शेर के बच्चे अमर, अर्जुन और दिलनूर को पहली बार देखने का मिलेगा मौका भारतीय लोबड़ी को अपने नए जन्मे बच्चों के साथ पहली बार देखा जा सकेगा मॉम एंड बेबी केयर रूम, मुफ़्त वाई-फाई हॉटस्पॉट, सैल्फी प्वाइंट, मैडीकेट्ड फुट मैट, टच्च फ्री हैंड वॉश और सैनीटाईजऱ डिस्पैंससर सैलानियों के लिए उपलब्ध होंगे प्रति स्लॉट में 900 सैलानियों की एंट्री के साथ एक दिन में अधिक से अधिक 2700 सैलानियों को एंट्री की होगी आज्ञा रोगाणू-मुक्त करने के लिए एक समर्पित टीम तैनात 

 

चंडीगढ़/एसएएस नगर, 9 दिसंबर: पंजाब सरकार ने वन एवं वन्य जीव सुरक्षा विभाग के प्रस्ताव को मंज़ूरी दे दी है और चिडिय़ाघर सैलानियों, कर्मचारियों और पशुओं की सुरक्षा के लिए सख्त कोविड-19 प्रोटोकोल की पालना करते हुए 10 दिसंबर, 2020 से छत्तबीड़ चिडिय़ाघर को दोबारा खोलने के लिए मंज़ूरी दे दी है। यह जानकारी फील्ड डायरैक्टर एम.सी. ज़ूलोजीकल पार्क, छत्तबीड़ डॉक्टर एम. सुधागर ने दी। पहली बार सैलानियों को शेर के बच्चे अमर, अर्जुन और दिलनूर को देखने का मौका मिलेगा। इसके साथ ही भारतीय लोबड़ी को अपने नए जन्मे बच्चों के साथ पहली बार देखा जा सकेगा। इसके अलावा, चिडिय़ाघर में सैलानियों के लिए बहुत सी नयी सुविधाएं जैसे मॉम एंड बेबी केयर रूम, मुफ़्त वाई-फाई हॉटस्पॉट, कॉफ़ी बूथ, कंट्रोल रूम, सैल्फी प्वाइंट्स, नया आराम घर, परेशानी रहित पार्किंग, टच्च फ्री हैंड वॉश और सैनीटाईजऱ डिस्पेंसर भी दिए जा रहे हैं। लोगों की माँग और सरकार के दिशा-निर्देशों को ध्यान में रखते हुए चिडिय़ाघर प्रशासन ने छत्तबीड़ चिडिय़ाघर और आने वाले दर्शकों की सुविधा के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) पर अमल करते हुए चिडिय़ाघर को दोबारा खोलने के लिए तैयारी मुकम्मल कर ली गई है। चिडिय़ाघर में आने वाले सैलानियों, कर्मचारियों, कामगारों और जानवरों की सुरक्षा को यकीनी बनाने के लिए एसओपी के अनुसार प्रोटोकोल और दिशा निर्देशों की पालना नीचे दिखाए अनुसार की गई है: 1. सैलानियों के लिए चिडिय़ाघर सोमवार को छोडक़र हफ़्ते में 6 दिन खोला जाएगा। सैलानियों को सुबह 9:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक (प्रात:काल 9.00 बजे से शाम 5 बजे तक) एंट्री करने की आज्ञा होगी। 2. चिडिय़ाघर में हर समय सैलानियों की आमद सामथ्र्य को यकीनी बनाने के लिए, चिडिय़ाघर में दाखि़ल होने वालों की संख्या को नियमित किया गया है। चिडिय़ाघर में हालात आम की तरह होने तक एक दिन में अधिक से अधिक 2700 सैलानियों को चिडिय़ाघर में एंट्री की आज्ञा दी जायेगी। चिडिय़ाघर में कम समय के लिए ही टिकट उपलब्ध रहेगी, जिससे सामाजिक दूरी को यकीनी बनाया जाएगा। एंट्री के बाद एंट्री टिकट सिफऱ् दो घंटों के लिए वैध होगी। इसका कार्यक्रम नीचे दिए अनुसार होगा: सुबह 09:30-चिडिय़ाघर में एंट्री शुरू सुबह 09:30 से 11:30-अधिक से अधिक 900 सैलानी एंट्री कर सकते हैं प्रात:काल 11:30 से 12:00 - स्वच्छता के लिए अंतराल दोपहर 12:00 से 02:00 बजे - अधिक से अधिक 900 सैलानी एंट्री कर सकते हैं 02:00 बजे से 02:30 बजे - स्वच्छता के लिए अंतराल दोपहर 02:30 बजे से 04:30 बजे - अधिक से अधिक 900 सैलानी एंट्री कर सकते हैं 04:30 बजे - चिडिय़ाघर में एंट्री बंद कर दी जायेगी 3. चिडिय़ाघर में एंट्री, पार्किंग, बैटरी संचालित कारों आदि की टिकटों की ऑनलाईन बुकिंग के द्वारा बुक की जा सकती हैं, जिसके लिए लिंक चिडिय़ाघर की वैबसाईट (ष्द्धद्धड्डह्लड्ढद्बह्म्5शश.द्दश1.द्बठ्ठ) पर दिया गया है। जो सैलानी अपने घर से ऑनलाइन बुकिंग नहीं कर सकते वह क्यू. आर कोड प्रणाली और पीओएस मशीनों के ज़रिये नकद रहित लेन-देन के साथ चिडिय़ाघर के बुकिंग काउन्टर से टिकटें ले सकते हैं। 5. चिडिय़ाघर में इन-डोर सुविधाएं जैसे कि रिपायटल हाऊस, नौकटरनल हाऊस, वाइल्ड लाईफ़ सफारी (लॉयन सफारी एंड डियर सफारी) सैलानियों की सुरक्षा को यकीनी बनाने के लिए अस्थाई तौर पर बंद कर दिए गए हैं। पहले महीने के तजुर्बे और फीडबैक के आधार पर सैलानियों के लिए इन सुविधाओं को पड़ाववार ढंग से खोला जा सकता है। 6. गन्दगी फैलने को रोकने और स्व-सफ़ाई बनाए रखने के लिए चिडिय़ाघर में एंट्री और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर मैडीकेट्ड फुट मैट, टच्च-फ्री सैंसर आधारित हैंड वॉश सुविधाएं प्रदान की गई हैं। इसके अलावा चिडिय़ाघर की सभी महत्वपूर्ण सुविधाओं में टच-फ्री सैनीटाईजऱ डिस्पैंसर स्थापित किए गए हैं। बैरीकेडों, जानवरों के घेेरे से बाहर की रेलिंग, सार्वजनिक सुविधाओं (पखाने, पीने वाले पानी के स्थानों, बारिश वाली पनाह, मनोरंजन प्वाइंट आदि) को सैनीटाईज़ करने के लिए एक समर्पित टीम तैनात की गई है और इनका प्रयोग अंतराल में की जायेगी। 7. चिडिय़ाघर में सिंगल यूज़ प्लास्टिक की आज्ञा नहीं होगी। प्लास्टिक की पानी वाली बोतलों और दवा के कंटेनर को स्क्रीनिंग के बाद आज्ञा दी जा सकती है। 8. सैलानियों के लिए कम से कम ज़रूरी खाने-पीने की चीजें प्रदान करने के लिए चिडिय़ाघर प्रशासन चिडिय़ाघर के अंदर एक कैंटीन चलाने की योजना बना रहा है जिससे खाद्य पदार्थों, बोतलबन्द पीने वाले पानी, चाय, कॉफी आदि को सुरक्षा के सभी नियमों के अधीन मुहैया करवाया जा सके। इसके अलावा चिडिय़ाघर के सैलानियों के लिए दिशा निर्देशों में शामिल हैं: 1. सैलानी तभी चिडिय़ाघर आ सकेंगे जब उनको खाँसी, ज़ुकाम और बुख़ार के लक्षण नहीं होंगे। 2. चिडिय़ाघर में हालात आम की तरह होने तक 65 साल से अधिक उम्र के व्यक्तियों और 5 साल से कम उम्र के बच्चों को चिडिय़ाघर न आने की अपील की जाती है। 3. सभी सैलानी चिडिय़ाघर में दाखि़ल होने पर लाजि़मी तौर पर मास्क पहनेंगे। अगर वह मास्क पहनना भूल जाते हैं, तो वह चिडिय़ाघर के प्रवेश द्वार पर बनाए गए काउन्टर से मास्क खरीद सकते हैं। 4. चिडिय़ाघर में दाखि़ले वाली टिकटें खरीदने के लिए सिफऱ् कैशलैस और ऑनलाइन बुकिंग की आज्ञा होगी। एंट्री टिकट चिडिय़ाघर के अंदर एंट्री से सिफऱ् दो घंटों के लिए ही योग्य होगी। 5. सभी सैलानियों के लिए चिडिय़ाघर के एंट्री द्वार पर लगाए मैडीकेट्ड फुट मैट से गुजऱना लाजि़मी होगा। 6. चिडिय़ाघर में दाखि़ल होने पर सैलानियों के शारीरिक तापमान की लाजि़मी तौर पर जांच की जायेगी। 7. सभी सैलानी चिडिय़ाघर में सामाजिक दूरी के नियमों की पालना करेंगे। 8. चिडिय़ाघर में बैरीकेडें और अन्य सतहों को छूने से बचें, जिससे संक्रमण और गन्दगी की संभावना को कम किया जा सके। 9. सैलानियों की यातायात सिफऱ् निर्धारित यात्री मार्गों पर होनी चाहिए और शॉर्टकट के प्रयोग से गुरेज़ करना चाहिए। 10. सैलानियों को चिडिय़ाघर के खुले क्षेत्रों में थूकने से गुरेज़ करना चाहिए। किसी को भी पान मसाला, गुटका और खैनी चबाने और चिडिय़ाघर में थूकने की आज्ञा नहीं है। 11. कोविड -19 महामारी के कारण क्लोक रूम /सामान /लॉकर रूम की सुविधा अस्थाई तौर पर वापस ली जा रही है। सैलानियों को सलाह दी जाती है कि वह उपरोक्त सुविधा के लिए सामान न लेकर जाएँ। 12. सभी सैलानी सख्त निगरानी के अधीन होंगे और किसी भी दिशा निर्देशों का उल्लंघन करने वाले हरेक व्यक्ति को कम से कम 500 रुपए प्रति उल्लंघन जुर्माना लगाया जायेगा।




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