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पंजाब स्टेट जी.एस.टी. द्वारा जी.एस.टी. की नकली बिलिंग के 700 करोड़ रुपए के घोटाले का पर्दाफाश

अब तक 122 करोड़ रुपए से अधिक इनपुट टैक्स क्रेडिट की धोखाधड़ी से पर्दा उठा, 5 व्यक्ति गिरफ्तार

चंडीगढ़, 13 मार्च: पंजाब स्टेट जी.एस.टी. के इन्वेस्टिगेशन विंग के अधिकारियों द्वारा आज पंजाब, दिल्ली और हरियाणा समेत विभिन्न राज्यों में नकली बिलिंग का नैटवर्क बनाने एवं चलाने और सरकार को टैक्स की अदायगी किए बिना धोखाधड़ी के साथ अलग-अलग फर्मों को 122 करोड़ रुपए से अधिक की आई.टी.सी. पास करने और फ़ायदा कमाने के दोष में 5 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है।
7 व्यक्तियों को गिर$फ्तार करने की आज्ञा स्टेट टैक्स कमिश्नर श्री नीलकंठ एस. अवहद (आई.ए.एस.) द्वारा सैक्शन 132(1) (ए), (बी) और (सी) के उल्लंघन के लिए जी.एस.टी. एक्ट की धारा 69 के अंतर्गत दी गई। विभाग की टीमों द्वारा इन कार्यवाहियों, जिसमें तांबे के स्क्रैप और हौजऱी की वस्तुओं के काम में पंजाब और राज्य से बाहर फर्में बनाने और इसके बाद इसको राज्य में अलग-अलग लाभपात्री फर्मों को देना शामिल है, के लिए सुबूत इकठ्ठा करने के लिए दोषियों की रिहायश समेत खन्ना शहर के कई स्थानों पर तलाशी और बरामदगी की कार्यवाही की गई। नकली फर्मों द्वारा प्राप्त आई.टी.सी. का प्रयोग अलग-अलग व्यापारियों के माल के स्थानीय यातायात को समर्थन करने के लिए की जाती थी।पिछले साल मोबाइल विंग जालंधर द्वारा तांबे का स्क्रैप ले जा रहे वाहन को पकडऩे के बाद विभाग को नैटवर्क के बारे में पता चला था और जांच में यह सामने आया था कि यह माल स्थानीय तौर पर खरीदा गया था जबकि ई-वे और इनव्आइस किसी अन्य फर्म से तैयार किए गए थे। विस्तृत जांच से पता चला कि राज्यों में फैला हुआ 44 फर्मों का एक नैटवर्क है जो स्थानीय ग़ैर रजिस्टर्ड डीलजऱ् द्वारा की गई खरीद में से बनती टैक्स देनदारी के निपटारे के लिए नकली आई.टी.सी. बनाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था। सुबूतों का सामना करने पर मुख्य दोषी ने स्वीकार किया कि वह कुछ अन्य साथियों की मदद के साथ नैटवर्क चला रहा था, जिनमें से कुछ को गिर$फ्तार भी किया गया है। तलाशी मुहिमों के दौरान अलग-अलग फर्मों से सम्बन्धित दस्तावेज़ और तैयार किए गए नकली इनव्आइस और ई-वे शेयर करने के लिए इस्तेमाल किए गए मोबाइल फ़ोन ज़ब्त कर लिए गए। नैटवर्क द्वारा कुल नकली बिलिंग 700 करोड़ से अधिक होने की संभावना है, जबकि तैयार की गई आईटीसी और टैक्स चोरी 122 करोड़ से अधिक है। नकली नैटवर्क के विभिन्न लाभपात्रियों और इसमें शामिल अन्य साथियों के बारे में भी सुबूत इकठ्ठे किए गए हैं।संयुक्त डायरैक्टर (इन्वेस्टिगेशन), पटियाला की निगरानी अधीन सहायक कमिश्नर एम.डब्ल्यू. पटियाला के नेतृत्व वाली टीम द्वारा जी.एस.टी. एक्ट की धारा 132 का उल्लंघन के लिए आज सात आरोपियों में से पाँच को गिर$फ्तार किया गया। इस ऑपरेशन में श्री शौकत अहमद पारे (आई.ए.एस.) अतिरिक्त कमिश्नर (एनफोर्समैंट) पंजाब ने तालमेल किया।अन्य दोषियों को पकडऩे के लिए कोशिशें जारी हैं। दोषियों को ड्यूटी मैजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया और 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। गिर$फ्तार किए गए व्यक्तियों में विनोद कुमार, मनिन्दर शर्मा, सन्दीप सिंह, अमरिन्दर सिंह और सन्नी मेहता शामिल हैं।गिर$फ्तार किए गए सभी व्यक्ति लुधियाना जि़ले के कस्बा खन्ना से सम्बन्धित हैं। विभिन्न लाभपात्रियों और अन्य साथियों के खि़लाफ़ कार्यवाही आरंभ की जा रही है। दोषियों और पंजाब से बाहर के अन्य व्यक्तियों के नाम पर रजिस्टर्ड फर्मों के विवरण एकत्रित किए जा रहे हैं और अपेक्षित कार्यवाही के लिए अन्य राज्यों के साथ साझे किए जाएंगे। अगली जाँच जारी है।  
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