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सगी बहन ही बनी जान की दुश्मन, यारों के साथ मिलकर उतारा मौत के घाट

श्री मुक्तसर साहब, 8 जून : शहर के बूड़ा गुज्जर रोड स्थित मुदकी माईनर के पास सोमवार को मृत मिले नौजवान की हत्या किसी और ने नहीं बल्कि उसकी खुद की सगी बहन ने ही अपने यारों के साथ मिलकर की है, जिसका खुलासा पुलिस ने बेहद मुस्तैदी के साथ घटना के महज दस घंटे के अंदर ही कर दिया। एसएसपी डी सुडरविली ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि घटना की वजह मृतक का अपनी बहन को उसके दो युवकों के साथ कथित अवैध संबंध से रोकना बना। फिलहाल पुलिस ने एक आरोपी को काबू कर लिया है।  एसएसपी डी.सुडरविली ने मंगलवार को प्रैस कांफ्रेंस के दौरान बताया कि सुखिजन्दर कौर पत्नी स्वर्गीय इकबाल सिंह निवासी गोनेआना रोड गली नं: 26 श्री मुक्तसर साहब हाल आबाद गांव जस्सेआना ने सोमवार को फोन करके पुलिस को सूचना दी थी। उसके अनुसार उसके 2 बच्चे हैं बडा बेटा सन्दीप सिंह और छोटी बेटी सुमनदीप कौर हैं तथा दोनों विवाहित हैं।
उसकी बेटी सुमनदीप कौर अपने ससुराल परिवार के साथ अनबन होने के कारण 02 साल से उनके पास ही रह रही है। उसने बताया कि रात को करीब 8 बजे उसका बेटा सन्दीप सिंह कुछ सामान लेने के लिए घर से बाहर गया था लेकिन लौटकर वापस नहीं आया, वह अपनी पुत्रवधू के साथ सारी रात सन्दीप सिंह को ढूंढती रही लेकिन उसका कहीं कुछ भी पता नहीं चला। सुबह उनको पता चला कि गांव माइनर के पास किसी व्यक्ति का शव पड़ा हुआ है। जब उन लोगों ने जाकर देखा तो शव उसके बेटे सन्दीप कुमार का ही था, जिसे किसी ने तेजधार हथियार के वार से कत्ल कर दिया है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्ज़े में लेकर मृतक की माता सुखिजन्दर कौर के बयानों पर थाना सदर श्री मुक्तसर साहिब में अज्ञात लोगों पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
एसएसपी डी सुडरविली के दिशा निर्देश एवं एसपीडी राजपाल सिंह हुंदल व डीएसपी हरविन्दर सिंह चीमा के नेतृत्व में एसएचओ थाना सदर इंस्पेक्टर बिशन लाल बारीकी से छानबीन करते हुए टैक्निकल विंग की सहायता से इस मामले को ट्रेस कर लिया और पुलिस द्वारा मृतक की बहन सुमनदीप कौर, गगनदीप सिंह गगना पुत्न छिदरपाल सिंह निवासी जस्सेआना तथा अंकुश कुमार पुत्र अशोक निवासी श्री मुक्तसर साहिब को इस मामले में नामजद करते हुए गगनदीप गगना पुत्न छिन्दरपाल सिंह को काबू कर लिया। एसएसपी ने बताया कि सुमनदीप कौर के पहले गगनदीप के साथ तथा बाद में अंकुश के साथ संबंध बन गए थे, जिनको लेकर भाई संन्दीप सिंह एतराज करता था। इसी रंजिश के चलते उक्त लोगों ने योजना बनाकर संन्दीप की मौत को नशे की ओवरडोज का मामला बनाने का प्रयास किया, लेकिन जब वह नशे से नहीं मरा तो उन्होंने तेजधार हथियार से उसका गला रेत डाला। उनके अनुसार शीघ्र ही बाकी आरोपी भी पुलिस की गिरफ्त में होंगे।

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