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जूनोसिस रोगों सम्बन्धी जागरूक होने की ज़रूरत:- बी.ई.ई मनबीर सिंह

विश्व जूनोज दिवस मनाया 

चक्क शेरे वाला : जूनोसिस जानवरों से मनुष्य में होने वाला संक्रामिक रोग है। वायरस जानवर से मनुष्य में फैलता है। फिर यह मानव से मानव में फैलता है और अंत में यह एक महामारी बन जाती है। जिसका सब से बड़ा उदाहरण कोरोना आज हमारे सामने है। यह बात सीएचसी चक्क शेरे वाला के सीनियर मैडीकल अफ़सर डा .वरुण वर्मा ने विश्व जूनोज दिवस के मौके पर लोगों को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि विश्व जूनोज दिवस हर साल 6 जुलाई को मनाया जाता है। बीईई मनबीर सिंह ने बताया कि सिविल सर्जन श्री मुक्तसर साहिब डा. रंजू सिंगला के निर्देशानुसार सीएचसी चक्क शेरे वाला में यह दिन, इस साल की थीम "लेटस ब्रेक द चेन आफ जूनोटिक ट्रांसमिशन"  के साथ मनाया गया। उन्होंने बताया कि यह दिन रैबीज, एविअन इंफलुएंजा और इबोला जैसे जूनोटिक रोगों की तरफ से जुड़े जोखिमों के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए भी मनाया जाता है। यह दिन उन रोगाणुओं पर ज़ोर देता है जो मानव और पशु सेहत के लिए ख़तरा पैदा करते हैं। उन्होंने बताया कि जूनोटिक रोगों को फैलाने में जानवरों की भूमिका बहुत बड़ी है। रोग नियंत्रक केंद्र ( सीडीसी) के अनुसार लगभग 75% नई बीमारियाँ जानवरों से आतीं हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में कुत्ते या अन्य जानवर के काटने से होने वाली रैबीज बीमारी से बचाव के लिए इंजेक्शन लगाए जाते हैं। यह रोग आमतौर पर तब फैलते हैं जब मानव संक्रमित जानवरों के संपर्क में आते हैं या जब वह ऐसे जानवर के मांस का सेवन करते हैं, या जब वह पशु उत्पादों का प्रयोग करते है। मानव अपने पालतू जानवरों से, खेत के जानवरों से, शिकार और कसाई से जूनोटिक वायरस की चपेट में आ सकता है। उन्होंने कहा कि जूनोटिक रोगों से बचने के लिए हमें हाथ और चेहरे की सफ़ाई, भीड़ -भाड़ वाली जगह पर यात्रा करते समय अपने चेहरे को ढकने,अपने हाथों को नियमित रूप में साफ़ करने, बिना पक्का हुआ भोजन न करने, पालतू जानवर होने पर उनकी देखभाल करने, उनकी नियमित जांच करवाने आदि बातों का ध्यान रखना चाहिए। इस मौके पर डा. अमरिन्दर सिंह, डा. अलीशा, एस.आई परमजीत सिंह, गुरदेव सिंह, गुरतेज सिंह, चरणजीत सिंह और अन्य लोग मौजूद थे। 

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