चंडीगढ़, 13 नवंबर: पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कृषि कानूनों और अन्य सम्बन्धित मुद्दों पर पैदा हुई पेचीदगी संबंधी आज किसान संगठनों और केंद्र के बीच हुई सुखद बातचीत का स्वागत किया है।इसको एक रचनात्मक कदम करार देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मीटिंग ने पहली बार दोनों पक्षों को खुले माहौल में बातचीत करने का मौका प्रदान किया और उन्होंने उम्मीद की कि इससे मुद्दे पर बनी उलझन को दूर करने के लिए रास्ता साफ होगा। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों ने आगे आकर हल ढूँढने के लिए सहमति दी है, जिससे यह संकेत मिलता है कि दोनों पक्ष कृषि कानूनों के कारण पैदा हुए लम्बे समय के संकट का हल ढूँढने की ज़रूरत पर आपसी समझ बना ली गई है।मीडिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार के साथ 21 नवंबर को एक और बैठक से पहले किसान संगठनों द्वारा 18 नवंबर को की जाने वाली आंतरिक स्तर की बातचीत आज के व्यापक विचार-विमर्श के दौरान उठाए गए विभिन्न नुक्तों को आगे रखने के लिए ठोस तरीकों की पहचान करने में सहायक होगी।राज्य और समाज के सभी वर्गों के हित में इस मामले के जल्द हल की ज़रूरत पर ज़ोर देते हुए कैप्टन अमरिन्दर ने कहा कि पंजाब जिसको कोविड महामारी के कारण भारी वित्तीय घाटे का सामना करना पड़ा है, को कृषि कानूनों के कारण पैदा हुए मौजूदा संकट के साथ बुरी तरह चोट लगी है। उन्होंने आगे कहा कि यह देश के हित में होगा कि उन मतभेदों को सुलझाया जाए, जो इस संकट के हल में रुकावट बने हुए हैं।


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