जर्मन निर्मित एमपी 5 सब -मशीन गन, एक 9 एमएम पिस्तौल, 4 मैगज़ीन और दो मोबाइल फ़ोन किये ज़ब्त
उक्त आतंकवादी सुनियोजित हत्या करने और आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने सम्बन्धी गतिविधियों में थे शामिल- डीजीपी

चंडीगढ़, 19 जून:
पंजाब पुलिस ने गुरूवार की रात को एक अन्य आतंकवादी ग्रुप का पर्दाफाश किया जिसमें दो कथित खालिस्तानी मैंबरों की गिरफ़्तारी की गई, जो अपने पाकिस्तानी आकाओं और हैंडलर्स के इशारे पर कई आतंकवादी हमले करने और उथल-पुथल मचाने की तैयारी कर रहे थे। इन दोनों के पास से जर्मन की बनी एक एमपी 5 सब -मशीन गन, एक 9 एमएम पिस्तौल, 4 मैगज़ीन और शक्की बातचीत, संदेश, फोटो आदि वाले दो मोबाइल फ़ोन बरामद किये गए हैं।

मोबाइल फोनों में पाकिस्तान आधारित तत्वों से संदिग्ध लेन-देन का खुलासा हुआ, जिनमें फोटो, वायस संदेश और एक विशेष भू-स्थान के निदेशक शामिल हैं, डीजीपी दिनकर गुप्ता ने शुक्ररवार को जानकारी देते हुये पत्रकारों को इस सफलता संबंधी बताया। इसके अलावा, खालिस्तान के गठन से सम्बन्धित बड़ी किस्म की पोस्टों और वेब-लिंक भी गुरमीत सिंह के मोबाइल फ़ोन पर पाये गए, जो पाकिस्तान द्वारा स्पांसर किये आईएसआई और भारत विरोधी तत्वों के साथ बाकायदा संपर्क में था।
इस सम्बन्धी तारीख़ 19.06.2020 को 120 बी, 121 आईपीसी, 25, 54, 59 आर्मज़ एक्ट आर/डब्ल्यू 13, 17, 18, 18 बी, 20 गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) एक्ट के अंतर्गत एफ.आई.आर. नंबर 184 दर्ज की गई।
इस सम्बन्धी और जानकारी देते हुये गुप्ता ने बताया कि गुरूवार देर रात को लोगों के इशारे पर अमृतसर ग्रामीण पुलिस की टीम ने जी.टी. रोड़, थाना जंडियाला के गुरदासपुरिया ढाबे के नज़दीक एक जगह पर छापा मारा और गुरमीत सिंह और विक्रम सिंह को काबू कर लिया।
डीजीपी के अनुसार गंडा सिंह कालोनी, सुल्तानविंड रोड़, अमृतसर के निवासी 44 साला गुरमीत सिंह से पूछताछ के दौरान यह तथ्य सामने आए कि तस्वीरों और वायस संदेश उनको पाकिस्तान आधारित हैंडलरों द्वारा शेयर किये गए थे जिससे वह आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए अपने स्थानों पर हथियार उपलब्ध कराने सम्बन्धी जानकारी हासिल कर सकें। उन्होंने आगे यह भी खुलासा किया कि उनके पाकिस्तान स्थित हैंडलर उनको पंजाब में आतंकवादी हमले करने की हिदायत कर रहे थे, खासकर किसी विशेष भाईचारे से सम्बन्धित व्यक्तियों को निशाना बनाने के लिए। गुरमीत सिंह ने आगे बताया कि वह अपने प्रबंधकों को मिलने के लिए करीब 3 साल पहले पाकिस्तान आया था।
गुरमीत सिंह पहले अपने भाई के साथ धोखाधड़ी के एक केस में शामिल था, और उसके विरुद्ध थाना बी-डिविजऩ, अमृतसर में केस दर्ज किया गया था।
गुप्ता ने कहा कि आतंकवादी मॉड्यूल के पाक आधारित आकाओं और हैंडलरों की पहचान तय करने की कोशिश जारी है। उन्होंने कहा कि सरहद पार के आतंकवादी मॉड्यूल की हर कड़ी और संबंधों का पता लगाने के लिए अगली जांच जारी है।
गुप्ता ने कहा कि पंजाब पुलिस, अलगाववादी और विवादवादी एजंडे, राज्य की सांप्रदायिक सदभावना और कानून-व्यवस्था को भंग करने की कोशिश कर रहे भारत विरोधी तत्वों के ढांचे को नाकाम करने के लिए 24 घंटे यत्नशील है।  
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