राहुल गांधी द्वारा केंद्र सरकार के नये कानूनों को भारत की आत्मा पर किया गया हमला करार

खेती क्षेत्र के लिए मज़दूरों की बजाय मशीनों का प्रयोग किया करेंगे पूँजीपति - राहुल गांधी ने किया सावधान

संगरूर, 5 अक्तूबर: 

कांग्रेसी नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार के नये खेती कानूनों को भारत की आत्मा पर किया गया हमला करार दिया है। इसके साथ ही पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने आज कहा कि मुल्क पर हानिकारक प्रभाव डालने वाले इन कानूनों का रास्ता रोकने के लिए जो भी प्रस्ताव या बिल पास करने की ज़रूरत पड़ी तो उनकी सरकार विधानसभा में पास करेगी।तीन दिवसीय ‘खेती बचाओ यात्रा’ के दूसरे दिन भवानीगढ़ में सार्वजनिक रैली को संबोधन करते समय  मुख्यमंत्री ने प्रण लेते हुए कहा कि काले कानूनों के बर्बाद करने देने वाले प्रभाव से किसानों के हित महफूज़ रखने के लिए जो कुछ भी करना पड़ा, वह करेंगे।मंडीकरण ढांचा और न्यूनतम समर्थन मूल्य प्रणाली को खत्म करने कि की जा रही कोशिश के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को जि़म्मेदार ठहराते हुए राहुल गांधी ने कहा कि इन दोनों प्रणालियों को भारत के कृषि सैक्टर की दीवार कहा जा सकता है। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार किसानों की कमर तोडऩे में सफल हो जाती है तो समूचा मुल्क अम्बानी और अडानी जैसे उद्योगपतियों का ग़ुलाम हो जायेगा। उन्होंने सावधान करते हुए कहा कि मोदी सरकार भारत के साथ वही कुछ कर रही है जो कुछ ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने किया था। उन्होंने कहा कि जिस वस्तु के लिए लोग अब 10 रुपए अदा कर रहे हैं, वही वस्तु कॉर्पोरेट राज में 50 रुपए की मिला करेगी। यह पैसा किसानों या मज़दूरों की जेब में नहीं जायेगा बल्कि कॉर्पोरेट घरानों की जेब में जाएगा।राहुल गांधी ने आगे सावधान करते हुए कहा कि अम्बानी और अडानी खेती सैक्टर के कामों के लिए मज़दूरों का प्रयोग नहीं करेंगे बल्कि इसकी बजाय मशीनों से काम लेंगे जिससे लाखों लोग रोजग़ार से वंचित हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि नयी प्रणाली के अंतर्गत किसानों को इन उद्योगपतियों के साथ सौदेबाज़ी करने के लिए मज़बूर कर दिया जायेगा और यहाँ तक कि राज्य का प्रशासन और पुलिस भी इनकी मदद करने के योग्य नहीं रहेगा।ट्रैक्टर रैली की शुरुआत से पहले संगरूर में रैली को संबोधन करते हुए राहुल गांधी ने चेतावनी दी कि केंद्र सरकार के किसानों पर घातक हमले से समूचा मुल्क विनाश की कगार पर पहुँच जायेगा। यह ट्रैक्टर रैली भवानीगढ़, फतेहगढ़ छन्ना, बाहमणा से होती हुई पटियाला जि़ले में समाना की अनाज मंडी में एक और रैली के साथ समाप्त होगी।राहुल गांधी ने कहा कि किसान अधीनता वाले ऐसे कदमों से डरने वाले नहीं हैं। मोदी सरकार को चेतावनी देते हुए कांग्रेसी नेता ने कहा कि कोविड का सामना करते हुए पंजाब और मुल्क के बाकी हिस्सों में किसान अपने हकों की ख़ातिर सडक़ों पर उतरकर आवाज़ बुलंद करेंगे।इस मौके पर मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह भी साथ थे जिन्होंने केंद्र सरकार पर बरसते हुए कहा कि यह सरकार किसान-आढ़ती के दरमियान परखे हुए रिश्ते को समाप्त करके कृषि को अडानी और अम्बानी जैसे बड़े कॉर्पोरेटों के हाथों में देने पर तुली हुई है।राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी किसानों के हक में आवाज़ बुलंद करने से पीछे नहीं हटेगी। कांग्रेसी नेता ने कहा कि यह नये कानून किसानों को बड़े उद्योगपतियों के रहमो-कर्म पर छोड़ देंगे और किसान न तो लड़ाई लडऩे के समर्थ रहेंगे और न ही किसी के पास सहायत के लिए जा सकेंगे। उन्होंने कहा कि खेती कानून किसान भाईचारे को बर्बादी के रास्ते पर ले जाएंगे।मुख्यमंत्री ने किसानों को सम्मुख होते हुए कहा कि क्या आप ज़रूरत पडऩे पर मदद मांगने के लिए अडानी और अम्बानी जैसोंके पास जाओगे जबकि अभी तो आप आढ़तियों के पास चले जाते हो? इसी दौरान राहुल गांधी ने कहा कि एक बार जब इन उद्योगपतियों ने खाद्य पदार्थों का कंट्रोल अपने हाथों में कर लिया तो हर परिवार को उपज खरीदने के लिए तीन गुणा अदा करना पड़ेगा जिससे बर्बादी होगी और इसका प्रभाव समूचे मुल्क पर पड़ेगा। राहुल गांधी ने कहा कि इससे सिफऱ् किसान ही ज़मीन और रोज़ी-रोटी से मुहताज नहीं होंगे बल्कि किसानी के साथ जुड़े मंडीकरण के ढांचे और अनाज खरीदने की लड़ी टूट जाने से लोग भी रोजग़ार के बिना रह जाएंगे।कांग्रेसी संसद मैंबर ने कहा कि मौजूदा व्यवस्था को मज़बूत करना समय की ज़रूरत है और इसकी कमियां दूर की जाएँ न कि इस को तबाह कर दिया जाये जो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी करने के लिए उतावले लगते हैं। उन्होंने कहा कि मोदी तो अपने औद्योगिक मित्रों के लिए रास्ता साफ़ कर रहे हैं।राहुल गांधी ने भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की तरफ से लोगों के लिए रोजग़ार के मौके पैदा करने का वादा पूरा न कर सकने के बाद अब कृषि को ख़त्म करने की कोशिशों की सख़्त आलोचना की। उन्होंने कहा कि यह नौकरियाँ अम्बानी और अडानी ने पैदा नहीं की बल्कि छोटे कारोबारियों और सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों ने पैदा की हैं जिसको मोदी ने नोटबन्दी और जी.एस.टी. जैसी बुरी नीतियों के द्वारा विनाश के कगार पर लाया है। उन्होंने कहा कि पिछले छह सालों से मोदी अपनी नीतियों के द्वारा गरीबों को मार रहे हैं। उन्होंने कहा कि नोटबन्दी से आम लोगों का मेहनत के साथ कमाया हुआ पैसा बैंकों के द्वारा बड़े उद्योगपतियों की जेबों में डाल दिया गया और इसी तरह जी.एस.टी के साथ छोटे और मध्यम उद्योगों और छोटे व्यापारियों को बर्बाद करके रख दिया। यहाँ तक कि कोविड के संकट को प्रधानमंत्री ने अपने पूँजीपति मित्रों की मदद के लिए इस्तेमाल किया और इनके कजऱ्े और टैक्स माफ कर दिए गए या फिर घटा दिए गए।‘कैप्टन पानी का रक्षक जि़ंदाबाद’ के नारों के दरमियान मुख्यमंत्री ने मालवा क्षेत्र का केंद्र बिंदु बोले जाते इलाके जो गेहूँ और धान का सबसे अधिक झाड़ पैदा करते हैं, के लोगों को संबोधन करते हुये कहा कि मोदी सरकार ने अपने हरवायदे से पीठ दिखाई है, चाहे वह जी.एस.टी का संवैधानिक वायदा हो या फिर रोजग़ार या किसानों की आय दोगुनी करने की बात हो। उन्होंने कहा कि पिछले सात महीनों से पंजाब को जी.एस.टी में से अपना हिस्सा ही नहीं मिला जिससे राज्य को कोविड के संकट के प्रबंधन के लिए जद्दोजहद करनी पड़ रही है।मुख्यमंत्री ने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी आखिरी दम तक किसानों की लड़ाई लड़ेगी। मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी से अपील की कि वह प्रधान मंत्री बनने पर तुरंत बाद इन काले कानूनों को रद्द कर दें। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी यहाँ किसानों की सार लेने के लिए आए हैं। कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने नये खेती कानूनों को किसान भाईचारे के साथ घोर बेइन्साफ़ी बताया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार को इस बात का ही पता नहीं कि पंजाब में कृषि का काम किस तरह चलता है। उन्होंने कहा कि इन नये कानूनों के साथ शांता कुमार कमेटी की सिफारिशों के मुताबिक न्युनतम समर्थन मूल्य को ख़त्म करने और एफ.सी.आई. के काम को समेट दिया जायेगा।इन कानूनों के साथ मंडियों के बंद हो जाने से सावधान करते हुये कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि उनकी सरकार केंद्र को ऐसा हरगिज़ नहीं करने देगी और इसलिए जो भी कदम उठाने पड़े, उठाऐगी चाहे इन कानूनों के खि़लाफ़ विधान सभा का सत्र बुलाना पड़े और या फिर सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खडख़टाना पड़े।संगरूर के साथ अपनी नज़दीकी को याद करते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मेरे पूर्वजों की धरती है और इसकी पवित्र धरती ने शहीद ऊधम सिंह जैसे शहीदों को पैदा किया, जिन्होंने जलियांवाला बाग़ की मिट्टी को 1919 में हुए इस दुखांत का बदला लेने का याद करवाने के लिए अपने पास रखा। कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि हमें ऐसे नायकों और शहीदों से प्रेरणा मिलती है।इस मौके पर पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रधान सुनील जाखड़, पूर्व मुख्यमंत्री राजिन्दर कौर भ_ल, कैबिनेट मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू और विजय इंदर सिंगला ने भी संबोधन किया। इसके अलावा इस समागम में पंजाब मामलों के ए.आई.सी.सी जनरल सचिव इंचार्ज हरीश रावत, हरियाणा कांग्रेसी नेता दीपेंद्र हुड्डा ने भी शिरकत की। कैबिनेट मंत्री राणा गुरमीत सिंह सोढी ने धूरी से विधायक दलवीर सिंह गोलडी के साथ स्टेज सांझी की।इस मौके पर कांझला गाँव से 4 एकड़ ज़मीन का मालिक किसान मुखत्यार सिंह भी आया और उसने मुख्यमंत्री और दूसरे नेताओं को अपने दुख और पेश मुश्किलों की कहानी सुनाई।फतेहगढ़ छाना, बाहमणा (समाना, जि़ला पटियाला) के द्वारा ट्रैक्टर रैली निकालने से पहले, श्री राहुल गांधी और कैप्टन अमरिन्दर सिंह के स्वागत के लिए बड़ी संख्या में इकठ्ठा हुए किसानों, आढ़तियों और मज़दूरों की तरफ से लगाऐ ‘किसान-आढतियों -मज़दूर एकता जि़ंदाबाद’ के नारों से समागम स्थल गूँज उठा। ट्रैक्टर रैली की समाप्ति अनाज मंडी समाना में एक सावर्जनिक मीटिंग के साथ होनी है।

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