दक्षिणी भारतीय और उत्तर -पूर्वी राज्य भी शामिल हैं, के लिए 311 श्रमिक रेलगाडिय़ों के द्वारा 3.90 लाख प्रवासी कामगारों को भेजा जा चुका है।
पंजाब में प्रवासी कामगारों को उनके घर से लेकर रेलवे स्टेशनों तक सरकारी बसों के द्वारा यातायात की मुफ़्त सुविधा दी जा रही है। राज्य सरकार की तरफ से सरकारी बसों के द्वारा प्रवासी कामगारों को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों तक बिना किराया वसूले भेजा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कि राज्य हैडक्वाटर और जिलों में तैनात पंजाब के अधिकारियों की तरफ से प्रवासियों को सुचारू ढंग से उनके गृह राज्यों तक पहुँचाने के लिए श्लाघायोग्य काम किया गया है।
इसी समय पंजाब सरकार की तरफ से दूसरे राज्यों में फंसे पंजाबियों को वापस पंजाब लाने के लिए पूरा सहयोग दिया जा रहा है और जहाँ यात्रा के लिए वित्तीय सहायता की ज़रूरत पड़ती है, वहां मुहैया करवाई जा रही है। कैप्टन अमरिन्दर सिंह की तरफ से उम्मीद जताई गई कि दूसरे राज्यों, जहाँ हमारे लोग फंसे हुए हैं, की सरकारें इनको यातायात की सुविधा मुहैया करवाने की जि़म्मेदारी निभाएंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन की तरफ से पहले ही इस सम्बन्धी सम्बन्धित राज्यों के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखे जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब सभी पंजाबियों की मातृ भूमि है और उनको वापस लाना हमारा फज़ऱ् है।
कोविड -19 के डर के कारण इस सम्बन्धी पैदा हो रहे सरोकारों को दरकिनार करते हुये कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि पंजाब में वायरस को और बढऩे से रोकने के लिए आने वाले ऐसे यात्रियों के एकांतवास और टेस्टिंग के लिए स्पष्ट नियम पहले ही अमल में लाए जा रहे हैं।

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