बाहरी व्यक्ति के प्रवेश से कोविड के मामलों की संख्या बढ़ी
प्रधानमंत्री से सर्टिफिकेट वाले व्यक्तियों को ही दाखि़ल होने देने की इजाज़त देने के लिए मंज़ूरी मांगी

चंडीगढ़, 20 जून:
मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने आज कहा कि पंजाब सरकार निजी अस्पतालों में कोविड के इलाज के लिए कीमतें निर्धारित करेगी और इसकी पालना न करने वाले अस्पताल बंद कर दिए जाएंगे।
फेसबुक पर लाइव प्रोग्राम ‘कैप्टन को सवाल ’ के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राईवेट अस्पतालों और क्लिनिकों के लिए फीस ढांचे को सोमवार तक अंतिम रूप दिया जायेगा।
निजी अस्पतालों की तरफ से वसूली जा रही और ज्यादा फ़ीसों की शिकायतों का सख़्त नोटिस लेते हुये मुख्यमंत्री ने इस कदम को ‘जन विरोधी और देश विरोधी ’ करार दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि निजी संस्थाओं को लोगों की जि़न्दगियों की कीमत पर ढीठताई से लाभ कमाने की इजाज़त नहीं दी जायेगी।

उन्होंने कहा,‘‘यदि यह अस्पताल सरकारी कीमतों पर इलाज करने के लिए सहमत न हुए तो इनको बंद कर दिया जायेगा।’’
मुख्यमंत्री ने राज्य में कोविड के केस बढऩे पर चिंता ज़ाहिर की जिस कारण बड़ी संख्या में लोग दूसरी स्थानों से आ रहे हैं। कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि उन्होंने प्रांतीय सरहद पार करके आने वालों के लिए कोविड टैस्ट का सर्टिफिकेट लाजि़मी करने के लिए राज्य को इजाज़त देने के लिए केंद्र सरकार से मंजूरी माँगी है।
कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि उन्होंने कोविड की स्थिति का जायज़ा लेने के लिए प्रधानमंत्री की मुख्यमंत्रियों के साथ हुई मीटिंग के दौरान भी उनके समक्ष यह मसला उठाया था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही के दिनों के दौरान अकेले दिल्ली से 87000 कारें पंजाब में दाखि़ल हुई और बाहरी व्यक्तियों के कारण ही पिछले समय में मामलों की संख्या में विस्तार हुआ है जिस कारण महामारी के और पैर पसारने का गंभीर ख़तरा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने प्रधान मंत्री से अपील की कि सिफऱ् कोविड मुक्त सर्टिफिकेट धारकोंं को ही दाखि़ल होने देने की इजाज़त दी जाये। उन्होंने कहा कि यहाँ तक कि जो लोग पंजाब से बाहर जा रहे रहे हैं, उनको भी ऐसे सर्टिफिकेट ले जाने चाहिए जिससे अन्य राज्यों में कोरोनावायरस का फैलाव रोका जा सके।
हालाँकि, मुख्यमंत्री ने कोविड संकट से निपटने के लिए राज्य की पूरी तैयारी की वचनबद्धता दोहराते हुये कहा कि समान और सप्लाई की कोई कमी नहीं परन्तु साथ ही उन्होंने कहा कि यह जंग सभी को इकठ्ठा होकर लडऩी पडऩी है जिसमें हर राज्य निवासी को सामाजिक दूरी, मास्क पहनने समेत सभी नियमों का पालन करके इस महामारी को आगे फैलने से रोकना है।
लोगों को मास्क पहनने और सामाजिक दूरी की पालना करना यकीनी बनाने की अपील करते हुये मुख्यमंत्री ने यह भी विनती की कि कोविड से मुक्त होने का सबसे बढिय़ा ढंग जल्द टेस्टिंग और इलाज करवाना है। उन्होंने कहा कि अभी तक कोई दवा या वैक्सीन नहीं बनी जिस कारण सिफऱ् परहेज़ ही इलाज है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर पंजाबी उनके दिल के बहुत नज़दीक हैं जिस कारण वह कोविड के कारण एक भी जान नहीं गवाने देना चाहते।
पहली बार आक्सीजन और वेंटिलेटर पर मरीज़ों की संख्या में वृद्धि की बात करते हुये उन्होंने कहा कि विश्व भर में मामलों में वृद्धि से स्थिति बहुत विस्फोटक है। उन्होंने कहा कि बन्दिशें घटाने और टैस्टों की संख्या बढ़ाने से मामलों में निरंतर विस्तार जारी है। उन्होंने चेतावनी देते हुये कहा कि प्रोटोकोल की पालना और समय से पहले एहतियात बरतने से ही जानें बचाई जा सकतीं।
 राज्य की सेहत सेवाओं संबंधी तैयारियों सम्बन्धी बताते हुये मुख्यमंत्री ने कहा सरकारी और निजी अस्पतालों के पास 551 वेंटिलेटर पहले ही मौजूदा हैं और 93 और वैंटीलेटरों के लिए आर्डर किया जा चुका है। राज्य सरकार की तरफ से 4 लाख एन-95 मास्कों के लिए हुक्म दिए जा चुके हैं जिससे 9.25 लाख के पहले के स्टाक को और बढ़ाया जा सके। इसके इलावा राज्य के पास 79 लाख तीन स्तरीय मास्क, 2.93 लाख पी.पी.ई किटें और 2200 आक्सीजन सैलंडर मौजूद हैं। जहाँ तक बैडों का सवाल है, सरकारी अस्पतालों में 6000 बैड और निजी अस्पतालों में अन्य 900 बैड तैयार हैं जबकि मौजूदा समय 2500 बैड लग चुके हैं। दूसरे पड़ाव में राज्य की 10000 बैड और तैयार करने और इसके उपरांत तीसरे पड़ाव में 30000 बैड तैयार करने की योजना है।
अतिरिक्त पी.पी.ई किटों के निर्यात सम्बन्धी एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मुद्दा प्रधानमंत्री के पास उठाया गया है और उम्मीद है कि केंद्र सरकार इस सम्बन्धी आज्ञा देगी।
कुछ उद्योगपतियों की तरफ से अपने खर्च किए पर श्रमिकों को वापस लाने की जताई इच्छा सम्बन्धी सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसा करने के लिए उनका स्वागत है परन्तु 14 दिनों के घरेलू एकांतवास को यकीनी बनाऐ जाने की ज़रूरत है।
कोविड नियमों की उल्लंघनाओं सम्बन्धी चालान भरने का इन्तज़ार में पटियाला में लोगों की लगी लम्बी कतारों सम्बन्धी एक शिकायत के जवाब में मुख्यमंत्री की तरफ से सम्बन्धित डिप्टी कमिशनर को भीड़ होने से रोकने के लिए तुरंत कदम उठाने सम्बन्धी आदेश दिए।
जालंधर में सामजिक दूरी के नियमों की बड़े स्तर पर हो रहे उल्लंघन पर जब उनके ध्यान में लाया गया तो मुख्यमंत्री ने कहा कि वह डिप्टी कमिशनर और जि़ला पुलिस प्रमुख को नियमों को सख्ती से लागू करने सम्बन्धी निर्देश देंगे खासकर जब बड़े शहरों और कस्बों में मामलों का विस्तार बड़े स्तर पर हो रहा है।
होशियारपुर के एक निवासी की तरफ से विद्यार्थियों को परीक्षा के लिए जालंधर के एक पेशेवर संस्थान में भेजे जाने सम्बन्धी सरोकार ज़ाहिर करने पर मुख्यमंत्री की तरफ से स्पष्ट किया गया जालंधर अब सीमित जन्म नहीं है और राज्य सरकार की तरफ से माईक्रो जोन नीति अपनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि इसके लिए माईक्रो सीमित ज़ोनों को छोड़ कर विद्यार्थियों के जालंधर परीक्षा देने के लिए जाने पर कोई रोक नहीं है।
अस्पतालों में डाक्टरों के ग़ैर -उपस्थित रहने सम्बन्धी उन्होंने कहा कि वह सेहत विभाग को इस समस्या के तुरंत हल के लिए कहेंगे।
एक नौजवान की तरफ से यह बताए जाने पर कि वह ‘मिशन फतेह ’ में सम्मिलन किया है और यदि कोवा एप पर पंजाब में ज़्यादा प्वाइंट जीतता है तो वह उनको (मुख्य मंत्री) मिलना चाहता है, सम्बन्धी मुख्यमंत्री ने कहा कि वह एक कदम और आगे जाएंगे और उसके साथ चाय का कप सांझा करेंगे। उन्होंने कहा कि वह सभी विजेताओं के लिए मेज़बानी करेंगे।
मुख्यमंत्री की तरफ से नौजवानों के एक ग्रुप को चण्डीगढ़ आने पर उनको मिलने के लिए भी न्योता दिया गया। इन नौजवानों की तरफ से लॉकडाउन के समय के दौरान उन पर वीडियो तैयार की गई थी।
बुडडे नाले की सफ़ाई सम्बन्धी पूछे सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने बताया कि इस सम्बन्धी 600 करोड़ के प्रोजैक्ट को पहले ही मंज़ूरी दी जा चुकी है और इसका काम जल्द शुरू होगा।
उन्होंने यह भी भरोसा दिया कि बुनियादी ढांचे के विकास और लिंक सडक़ों के प्रोजैक्ट भी चलाए जा रहे हैं जिनको जल्दी मुकम्मल किया जायेगा।
उत्तर प्रदेश में सिखों के उजाड़े के मुद्दे पर कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि उनकी तरफ से मुख्यमंत्री योगी अदित्यानाथ के साथ बात की गई है और उम्मीद है कि वह इस कार्यवाही को रोकेंगे। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा नहीं होता तो वह यह मुद्दा प्रधानमंत्री के पास उठाएंगे।
खेमकरन और गाँव कालड़ा में अभी भी नशे की समस्या होने के सम्बन्ध में मुख्यमंत्री ने कहा कि चाहे नशा माफिया की कमर तोड़ दी गयी परन्तु कुछ इलाकों में फिर भी समस्या हो सकती है जिस को सुलझाने के लिए उनकी सरकार वचनबद्ध है। उन्होंने कहा कि बेशक सप्लाई चेन को तोड़ा जा चुका है परन्तु फिर भी वहां माँग हो सकती है। उन्होंने कहा कि इसका मुकम्मल तौर पर सफाया करने के लिए सभी यत्न जारी हैं।

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