नोवल स्कीम का उद्देश्य प्रभावित अधिकारियों/कर्मचारियों को जि़ंदादिल बनाए रखना और उत्साहित करना - डी.जी.पी.

चंडीगढ़, 6 सितम्बरः
जमीनी स्तर पर पुलिस का मनोबल बढ़ाने और उत्साहित करने के उद्देश्य से पंजाब के डीजीपी के निर्देशों के अंतर्गत एक नोवल योजना अधीन उच्च पुलिस अधिकारियों ने अलग-अलग अस्पतालों में उपचाराधीन या घरों में एकांतवास 500 से अधिक कोविड पॉजिटिव पुलिस अधिकारियों/कर्मचारियों से टैलिफोन के द्वारा बातचीत की।
मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह और डीजीपी दिनकर गुप्ता की तरफ से पिछले हफ्तों के दौरान निजी तौर पर कोरोना वायरस से प्रभावित कर्मचारियों को पूर्ण रूप से उत्साहित और जि़ंदादिल रखने के उद्देश्य से किये यत्नों के अंतर्गत सभी ए.डी.जी.पी और आई.जी.पी रैंक के अधिकारियों की तरफ से सामूहिक संपर्क प्रोग्राम के हिस्से के तौर पर पॉजिटिव अधिकारियों/कर्मचारियों को फोन कॉल की गई।
इस मुहिम में शामिल सीनियर अधिकारियों ने न केवल अधिकारियों/कर्मचारियों की सेहत और तंदुरुस्ती बारे पूछा बल्कि उनको हर संभव सहायता का भरोसा भी दिया। डॉक्टरी पृष्ठभूमि वाले कुछ सीनियर अफसरों ने उनको इलाज सम्बन्धी सुझाव और सलाह भी दी। इलाज अधीन चल रहे पुलिस अधिकारियों /कर्मचारियों ने समय समय पर सरकार और पुलिस विभाग द्वारा दी जा रही सहायता और यत्नों पर संतोष जाताया है।
राज्य में अब तक कुल 3803 पुलिस अधिकारी/कर्मचारी कोविड पॉजिटिव पाए गए हैं और इनमें से 2186 (57 प्रतिशत) पूरी तरह ठीक हो गए हैं। इस समय 1597 अधिकारी/कर्मचारी पॉजिटिव हैं, जिनमें 38 गजटिड अधिकारी और 21 एस.एच.ओ. शामिल हैं। पुलिस मुलाजिमों के तकरीबन 32 पारिवारिक मैंबर भी कोविड पॉजिटिव हैं। 50 अन्य पुलिस मुलाजीम जो पॉजिटिव व्यक्तियों के पास के संपर्क में थे, स्व-एकांतवास अधीन हैं। एक डीएसपी समेत कुल 20 अधिकारियों/कर्मचारियों ने पिछले दिनों कोरोना वायरस की रोकथाम के दौरान फ्रंट लाईन योद्धाओं के तौर पर लड़ते हुए अपनी जान दी है।
इस बीमारी से ठीक हुए 20 से अधिक पुलिस अधिकारियों/कर्मचारियों ने अपनी मर्जी से ब्लड प्लाज्मा दान किया है और 100 से अधिक अन्य लोगों ने भी समाज की भलाई के लिए ऐसा करने की पेशकश की है।
एक लोक-कल्याण सम्बन्धी कदम के तौर पर सभी कोविड पॉजिटिव पुलिस अधिकारियों/कर्मचारियों को डॉक्टरों द्वारा सिफारिश की गई स्वास्थ्य किटें प्रदान की जा रही हैं, जिसमें डिजिटल थर्मोमीटर, पल्स ऑक्सीमीटर, सैनीटाईजर, दवाएँ, विटामिन आदि शामिल हैं। इन किटों की टैक्स सहित कीमत 1700 रुपए बनती है परन्तु पॉजिटिव पुलिस अधिकारियों/कर्मचारियों को यह किटें बिल्कुल मुफ्त दी गई हैं।
हालाँकि अतिरिक्त जिम्मेदारियों और सीधे संकट सम्बन्धी चिंताओं के कारण फ्रंटलाईन पुलिस फोर्स बहुत ज्यादा दबाव में है, परन्तु छोटे से लेकर उच्च पुलिस अधिकारियों/कर्मचारियों का मनोबल और उत्साह दृढ़ और ऊँचा है।
डीजीपी ने कहा कि पंजाब पुलिस के हर पुलिस अधिकारी/कर्मचारी के स्वास्थ्य की सुरक्षा उनकी निजी जिम्मेदारी है और यह संपर्क प्रोग्राम भविष्य में तब तक जारी रहेगा जब तक राज्य में हर कोविड पॉजिटिव पुलिस कर्मचारी पुनः स्वस्थ नहीं हो जाता।

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