पंजाब सरकार द्वारा राज्य में दाखि़ल होने वाले सभी यात्रियों के लिए व्यापक दिशा-निर्देश जारी-बलबीर सिंह सिद्धूइस विषय पर सभी शंकाओं को दूर करने के लिए अंतरराष्ट्रीय और घरेलू यात्रियों के लिए मुकम्मल विवरण तैयार

चंडीगढ़, 26 मई:
मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह के पंजाब में दाखि़ल होने वाले हरेक व्यक्ति को लाजि़मी तौर पर एकांतवास किए जाने सम्बन्धी एलान के बाद स्वास्थ्य विभाग द्वारा हवाई, रेल और सडक़ यात्रा के द्वारा पंजाब आने वाले अंतरराष्ट्रीय और घरेलू यात्रियों के लिए स्वास्थ्य प्रोटोकोल एवं प्रक्रिया सम्बन्धी एक विस्तृत एडवाइजऱी जारी की गई है।
इस सम्बन्धी जानकारी देते हुए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री स. बलबीर सिंह सिद्धू ने बताया कि कोविड-19 से पैदा हुई स्थिति के कारण भारत सरकार द्वारा समय-समय पर संशोधित किए गए प्रोटोकोल और एडवाइजऱीज़ जारी की जा रही हैं, जो देश में आने वाले यात्रियों के मन में, ख़ासकर भारत सरकार द्वारा 24 मई को जारी ताज़ा एडवाइजऱी के बाद, कई उलझनें पैदा कर रही हैं। उन्होंने बताया कि अब पंजाब के स्वास्थ्य विभाग द्वारा व्यापक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं और यह स्पष्ट किया गया है कि सभी अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को एंट्री प्वाइंट पर स्वास्थ्य प्रोटोकल के अनुसार अपनी स्क्रीनिंग के लिए राज्य के अधिकारियों को निजी और स्वास्थ्य सम्बन्धी विवरणों समेत स्वै-घोषणा भी देनी होगी।
स्वास्थ्य मंत्री ने ज़ोर देते हुए कहा कि वायरस के फैलाव को रोकने के लिए सक्रिय टेस्टिंग, ट्रेसिंग और एकांतवास ही एकमात्र उपाय है और कहा कि वह हमारे लोगों के जिवन के प्रति किसी भी तरह का जोखि़म नहीं लेंगे। 
स्क्रीनिंग के दौरान लक्षण पाए जाने वाले अंतराष्ट्रीय यात्रियों को टेस्टिंग के लिए स्वास्थ्य संस्था में ले जाया जाएगा और कोविड टेस्टिंग के लिए आईसीएमआर के दिशा-निर्देशों के मुताबिक उनके आरटी पीसीआर सैंपल लिए जाएंगे। उन्होंने आगे बताया कि जो व्यक्ति पॉजि़टिव पाए गए हों और लक्षण न हों, 60 साल से कम उम्र के हों और किसी अन्य बीमारी से पीडि़त न हों, को कोविड केयर सेंटरों में रखा जाएगा।
जो व्यक्ति पॉजि़टिव हैं और मैडीकल निगरानी अपेक्षित है ( चाहे गंभीर लक्षण होने के कारण या 60 साल से अधिक उम्र होने के कारण या अन्य बीमारी से पीडि़़त होने के कारण), उनको डॉक्टरी स्थिति के आधार पर दर्जा 2 या दर्जा 3 की स्वास्थ्य सुविधा में रखा जाएगा। 
जिन यात्रियों में लक्षण नहीं पाए जाते और जो नेगेटिव पाए जाते हैं, उनको भुगतान के आधार पर संस्थागत एकांतवास (सरकारी / होटल क्वारंटीन) में रखा जाएगा और 5वें दिन उनका टैस्ट किया जाएगा। अगर उनकी टैस्ट रिपोर्ट नेगेटिव आती है तो उनको संस्थागत एकांतवास के 7 दिन पूरे होने पर घर जाने की आज्ञा दे दी जाएगी और उनको अगले 7 दिन तक घरेलू एकांतवास में रहने और अपनी स्वास्थ्य की स्वै-निगरानी की सलाह दी जाएगी। इस सम्बन्धी लिखित घोषणा स्वास्थ्य अधिकारियों / जि़ला प्रशासन को जमा करवानी होगी। 
प्रवक्ता ने बताया कि असाधारण हालत जैसे गर्भावस्था / पारिवारिक सदस्य की मौत / गंभीर मानसिक बीमारी सम्बन्धी मामलों में, डिप्टी कमिश्नर संस्थागत क्वारंटाइन की बजाय 14 दिनों के लिए होम क्वारंटाइन की आज्ञा दे सकते हैं और इस सम्बन्धी स्वास्थ्य विभाग को सूचित करना होगा।
इसके अलावा, ऐसे सभी यात्रियों को  कोवा एप डाउनलोड करने की ज़रूरत होगी, जो किर्याशील रहेगी।
उन्होंने कहा कि घरेलू यात्रियों के लिए हवाई जहाज़ / रेल / अंतरराज्यीय सडक़ के द्वारा पंजाब में दाखि़ल होने वाले सभी व्यक्तियों की एंट्री प्वाइंट्स पर ही कोविड-19 के लक्षणों सम्बन्धी स्क्रीनिंग भी की जाएगी।
स्क्रीनिंग के दौरान पॉजि़टिव पाए गए यात्रियों को जांच के लिए स्वास्थ्य केंद्र ले जाया जाएगा। उपरोक्त के मुताबिक यदि कोई व्यक्ति पॉजि़टिव है, उनको डॉक्टरी ज़रूरतों के मुताबिक दर्जा 2 या दर्जा 3 की स्वास्थ्य सुविधाओं में रखा जाएगा।
अगर किसी व्यक्ति में कोविड सम्बन्धी लक्षण न हों या टेस्टिंग नेगेटिव है तो उसको एक अंडरटेकिंग जमा करवाने के बाद घर जाने की इजाज़त दी जाएगी। इस अंडरटेकिंग में 14 दिनों के लिए घर में एकांतवास, अपनी स्वास्थ्य स्थिति की स्वै-निगरानी और कोविड-19 सम्बन्धी कोई भी लक्षण नजऱ आने पर नज़दीकी स्वास्थ्य सुविधा को सूचित करना लाजि़मी होगा। सभी यात्रियों को कोवा एप डाउनलोड करना लाजि़मी है, जो हमेशा किर्याशील रहेगी।
पंजाब से अक्सर बाहर जाने या अंतर-राज्यीय यात्रा करने वाले यात्री जैसे कि एम.पी. / एम.एल.ए., डॉक्टर, पत्रकारों, इंजीनियरों, कार्यकारी, व्यापारी, ट्रांसपोर्टरों, सलाहकार आदि को होम क्वारंटीन रखने की ज़रूरत नहीं है।
डिप्टी कमिश्नर और सब-डिविजऩल मैजिस्ट्रेट ऐसे व्यक्तियों को पास जारी करने के लिए अधिकृत हैं, जो अपनी स्वास्थ्य स्थिति की स्वै-निगरानी के लिए एक अंडरटेकिंग पेश करेंगे और अगर उनको कोई लक्षण हों तो प्रशासन को सूचित करेंगे। प्रवक्ता ने आगे कहा कि उनको कोवा एप डाउनलोड करने की भी ज़रूरत है, जो किर्याशील रहेगी। 
प्रवक्ता ने आखिर में कहा कि आम निगरानी के मकसद के लिए, इन दिशा-निर्देशों के अलावा भी सरकर द्वारा और ज्य़ादा व्यक्तियों की जांच कभी भी की जा सकती है। जिस तरह मोहाली और अमृतसर हवाई अड्डों और कई घरेलू यात्रियों की जांच की गई।


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