कोविड पर घटिया राजनीति खेलने के लिए ‘आप’ की कड़ी आलोचना

चंडीगढ़, 11 सितम्बर:

राष्ट्रीय राजधानी में कोविड की भयानक स्थिति का जि़क्र करते हुये पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने महामारी पर घटिया राजनीति खेलने के लिए आम आदम पार्टी की कड़ी आलोचना की है।
कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कोविड की स्थिति के साथ निपटने में पंजाब सरकार के विरुद्ध नकारात्मक प्रचार करने के लिए ‘आप’ की मुहिम को ‘ग़ैर-जिम्मेदाराना’ करार दिया है।
राज्य में कोविड के संकट पर विचार करने के लिए कांग्रेसी विधायकों के साथ चौथे दौर की वर्चुअल मीटिंग में मुख्य मंत्री ने कहा कि पूरी दुनिया की तरह भारत भी जंग जैसी स्थिति का सामना कर रहा है और इसका सामना एकजुटता के साथ किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी इस संकट के दौरान भी घटिया राजनीति खेलने पर तत्पर है।
कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि कांग्रेस पार्टी सभी राज्यों यहाँ तक कि जहां उनकी सरकार भी नहीं है, में महामारी के साथ निपटने के लिए सरकारों की मदद कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह किसी भी राज्य चाहे वह दिल्ली, हिमाचल प्रदेश या हरियाणा हो, की मदद करने के लिए तैयार हैं। इस संकट से निपटने का यही एक रास्ता है। उन्होंने कहा, ‘यदि कल को दिल्ली को मेरी मदद की ज़रूरत पड़ी तो मैं बिल्कुल इस मदद की पेशकश करूँगा’।
उन्होंने बताया कि आप द्वारा पेश की जा रही तस्वीर के उलट सच्चाई यह है कि पंजाब की अपेक्षा दिल्ली की हालत कहीं अधिक खऱाब है। पंजाब में 18,000 सक्रिय मामले हैं जबकि आबादी 2.90 करोड़ है जबकि 1.80 करोड़ की आबादी वाली दिल्ली में 25,000 से भी अधिक एक्टिव मामले हैं। हरियाणा की आबादी भी पंजाब की अपेक्षा कम है परन्तु मामले पंजाब के बराबर ही हैं।
गरीब वर्ग के लोगों को जांच करवाने के लिए सामने आने हेतु प्रोत्साहन देते हुए कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि उनकी सरकार ने ऐसे लोगों को खाने के मुफ़्त पैकेट बाँटने शुरू कर दिए हैं जो कि एकांतवास में हैं और जिनके पास इस स्थिति में रोज़ी-रोटी का कोई साधन नहीं है। उन्होंने विधायकों को जि़ला प्रशासन के साथ तालमेल बना कर काम करने के लिए कहा जिससे यह यकीनी बनाया जा सके कि खाने के पैकेट जरूरतमंद लोगों तक पहुँच रहे हैं और गरीब लोग एकांतवास के दौरान रोज़ी-रोटी से वंचित होने के डर के कारण जांच के लिए सामने आने से गुरेज़ न करें।
ज़्यादातर विधायकों ने इस बात पर सहमति अभिव्यक्त की कि विरोधी पार्टियाँ, जोकि राजनैतिक गतिविधियों के लिए नियम कानूनों का उल्लंघन कर रहे हैं, की तरफ से किया जा रहा नकारात्मक प्रचार लोगों को जल्द जांच के लिए सामने आने के लिए प्रेरित करने के रास्ते में रुकावट बन रहा है और सभी की कोशिशों के बावजूद सामाजिक दूरी के नियम की पालना भी नहीं की जा रही।
विधायकों ने यह भी शिकायत की कि निजी अस्पतालों की तरफ से कोविड संकट के दौरान मुनाफ़ाख़ोरी के चक्कर में मरीज़ों से काफ़ी अधिक कीमतें वसूली जा रही हैं बावजूद इसके कि राज्य सरकार ने कीमतें तय की हुई हैं।
आज की वर्चुअल मीटिंग में हिस्सा लेने वाले विधायकों में बस्सी पठाणा से गुरप्रीत सिंह जी.पी., फतेहगढ़ साहिब से कुलजीत सिंह नागरा, फिऱोज़पुर शहरी से परमिन्दर सिंह पिंकी, फाजिल्का से दविन्दर सिंह घुबाया, बल्लूआना से नत्थू राम, मोगा से हरजोत कमल, जलालाबाद से रमिन्दर आँवला, जालंधर कैंट से प्रगट सिंह और फरीदकोट से कुशलदीप सिंह ढिल्लों शामिल थे। 

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