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ज़रूरी सप्लाई मिलने में केंद्र द्वारा पंजाब के साथ सौतेला व्यवहार करने पर दुख ज़ाहिर किया, हरियाणा को मिल रही है अधिक सप्लाई
संसद सदस्यों ने पंजाब के सरकारी अस्पतालों में ऑक्सीजन उत्पादन प्लांट स्थापित करने के लिए एम.पी.लैड फंड का प्रयोग करने का किया वादा

चंडीगढ़, 6 मईः 
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने गुरूवार को राज्य के कांग्रेसी संसद सदस्यों को कहा कि वह ऑक्सीजन, टैंकरों, वैक्सीन और ज़रूरी दवाओं की अपेक्षित सप्लाई के लिए केंद्र पर दबाव बनाएं जिससे कोरोना महामारी की आई दूसरी ख़तरनाक लहर का प्रभावशाली ढंग के साथ मुकाबला करने के लिए राज्य सरकार की मदद हो सके।संसद सदस्यों को राज्य के ऑक्सीजन कोटे को बढ़ाने और रोज़मर्रा का पूरा 195 मीट्रिक टन अलॉट कोटा उठाने के लिए पहल के आधार पर अतिरिक्त टैंकरों को भेजने के लिए भारत सरकार को प्रेरित करने की बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड के खि़लाफ़ जंग में ज़रूरी अपेक्षित सप्लाई के मामले में पंजाब के साथ केंद्र द्वारा सौतेला व्यवहार किया जा रहा है।मुख्यमंत्री ने इस बात की तरफ इशारा किया कि भाजपा साशित पड़ोसी राज्य हरियाणा को पंजाब की अपेक्षा अधिक ऑक्सीजन कोटा और अधिक टैंकर मिल रहे हैं।इस मामले पर गंभीरता ज़ाहिर करते हुए दोनों सदनों के संसद सदस्यों ने वादा किया कि उनके एम.पी.लैड फंड का प्रयोग सरकारी अस्पतालों में ऑक्सीजन उत्पादन प्लांट स्थापित करने के लिए की जाये जिससे पंजाब में इलाज के लिए पड़ोसी राज्यों से मरीज़ों के इलाज के लिए आने के कारण राज्य में मरीज़ों के अधिक भार पड़ने की स्थिति से निपटने के लिए राज्य सरकार की कोशिशों की पूर्ति की जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऑक्सीजन, टैंकरों, वैक्सीन और दवाओं की कमी के अलावा राज्य वेंटिलेटर फ्रंट पर भी जूझ रहा है क्योंकि भारत सरकार द्वारा प्राप्त 809 वैंटीलेटरों में से 108 को स्थापित करने के लिए कोई भी बी.ई.एल. इंजीनियर नहीं है।कैप्टन अमरिन्दर ने संसद सदस्यों को बताया कि राज्य द्वारा बार-बार अनुरोध करने और प्रधानमंत्री तथा गृह मंत्री को उनके द्वारा राज्य के लिए ऑक्सीजन कोटो में 50 मीट्रिक टन की वृद्धि करने संबंधी निजी तौर पर पत्र लिखने के बावजूद राज्य अभी भी अपेक्षित ऑक्सीजन की कमी से जूझ रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य को अपनी मौजूदा ज़रूरतें पूरी करने के लिए 195 मीट्रिक टन का कोटा अपर्याप्त है और टैंकरों की कमी के कारण इस कोटे वाली ऑक्सीजन की भी पूरी तरह लिफ्टिंग नहीं की जा सकी। उन्होंने कहा कि राज्य का इस समय पास के स्रोतों (देहरादून, पानीपत, रुड़की) की तरफ 120 मीट्रिक टन का बैकलॉग पड़ा है। उन्होंने कहा कि मौजूदा स्थिति बहुत गंभीर है और पंजाब इस समय 12 घंटों के ऑक्सीजन सप्लाई चक्र का प्रबंध कर रहा है।टीकाकरण के सम्बन्ध में बात करते हुए संसद सदस्यों ने भारत सरकार द्वारा बार-बार टीकों की सप्लाई में देरी और कम सप्लाई करने पर चिंता अभिव्यक्ति। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उपलब्धता को तेज़ करने के लिए केंद्र सरकार और सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया दोनों के साथ लगातार संबंध बना रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के प्रति केंद्र की उदासीनता इस तथ्य से भी झलकती है कि अन्य राज्यों को टोसीलीजुमब की और ज्यादा शीशियाँ दीं गई थीं जिनका आयात और वितरण भारत सरकार द्वारा नियंत्रित किया गया था। उन्होंने आगे कहा कि राज्य ने 650 शीशियों की माँग की थी परन्तु शुरुआती पड़ाव में सिर्फ़ 200 ही दीं गई जिनका वितरण सरकारी और निजी अस्पतालों में किया गया। उन्होंने कहा कि रैमडीसिवर की सप्लाई बहुत कम है क्योंकि राज्य को अलॉट की गई 50000 शीशियों की सप्लाई बहुत धीमी है।मीटिंग दौरान राज्य में स्वास्थ्य और मैडीकल बुनियादी ढांचे से संबंधित मामले में केंद्र सरकार के संस्थानों के बुरे प्रतिक्रिया का भी गंभीर नोटिस लिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बार-बार अनुरोध के बावजूद केंद्रीय संस्थाओं जैसे कि आईसर मोहाली ने कभी भी कोविड टेस्टिंग में समर्थन नहीं दिया। उन्होंने आगे कहा कि एम्ज़ बठिंडा, जिसका नींव पत्थर प्रधानमंत्री ने 5 साल पहले रखा था, भी गंभीर कोविड केयर मुहैया नहीं करवा सका। पी.जी.आई., जोकि इस क्षेत्र के मुख्य रैफरल अस्पताल के तौर पर स्थापित किया गया था, पंजाब से रैफर किये ज़्यादातर मरीजों को दाखि़ल करने से इन्कार कर रहा है (चाहे ख़ुद चलकर आने वाले मरीज़ दाखि़ल किये जा रहे हैं) और यह पंजाब के कॉलेजों की अपेक्षा भी कम टैस्ट करवा रहा है।संसद सदस्यों ने मुख्यमंत्री के इस खुलासे पर चिंता ज़ाहिर की कि पिछले एक महीने से वायरस में आए बदलाव के नतीजे प्राप्त नहीं हुए।कल से दुकानें पड़ाववार खोलने के मुद्दे पर उन्होंने संसद सदस्यों को बताया कि डिप्टी कमीश्नरों और एस.एस.पीज़ को हितधारकों को भरोसे में लेने के बाद सभी प्रबंध करने के लिए कहा गया था।
मीटिंग में शामिल लोकसभा सदस्यों में से अमृतसर से गुरजीत सिंह औजला, पटियाला से परनीत कौर, फतेहगढ़ साहिब से डॉ. अमर सिंह, खडूर साहिब से जसबीर सिंह गिल, लुधियाना से रवनीत सिंह बिट्टू, जालंधर से संतोख सिंह चौधरी, श्री आनन्दपुर साहिब से मनीष तिवारी और फरीदकोट से मुहम्मद सदीक, राज्यसभा मैंबर प्रताप सिंह बाजवा और समशेर सिंह दूलो और पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रधान सुनील जाखड़ उपस्थित थे।

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