ऐसे अस्पतालों के किए जा सकते हैं लाइसेंस रद्द – स्वास्थय कल्याण मंत्री ने दी चेतावनी 

चंडीगढ़, 13 जूनः राज्य में कुछ निजी अस्पतालों द्वारा कोविड के मरीजों से हद से अधिक पैसे वसूलने की रिपोर्टों का सख्त नोटिस लेते हुए पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री स. बलबीर सिंह सिद्धू ने आज ऐसे सभी अस्पतालों जो इस महामारी के कारण बने हालातों का फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं, के विरुद्ध सख्त कार्यवाही और ऐसे अस्पतालों के लाइसेंस रद्द करने की चेतावनी दी है।


मंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार मरीजों और निजी अस्पतालों के हितों को ध्यान में रखते हुए जल्द ही कोविड के इलाज के लिए खर्चे तय करेगी। उन्होंने आगे कहा, ‘‘परन्तु सरकार इन गंभीर हालातों के दौरान किसी भी कीमत पर निजी अस्पतालों द्वारा मरीजों के शोषण की आज्ञा नहीं देगी।’’
आज यहाँ जारी एक बयान में स. सिद्धू ने कहा, ‘‘यह विपदा की घड़ी है जब हर कोई बचाव के लिए लड़ रहा है और ऐसे नाजुक समय में कुछ निजी हस्पताल मजबूर और बेबस मरीजों से अंधाधुन्ध पैसे वसूल रहे हैं।’’ स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि कोविड के मरीजों के इलाज के लिए निजी अस्पतालों द्वारा हद से ज्यादा पैसे वसूलने का मामला उनके ध्यान में लाया गया था। उन्होंने कहा, ‘‘यह बड़े दुख की बात है कि इस महामारी के विरुद्ध लड़ाई में सकारात्मक योगदान डालने की बजाय कुछ निजी हस्पताल अंधाधुन्ध पैसे वसूल कर मरीजों को लूट रहे हैं जिसकी किसी भी कीमत पर आज्ञा नहीं दी जायेगी।’’    
सिद्धू ने चेतावनी दी कि ऐसे सभी अस्पतालों के लाइसेंस रद्द किये जाएंगे और उनकी सभी सहूलतें वापिस ले ली जाएंगी। इसके अलावा उन्होंने आगे कहा कि सरकार के पास इन अस्पतालों को मुहैया करवाई गई जमीन को बहुत रियायती दरों पर वापस लेने का अधिकार है।
मंत्री ने कोविड के मरीजों के इलाज सम्बन्धी फीस का फैसला करने हेतु सोमवार को एक विशेष मीटिंग बुलाई है। उन्होंने कहा कि सभी पक्षों को ध्यान में रखा जायेगा। उन्होंने कहा कि हम नहीं चाहते कि प्राईवेट अस्पतालों को कोई वित्तीय नुक्सान हो, परन्तु हम किसी भी कीमत पर लूट मचाने की भी आज्ञा नहीं देंगे और वह भी ऐसे संकटकालीन समय के दौरान।
सरकार, मरीजों के इलाज के लिए एक विशेष फीस तय करेगी जिसका प्रचार किया जायेगा और जिसको प्राईवेट अस्पतालों को प्रदर्शित करना लाजिमी होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि निश्चित रूप से, कोविड के एक मरीज के इलाज के लिए लाखों रुपए खर्च नहीं होने चाहिए।
उन्होंने कहा कि कोविड के बहुत से मरीजों को किसी विशेष इलाज या किसी विशेष दखल की जरूरत नहीं होती और उनको निगरानी अधीन रखा जाना सिर्फ अच्छा खाना और दवाओं की ही जरूरत होती है। उन्होंने कहा, इसलिए अस्पतालों को उतने पैसे वसूल करने की जरूरत नहीं होनी चाहिए जितने वह इस समय वसूल रहे हैं।


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