जि़ला अस्पताल लुधियाना, जालंधर, मानसा, बरनाला और पठानकोट में 5 ट्रूनाट मशीनें पहले ही स्थापित
कोविड-19 के नमूने लेने के लिए आयुष मैडीकल अफसरों और ग्रामीण मैडीकल अफसरों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा
कोविड -19 टैस्ट के लिए रोज़ाना के 7,000 सैंपल लिए जा रहे

चंडीगढ़, 9 जून:
जिला अस्पतालों (डी.एच.) में तुरंत कोरोना वायरस टैस्ट किये जाने को ध्यान में रखते हुये शक्की पाये जाने वाले फ्रंट लाईन वर्करों, बीमारी के प्रबंधन के लिए तुरंत निदान की ज़रूरत वाले बीमार मरीज़ों और एमरजैंसी सर्जरियों, डायलसिस आदि जहाँ तेज़ी से रोग की पहचान से मरीज़ों के इलाज के बेहतर प्रबंधों के लिए पंजाब सरकार 10 ट्रूनाट मशीनें स्थापित करने के लिए पूरी तरह तैयार है। यह प्रगटावा स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री स. बलबीर सिंह सिद्धू ने एक प्रैस बयान में किया।
इस सम्बन्धी जानकारी देते हुये स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इस समय ट्रूनाट मशीनें सिफऱ् नेगेटिव टैस्टों की पुष्टि करती है और पॉजिटिव नतीजों के लिए आर.टी.-पी.सी.आर. द्वारा फिर पुष्टि करने की ज़रूरत पड़ती है। परन्तु हाल ही में आईसीएमआर ने ट्रूनाट मशीन के पॉजिटिव टैस्टों की जांच की पुष्टि ट्रूनाट मशीन के द्वारा ही दूसरे चरण का टैस्ट करके किये जाने की मंज़ूरी दी है। इस मंतव्य के लिए सरकारी अस्पतालों जहाँ ऐसीं मशीनों लगाई जाएंगी में कोरोना टैस्ट करने के लिए विशेष चिप्पें कल तक उपलब्ध करवा दी जाएंगी। फिर आरटी-पीसीआर द्वारा पॉजिटिव नतीजों की पुष्टि के लिए नमूने भेजना ज़रूरी नहीं होगा।
इस समय पर जिला अस्पताल लुधियाना, जालंधर, मानसा, बरनाला और पठानकोट में 5 ट्रूनाट मशीनें पहले ही स्थापित हैं जबकि 10 अन्य मशीनें बठिंडा, फाजिल्का, गुरदासपुर, होशियारपुर, कपूरथला, मोगा, मुक्तसर साहिब, एस.बी.एस. नगर, रोपड़ और संगरूर में लगाई जाएंगी।

ट्रूनाट मशीनों की विशेषताओं और कार्य प्रणाली संबंधी बताते हुये स. सिद्धू ने कहा कि ट्रूनाट मशीनों के लिए ए.सी. या विशेष बायो -सेफ्टी कैबिनेट की ज़रूरत नहीं है, इसको प्राथमिक हैल्थ सैंटर में भी आसानी से स्थापित किया जा सकता है। एक ट्रूनाट मशीन पर एक समय कोविड -19 का टैस्ट करने के लिए एक घंटा लग सकता है। एक निश्चित समय में दो नमूनों की एक ही समय जांच की जा सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि ट्रूनाट मशीनों के अलावा, कोविड -19 की टेस्टिंग के लिए पटियाला के टी.बी. अस्पताल और जी.एम.सी. फरीदकोट में एक-एक सीबीनाट मशीन भी स्थापित है जिसके द्वारा एक घंटे में 4 नमूनों की एक ही समय पर जांच की जा सकती है परन्तु इसलिए ए.सी. और विशेष बायो -सेफ्टी कैबिनेट की ज़रूरत है। अब तक इन मशीनों पर तकरीबन 194 टैस्ट किये जा चुके हैं।
रोजाना के होने वाली टेस्टिंग में विस्तार करते हुए ट्रूनाट मशीनों का सभ्य प्रयोग करने के लिए सिविल सर्जनों को आदेश दिए गए हैं कि इन मशीनों के लिए माईक्रोबायोलोजिस्ट / पैथोलोजिस्ट / मैडीकल अफ़सर को नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाये।
काबिलेगौर है कि यह मशीनें जो शुरू में टीबी के टैस्ट के लिए इस्तेमाल की जाती थीं, का प्रयोग जिला स्तर पर जांच प्रक्रिया शुरू करने के लिए जिला अस्पतालों में कोविड -19 की टेस्टिंग के लिए किया जा रहा है।
नमूने लेने की प्रक्रिया में और तेज़ी लाने संबंधी बताते हुये स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि कोविड -19 के नमूने लेने और पैकिंग के लिए आयुष मैडीकल अफसरों और रुरल् मैडीकल अफसरों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस समय राज्य में कोरोना वायरस के टैस्टों के लिए रोज़ाना के 7,000 नमूने लिए जा रहे हैं।

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