पटियाला, 6अक्तूबर:

कांग्रेस के सांसद राहुल गांधी और मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह की तीन दिवसीय ‘खेती बचाओ यात्रा’ आज हरियाणा के बार्डर पर समाप्त हुई। इस दौरान दोनों नेताओं ने यह प्रण लिया कि केंद्र सरकार के घातक खेती कानूनों के साथ प्रभावित होने वाले लोगों की हिमायत में अपने सैद्धांतिक स्टैंड से एक इंच भी पीछे नहीं हटेंगे।

पटियाला जि़ले में सनौर के नज़दीक गाँव फ्रांसवाला जो ट्रैक्टर रैली का आखिरी स्थान था, में जनतक रैली के दौरान अखिल हिंद कांग्रेस कमेटी के जनरल सचिव हरीश रावत और पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रधान सुनील जाखड़ ने पिछले छह सालों में लोगों पर ज़ुल्म के लिए भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की सख़्त आलोचना की। छोटे व्यापारियों, किसानों, आढ़तियों और खेत मज़दूरों के हित दांव पर लगा कर कॉर्पोरेट घरानों के हित पालन के लिए प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी की सख़्त आलोचना करते हुये उन्होंने कहा कि कि गरीब और गरीब हो रहा और अमीर और अमीर हो रहा है।राहुल गांधी ने कहा, ‘किसान इन अन्यायकारी और ज़ालिमाना कानूनों के आगे झुकने की बजाय जान दे देंगे।’ उन्होंने कहा कि मंडी और खरीद प्रणाली, जिसको खेती कानून बर्बाद कर देंगे, किसान भाईचारों की सुरक्षा ढाल है। राहुल गांधी ने कहा कि यह कानून किसानों को अम्बानी और अडानी के हाथों में बंधुआ मज़दूरों बना कर राख कर देंगे। उन्होंने किसानों को इन कानूनों के खि़लाफ़ आवाज़ बुलंद करने का न्योता दिया जिससे उनको बाद में पछताना न पड़े।राहुल गांधी ने कहा कि यह लड़ाई अकेले पंजाब के लिए नहीं बल्कि समूचे मुल्क के लिए है। उन्होंने चेतावनी देते हुये कहा कि एक बार यह कानून लागू कर दिए गए जिससे किसान मदद के लिए प्रशासन के पास गुहार लाने लायक भी नहीं रहेंगे। उन्होंने कहा, ‘क्या आपको ऐसे व्यवस्था की ज़रूरत है जहाँ शॉपिंग मॉल बनाए जाएँ जबकि किसान भूख के साथ मरता हो?’ उन्होंने कहा कि वह ऐसा होने नहीं देंगे।अपने संबोधन में मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि डकाला और सनौर के इलाके हमेशा ही उनके परिवार और कांग्रेस पार्टी के साथ रहे हैं और अब भी काले खेती कानूनों के मुद्दे पर इन इलाकों के लोग पार्टी के साथ चट्टान की तरह खड़े हैं।भाजपा सरकार पर बरसते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि समूचे मुल्क के किसान मोदी शासन के खि़लाफ़ उठ खड़े हैं और उन्होंने सावधान किया, ‘अगलों मतदान में यह ज़ालिम राख कर दिए जाएंगे।’ उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार उन किसानों और खेत मज़दूरों को उजाडऩे पर उतारू है जिन्होंने सालों से मुल्क को अनाज पैदा करके दिया और यहाँ तक कि कोविड के संकट समय भी अपनी जि़म्मेदारी निभाने से पीछे नहीं हटे। यही नहीं, केंद्र सरकार सार्वजनिक वितरण प्रणाली, एफ.सी.आई., मंडियों और आढ़तियों को भी ख़त्म करने की कोशिश कर रही है।कैप्टन अमरिन्दर ने पूछा, ‘यदि किसान इन कानूनों से सचमुच खुश हैं, जैसे कि मोदी सरकार दावा करती है, तो वह सडक़ों पर विरोध प्रदर्शन क्यों कर रहे हैं?’ उन्होंने आगे कहा कि जब तक यह कानून वापस नहीं लिए जाते, तब तक इनके विरुद्ध पंजाब की जंग जारी रहेगी। उन्होंन किसानों को अपना पूरा समर्थन देते हुये कहा कि यह जंग ‘रोटी’ के लिए है क्योंकि देश की 65 प्रतिशत आबादी कृषि पर निर्भर है।ए.आई.सी.सी के जनरल सचिव और पंजाब मामलों के इंचार्ज हरीश रावत ने इस मुश्किल घड़ी में पंजाब आकर किसानों का समर्थन करने के लिए राहुल गांधी का धन्यवाद किया। उन्होंने मोदी की बराबरी ब्रिटिश शासन के साथ करते हुये कहा कि जिस तरह ब्रिटिश साम्राज्य के अत्याचार गांधी परिवार की भावना और आत्मविश्वास को नुकसान पहुंचाने में असफल रहे थे, उसी तरह मोदी भी ऐसा नहीं कर सकेगा। राहुल गांधी को देश का भविष्य बताते  हुये उन्होंने कहा कि सिफऱ् वही मोदी सरकार को उपयुक्त जवाब दे सकते हैं।किसानों की इस जंग में उनके साथ खड़े होने का वायदा करते हुये पटियाला से सांसद परनीत कौर ने कहा कि मुख्यमंत्री ने किसानों के हकों की सुरक्षा के लिए लड़ाई लडऩे में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी। उन्होंने आगे कहा कि राहुल गांधी ने हमेशा ही समाज के सभी वर्गों के हितों का पक्ष लिया है।पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रधान सुनील जाखड़ ने कहा कि जिस दिन किसानों की तकदीर कॉर्पोरेट दैत्यों के हाथ आ गई तो पीडीएस व्यवस्था और मंडी प्रणाली ख़त्म हो जायेगी जिसके साथ किसानी भाईचारे और गरीबों पर विनाशकारी प्रभाव पड़ेगा। श्री जाखड़ ने मोदी के एजेंट अकालियों पर बरसते हुये कहा कि खेती कानून किसानों को दैनिक वेतन भोगी बना देंगे।इस मौके पर दूसरों के इलावा कैबिनेट मंत्री ब्रह्म मोहिंद्रा और सुखबिन्दर सिंह सरकारिया, पंजाब मंडी बोर्ड के चेयरमैन लाल सिंह, संसद मैंबर मनीष तिवारी, जसबीर सिंह डिम्पा, चौधरी संतोख सिंह, गुरजीत सिंह औजला, डा. अमर सिंह, मुहम्मद सदीक और एम.पी. प्रताप सिंह बाजवा साथ साथ सनौर हलका इंचार्ज हरिन्दर सिंह हैरी मान, विधायक कुलजीत सिंह नागरा, राणा गुरजीत सिंह, मदन लाल जलालपुर, हरदयाल सिंह कम्बोज़, राजिन्दर सिंह, डा. राज कुमार वेरका, गुरकीरत सिंह कोटली, नवतेज सिंह चीमा, गुरप्रीत सिंह जी.पी., लखवीर सिंह लक्खा और सुखपाल सिंह भुल्लर, पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव कैप्टन सन्दीप संधू, पंजाब यूथ कांग्रेस के जनरल सचिव मोहित महिन्द्रा और पंजाब राज समाज भलाई बोर्ड की चेयरपरसन गुरशरन कौर रंधावा मौजूद थे।



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