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ਨਸ਼ਾ ਤਸਕਰ ਨੂੰ 10 ਸਾਲ ਕੈਦ, ਲੱਖ ਰੁਪਏ ਜੁਰਮਾਨਾ

 ਸ੍ਰੀ ਮੁਕਤਸਰ ਸਾਹਿਬ 31 ਅਗਸਤ :ਵਧੀਕ ਸੈਸ਼ਨ ਜੱਜ ਪ੍ਰੇਮ ਕੁਮਾਰ ਦੀ ਅਦਾਲਤ ਨੇ ਨਸ਼ਾ ਤਸਕਰੀ ਦੇ ਇਕ ਦੋਸ਼ੀ ਨੂੰ 10 ਸਾਲ ਦੀ ਕੈਦ ਤੇ ਇਕ ਲੱਖ ਰੁਪਏ ਜੁਰਮਾਨਾ ਅਦਾ ਕਰਨ ਦਾ ਹੁਕਮ ਦਿੱਤਾ ਹੈ, ਜੁਰਮਾਨਾ ਅਦਾ ਨਾ ਕਰਨ ’ਤੇ ਸਜ਼ਾ ਵਿੱਚ ਇਕ ਸਾਲ ਦਾ ਵਾਧਾ ਹੋਵੇਗਾ। ਪ੍ਰਾਪਤ ਜਾਣਕਾਰੀ ਅਨੁਸਾਰ ਥਾਨਾ ਮਲੋਟ ਦੀ ਪੁਲੀਸ ਨੇ ਗਸ਼ਤ ਦੌਰਾਨ ਭੋਲਾ ਸਿੰਘ ਉਰਫ ਪਵਨ ਵਾਸੀ ਚੱਕ ਰੁਲਦੂ ਸਿੰਘ ਵਾਲਾ (ਬਠਿੰਡਾ) ਪਾਸੋਂ ਭਾਰੀ ਮਾਤਰਾ ਵਿੱਚ ਨਸ਼ੀਲੀਆਂ ਗੋਲੀਆਂ ਫੜ ਕੇ ਉਸਦੇ ਖਿਲਾਫ ਥਾਨਾ ਸਿਟੀ ਮਲੋਟ ਵਿਖੇ ਨਸ਼ਾ ਵਿਰੋਧੀ ਐਕਟ ਅਧੀਨ ਮੁਕਦਮਾ ਦਰਜ ਕਰਕੇ ਮਾਮਲਾ ਅਦਾਲਤ ਵਿੱਚ ਪੇਸ਼ ਕਰ ਦਿੱਤਾ ਜਿਥੇ ਸਹਾਇਕ ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਅਟਾਰਨੀ ਹਰਦੀਪ ਸਿੰਘ ਰਮਾਣਾ ਦੀਆਂ ਦਲੀਲਾਂ ਨਾਲ ਸਹਿਮਤ ਹੁੰਦਿਆਂ ਅਦਾਲਤ ਨੇ ਦੋਸ਼ੀ ਨੂੰ ਜੁਰਮਾਨੇ ਅਤੇ ਸਜ਼ਾ ਦਾ ਹੁਕਮ ਦਿੱਤਾ ਹੈ।

 चंडीगढ़/तरन तारन, 31 अगस्त: विदेशी आतंकवादी संगठनों के साथ जुड़ा आतंकवादी सरूप सिंह जोकि तरन तारन के गाँव जौहल धालीवाला का रहने वाला है, की गिरफ़्तारी से पंजाब पुलिस द्वारा सीमावर्ती राज्य में एक और संभावित आतंकवादी हमले को नाकाम कर दिया गया है। डायरैक्टर जनरल ऑफ पुलिस (डीजीपी) पंजाब श्री दिनकर गुप्ता ने आज यहाँ बताया कि पुलिस द्वारा उससे चीन के बने पी-86 मार्के के 2 जीवित हथगोले भी बरामद किए गए हैं।


डीजीपी ने बताया कि सरूप सिंह को तरन तारन पुलिस द्वारा सोमवार को अमृतसर-हरीके रोड पर एक चौकी में शक के आधार पर पकड़ा गया था।
यह गिरफ़्तारी उस समय हुई है जब पंजाब में हथगोलों और आरडीएक्स से भरे टिफिन बॉक्स के अलावा अन्य हथियार और गोला बारूद की बरामदगी हो रही है, जोकि विदेश आधारित आतंकवादी नेताओं और देश विरोधी तत्वों द्वारा सीमावर्ती राज्य की शांति और भाईचारे को भंग करने की बड़ी कोशिशों का संकेत है। 

जि़क्रयोग्य है कि इससे पहले भी 8 अगस्त, 2021 को, अमृतसर ग्रामीण पुलिस ने लोपोके के गाँव दल्लेके से टिफिन बम के साथ-साथ उपरोक्त मार्के से मिलते-जुलते पाँच हथगोले बरामद किए गए थे, जबकि स्टेट स्पैशल ऑपरेशन सैल, अमृतसर द्वारा भी 16 अगस्त, 2021 को अमृतपाल सिंह और शम्मी के पास से अन्य हथियारों समेत उपरोक्त मार्के और मॉडल (पी-86) के दो हथगोले बरामद किए गए थे। इसी तरह, कपूरथला पुलिस द्वारा 20 अगस्त, 2021 को फगवाड़ा से गुरमुख सिंह बराड़ और उसके साथी से इसी तरह के दो जीवित हथगोले, एक जीवित टिफिन बम और अन्य विस्फोटक सामग्री बरामद की गई थी।
डीजीपी दिनकर गुप्ता ने बताया कि प्राथमिक जाँच के दौरान सरूप सिंह ने खुलासा किया है कि वह सोशल मीडिया के द्वारा विदेशी आधारित आतंकवादी संचालकों के संपर्क में आया था और उन्होंने उसे कट्टरपंथी बनाया और पंजाब में आतंकवादी कार्यवाहियों को अंजाम देने के लिए प्रेरित किया।
डीजीपी ने बताया कि सरूप ने आगे खुलासा किया कि उसके विदेशी संचालकों ने उसके लिए 2 हथगोलों की खेप का प्रबंध किया। उन्होंने आगे बताया कि सरूप पहले ही अमृतसर और लुधियाना में कुछ संवेदनशील टारगेटों की रैकी कर चुका था। उन्होंने आगे बताया कि मुलजि़म के मोबाइल फ़ोन में से उसके विदेशी संचालकों द्वारा हथगोलों को सफलतापूर्वक विस्फोट करने के बारे में बताते हुए एक प्रशिक्षण वीडियो भी बरामद की गई है। 
डीजीपी श्री दिनकर गुप्ता ने बताया कि व्यापक आतंकवादी नैटवर्क और उनकी योजनाओं का पता लगाने के लिए और जांच जारी है। प्राथमिक जांच से यह भी पता लगता है कि यह सभी खेपें सरहद पार से अलग-अलग आतंकवादी संगठनों द्वारा पंजाब में आतंकवादी हमलों को अंजाम देने के लिए भेजी जा रही हैं।
इस दौरान, एफआईआर नंबर 217 तारीख़ 30 अगस्त, 2021 को विस्फोटक पदार्थ (संशोधन) एक्ट की धारा 3, 4 और 5 के अधीन सीटी पुलिस स्टेशन तरन तारन में दर्ज की गई है।

 चंडीगढ़, 31 अगस्त: कोरोना की संभावित तीसरी लहर के साथ प्रभावित ढग़ से निपटने के लिए मिशन फतेह 2.0 के तहत राज्य में बनाए गए 15000 कोरोना वॉलंटियरों को प्रशिक्षण देने के लिए मास्टर ट्रेनर वॉलंटियर को आज मोहाली में राज्य स्तरीय ट्रेनिंग प्रोग्राम के दौरान कोविड से बचाव और जागरूक करने के लिए विशेष ट्रेनिंग दी गई।

युवा सेवाओं विभाग द्वारा स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से किसान विकास चैंबर मोहाली में करवाए गए राज्य स्तरीय ट्रेनिंग प्रोग्राम में एक वॉलंटियर प्रति ब्लॉक के हिसाब से पंजाब राज्य के 150 ब्लॉकों और शहरों में कुल 165 वॉलंटियर शामिल हुए। इस वर्कशॉप का उद्घाटन खेल एवं युवा सेवाएं विभाग के प्रमुख सचिव श्री राजकमल चौधरी ने किया और समागम की अध्यक्षता स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग सचिव और एनएचएम के मिशन डायरेक्टर श्री कुमार राहुल ने की। उनके साथ खेल विभाग के डायरेक्टर श्री डीपीएस खरबंदा, नेशनल हेल्थ मिशन के डायरेक्टर डॉ. अरीत कौर और यूनिसेफ से मिस हबीबा और तृप्त कौर मौजूद थे।
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इस दौरान अपने संबोधन में श्री राजकमल चौधरी ने बताया कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के द्वारा कोरोना के विरुद्ध तैयार किए गए मिशन फतेह 2.0 के तहत पंजाब राज्य में ग्रामीण एवं शहरी कोरोना वॉलंटियर बनाने के आदेश दिए गए थे। इसके तहत युवा सेवाएं विभाग के द्वारा राज्य के समूह गांवों और शहरी वॉर्डों में 15000 कोरोना वॉलंटियरों के ग्रुप बनाए गए। उन्होंने बताया कि इन ग्रुपों को विशेष प्रशिक्षण देने के लिए राज्य के हर ब्लॉक में से 1-1 मास्टर ट्रेनर वॉलंटियर नियुक्त किया गया है, जो आज की ट्रेनिंग के बाद अपने ब्लॉक के वॉलंटियर को ट्रेनिंग देगा और कोरोना की संभावित तीसरी लहर से सख्ती से निपटने के लिए तैयार करेगा। यह कोरोना कोरोना वॉलंटियर राज्य के किसी भी क्षेत्र में संभावित तीसरी लहर के दौरान कोरोना के मामले सामने आने पर कोविड रिस्पॉन्स टीमों समेत अहम रोल अदा करेंगे।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के नुमायंदों ने अपने संबोधन के दौरान कोरोना महामारी की तीसरी लहर की संभावना को सामने रखते हुए और अधिक जागरूक होने की जरूरत पर ज़ोर दिया। मास्टर ट्रेनर वॉलंटियरों को स्वास्थ्य विभाग के द्वारा जारी दिशा-निर्देशों और जागरूकता संबंधी वीडियो दिखाईं गईं। इसके साथ ही यूनिसेफ द्वारा कोरोना संबंधी तैयार की गई विशेष वीडियो भी दिखाई गई ताकि मास्टर ट्रेनरों को कोरोना महामारी की बारीकियों और बचाव के अहम एहतियातों संबंधी अवगत करवाया जा सके। उसके बाद भाग लेने वालों द्वारा प्रशन-उत्तर सत्र भी करवाया गया और विजेताओं को इनाम भी बांटे गए। समारोह के दौरान युवा सेवाएं विभाग की सहायक डायरेक्टर चंडीगढ़ श्रीमती रुपिंदर कौर, डिप्टी डायरेक्टर डॉ. कमलजीत सिंह सिद्धू, सहायक डायरेक्टर बरनाला श्री विजय भास्कर, सहायक डायरेक्टर संगरूर श्री अरुन कुमार और सहायक डायरेक्टर जालंधर श्री जसपाल सिंह विशेष तौर पर शामिल हुए।

 हरियाणा सरकार द्वारा किसानों पर किये अमानवीय अत्याचार पर पर्दा डालने के लिए इसको हरियाणा के मुख्यमंत्री की कोशिश करार दिया

कहा, आपके बेतरतीबी आंकड़ों की उदाहरण से आपकी सरकार किसानों के विरुद्ध की गई ज्यादतियों से मुक्त नहीं हो सकेगी’

चंडीगढ़, 31 अगस्त: हरियाणा के मुख्यमंत्री द्वारा टवीटों के द्वारा पंजाब के मुख्यमंत्री से किसानों के कल्याण के लिए उठाये गये कदमों संबंधी पूछे सवालों का करारा जवाब देते हुये कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने मंगलवार को एम. एल. खट्टर के दावों को खारिज किया और इसको भाजपा नेता की तरफ से अपनी सरकार की तरफ से किसानों पर किये गए अमानवीय अत्याचार पर पर्दा डालने की भद्दी कोशिश करार दिया।
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कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा की खट्टर के दावे और सवाल और कुछ भी नहीं हैं सिर्फ हरियाणा सरकार की तरफ से शांतमायी प्रदर्शन कर रहे किसानों पर हाल ही में किये लगातार हिंसक हमलों के कारण हो रही देशव्यापी आलोचना से बचने के लिए बचाव का एक घटिया ढंग है। हरियाणा में किसानों पर किये गए अंधाधुन्ध लाठीचार्ज के बाद हरियाणा के मुख्यमंत्री की तरफ से दिए जा रहे अलग-अलग बयानों ने एक बार भाजपा की किसान विरोधी मानसिकता का पूरी तरह से स्पष्ट तौर पर पर्दाफाश कर दिया है।
पंजाब के मुख्यमंत्री ने कहा की किसानों पर बिना किसी उकसाने और नाजायज हमले के लिए माफी मांगने की बजाय खट्टर बेशर्मी से पुलिस की कार्यवाही का बचाव कर रहे थे। यहां तक की करनाल के एस. डी. एम. की पुलिस को दी हैरानजनक हिदायतों को भी सही साबित करने की कोशिश की गई जबकि सारी दुनिया ने इसको देखा और इसकी निंदा की।
हरियाणा के मुख्यमंत्री की तरफ से यह कहना की हरियाणा सरकार ने पंजाब सरकार के मुकाबले किसानों के लिए ज्यादा किया है, के घिनौने दावों को नकारते हुये करते कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने खट्टर को पूछा, ’’अगर ऐसा है तो आपके अपने राज्य के किसान आपके और आपकी पार्टी ( भाजपा) से नाराज क्यों हैं?’’ कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा की भारत के लोगों को यह यकीन दिलाने में असफल रहने के बाद की यह पंजाब और इसके किसान हैं जो दिल्ली की सरहदों पर खेत कानूनों के विरुद्ध लंबे समय से आंदोलन के लिए जिम्मेदार थे, अब खट्टर झूठे और अतिकथनी वाले दावों का सहारा ले रहे हैं। उन्होंने कहा की इन बेतरतीबी आंकड़ों की उदाहरण देने से हरियाणा सरकार किसानों के विरुद्ध की ज्यादतियों से मुक्त नहीं हो सकेगी।
मुख्यमंत्री ने खट्टर के दावों का जवाब देते हुये कहा की 2017 में पिछली अकाली-भाजपा सरकार की तरफ से उनकी सरकार को विरासत में मिली राज्य के डावांडोल आर्थिकता के बावजूद कांग्रेस सरकार की तरफ से शुरू की गई किसान समर्थकी पहलकदमियां और योजनाओं की सूची के मुकाबले हरियाणा किसानों के कल्याण के कामों में पंजाब से कोसों दूर है बल्कि खट्टर सरकार ने किसानों का लगातार नुकसान ही किया है।
खट्टर के किसान समर्थकीय सरकार चलाने के बेतुके दावों को नकारते हुये कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा, ’’आपकी पार्टी ने हमारे पास यहां तक की हमारे कर्मचारियों को वेतन देने लायक पैसा भी नहीं छोड़ा और फिर भी हम सफलतापूर्वक 5 64, 143 छोटे और दर्मियाने किसानों का 4624. 38 करोड़ रुपए का कर्ज माफ किया और 2.85 लाख भूमि रहित किसानों और मजदूरों की कर्ज माफी के लिए 590 करोड़ रुपए और मंजूर किये गए।’’
कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा की हरियाणा अपने किसानों को बिजली सब्सिडी के लिए एक पैसा भी नहीं देता जबकि पंजाब सरकार की तरफ से किसानों की खेती मोटरों के लिए हर साल 7200 करोड़ रुपए ( लगभग 17000 रुपए प्रति हेक्टेयर) बिजली सब्सिडी के रूप में दिए जा रहे हैं।
कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा पंजाब न्युनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं, धान और कपास जैसी मुख्य फसलों की खरीद के मामले में ना सिर्फ देश में अग्रणी रहा है, बल्कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार और भारतीय खाद्य निगम की गलत नीतियों के दर्मियान निर्विघ्न खरीद को सुनिश्चित बनाने के लिए किसानों को अतिरिक्त सहायता भी प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा की कांग्रेस सरकार ने 2020-21 में गेहूं और धान की खरीद पर 62,000 करोड़ रुपए खर्च किए हैं। इसके अलावा खरीफ की फसल और रबी सीज़न में क्रमवार 1100 करोड़ रुपए और 900 करोड़ रुपए अतिरिक्त खर्च किए गए हैं।
पंजाब के मुख्यमंत्री ने कहा की फसलीय विभिन्नता के लिए प्रोत्साहन देने के लिए पंजाब सरकार ने बहुत से फंड मुहैया करवाए हैं। कपास उत्पादक किसानों को 9. 95 करोड़, मक्का उत्पादकों को 4.06 करोड़ रुपए पिछले तीन सालों में वैकल्पिक फसलों को प्रोत्साहित करने के लिए दिए हैं। उन्होंने कहा की मक्का के लिए यह प्रति हेक्टेयर 7690 रुपए और 7697 रुपए प्रति किसान के हिसाब से काम करता है। कपास के लिए 4150 रुपए प्रति हेक्टेयर और 4600 रुपए प्रति किसान के हिसाब से काम करता है। मुख्यमंत्री ने कहा की ‘पानी बचाओ, पैसा कमाओ’ स्कीम के अंतर्गत पंजाब सरकार पानी का संरक्षण करने की विधियां अपनाने के साथ-साथ धान की बुवाई और वैकल्पिक फसलों बीज के बिजली की बचत कर रहे किसानों को बिजली का 4 रुपए प्रति यूनिट मुहैया करवा रही है, जो किसान हैं।
खट्टर के इस गर्व के दावे की उनकी सरकार भुगतान में देरी के लिए 12 प्रतिशत ब्याज दे रही है, की खिल्ली उड़ाते हुए कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा की हरियाणा के बिल्कुल उलट पंजाब सरकार 72 घंटों के अंदर- अंदर किसान के खातों में सीधा भुगतान कर रही है, जिससे ब्याज देने की जरूरत ही नहीं रहती। उन्होंने खट्टर को जवाब देते हुए कहा, ‘‘यह आपकी सरकार की खरीद प्रक्रिया का ढीला प्रबंध और किसानों के प्रति आपकी उदासीनता भरा रवैया है जिस कारण भुगतान में देरी हो रही है।’’
तकनीक आधारित धान की सीधी बुवाई को अपनाने वाले किसानों को 5000 रुपए प्रति एकड़ के प्रोत्साहन सम्बन्धी खट्टर के दावों को रद्द करते हुए कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा की हरियाणा के 1.00 लाख हेक्टेयर के मुकाबले पंजाब में 40 प्रतिशत सब्सिडी ( या 900 मशीनों पर 16000 रुपए) के साथ मौजूदा समय में डी.एस.आर. तकनीक के अधीन 6.01 लाख हेक्टेयर है।
कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने खट्टर को पूछा, ‘‘पराली प्रबंधन के लिए यह 1000 रुपए प्रति एकड़ क्या है जिसके बारे में आप दावा कर रहे हो? हम 2500 रुपए प्रति एकड़ देते हैं, जोकि वित्तीय वर्श 2020 में 19.93 करोड़ रुपए था, जिससे 31231 किसानों को लाभ हुआ। तो इस समय के दौरान आपकी सरकार ने पराली प्रबंधन के लिए वास्तव में कितना खर्च किया?’’
खट्टर की इस टिप्पनी को हास्यास्पद बताते हुए की किसान आंदोलन के बाद पंजाब को हरियाणा के गन्ने के न्युनतम समर्थन मूल्य की बराबरी करने की जरूरत है, पंजाब के मुख्यमंत्री ने अपने हरियाणा के समकक्ष को कहा की वह कोई भी बात करन से पहले तथ्यों की जाँच कर लें, उन्होंने कहा की पंजाब का न्युनतम समर्थन मूल्य हरियाणा के बराबर नहीं है बल्कि इससे ज्यादा है और पिड़ायी सीज़न 2021-22 के लिए गन्ने का भाव 360 रुपए प्रति क्विंटल तय करने से पंजाब सभी राज्यों में पहले स्थान पर है। उन्होंने आगे कहा की वास्तव में पंजाब सरकार हमेशा ही गन्ना उत्पादकों को भारत सरकार द्वारा निर्धारित एफ.आर.पी. से अधिक कीमत देती आ रही है और एम.एस.पी. में भी बहुत पहले वृद्धि कर चुकी होती यदि पंजाब की अर्थव्यवस्था को तबाह करने के लिए खट्टर की पार्टी ने अकालियों के साथ 10 सालों से मिलीभुगत ना की होती।
बागबानी किसानों को प्रोत्साहन देने संबंधी खट्टर के अस्पष्ट बयान का हवाला देते हुए कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा की उनकी सरकार ने किन्नू फसलों की मार्केट फीस ना सिर्फ 0.5 प्रतिशत तक घटा दी है बल्कि मानक जानकारी और सेवाएं प्रदान करके उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए 8 वस्तु विशेष एस्टेट ( नींबू प्रजाति के लिए 5, लीची के लिए 1, नाशपाती के लिए 1, अमरूद के लिए 1 भी स्थापित किए हैं।
लघु सिंचाई के बारे में पंजाब के मुख्यमंत्री ने कहा की उनकी सरकार बहुत ही जरूरतमंद और कमजोर छोटे/सीमांत/महिलाओं/अनुसूचित जातियों के किसानों को 90 प्रतिशत सब्सिडी और दूसरे किसानों को 80 प्रतिशत सब्सिडी प्रदान कर रही है।

 -पुलिस द्वारा जब्त की गई हेरोइन खेप को ट्रक में कश्मीर से तस्करी कर लाया गया था

-पुलिस द्वारा जब्त की गई हेरोइन खेप को ट्रक में कश्मीर से तस्करी कर लाया गया था

-पुलिस को शक है कि जेलों में बंद गैंगस्टरों द्वारा इस ड्रग सिंडिकेट को संचालित किया जा रहा था

चंडीगढ़/कपूरथला, 31 अगस्त: पंजाब की जेलों में बंद कुख्यात गैंगस्टरों द्वारा चलाए जा रहे एक बड़े ड्रग सिंडिकेट का भंडाफोड़ करते हुए मंगलवार को कपूरथला पुलिस द्वारा दो नशा तस्करों को गिरफ्तार कर अंतरराष्ट्रीय बाजार में 100 करोड़ रुपए कीमत की 20 किलो हेरोइन जब्त की है।
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तस्करों की पहचान बलविंदर सिंह निवासी गांव सारंगवाल होशियारपुर और पीटर मसीह निवासी बस्ती दानिशमंदा जालंधर के रूप में हुई है। दोनों तस्कर पहले से ही आपराधिक मामलों का सामना कर रहे हैं।
डीजीपी पंजाब दिनकर गुप्ता ने बताया कि जब पुलिस टीमों ने मंगलवार को कपूरथला में हाई-टेक नाका ढिलवां पर पुलिस ने एक ट्रक और एक हुंडई आई20 कार को रोका। वाहनों की तलाशी लेने पर उनके कब्जे से 20 किलो हेरोइन की खेप बरामद हुई।
डीजीपी ने कहा कि पुलिस पार्टी द्वारा वाहनों के चालकों को चेक प्वाइंट पर रुकने का संकेत दिया गया था, लेकिन उन्होंने वाहन छोड़ भागने की कोशिश की, हालांकि, सतर्क पुलिस ने थोड़ी देर पीछा करने के बाद उन्हें मौके पर ही पकड़ लिया।
डीजीपी ने कहा कि उनके शरीर की जांच के दौरान, पुलिस ने उनके निजी कब्जे से और उनके वाहनों से 20 पैकेट हेरोइन (एक किलो प्रत्येक) बरामद किया। एसएसपी कपूरथला, एच एस खख ने कहा कि खेप को छिपाने के लिए नशा तस्करों ने ट्रक के चालक के केबिन की छत में दो विशेष बक्से बनाये गए थे।
डीजीपी ने कहा कि प्रारंभिक पूछताछ के दौरान, नशा तस्करों ने खुलासा किया कि बलविंदर सिंह द्वारा श्री नगर में पुरमारा मंडी से हेरोइन की खेप की तस्करी ट्रक नंबर ॥क्र-५५्य-२५१० में की गई थी और पीटर मसीह ने उससे खेप एकत्र की थी।
डीजीपी ने कहा कि पुलिस इस मामले में एक नार्को-गैंगस्टर एंगल होने का संदेह कर रही है और यह भी पता चला है कि पीटर मसीह को कुख्यात गैंगस्टर रजनीश कुमार उर्फ प्रीत फगवाड़ा के भाई गगनदीप द्वारा खेप लेने के लिए भेजा गया था।
पुलिस गिरफ्तार आरोपियों को मजिस्ट्रेट के सामने पेश करेगी और आगे की जांच के लिए उनके पुलिस रिमांड की मांग करेगी कि पुलिस इस ड्रग सिंडिकेट में शामिल सभी लिंक का पता लगाएगी, डीजीपी ने कहा।
इस प्रकार, इस बरामदगी के साथ, पंजाब पुलिस ने पिछले 12 दिनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में 400 करोड़ रुपये की 78 किलोग्राम से अधिक हेरोइन को जब्त करने में कामयाबी हासिल की है।

- ਇੱਕ ਹੋਰ ਪੰਜਾਬ ਦੀ ਕਲਮ ਟੁੱਟ ਗਈ


'ਨੈਣ ਨੈਣਾਂ ਨਾ ਮਿਲਾਲੀਂ' ਦਾ ਲਿਖਾਰੀ ਕਹਿ ਗਿਆ ਦੁਨੀਆ ਨੂੰ ਅਲਵਿਦਾ

ਬਹੁਤ ਹੀ ਦੁੱਖਭਰੀ ਖ਼ਬਰ ਹੈ, ਨੈਣ ਨੈਣਾਂ ਨਾ ਮਿਲਾਲੀਂ ਭੇਦ ਖੁੱਲਜੂਗਾ ਸਾਰਾ ਵਰਗੇ ਕਈ ਹਿਟ ਗੀਤਾ ਦਾ ਲਿਖਾਰੀ  ਨਾਮਵਰ ਗੀਤਕਾਰ ਸ਼ਹਿਬਾਜ਼ ਬੇਵਕਤ ਵਿਛੋੜਾ ਦੇ ਗਿਆ, ਪਿਛਲੇ ਸਾਲ ਪ੍ਰਸਿੱਧ ਗੀਤਕਾਰ ਗੁਰਨਾਮ ਗਾਮਾ ਦਾ ਸਵਰਗ ਵਾਸ ਹੋਇਆ ਸੀ, ਤੇ  ਅੱਜ ਗੁਰਨਾਮ ਦੇ ਛੋਟੇ ਭਰਾ ਸ਼ਹਿਬਾਜ਼ ਨੇ ਵੀ ਇਸ ਦੁਨੀਆ ਨੂੰ ਅਲਵਿਦਾ ਕਹਿ ਦਿੱਤਾ।

ਜਾਣਕਾਰੀ ਅਨੁਸਾਰ ਗੀਤਕਾਰ ਸ਼ਹਿਬਾਜ਼ ਦੀ ਅਚਾਨਕ ਵਾਪਰੇ ਸੜਕ ਹਾਦਸੇ ਵਿੱਚ ਉਹਨਾਂ ਦੀ ਮੌਤ ਹੋ ਗਈ ਹੈ । ਸ਼ਹਿਬਾਜ਼ ਦਾ ਬਰਨਾਲਾ ਵਿਖੇ ਬੱਸ ਨਾਲ ਐਕਸੀਡੈਂਟ ਹੋ ਗਿਆ, ਉਹ ਮੋਟਰਸਾਈਕਲ 'ਤੇ ਸੀ।

 
ਕਿਸਾਨਾਂ ਦਾ ਜੱਥਾ ਦਿੱਲੀ ਲਈ  ਹੋਇਆ ਰਵਾਨਾ
ਮਾਨਸਾ 31ਅਗਸਤ( ਅਮਰਜੀਤ ਮਾਖਾ ) ਪਿੰਡ ਸੱਦਾ ਸਿੰਘ ਵਾਲਾ ਤੋਂ ਕਿਸਾਨਾਂ ਦਾ ਜੱਥਾ ਦਿੱਲੀ ਲਈ ਰਵਾਨਾ ਹੋਇਆ ਕਿਸਾਨ ਆਗੂਆਂ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਕੇਂਦਰ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ ਲਿਆਂਦੇ ਖੇਤੀ ਕਾਨੂੰਨਾਂ ਨੂੰ ਰੱਦ ਕਰਵਾਉਣ ਲਈ ਪਿਛਲੇ ਨੌੰ ਮਹੀਨਿਆਂ ਤੋਂ ਕਿਸਾਨ ਅਤੇ ਮਜ਼ਦੂਰ ਆਪਣੇ ਬੱਚਿਆਂ ਸਮੇਤ ਦਿੱਲੀ ਵਿਖੇ ਪੱਕੇ ਮੋਰਚੇ ਲਗਾ ਕੇ ਸੰਘਰਸ਼ ਕਰ ਰਹੇ ਹਨ ਪਰ ਕੇਂਦਰ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ ਕਿਸਾਨਾਂ ਦੀ ਮੰਗ ਮੰਨਣ ਦੀ ਬਜਾਏ ਕਾਰਪੋਰੇਟ ਘਰਾਣਿਆਂ ਦਾ ਪੱਖ ਪੂਰਿਆ ਜਾ ਰਿਹਾ ਜਿਸ ਕਰਕੇ ਖੇਤੀ ਕਾਨੂੰਨ ਰੱਦ ਨਹੀਂ ਕੀਤੇ ਜਾ ਰਹੇ ਕਿਸਾਨ ਆਗੂਆਂ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਦਿੱਲੀ ਵਿਖੇ ਚੱਲ ਰਹੇ ਧਰਨੇ ਨੂੰ ਮਜ਼ਬੂਤ ਕਰਨ ਲਈ ਲਗਾਤਾਰ ਕਿਸਾਨ ਮਜ਼ਦੂਰ ਨੌਜਵਾਨ ਔਰਤਾਂ ਦਿੱਲੀ ਵੱਲ ਸ਼ਿਰਕਤ ਕਰ ਰਹੇ ਹਨ ਅਤੇ ਕੇਂਦਰ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ ਪਾਸ ਕੀਤੇ ਖੇਤੀ ਕਾਨੂੰਨਾਂ ਨੂੰ ਰੱਦ ਕਰਵਾ ਕੇ ਹੀ ਆਪਣਾ ਅੰਦੋਲਨ ਖਤਮ ਕਰਨਗੇ।ਜਥੇ ਵਿੱਚ ਕਿਸਾਨ ਹਰਦੇਵ ਸਿੰਘ,ਰਛਪਾਲ ਸਿੰਘ ਕਾਲਾ,ਜਸਬੀਰ ਸਿੰਘ,ਗੁਰਪਾਲ ਸਿੰਘ,ਕਰਨ ਸਿੰਘ,ਵਿਸਾਖਾ ਸਿੰਘ,ਮਨਜੀਤ ਸਿੰਘ ਖੇਤਵਾਲਾ,ਅਮ੍ਰਿਤ ਸਿੰਘ,ਗਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਕੋਠੀਵਾਲਾ,ਪ੍ਰੀਤਮ ਸਿੰਘ,ਗੁਰਇਕਬਾਲ ਸਿੰਘ ਕਿਸਾਨ ਦਿੱਲੀ ਲਈ ਰਵਾਨਾ ਹੋਏ।

- ਵਿਸ਼ਾਲ ਤੇ ਤਿੱਖੇ ਘੋਲ਼ ਅਣਸਰਦੀ ਲੋੜ -ਸੇਵੇਵਾਲਾ 


ਮੋਤੀ ਮਹਿਲ ਦੇ ਘਿਰਾਓ ਲਈ ਖੇਤ ਮਜ਼ਦੂਰਾਂ ਦੀ ਵਿਸ਼ਾਲ ਮੀਟਿੰਗ

 ਬੁਢਲਾਡਾ,31ਅਗਸਤ ( ਅਮਰਜੀਤ ਬਿੱਟੂ ) ਪੰਜਾਬ ਦੀ ਕਾਂਗਰਸ ਸਰਕਾਰ ਚੋਣਾਂ ਦੌਰਾਨ ਮਜ਼ਦੂਰਾਂ ਕਿਸਾਨਾਂ ਦੇ ਸਮੁੱਚੇ ਕਰਜ਼ੇ ਮੁਆਫ਼ ਕਰਨ, ਘਰ ਘਰ ਨੌਕਰੀ ਦੇਣ ਅਤੇ ਰਾਸ਼ਨ ਡਿਪੂਆਂ ਤੇ ਆਟਾ ਦਾਲ ਦੇ ਨਾਲ ਖੰਡ,ਘਿਓ ਤੇ ਚਾਹ ਪੱਤੀ ਆਦਿ ਦੇਣ ਵਰਗੇ ਕੀਤੇ ਵਾਅਦਿਆਂ ਤੋਂ ਭੱਜ ਗੲੀ ਹੈ ਇਸ ਲਈ  ਮਜ਼ਦੂਰ ਮਸਲਿਆਂ ਦੇ ਹੱਲ ਲਈ ਵਿਸ਼ਾਲ ਤੇ ਤਿੱਖੇ ਘੋਲ਼ ਅਣਸਰਦੀ ਲੋੜ ਹਨ। ਇਹਨਾਂ ਵਿਚਾਰਾਂ ਦਾ ਪ੍ਰਗਟਾਵਾ  ਅੱਜ ਬੁਢਲਾਡਾ ਵਿਖੇ ਮਾਨਸਾ ਜ਼ਿਲ੍ਹੇ ਦੇ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਪਿੰਡਾਂ ਚੋਂ ਇੱਕਠੇ ਹੋਏ ਖੇਤ ਮਜ਼ਦੂਰਾਂ ਦੀ ਵਿਸ਼ਾਲ ਮੀਟਿੰਗ ਨੂੰ ਸੰਬੋਧਨ ਕਰਦਿਆਂ ਪੰਜਾਬ ਖੇਤ ਮਜ਼ਦੂਰ ਯੂਨੀਅਨ ਦੇ ਸੂਬਾ ਜਨਰਲ ਸਕੱਤਰ ਲਛਮਣ ਸਿੰਘ ਸੇਵੇਵਾਲਾ ਵੱਲੋਂ ਕੀਤਾ ਗਿਆ। ਉਹ ਪੇਂਡੂ ਤੇ ਖੇਤ ਮਜ਼ਦੂਰ ਜਥੇਬੰਦੀਆਂ ਦੇ ਸਾਂਝੇ ਮੋਰਚੇ ਵੱਲੋਂ 13 ਸਤੰਬਰ ਨੂੰ ਪਟਿਆਲਾ ਵਿਖੇ ਮੋਤੀ ਮਹਿਲ ਦੇ ਕੀਤੇ ਜਾ ਰਹੇ ਜਾ ਰਹੇ ਘਿਰਾਓ ਦੇ ਪ੍ਰੋਗਰਾਮ ਨੂੰ ਸਫ਼ਲ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਇੱਥੇ ਰੱਖੀ ਮਜ਼ਦੂਰ ਮੀਟਿੰਗ ਨੂੰ ਸੰਬੋਧਨ ਕਰਨ ਲਈ ਪਹੁੰਚੇ ਸਨ। ਉਹਨਾਂ ਦੋਸ਼ ਲਾਇਆ ਕਿ ਸਾਂਝੇ ਮਜ਼ਦੂਰ ਮੋਰਚੇ ਦੇ ਆਗੂਆਂ ਨਾਲ਼ ਕੈਬਨਿਟ ਮੰਤਰੀ ਬ੍ਰਹਮ ਮਹਿੰਦਰਾ ਅਤੇ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਵਿਭਾਗਾਂ ਦੇ ਅਧਿਕਾਰੀਆਂ ਵੱਲੋਂ 25 ਅਗਸਤ ਦੀ ਮੀਟਿੰਗ ਦੌਰਾਨ ਮਜ਼ਦੂਰਾਂ ਦੇ ਪੱਟੇ ਬਿਜਲੀ ਮੀਟਰ ਬਿਨਾਂ ਸ਼ਰਤ ਜੋੜਨ ਤੇ ਅੱਗੇ ਤੋਂ ਮੀਟਰ ਪੱਟਣੇ ਬੰਦ ਕਰਨ ਦਾ ਜ਼ੋ ਫੈਸਲਾ ਲਿਆ ਗਿਆ ਸੀ ਉਸਨੂੰ ਵੀ ਲਾਗੂ ਨਹੀਂ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਉਲਟਾ ਅਜੇ ਵੀ ਮਹਿਕਮੇ ਵੱਲੋਂ ਮੀਟਰ ਪੱਟੇ ਜਾ ਰਹੇ ਹਨ। ਉਹਨਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇਸ ਮੀਟਿੰਗ ਦੌਰਾਨ ਮਜ਼ਦੂਰਾਂ ਦੇ ਸਮੁੱਚੇ ਕਰਜ਼ੇ ਮੁਆਫ਼ ਕਰਨ, ਕਿਰਤ ਕਾਨੂੰਨਾਂ 'ਚ ਕੀਤੀਆਂ ਮਜ਼ਦੂਰ ਦੋਖੀ ਸੋਧਾਂ ਰੱਦ ਕਰਨ ਸਬੰਧੀ ਵਿਧਾਨ ਸਭਾ 'ਚ ਮਤਾ ਪਾਸ ਕਰਨ , ਬੁਢਾਪਾ ਪੈਨਸ਼ਨ ਲਈ ਉਮਰ ਦੀ ਹੱਦ ਘਟਾਉਣ, ਮਨਰੇਗਾ ਤਹਿਤ ਕੰਮ ਦਿਹਾੜੀਆਂ ਵਧਾਉਣ ਆਦਿ ਮਸਲਿਆਂ ਦੇ ਹੱਲ ਬਾਰੇ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਤੇ ਕੈਬਨਿਟ ਦੀ ਸਲਾਹ ਨਾਲ ਹਾਂ ਪੱਖੀ ਕਦਮ ਚੁੱਕਣ ਦਾ ਜ਼ੋ ਹਾਂ ਪੱਖੀ ਹੁੰਗਾਰਾ ਭਰਿਆ ਗਿਆ ਸੀ ਇਹਨਾਂ ਬਾਰੇ ਕੈਬਨਿਟ ਮੀਟਿੰਗ ਵਿੱਚ ਕੋਈ ਜ਼ਿਕਰ ਵੀ ਨਹੀਂ ਕੀਤਾ ਗਿਆ। ਉਹਨਾਂ ਮਜ਼ਦੂਰਾਂ ਨੂੰ ਸੱਦਾ ਦਿੱਤਾ ਉਹ ਮਜ਼ਦੂਰ ਜਥੇਬੰਦੀਆਂ  ਦੇ ਸਾਂਝੇ ਮੋਰਚੇ ਵੱਲੋਂ  ਮਜ਼ਦੂਰਾਂ ਦੀ ਕਰਜ਼ਾ ਮੁਕਤੀ, ਰੁਜ਼ਗਾਰ ਦੀ ਗਰੰਟੀ, ਬਿਜਲੀ ਬਿੱਲਾਂ ਦੀ ਮੁਆਫ਼ੀ ਤੇ ਡਿੱਪੂਆਂ ਰਾਹੀਂ ਰਸੋਈ ਵਰਤੋਂ ਦੀਆਂ ਸਾਰੀਆਂ ਵਸਤਾਂ ਸਸਤੇ ਭਾਅ ਦੇਣਾ ਯਕੀਨੀ ਬਣਾਉਣ , ਦਲਿਤਾਂ ਤੇ ਜ਼ਬਰ ਬੰਦ ਕਰਨ ਤੇ ਪੰਚਾਇਤੀ ਜ਼ਮੀਨਾਂ ਦਾ ਤੀਜਾ ਹਿੱਸਾ ਜ਼ਮੀਨ ਮਜ਼ਦੂਰਾਂ ਨੂੰ ਸਸਤੇ ਭਾਅ ਠੇਕੇ 'ਤੇ ਦੇਣ ਦੀ ਗਰੰਟੀ ਕਰਨ ਆਦਿ ਮੰਗਾਂ ਦੀ ਪੂਰਤੀ ਲਈ 13 ਸਤੰਬਰ ਨੂੰ ਮੋਤੀ ਮਹਿਲ ਦੇ ਕੀਤੇ ਜਾ ਰਹੇ  ਘਿਰਾਓ ਦੇ ਪ੍ਰੋਗਰਾਮ 'ਚ ਪਰਿਵਾਰਾਂ ਸਮੇਤ ਸ਼ਾਮਲ ਹੋਣ। ਇਸ ਮੌਕੇ 3 ਸਤੰਬਰ ਨੂੰ ਵਿਧਾਨ ਸਭਾ ਦੇ ਸੈਸ਼ਨ ਦੌਰਾਨ ਸਾਂਝੇ ਮੋਰਚੇ ਦੇ ਸੱਦੇ ਤਹਿਤ ਪਿੰਡ- ਪਿੰਡ ਰੋਸ ਮੁਜ਼ਾਹਰੇ ਕਰਨ ਦਾ ਵੀ ਫੈਸਲਾ ਲਿਆ ਗਿਆ। ਅੱਜ ਦੀ ਮੀਟਿੰਗ ਨੂੰ ਮਜ਼ਦੂਰ ਆਗੂ ਗੁਰਦੀਪ ਸਿੰਘ ਆਹਲੂਪੁਰ ਤੇ ਨਰਿੰਦਰ ਕੌਰ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਬੀਕੇਯੂ ਏਕਤਾ ਉਗਰਾਹਾਂ ਦੇ ਆਗੂ ਜੋਗਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਦਿਆਲਪੁਰਾ ਨੇ ਵੀ ਸੰਬੋਧਨ ਕੀਤਾ। ਕਿਸਾਨ ਆਗੂ ਨੇ ਮਜ਼ਦੂਰਾਂ ਨੂੰ ਭਰੋਸਾ ਦਿੱਤਾ ਕਿ ਉਹਨਾਂ ਦੀ ਜਥੇਬੰਦੀ ਮਜ਼ਦੂਰਾਂ ਦੀ ਹਰ ਪੱਖੋਂ ਡਟਵੀ ਹਮਾਇਤ ਕਰੇਗੀ ਅਤੇ ਮਜ਼ਦੂਰ ਕਿਸਾਨ ਏਕਤਾ ਨੂੰ ਹੋਰ ਮਜ਼ਬੂਤ ਕਰਨ ਦੇ ਕਾਰਜ ਨੂੰ ਅੱਗੇ ਵਧਾਵੇਗੀ।

ਡੈਮੋਕ੍ਰੇਟਿਕ ਟੀਚਰਜ਼ ਫਰੰਟ ਦੀ ਅਗਵਾਈ ਹੇਠ ਡਿਪਟੀ ਕਮਿਸ਼ਨਰ ਦਫ਼ਤਰ ਮੂਹਰੇ ਰੋਸ ਪ੍ਰਦਰਸ਼ਨ
ਸ੍ਰੀ ਮੁਕਤਸਰ ਸਾਹਿਬ - ਡਿਪਟੀ ਕਮਿਸ਼ਨਰ ਦੁਆਰਾ ਜਾਰੀ ਹੁਕਮਾਂ ਅਨੁਸਾਰ ਵੈਕਸੀਨ ਦੀਆਂ ਦੋਨੋਂ ਡੋਜਾਂ ਨਾ ਲੁਆਉਣ ਵਾਲੇ ਸਟਾਫ ਨੂੰ ਸਕੂਲ ਵਿੱਚ ਨਾ ਆਉਣ  ਦਿੱਤੇ ਜਾਣ ਕਾਰਣ ਰੋਹ ਵਿੱਚ ਆਏ ਮੁਲਾਜ਼ਮਾਂ ਵੱਲੋਂ ਡੈਮੋਕ੍ਰੇਟਿਕ ਟੀਚਰਜ਼ ਫਰੰਟ ਸ੍ਰੀ ਮੁਕਤਸਰ ਸਾਹਿਬ ਦੇ ਪ੍ਰਧਾਨ ਪਵਨ ਕੁਮਾਰ ਦੀ ਅਗਵਾਈ ਹੇਠ ਡਿਪਟੀ ਕਮਿਸ਼ਨਰ ਦਫ਼ਤਰ ਮੂਹਰੇ ਧਰਨਾ ਦਿੱਤਾ ਗਿਆ, ਜਿਸਤੇ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਨ ਵੱਲੋਂ ਦਫ਼ਤਰ ਦਾ ਗੇਟ ਬੰਦ ਕਰ ਦਿੱਤਾ ਗਿਆ। ਅਧਿਆਪਕਾਂ ਵੱਲੋਂ ਜ਼ੋਰਦਾਰ ਨਾਅਰੇਬਾਜ਼ੀ ਹੋਣ ਤੇ ਐੱਸ ਡੀ ਐੱਮ ਵੱਲੋਂ ਗੱਲਬਾਤ ਰਾਹੀਂ ਹੱਲ ਕੱਢਣ ਦੇ ਯਤਨ ਕੀਤੇ ਗੲੇ ਪਰ ਇਸ ਦੌਰਾਨ ਧਰਨਾ ਜਾਰੀ ਰਿਹਾ, ਇਸ ਉਪਰੰਤ ਵਧੀਕ  ਡਿਪਟੀ ਕਮਿਸ਼ਨਰ ਰਾਜਦੀਪ ਕੌਰ ਨਾਲ ਹੋਈ ਮੀਟਿੰਗ ਵਿੱਚ ਵਫਦ ਵੱਲੋਂ ਇੰਨ੍ਹਾਂ ਮੁਲਾਜ਼ਮਾਂ ਦਾ ਪੱਖ ਰੱਖਦਿਆਂ ਦੱਸਿਆ ਗਿਆ ਕਿ ਕੋਵਿਡ ਪੌਜਿਟਿਵ ਆਉਣ ਵਾਲੇ ਅਧਿਆਪਕਾਂ ਅਤੇ ਹੋਰਨਾਂ ਨੇ ਵੈਕਸੀਨ ਦੀ ਪਹਿਲੀ ਡੋਜ਼ ਪਿਛਲੇ ਸਮੇਂ ਵਿੱਚ ਲੲੀ ਹੈ ਅਤੇ ਹਾਲੇ ਦੂਜੀ ਡੋਜ ਲੈਣ ਵਿੱਚ ਸਮਾਂ ਰਹਿੰਦਾ ਹੈ, ਉਹ ਡੋਜ ਲੁਆਉਣ ਲੲੀ ਤਿਆਰ ਹਨ ਪਰ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਦੂਜੀ ਡੋਜ ਲੱਗਣੀ ਸੰਭਵ ਨਹੀਂ। ਇਸਤੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਅਧਿਆਪਕਾਂ ਨੂੰ 'ਵਰਕ ਫਰੌਮ ਹੋਮ' ਦਾ ਆਪਸ਼ਨ ਦੇਣ ਸਬੰਧੀ ਵਿਸ਼ਵਾਸ ਦਵਾਇਆ ਅਤੇ ਇਸ ਸਬੰਧੀ ਜ਼ੁਬਾਨੀ ਹਦਾਇਤਾਂ ਸ੍ਰੀ ਕਪਿਲ ਸ਼ਰਮਾ ਉੱਪ ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਸਿੱਖਿਆ ਅਫ਼ਸਰ ਸ੍ਰੀ ਮੁਕਤਸਰ ਸਾਹਿਬ ਨੂੰ ਦੇ ਦਿੱਤੀਆਂ ਗਈਆਂ ਹਨ। ਇਸ ਮੌਕੇ ਵਫ਼ਦ ਵੱਲੋਂ ਸਕੂਲਾਂ ਵਿੱਚ ਕੰਮ ਕਰਦੇ ਮਿੱਡ ਡੇ ਮੀਲ ਵਰਕਰਾਂ  ਦੇ ਸਿਰਫ ਪਹਿਲੀ ਡੋਜ ਲੱਗੀ ਹੋਣ ਕਰਕੇ ਆਉਣ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਬਦਲਵੇਂ ਪ੍ਰਬੰਧ ਸਮੇਂ ਆਉਣ ਵਾਲੀਆਂ ਸਮੱਸਿਆਵਾਂ ਬਾਰੇ ਧਿਆਨ ਵਿੱਚ ਲਿਆਂਦਾ ਗਿਆ। ਇਸ ਬਾਰੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਸਿੱਖਿਆ ਅਫ਼ਸਰ ਨਾਲ ਵਿਚਾਰ ਵਟਾਂਦਰਾ ਕਰਕੇ ਸਾਰਥਕ ਹੱਲ ਕੱਢਣ ਦਾ ਵਿਸ਼ਵਾਸ ਦਵਾਇਆ। ਇਸ ਮੌਕੇ ਹੋਰਨਾਂ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਮਾਸਟਰ ਕਾਡਰ ਯੂਨੀਅਨ ਦੇ ਹਰਪਾਲ ਸਿੰਘ, ਕਿਰਤੀ ਕਿਸਾਨ ਯੂਨੀਅਨ ਦੇ ਜਸਵਿੰਦਰ ਝਬੇਲਵਾਲੀ,  ਮਿੱਡ ਡੇ ਮੀਲ ਦੇ ਰਮਨਜੀਤ ਕੌਰ ਅਤੇ ਰਾਜਵਿੰਦਰ ਕੌਰ   ਡੈਮੋਕ੍ਰੇਟਿਕ ਟੀਚਰਜ਼ ਫਰੰਟ ਦੇ ਸੁਰਿੰਦਰ ਕੁਮਾਰ, ਗੁਰਬਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਰਵਨੀਤ ਸਿੰਘ, ਨਰਪਿੰਦਰ ਜੀਤ ਸਿੰਘ, ਸੁਖਦੇਵ ਸਿੰਘ, ਗੁਰਸੇਵ ਸਿੰਘ, ਸੁਸ਼ੀਲ ਕੁਮਾਰ, ਗੁਰਬਿੰਦਰ ਸਿੰਘ, ਧੀਰਜ ਖੇੜਾ, ਰਾਜਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ, ਮਨੀਤਾ, ਏਕਤਾ, ਕੁਲਦੀਪ ਕੌਰ ਆਦਿ ਹਾਜ਼ਰ ਸਨ।

ਡੈਮੋਕ੍ਰੇਟਿਕ ਟੀਚਰਜ਼ ਫਰੰਟ ਦੀ ਅਗਵਾਈ ਹੇਠ ਡਿਪਟੀ ਕਮਿਸ਼ਨਰ ਦਫ਼ਤਰ ਮੂਹਰੇ ਰੋਸ ਪ੍ਰਦਰਸ਼ਨ

 

ਗੁਰਲੇਜ਼ ਅਖਤਰ ਲੇ ਕੇ ਆ ਰਹੀ ਹੈ ਲੋਕ ਗਾਥਾ ਮਿਰਜ਼ਾ

ਇਸ ਟਾਈਮ ਸਭ ਤੋਂ ਵੱਧ ਪੰਜਾਬੀ ਗਾਣਿਆਂ ਚ ਸੁਣੀ ਜਾਣ ਵਾਲੀ ਗਾਇਕਾ ਗੁਰਲੇਜ਼ ਅਖਤਰ ਸੰਗੀਤਕਾਰ ਸਚਿਨ ਅਹੂਜਾ ਨਾਲ ਪੰਜਾਬ ਦੀ ਪ੍ਰਸਿੱਧ ਲੋਕ ਗਾਥਾ ਮਿਰਜ਼ਾ ਸਰੋਤਿਆਂ ਲਈ ਲੇ ਕੇ ਆ ਰਹੀ ਹੈ।

ਛੇ ਸੌ ਤੋਂ ਜਿਆਦਾ ਗੀਤਾਂ ਨੂੰ ਆਪਣੀ ਆਵਾਜ਼ ਦੇ ਜਾਦੂ ਨਾਲ ਹਿਟ ਕਰਵਾਉਣ ਵਾਲੀ ਗਾਇਕਾ ਗੁਰਲੇਜ਼ ਦਾ ਇਹ ਉਪਰਾਲਾ ਸ਼ਲਾਘਯੋਗ ਹੈ, ਕਿਉਕਿ ਹਿਪਹੋਪ ਦੇ ਇਸ ਦੌਰ ਵਿੱਚ ਸਰੋਤਿਆਂ ਨੂੰ ਆਪਣੇ ਵਿਰਸੇ ਨਾਲ ਜੋੜਨਾ ਚੰਗੀ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਹੋ ਸਕਦੀ ਹੈ।

ਬਾਕੀ ਆਉਣ ਵਾਲਾ ਸਮਾ ਦਸੇਗਾ ਕਿ ਸਰੋਤੇ ਇਸ ਉਪਰਾਲੇ ਨੂੰ ਕਿੰਨਾ ਪਿਆਰ ਦਿੰਦੇ ਹਨ।

ਗੁਰਲੇਜ਼ ਅਖਤਰ ਲੇ ਕੇ ਆ ਰਹੀ ਹੈ ਲੋਕ ਗਾਥਾ ਮਿਰਜ਼ਾ

ਪ੍ਰਵਾਸੀ ਪੰਜਾਬੀ ਗੀਤਕਾਰ ਬਲਿਹਾਰ ਲੇਹਲ਼ ਦਾ ਲਿਖਿਆ ਗੀਤ ' ਅਣਜੰਮੀ ਧੀ ਦੀ ਪੁਕਾਰ ' ਰਿਲੀਜ਼ ਹੋਇਆ
 ਅਮਰੀਕਾ ਦੇ ਸਿਆਟਾਲ ਸ਼ਹਿਰ ਵਿੱਚ ਵਸਦੇ ਅਤੇ ਪੰਜਾਬੀ ਲਿਖਾਰੀ ਸਭਾ ਸਿਆਟਲ ਨਾਲ ਜੁੜੇ ਹੋਏ ਮਾਂ ਬੋਲੀ ਦੇ ਮਾਣਮੱਤੇ ਗੀਤਕਾਰ ਤੇ ਲੇਖਕ ਬਲਿਹਾਰ ਲੇਹਲ ਦੁਆਰਾ ਲਿਖਿਆ ਹੋਇਆ ਗੀਤ  ' ਅਣਜੰਮੀ ਧੀ ਦੀ ਪੁਕਾਰ ' ਇੰਨੀ ਦਿਨੀਂ ਚਰਚਾ ਵਿੱਚ ਹੈ। ਇਸ ਨੂੰ ਗਾਇਕ ਅਮਰ ਸਿੰਘ ਲਿੱਤਰਾਂ ਨੇ ਆਪਣੀ ਸੁਹਜਮਈ ਆਵਾਜ਼ ਵਿੱਚ ਗਾਇਆ ਹੈ। ਸੇਵਾ ਸਿੰਘ ਨੌਰਥ ਹੋਰਾਂ ਦੁਆਰਾ ਪ੍ਰਸੁਤੁਤ ਇਹ ਗੀਤ ਡਾਲੀ 3007 ਰਿਕਾਰਡ ਇਟਲੀ ਦੁਆਰਾ ਰਿਕਾਰਡ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਹੈ।ਸੰਗੀਤਕ ਧੁਨਾਂ ਹਰਪ੍ਰੀਤ ਅਨਾੜੀ ਦੁਆਰਾ ਅਤੇ ਇਸਦੀ ਵੀਡਿਓ ਨੂੰ ਜੇਲਸਟਿੰਨ ਦੁਆਰਾ ਨਿਰਦੇਸ਼ਤ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਹੈ।ਇਹ ਗੀਤ ਸਾਡੇ ਸਮਾਜ ਵਿੱਚ ਫੈਲੀ ਬੁਰਾਈ ਗਰਭ ਭਰੂਣ ਹੱਤਿਆ ਦੀ ਨਿੰਦਾ ਕਰਦਾ ਅਤੇ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਧੀਆਂ ਦੀ ਕਦਰ ਕਰਨ ਦਾ ਸੰਦੇਸ਼ ਦਿੰਦਾ ਹੈ।ਪੰਜਾਬੀ ਗੀਤਕਾਰੀ ਦੇ ਬਾਬਾ ਬੋਹੜ ਸਰਦਾਰ ਹਰਦਿਆਲ ਸਿੰਘ ਚੀਮਾ ਦੀ ਵੀ ਇਸ ਵਿੱਚ ਹੱਲਾਸ਼ੇਰੀ ਸ਼ਾਮਿਲ ਹੈ।ਕੁੱਲ ਮਿਲਾ ਕੇ ਅਜਿਹੇ ਸੁਧਾਰਵਾਦੀ ਗੀਤਾਂ ਦੀ ਅੱਜ ਬਹੁਤ ਲੋੜ ਹੈ।ਬਲਿਹਾਰ ਲੇਹਲ ਵਰਗੇ ਸਾਫ ਸੁਥਰੇ ਗੀਤਕਾਰਾਂ ਨੂੰ ਅੱਜਕਲ ਹੱਲਾਸ਼ੇਰੀ ਦੇਣ ਦੀ ਲੋੜ ਹੈ ਤਾਂ ਕਿ ਹਿੰਸਕ ਅਤੇ ਲੱਚਰ ਗੀਤਕਾਰੀ ਤੇ ਗਾਇਕੀ ਨੂੰ ਨੱਥ ਪਾਈ ਜਾਵੇ।

ਰਾਜਨਦੀਪ ਕੌਰ ਮਾਨ ਦੀ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਰਿਪੋਰਟ

 ਸ਼੍ਰੀ ਮੁਕਤਸਰ ਸਾਹਿਬ ਦੇ ਵਾਸੀ ਭੈਣ ਅਨਿਤਾ  ਦੀ 4 ਸਾਲ  ਪੁੱਤਰੀ ਮਾਸੂਮ, ਜੋ ਕਿ ਪਿਛਲੇ ਦਿਨੀਂ ਅਚਾਨਕ ਲੱਤਾ ਦੀ ਬਿਮਾਰੀ ਕਾਰਣ ਪੈਦਲ ਚੱਲਣ 'ਚ ਅਸਮਰਥ ਹੋ ਚੁੱਕੀ ਹੈ। ਪਰਿਵਾਰ ਵੱਲੋਂ ਅਨੁਸੂਚਿਤ ਜਾਤੀ ਆਯੋਗ ਦੇ ਚੈਅਰਮੈਨ ਮਾਣਯੋਗ ਵਿਜੈ ਸਾਪਲਾ ਦੇ ਨਾਮ ਦਾ ਮੰਗ ਪੱਤਰ ਦਿੱਤਾ  ਗਿਆ । ਪਰਿਵਾਰ ਦੀ ਆਰਥਿਕ ਹਾਲਤ ਕਾਫੀ ਕਮਜ਼ੋਰ ਹੈ। ਸਮਾਜ ਸੇਵੀ ਅਨੁਰਾਗ ਸ਼ਰਮਾ ਵੱਲੋਂ ਪਰਿਵਾਰ ਦੀ ਬਣਦੀ ਵਿੱਤੀ ਸਹਾਇਤਾ ਕੀਤੀ ਗਈ। ਪ੍ਰਮਾਤਮਾ ਅੱਗੇ ਅਰਦਾਸ ਲੜਕੀ ਦੁਬਾਰਾ ਸਵਸਥ ਹੋ ਕਿ ਆਪਣੇ ਪੈਰਾਂ ਉਪਰ ਖੜ ਕੇ ਪਰਮਾਤਮਾ ਵੱਲੋਂ ਬਖ਼ਸ਼ੀ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਦਾ ਆਨੰਦ ਮਾਣ ਸਕੇ।

चंडीगढ़, 30 अगस्त: पंजाब सरकार ने आज चार आई.ए.एस. अधिकारियों के तबादले/तैनातियों के आदेश जारी किए हैं।  इस सम्बन्धी जानकारी देते हुए प्रवक्ता ने बताया कि श्री अनुराग अग्रवाल को अतिरिक्त मुख्य सचिव, बिजली और अतिरिक्त प्रभार अतिरिक्त मुख्य सचिव, नई और नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत और अतिरिक्त प्रभार चेयरमैन-कम-मैनेजिंग डायरैक्टर, पंजाब स्टेट ट्रांसमिशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड और अतिरिक्त प्रभार अतिरिक्त मुख्य सचिव, विज्ञान प्रौद्यौगिकी और वातावरण और अतिरिक्त प्रभार मिशन डायरैक्टर, तंदुरुस्त पंजाब, श्री अनुराग वर्मा को प्रमुख सचिव, गृह मामले और न्याय और अतिरिक्त प्रभार प्रमुख सचिव, चुनाव, श्री रमेश कुमार गंता को प्रमुख सचिव तकनीकी शिक्षा और औद्योगिक प्रशिक्षण और श्री विवेक प्रताप सिंह को प्रमुख सचिव, परसोनल और अतिरिक्त प्रभार प्रमुख सचिव, विजीलैंस और अतिरिक्त प्रभार प्रमुख सचिव, जनरल ऐडमिनस्ट्रेशन और कोऑर्डीनेशन और अतिरिक्त प्रभार प्रमुख सचिव, संसदीय मामले तैनात किया गया है।

 - ਮੈਡਮ ਪੂਨਮ ਅਰੋੜਾ ਨੇ ਕੀਤਾ ਉਦਘਾਟਨ-
ਐਲ.ਬੀ.ਸੀ.ਟੀ. ਨੇ 57ਵਾਂ ਮੁਫਤ ਕਟਾਈ  ਸਿਲਾਈ ਸੈਂਟਰ ਖੋਲਿ੍ਹਆ : ਢੋਸੀਵਾਲ

ਸ੍ਰੀ ਮੁਕਤਸਰ ਸਾਹਿਬ, 30 ਅਗਸਤ,  ਜਨਮ ਅਸ਼ਟਮੀ ਦੇ ਪਵਿੱਤਰ ਦਿਹਾੜੇ ’ਤੇ ਇਲਾਕੇ ਦੀ ਪ੍ਰਮੁੱਖ ਗੈਰ ਸਰਕਾਰੀ ਸਮਾਜ ਸੇਵੀ ਸੰਸਥਾ ਐਲ.ਬੀ.ਸੀ.ਟੀ. (ਲਾਰਡ ਬੁੱਧਾ ਚੈਰੀਟੇਬਲ ਟਰੱਸਟ) ਨੇ ਸਥਾਨਕ ਗਾਂਧੀ ਨਗਰ ਸਥਿਤ 57ਵਾਂ ਮੁਫਤ ਕਟਾਈ ਸਿਲਾਈ ਸੈਂਟਰ ਖੋਲਿ੍ਹਆ। ਇਸ ਮੌਕੇ ਟਰੱਸਟ ਦੇ ਸੰਸਥਾਪਕ ਚੇਅਰਮੈਨ ਜਗਦੀਸ਼ ਰਾਏ ਢੋਸੀਵਾਲ, ਸੀਨੀਅਰ ਮੋਸਟ ਮੈਂਬਰ ਇੰਜ. ਅਸੋਕ ਕੁਮਾਰ ਭਾਰਤੀ, ਲਾਇਨ ਨਿਰੰਜਣ ਸਿੰਘ ਰੱਖਰਾ, ਪਵਨ ਫੋਟੋ ਗ੍ਰਾਫਰ, ਕਾਂਗਰਸੀ ਆਗੂ ਸਰਵਣ ਸਿੰਘ ਅਤੇ ਨਰਿੰਦਰ ਕਾਕਾ ਆਦਿ ਸਮੇਤ ਏਕਮ, ਹਰਜਿੰਦਰ, ਬਬੀਤਾ, ਕਸ਼ਿਸ਼, ਪਿ੍ਰਅੰਕਾ ਅਤੇ ਨਿਸ਼ਾ ਆਦਿ ਮੌਜੂਦ ਸਨ। ਸੈਂਟਰ ਦਾ ਉਦਘਾਟਨ ਪ੍ਰਸਿੱਧ ਸਮਾਜ ਸੇਵਕ ਮੈਡਮ ਪੂਨਮ ਅਰੋੜਾ ਨੇ ਆਪਣੇ ਕਰ ਕਮਲਾਂ ਨਾਲ ਕੀਤਾ। ਉਦਘਾਟਨ ਉਪਰੰਤ ਮੈਡਮ ਅਰੋੜਾ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਸਮਾਜ ਸੇਵਾ ਦੇ ਕਾਰਜ ਕਰਨ ਵਾਲੀਆਂ ਸੰਸਥਾਵਾਂ ਸਮੁੱਚੇ ਸਮਾਜ ਦਾ ਮਾਣ ਹੁੰਦੀਆਂ ਹਨ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਅੱਗੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਜਨਮ ਅਸ਼ਟਮੀ ਦਿਵਸ ਮੌਕੇ ਐਲ.ਬੀ.ਸੀ.ਟੀ. ਵੱਲੋਂ ਕਟਾਈ ਸਿਲਾਈ ਸੈਂਟਰ ਖੋਲਿ੍ਹਆ ਜਾਣਾ ਬੇਹੱਦ ਹੀ ਪਵਿੱਤਰ ਕਾਰਜ ਹੈ। ਇਸ ਸਮੇਂ ਚੇਅਰਮੈਨ ਢੋਸੀਵਾਲ ਨੇ ਸਭਨਾਂ ਨੂੰ ਜਨਮ ਅਸ਼ਟਮੀ ਦੀ ਵਧਾਈ ਦਿੱਤੀ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਅੱਗੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਸੈਂਟਰ ਵਿਚ ਟਰੇਂਡ ਕਟਾਈ ਸਿਲਾਈ ਟੀਚਰ ਮੈਡਮ ਨਵਨੀਤ ਕੌਰ ਵੱਲੋਂ ਸਿਖਿਆਰਥਣਾਂ ਨੂੰ ਛੇ ਮਹੀਨੇ ਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਦਿੱਤੀ ਜਾਵੇਗੀ। ਕੋਰਸ ਪੂਰਾ ਹੋਣ ਉਪਰੰਤ ਸਫਲ ਸਿਖਿਆਰਥਣਾਂ ਨੂੰ ਟਰੱਸਟ ਵੱਲੋਂ ਸਰਟੀਫਿਕੇਟ ਜਾਰੀ ਕੀਤੇ ਜਾਣਗੇ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਇਸ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ 56 ਮੁਫਤ ਕਟਾਈ ਸਿਲਾਈ ਸੈਂਟਰ ਖੋਲ੍ਹ ਕੇ ਕਈ ਸੈਂਕੜੇ ਲੜਕੀਆਂ ਨੂੰ ਰੁਜ਼ਗਾਰ ਦੇ ਕਾਬਲ ਬਣਾਇਆ ਜਾ ਚੁੱਕਾ ਹੈ। ਢੋਸੀਵਾਲ ਨੇ ਇਹ ਸੈਂਟਰ ਖੁਲ੍ਹਵਾਏ ਜਾਣ ਵਿਚ ਖਾਸ ਸਹਿਯੋਗ ਦੇਣ ਲਈ ਟਰੱਸਟ ਵੱਲੋਂ ਕਈ ਸਾਲ ਤੱਕ ਸਿਖਿਆਰਥਣਾਂ ਨੂੰ ਸਫਲ ਸਿਖਲਾਈ ਦੇਣ ਵਾਲੀ ਟੀਚਰ ਮੈਡਮ ਬਰਖਾ ਅਤੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਪਰਿਵਾਰ ਦਾ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਧੰਨਵਾਦ ਵੀ ਕੀਤਾ। ਸੈਂਟਰ ਖੋਲ੍ਹੇ ਜਾਣ ਦੀ ਖੁਸ਼ੀ ਵਿੱਚ ਲੱਡੂ ਵੀ ਵੰਡੇ ਗਏ।

- ਡੈਮੋਕ੍ਰੇਟਿਕ ਟੀਚਰਜ਼ ਫਰੰਟ ਦੀ ਅਗਵਾਈ ਹੇਠ ਡਿਪਟੀ ਕਮਿਸ਼ਨਰ ਦਫ਼ਤਰ ਮੂਹਰੇ ਰੋਸ ਪ੍ਰਦਰਸ਼ਨ ਅੱਜ

ਵੈਕਸੀਨ ਦੀਆਂ ਦੋਨੋਂ ਡੋਜਾਂ ਨਾ ਲੁਆਉਣ ਵਾਲੇ ਸਟਾਫ ਨੂੰ ਸਕੂਲ ਵਿੱਚ ਨਾ ਆਉਣ ਦੇ ਹੁਕਮਾਂ ਖਿਲਾਫ ਰੋਸ
ਸ੍ਰੀ ਮੁਕਤਸਰ ਸਾਹਿਬ- ਡਿਪਟੀ ਕਮਿਸ਼ਨਰ ਦੁਆਰਾ ਜਾਰੀ ਹੁਕਮਾਂ ਅਨੁਸਾਰ ਵੈਕਸੀਨ ਦੀਆਂ ਦੋਨੋਂ ਡੋਜਾਂ ਨਾ ਲੁਆਉਣ ਵਾਲੇ ਸਟਾਫ ਨੂੰ ਸਕੂਲ ਵਿੱਚ ਨਾ ਆਉਣ  ਦਿੱਤੇ ਜਾਣ ਅਤੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਜ਼ਬਰੀ ਛੁੱਟੀ ਭਰਨ ਖਿਲਾਫ ਸਕੂਲਾਂ ਦੇ ਟੀਚਿੰਗ ਅਤੇ ਨਾਨ ਟੀਚਿੰਗ ਸਟਾਫ ਵਿੱਚ ਰੋਸ ਫੈਲ ਗਿਆ ਹੈ।
 ਇਸ ਸਬੰਧੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿੰਦਿਆਂ ਡੈਮੋਕ੍ਰੇਟਿਕ ਟੀਚਰਜ਼ ਫਰੰਟ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਸੂਬਾ ਪ੍ਰੈੱਸ ਸਕੱਤਰ ਅਤੇ ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਸ਼੍ਰੀ ਮੁਕਤਸਰ ਸਾਹਿਬ ਦੇ ਪ੍ਰਧਾਨ ਪਵਨ ਕੁਮਾਰ, ਜਨਰਲ ਸਕੱਤਰ ਕੁਲਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ, ਸੂਬਾ ਕਮੇਟੀ ਮੈਂਬਰ ਪ੍ਰਮਾਤਮਾ ਸਿੰਘ, ਰਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ, ਪਵਨ ਚੌਧਰੀ, ਰਾਜਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਡਿਪਟੀ ਕਮਿਸ਼ਨਰ ਦੇ ਇਸ ਫੈਸਲੇ ਨਾਲ ਮੁਖੀਆਂ ਨੂੰ ਸਕੂਲਾਂ ਨੂੰ ਚਲਾਉਣ ਵਿੱਚ ਭਾਰੀ ਸਮੱਸਿਆ ਖੜ੍ਹੀ ਹੋ ਗਈ ਹੈ। ਦਫ਼ਤਰ ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਸਿੱਖਿਆ ਦੀ ਦੁਆਰਾ 30 ਅਗਸਤ ਨੂੰ ਜਾਰੀ ਕੀਤੀ ਰਿਪੋਰਟ ਅਨੁਸਾਰ ਜਿੱਥੇ ਜ਼ਿਲ੍ਹੇ ਭਰ ਇਕੱਲੇ ਸੈਕੰਡਰੀ ਵਿਭਾਗ  ਵਿੱਚ 3421 ਵਿੱਚੋਂ 2285 ਦੇ ਦੋਨੋਂ ਡੋਜਾਂ ਲੱਗ ਚੁੱਕੀਆਂ ਹਨ ਜਦਕਿ 1020 ਮੁਲਾਜ਼ਮ ਅਜਿਹੇ ਹਨ ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਸਿਰਫ ਇੱਕ ਡੋਜ ਹੀ ਲੱਗੀ ਹੈ, 19 ਅਗਸਤ ਨੂੰ ਜਾਰੀ ਰਿਪੋਰਟ ਅਨੁਸਾਰ ਉੱਥੇ ਹੀ ਸਕੂਲਾਂ ਵਿੱਚ ਕੰਮ ਕਰਦੇ 1429 ਕੁੱਕ ਵਰਕਰਾਂ ਵਿੱਚੋਂ 1024 ਨੇ ਸਿਰਫ ਇੱਕ ਡੋਜ ਹੀ ਲਗਵਾਈ ਹੈ। 283 ਕੁੱਕ ਵਰਕਰਾਂ ਨੇ ਹਾਲੇ ਤੱਕ ਕੋਈ ਡੋਜ ਨਹੀਂ ਲਗਵਾਈ। ਦਫ਼ਤਰ ਡਿਪਟੀ ਕਮਿਸ਼ਨਰ ਦੇ ਹੁਕਮਾਂ ਅਨੁਸਾਰ ਤਿੰਨ ਹਜ਼ਾਰ ਤੋਂ ਵੀ ਵੱਧ ਮੁਲਾਜ਼ਮਾਂ ਨੂੰ ਸਕੂਲ ਵਿੱਚ ਆਉਣ ਦੀ ਤੋਂ ਰੋਕ ਦਿੱਤਾ ਗਿਆ ਹੈ। ਇੰਨ੍ਹਾਂ ਮੁਲਾਜ਼ਮਾਂ ਵਿੱਚੋਂ ਬਹੁਤਿਆਂ ਦਾ ਕਹਿਣਾ ਹੈ ਕਿ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਵੈਕਸੀਨ ਦੀ ਪਹਿਲੀ ਡੋਜ਼ ਪਿਛਲੇ ਸਮੇਂ ਵਿੱਚ ਲੲੀ ਹੈ ਅਤੇ ਹਾਲੇ ਦੂਜੀ ਡੋਜ ਲੈਣ ਵਿੱਚ ਸਮਾਂ ਰਹਿੰਦਾ ਹੈ, ਉਹ ਡੋਜ ਲੁਆਉਣ ਲੲੀ ਤਿਆਰ ਹਨ ਪਰ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਦੂਜੀ ਡੋਜ ਲੱਗਣੀ ਸੰਭਵ ਨਹੀਂ। ਜਿਹੜੇ ਮੁਲਾਜ਼ਮਾਂ ਨੇ ਅਗਸਤ ਮਹੀਨੇ ਵਿੱਚ ਕੋਵੀਸ਼ੀਲਡ ਲੁਆਈ ਹੈ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਅਗਲੀ ਡੋਜ 84 ਦਿਨ ਬਾਅਦ ਹੀ ਲੱਗ ਸਕਦੀ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਉਹ ਸਕੂਲ ਵਿੱਚ ਹਾਜ਼ਰੀ ਦੇਣ ਲਈ ਤਿਆਰ ਹਨ ਜੇਕਰ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਸਕੂਲ ਜਾਣ ਤੋਂ ਰੋਕਿਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਤਾਂ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਵਰਕ ਫਰੌਮ ਹੋਮ ਦੀ ਆਗਿਆ ਦਿੱਤੀ ਜਾਵੇ ਨਹੀਂ ਤਾਂ ਉਹ ਡਿਪਟੀ ਕਮਿਸ਼ਨਰ ਦੇ ਦਫ਼ਤਰ ਵਿਖੇ ਆਪਣੀ ਹਾਜ਼ਰੀ ਦੇਣਗੇ। ਜੇਕਰ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਜ਼ਬਰੀ ਛੁੱਟੀ ਭਰੀ ਗਈ ਤਾਂ ਸਾਰੇ ਮੁਲਾਜ਼ਮ ਡਿਪਟੀ ਕਮਿਸ਼ਨਰ ਦਫ਼ਤਰ ਦਾ ਘਿਰਾਓ ਕਰਨਗੇ। ਡੈਮੋਕ੍ਰੇਟਿਕ ਮੁਲਾਜ਼ਮ ਫੈਡਰੇਸ਼ਨ ਦੇ ਆਗੂਆਂ ਨੇ ਡਿਪਟੀ ਕਮਿਸ਼ਨਰ ਦਫ਼ਤਰ ਇਸ ਆਪ ਹੁਦਰੇ ਫੈਸਲੇ ਖਿਲਾਫ ਕੱਲ੍ਹ ਮਿਤੀ 31 ਅਗਸਤ ਨੂੰ ਦਫਤਰ ਮੂਹਰੇ ਰੋਸ ਪ੍ਰਦਰਸ਼ਨ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇਗਾ, ਜੇਕਰ ਲੋੜ ਪਈ ਤਾਂ ਮੁਲਾਜ਼ਮ ਦਫ਼ਤਰ ਦਾ ਅਣਮਿੱਥੇ ਸਮੇਂ ਲਈ ਘਿਰਾਓ ਕਰਨ ਤੋਂ ਪਿੱਛੇ ਨਹੀਂ ਹਟਣਗੇ।

 विजय गर्ग

 जैसा कि आम गलत धारणा है, मेडिकल स्ट्रीम एमबीबीएस की डिग्री के बराबर होती है।  ऐसा कभी नहीं हुआ है और यह केवल जनता की अदूरदर्शिता का परिणाम है।  इसलिए यदि आप मेडिकल स्ट्रीम को आगे बढ़ाना चाहते हैं, तो डॉक्टर बनना आपके लिए एकमात्र विकल्प नहीं है।

 जिन छात्रों ने 12वीं साइंस स्ट्रीम में बायोलॉजी का विकल्प चुना है।  मुख्य चिकित्सा विकल्पों (जैसे एमबीबीएस या बीडीएस) को दी गई स्पॉटलाइट एक छात्र का ध्यान अन्य समान रूप से योग्य लोगों से भटकाती है।

CAREER - एमबीबीएस/बीडीएस के अलावा मेडिकल छात्रों के लिए वैकल्पिक कोर्स
वैकल्पिक चिकित्सा की शाखाएँ इस प्रकार हैं:

 ।  बीएएमएस (बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी)

 ii.  बीयूएमएस (बैचलर ऑफ यूनानी मेडिसिन एंड सर्जरी)

 iii.  बीएचएमएस (बैचलर ऑफ होम्योपैथिक मेडिसिन एंड सर्जरी)

 होम्योपैथी, आयुर्वेद और यूनानी चिकित्सा की तेजी से बढ़ती वैकल्पिक प्रणालियां हैं।  ये पाठ्यक्रम भी मुख्य चिकित्सा विषयों के समान शैक्षिक पैटर्न का पालन करते हैं, अर्थात।  इंटर्नशिप के साथ लगभग 5 साल का कार्यक्रम।

 पहले, चिकित्सा की इन प्रणालियों को एक अधिक निजी अभ्यास विकल्प माना जाता था, इन वैकल्पिक चिकित्सा क्षेत्रों पर अब सरकार द्वारा विशेष ध्यान दिया जा रहा है।  कई नए संस्थान खोले जा रहे हैं और पुराने को बेहतर अनुसंधान और विकास के लिए इन शैक्षिक क्षेत्रों को स्थापित करने और मजबूत करने के लिए कहा गया है।

 भारत जैसे देश के लिए, प्रकृति और उसके तत्वों में हमारी संस्कृति के विश्वास और अनुभव के कारण, ये वैकल्पिक औषधीय क्षेत्र लगभग पारंपरिक चिकित्सा के रूप में महत्वपूर्ण हैं।

  फार्मेसी (बी.फार्म / एम.फार्मा)

 यह फार्मेसी के अध्ययन में एक डिग्री है जिसमें औषधीय दवाओं, उनके रसायन विज्ञान, इन दवाओं के फार्मास्युटिकल इंजीनियरिंग और उनके विश्लेषण का विस्तृत अध्ययन शामिल है।

 इस क्षेत्र को चुनने वाला छात्र फार्मासिस्ट/केमिस्ट के रूप में अपना करियर बना सकता है (या तो स्वतंत्र रूप से या किसी सरकारी संगठन के लिए)।  वे फार्मेसी क्षेत्र के अनुसंधान पहलू का भी हिस्सा बन सकते हैं।  इस क्षेत्र में कैरियर के अवसर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय दोनों संगठनों में मौजूद हैं।

  पर्यावरण विज्ञान

 दुनिया भर से प्राकृतिक संसाधनों की कमी और संरक्षण और बहाली की अत्यधिक आवश्यकता के साथ, पर्यावरण विज्ञान चर्चा का केंद्र बनता जा रहा है।  दुनिया भर में सरकारें पर्यावरण के संरक्षण और जो कुछ बचा है उसमें सुधार करने के महत्व को महसूस कर रही हैं, और इसने पर्यावरण विज्ञान को तेजी से विकासशील क्षेत्र बना दिया है।

 पर्यावरण इंजीनियरिंग हवा, पानी और मिट्टी जैसे तत्वों को बेहतर बनाने की दिशा में काम करती है और वर्तमान संसाधनों का स्थायी तरीके से उपयोग करती है।  इसमें प्रदूषण, भूमि, कृषि और वानिकी से संबंधित विभागों के लिए विशेष रूप से सरकारी क्षेत्र में अनुसंधान और विकास के विशाल क्षेत्रों की क्षमता है।

 जूलॉजी (बीएससी जूलॉजी)

 यह डिग्री कोर्स देश भर के अधिकांश विश्वविद्यालयों द्वारा प्रदान किया जाता है।  इसके लिए आमतौर पर कोई प्रवेश परीक्षा नहीं होती है क्योंकि छात्रों को योग्यता के आधार पर प्रवेश दिया जाता है।  यह एक ऐसा पेशा है जिसमें व्यावहारिक के साथ-साथ प्रयोगशाला अनुभव भी शामिल है और शिक्षा अपने सामान्य वैज्ञानिक समकक्षों के लिए एक दिलचस्प मोड़ है।

 जूलॉजी, जैसा कि नाम से पता चलता है, हर पशु प्रजाति का अध्ययन है।  उनका वर्गीकरण, प्राकृतिक आवास, जीवन शैली और आनुवंशिकी, सब कुछ जूलॉजी के तहत अध्ययन किया जाता है।

 जैसा कि ऊपर चर्चा की गई है, प्राकृतिक संसाधनों और आवास की कमी के साथ, सभी देश संरक्षण और पुनर्स्थापना के अपने प्रयासों में अधिक सक्रिय हो रहे हैं;  इसमें वन्यजीव भी शामिल हैं।  जूलॉजी का अध्ययन करने वाले छात्र सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में शिक्षक, संरक्षणवादी, शोधकर्ता और वैज्ञानिक के रूप में काम कर सकते हैं।

 जैव प्रौद्योगिकी (बी.एससी बायोटेक)

 यह जीव विज्ञान की एक जटिल और बहुत उपयोगी शाखा है।  यह सेलुलर और बायोमोलेक्यूलर प्रक्रियाओं का उपयोग करके हमारे जीवन को आसान बनाने के लिए उत्पादों और प्रौद्योगिकियों को विकसित करने पर केंद्रित है।

 मानव जाति के भरण-पोषण के लिए उपयोगी लगभग हर क्षेत्र में इस तकनीक का प्रयोग लंबे समय से होता आ रहा है।  नए खाद्य उत्पादों का विकास हो या बीमारियों से लड़ने के लिए नए टीकों और प्रौद्योगिकियों का विकास, इस क्षेत्र ने हर जगह सफलता हासिल की है।

 जैव प्रौद्योगिकी का चयन करने वाले छात्रों को सरकारी और निजी दोनों संगठनों के लिए अनुसंधान, आनुवंशिकी और फार्मास्यूटिकल्स के क्षेत्र में अवसर मिलेंगे।  हालाँकि, ये एकमात्र ऐसे व्यवसाय नहीं हैं जिनकी वे तलाश कर सकते हैं, साथ ही प्रस्ताव पर पर्यावरण विज्ञान, कृषि, खाद्य और पोषण और अनुसंधान प्रयोगशालाओं में प्रयोगशाला पेशेवर जैसे क्षेत्र भी हैं।

  माइक्रोबायोलॉजी (बीएससी माइक्रोबायोलॉजी)

 यह सूक्ष्मजीवों, उनकी कोशिका संरचना, उनके विभिन्न विषयों और वे हमें कैसे प्रभावित करते हैं, इसका अध्ययन है।  एक माइक्रोबायोलॉजिस्ट का काम इन कोशिकीय जीवों (जो संक्रामक एजेंट भी हो सकते हैं) का अध्ययन दवा, अनुसंधान, खाद्य उत्पादन, शिक्षा और यहां तक ​​कि पर्यावरण संरक्षण जैसे विभिन्न क्षेत्रों के संदर्भ में करना है।

 माइक्रोबायोलॉजी को करियर के रूप में चुनने वाले छात्र या तो प्रोफेसर और शिक्षकों की तरह शिक्षक बन सकते हैं या शोध में शामिल हो सकते हैं।  वे वायरोलॉजी, पैरासिटोलॉजी, माइकोलॉजी और बैक्टीरियोलॉजी जैसे विषयों से निपटने के लिए स्वास्थ्य और चिकित्सा क्षेत्र में काम करते हुए नैदानिक ​​सूक्ष्म जीवविज्ञानी भी बन सकते हैं।  वाणिज्यिक उद्योग भी नए उत्पादों को विकसित करने के लिए सूक्ष्म जीव विज्ञान के साथ काम करता है और इस प्रकार माइक्रोबायोलॉजिस्ट के लिए कैरियर के अवसर के रूप में कार्य करता है।

  फिजियोलॉजी (बी.एससी फिजियोलॉजी)

 फिजियोलॉजी शरीर के तंत्र का अध्ययन है और शरीर को बनाने वाले जैविक यौगिकों जैसी जटिलताओं को शामिल करता है, शरीर अपने पर्यावरण, उसके अंगों और शरीर रचना के साथ कैसे संपर्क करता है।  यह जीव विज्ञान की एक पुरानी शाखा है जो यह समझने के लिए शरीर का अध्ययन करती है कि यह कैसे जीवित रहता है।  यह क्षेत्र दुनिया भर में एक अच्छी तरह से विकसित करियर विकल्प है।

 इसे फिजियोथेरेपिस्ट, ऑक्यूपेशनल थेरेपी, प्लांट फिजियोलॉजी, सेल्युलर फिजियोलॉजी, क्लिनिकल फिजियोलॉजिस्ट और शोधकर्ताओं जैसे अन्य विषयों में विभाजित किया गया है।  यह विकल्पों का एक विस्तृत स्पेक्ट्रम है जो सरकारी और निजी दोनों उद्योगों में करियर प्रदान करता है।  अनुसंधान और विकास के दायरे को देखते हुए, यह चिकित्सा उद्योग का एक अभिन्न अंग बन गया है।

  बायोफिजिक्स (बीएससी बायोफिजिक्स)

 यह धारा गणित और कंप्यूटर मॉडलिंग की मदद से भौतिकी के सिद्धांतों को जीव विज्ञान पर लागू करती है।  यह जैविक जीवों के हर समूह को कवर करता है और आणविक स्तर से लेकर संपूर्ण जनसंख्या समूहों तक इसकी पहुंच है।

 बायोफिज़िक्स जीवित जीवों में पैटर्न की तलाश करता है और न्यूरोसाइंस, फार्माकोलॉजी, फिजियोलॉजी, स्ट्रक्चरल बायोलॉजी, बायोकैमिस्ट्री और मेडिसिन जैसे विभिन्न विषयों में अंतर्दृष्टि प्रदान करने के लिए इसका अध्ययन करता है।  कहने की जरूरत नहीं है कि जैविक क्षेत्रों की प्रगति के लिए इसका महत्व इसे मेडिकल छात्रों के लिए एक व्यवहार्य विकल्प बनाता है।

 शैक्षिक क्षेत्र (अर्थात प्रोफेसर और शिक्षक) और अनुसंधान-उन्मुख क्षेत्रों के अलावा, बायोफिज़िक्स को चुनने वाले छात्र के पास कई मजबूत विकल्प हैं।  कोई भी वैज्ञानिक, पोषण संबंधी बायोफिजिसिस्ट, मेडिकल बायोफिजिसिस्ट, केमिकल बायोफिजिसिस्ट और एप्लाइड बायोफिजिसिस्ट बनने का विकल्प चुन सकता है।

  पशु चिकित्सा और पशु विज्ञान (बी.वी.एससी)

 पशुचिकित्सक पशुओं के लिए दवा, सर्जरी और ऐसे ही हर अनुशासन का अभ्यास करते हैं।  वे केवल एक क्षेत्र तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि बीवीएससी के तहत कई विकल्प हैं, अर्थात् आनुवंशिकी और प्रजनन, स्त्री रोग, विकृति विज्ञान, पशु पोषण, सूक्ष्म जीव विज्ञान, शरीर विज्ञान, चिकित्सा, वन्यजीव अध्ययन, पशुपालन आदि।

 यदि कोई छात्र जानवरों और उनके कल्याण के प्रति झुकाव महसूस करता है, तो वे आसानी से इस धारा को चुन सकते हैं और इसे एक फलता-फूलता पेशा बना सकते हैं।  जानवरों के कल्याण की ओर झुकाव रखने वाले विभिन्न निजी और सरकारी संगठनों के अनुसंधान और विकास क्षेत्र में एक स्वतंत्र अभ्यास हो सकता है या हो सकता है।

 दुनिया भर में वायरस और बीमारियों के विभिन्न नए उपभेदों की खोज के साथ, जीव विज्ञान की यह धारा अधिक महत्वपूर्ण हो गई है क्योंकि जानवरों से अन्य प्राणियों में रोग हस्तांतरण की पहचान और रोकथाम की आवश्यकता होती है।  पशु चिकित्सा विज्ञान में एक डिग्री को करियर के रूप में दुनिया भर में ख्याति प्राप्त है।

 जैव सूचना विज्ञान (बी.टेक जैव सूचना विज्ञान)

 जैव सूचना विज्ञान जैविक डेटा का विश्लेषण और व्याख्या करने के लिए सॉफ्टवेयर और तकनीकी उपकरणों का उपयोग करता है।  यह प्रोटीन के नमूने, सेल आबादी और आनुवंशिक जानकारी जैसे जैविक डेटा के विश्लेषण के लिए जीव विज्ञान, कंप्यूटर विज्ञान, गणित और इंजीनियरिंग के अनुप्रयोगों को जोड़ती है।

 यह विशाल जैविक डेटाबेस और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी के निर्माण और भंडारण में मदद करता है जिसका अध्ययन विभिन्न बीमारियों के पैटर्न और समाधान खोजने के लिए किया जा सकता है।  अध्ययन के क्षेत्र जीनोमिक्स, मेटागेनोमिक्स, प्रोटिओमिक्स और कम्प्यूटेशनल बायोलॉजी हैं।

 एक शिक्षक या शोधकर्ता बनने का विकल्प चुनने के अलावा, एक जैव सूचना विज्ञान का छात्र सरकार या निजी संगठनों के साथ जैव सूचनाविद्, जैवविश्लेषक, मेडिकल कोडर और डेवलपर बन सकता है।

  फोरेंसिक साइंस (बीएससी फॉरेंसिक साइंसेज)

 फोरेंसिक जीवविज्ञानी आमतौर पर सरकारी एजेंसियों द्वारा लगाए जाते हैं।  उनके काम में आपराधिक जांच में मदद करने के लिए अपराध के दृश्यों और रक्त और अन्य अवशेषों सहित सबूतों का निरीक्षण करना शामिल है।  यह एक ऐसा करियर है जिसके लिए मैदान और प्रयोगशाला दोनों स्थितियों में सक्रिय होने की आवश्यकता होती है।

 फोरेंसिक विज्ञान में अध्ययन के क्षेत्र हैं (फोरेंसिक) कीट विज्ञान, रसायन विज्ञान, वनस्पति विज्ञान, विकृति विज्ञान और डीएनए विश्लेषण।  जीव विज्ञान की इस शाखा में विस्तार पर ध्यान देने और एक पैनी नज़र की आवश्यकता है जो सबूत और अनियमितताओं को खोजने में मदद करता है। ये कुछ ऐसे विकल्प थे जो एक मेडिकल छात्र के लिए मौजूद थे, जिसके लिए उन्हें एमबीबीएस करने की आवश्यकता नहीं होती है।  नई प्रौद्योगिकियों के आगमन और दुनिया की जैविक प्रक्रियाओं से संबंधित अधिक जानकारी के उद्भव के साथ, अनुसंधान के ऐसे क्षेत्र तेजी से प्रचलित करियर विकल्प बन रहे हैं।

CAREER - वोकेशनल कोर्सेज में कैसे बनाएं अच्छे भविष्य की राह

 एक छात्र के लिए यह महत्वपूर्ण नहीं रह गया है कि वह केवल डॉक्टर बनने के लिए तत्पर हो, यदि वह चिकित्सा क्षेत्र में प्रवेश करता है।  ऐसे कई अन्य करियर के रास्ते हैं जो समान नौकरी से संतुष्टि और प्रशंसा प्रदान करते हैं।  एक विषय के रूप में जीव विज्ञान का विस्तार हो रहा है और यह स्वाभाविक है कि इसके व्युत्पन्नों का भी विस्तार हो रहा है।

 चूंकि ये विकल्प असंख्य हैं, यह स्पष्ट है कि भ्रम का पालन होगा।  एक छात्र को अपने लिए उपलब्ध विकल्पों पर शोध करना चाहिए और निर्णय लेने से पहले अपने प्लस और माइनस बिंदुओं को पहचानने के लिए इसकी सामग्री को देखना चाहिए।  सत्यापित वेबसाइटों का उपयोग करके इस शोध के लिए इंटरनेट का विवेकपूर्ण उपयोग करना चाहिए

 इन कई विकल्पों और अनुसंधान के एक निरंतर बढ़ते क्षेत्र के साथ, चिकित्सा धारा 'डॉक्टर' के पर्यायवाची होने से एक लंबा सफर तय कर चुकी है।  छात्रों के पास व्यापक करियर के अवसर हैं जो मुख्य विषय करियर की एकरसता से स्वागत योग्य बदलाव प्रदान करते हैं|

विजय गर्ग 
पूर्व पीईएस-1
 शिक्षाविद्
 सेवानिवृत्त प्राचार्य
 मलोट पंजाब
 मोब 9465682110



ਚੰਡੀਗੜ ਵਿਖੇ ਭਾਜਪਾ ਦਫ਼ਤਰ ਦਾ ਘਿਰਾਓ ਕਰਨ ਸਮੇਂ ਆਪ ਮਹਿਲਾ ਵਰਕਰਜ਼ ਤੇ ਪੁਲਿਸ ਦੁਆਰਾ ਕੀਤੇ ਤਸ਼ਦੱਦ ਬਾਰੇ ਮਹਿਲਾ ਕਮਿਸ਼ਨ ਲਵੇਗਾ ਐਕਸ਼ਨ, ਇਸ ਬਾਰੇ ਕਮਿਸ਼ਨ ਦੇ ਚੇਅਰਮੈਨ ਮਨੀਸ਼ਾ ਗੁਲਾਟੀ ਨੇ ਫੇਸਬੁੱਕ ਤੇ ਲਿਖਿਆ, ਅੱਜ ਸਾਡੇ ਪੰਜਾਬ ਦੀਆਂ ਮਹਿਲਾਵਾਂ ‘ਤੇ ਪੁਲਿਸ ਵੱਲੋਂ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਤਸ਼ਦੱਦ ਸਰਾਸਰ ਗਲਤ ਤੇ ਨਿੰਦਾਯੋਗ ਹੈ। ਲੋਕਤੰਤਰ ਦੇਸ਼ ਵਿੱਚ ਸਾਰਿਆਂ ਨੂੰ ਆਪਣੀ ਗੱਲ ਕਹਿਣ ਤੇ ਰੋਸ ਪ੍ਰਦਰਸ਼ਨ ਕਰਨ ਦਾ ਹੱਕ ਹੈ। ਪੁਲਿਸ ਵੱਲੋਂ ਮਹਿਲਾਵਾਂ ‘ਤੇ ਕੀਤੇ ਜਾਂਦੇ ਅਜਿਹੇ ਵਰਤੀਰੇ ‘ਤੇ ਮਹਿਲਾ ਕਮਿਸ਼ਨ ਐਕਸ਼ਨ ਲਵੇਗਾ।

- ਬਸਪਾ ਤੇ ਅਕਾਲੀ ਦਲ ਦਾ ਗਠਜੋੜ ਲੰਬਾ ਚਲੇਗਾ, ਦੋਨੋਂ ਪੰਜਾਬ ਦੀਆਂ ਪੰਜਾਬੀ ਪਾਰਟੀਆਂ - ਸੁਖਬੀਰ ਬਾਦਲ

- ਕਾਂਗਰਸ ਤੇ ਆਪ ਦਾ ਸੂਪੜਾ ਬਸਪਾ ਅਕਾਲੀ ਗੱਠਜੋੜ ਸਾਫ ਕਰੇਗੀ - ਬੇਨੀਵਾਲ

ਫਗਵਾੜਾ 29 ਅਗਸਤ, ਬਹੁਜਨ ਸਮਾਜ ਪਰਟੀ ਦੀ ਫਗਵਾੜਾ ਵਿਖੇ ਵਿਸ਼ਾਲ ਅਲਖ ਜਗਾਓ ਰੈਲੀ ਹੋਈ ਜਿਸ ਵਿੱਚ ਬਸਪਾ ਦੇ ਰਾਸ਼ਟਰੀ ਉੱਪ ਪ੍ਰਧਾਨ ਸ਼੍ਰੀ ਅਨੰਦ ਕੁਮਾਰ ਜੀ, ਸ਼੍ਰੋਮਣੀ ਅਕਾਲੀ ਦੱਲ ਦੇ ਪ੍ਰਧਾਨ ਸਰਦਾਰ ਸੁਖਬੀਰ ਸਿੰਘ ਬਾਦਲ ਜੀ, ਰਾਸ਼ਟਰੀ ਕੋਆਰਡੀਨੇਟਰ ਸ਼੍ਰੀ ਅਕਾਸ਼ ਅਨੰਦ ਜੀ, ਰਾਜ ਸਭਾ ਮੈਂਬਰ ਸ਼੍ਰੀ ਰਾਮਜੀ ਗੋਤਮ, ਪੰਜਾਬ ਬਸਪਾ ਦੇ ਇੰਚਾਰਜ ਸ਼੍ਰੀ ਰਣਧੀਰ ਸਿੰਘ ਬੈਨੀਵਾਲ, ਸ਼੍ਰੀ ਵਿਪੁਲ ਕੁਮਾਰ ਤੇ ਸੂਬਾ ਪ੍ਰਧਾਨ ਸਰਦਾਰ ਜਸਵੀਰ ਸਿੰਘ ਗੜ੍ਹੀ ਨੇ ਵਿਸ਼ਾਲ ਰੈਲੀ ਵਿਚ ਮੁੱਖ ਬੁਲਾਰਿਆ ਵਜੋਂ ਸ਼ਿਰਕਤ ਕੀਤੀ। ਹਾਲਾਂਕਿ  ਕਿਸਾਨਾ ਦਾ ਦੋ ਘੰਟੇ ਦਾ ਪੂਰਾ ਪੰਜਾਬ ਬੰਦ ਸੀ। ਬਸਪਾ ਵਲੋਂ ਵੀ ਦੋ ਘੰਟੇ ਲਈ ਰੇੈਲੀ ਕਿਸ਼ਾਨਾ ਲਈ ਦੇਰੀ ਨਾਲ ਸੂਰੁ ਕੀਤੀ । ਪੰਜਾਬ ਬੰਦ ਦੇ ਬਾਵਜੂਦ ਲੱਖਾ ਦੀ ਸਮੂਲੀਅਤ ਰੈਲੀ ਵਿੱਚ ਪਹੁੰਚੀ। ਸਾਰਾ ਫਗਵਾੜਾ  ਨੀਲੇ ਝੰਡਿਆਂ ਤੇ ਫਲੈਕਸਾ ਨਾਲ ਨੀਲਾ ਨੀਲਾ ਹੋਇਆ ਪਿਆ ਸੀ। ਅਜਿਹੀਆਂ ਖਬਰਾਂ ਹਨ ਕਿ ਬਸਪਾ ਤੇ ਸ਼ਿਰੋਮਣੀ ਅਕਾਲੀ ਦਲ ਦੀ ਪੰਜਾਬ ਦੀ ਲੀਡਰਸ਼ਿਪ ਪੂਰੇ ਪੰਜਾਬ ਵਿਚ ਇਸ ਰੈਲੀ ਦੇ ਬਹਾਨੇ ਨਾਲ ਬੂਥ ਪੱਧਰ ਤੇ ਤਾਲਮੇਲ ਬਨਾਉਣ ਦਾ ਕੰਮ ਪੂਰਾ ਕਰ ਚੁੱਕੀ ਹੈ। ਰੈਲੀ ਵਿੱਚ ਸੂਬਾ ਪ੍ਰਧਾਨ ਸ. ਜਸਵੀਰ ਸਿੰਘ ਗੜ੍ਹੀ ਨੇ ਸਾਰਿਆ ਨੂੰ ਜੀ ਆਇਆ ਆਖਿਆ।

ਫਗਵਾੜਾ ਤੋਂ ਬਸਪਾ ਸੂਬਾ ਪ੍ਰਧਾਨ ਜਸਵੀਰ ਸਿੰਘ ਗੜ੍ਹੀ ਹੋਣਗੇ ਉਮੀਦਵਾਰ
ਮੰਚ ਤੋਂ ਬੋਲਦਿਆ ਰਾਸ਼ਟਰੀ ਕੋਆਰਡੀਨੇਟਰ ਸ਼੍ਰੀ ਅਕਾਸ਼ ਅਨੰਦ ਜੀ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਸਾਹਿਬ ਸ਼੍ਰੀ ਕਾਸ਼ੀ ਰਾਮ ਜੀ ਦਾ ਸੁਪਨਾ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਲੋਕ ਪੂਰਾ ਕਰਨਗੇ। ਇਸ ਮੌਕੇ ਸਾਹਿਬ ਕਾਂਸ਼ੀ ਰਾਮ ਜੀ ਬਾਰੇ ਗੱਲ ਕਰਦਿਆਂ ਆਕਾਸ਼ ਆਨੰਦ ਜੀ ਭਾਵੁਕ ਹੋ ਗਏ, ਗਲਾ ਭਰ ਆਇਆ। ਪੰਡਾਲ ਤੋਂ ਲੋਕ ਆਪ ਮੁਹਾਰੇ ਆਕਾਸ਼ ਭਈਆ ਆਗੇ ਬਢੋ, ਹਮ ਤੁਹਾਰੇ ਸਾਥ ਹੈ ਦੇ ਨਾਹਰੇ ਗੂੰਜਣ ਲੱਗੇ।
ਸ਼੍ਰੋਮਣੀ ਅਕਾਲੀ ਦਲ ਦੇ ਪ੍ਰਧਾਨ ਸਰਦਾਰ ਸੁਖਬੀਰ ਸਿੰਘ ਬਾਦਲ ਨੇ ਬਸਪਾ ਮੁਖੀ ਕੁਮਾਰੀ ਮਾਇਆਵਤੀ ਜੀ ਦੀ ਪ੍ਰਸੰਸ਼ਾ ਨਾਲ਼ ਆਪਣਾ ਭਾਸ਼ਣ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰਦਿਆ ਕਿਹਾ ਕਿ ਸਾਡਾ ਗੱਠਜੋੜ ਅੱਧੇ ਬੋਲਾ ਨਾਲ ਹੋਇਆ ਹੈ। ਭਾਜਪਾ ਨੇ ਕਿਸਾਨੀ ਦੀ ਪਿੱਠ ਵਿੱਚ ਛੁਰਾ ਮਾਰਿਆ ਹੈ। ਬਸਪਾ ਨਾਲ ਸਾਡਾ ਸਮਝੋਤਾ ਲੰਮਾ ਚੱਲੇਗਾ, ਇਸ ਲਈ ਓਹਨਾ ਨੇ ਬਸਪਾ ਮੁਖੀ ਭੈਣ ਕੁਮਾਰੀ ਮਾਇਆਵਤੀ ਜੀ ਦਾ ਧੰਨਵਾਦ ਕੀਤਾ। ਇਹ ਕਿਸਾਨਾ ਮਜਦੂਰਾ ਦਾ ਸਮਝੋਤਾ ਹੈ । ਕਾਗਰਸ ਨੇ ਸ਼ਰਾਬ ਮਾਫੀਆ, ਰੇਤ ਮਾਫੀਆ ਨਾਲ ਪੰਜਾਬ ਲੁਟਿਆ ਹੈ । ਬਸਪਾ ਅਤੇ ਸ਼੍ਰੋਮਣੀ ਅਕਾਲੀ ਦਲ ਦੋਨੋ ਪੰਜਾਬ ਦੀਆ ਪਾਰਟੀਆ ਹਨ। ਮੈਂ ਅਤੇ ਸਾਹਿਬ ਕਾਂਸ਼ੀ ਰਾਮ 1996 ਵਿੱਚ ਇਕੱਠੇ ਮੈਂਬਰ ਪਾਰਲੀਮੈਂਟ ਬਣੇ ਸਨ। ਗੱਠਜੋੜ ਦਾ 13 ਸੂਤਰੀ ਪ੍ਰੋਗਰਾਮ ਕਾਂਗਰਸ ਭਾਜਪਾ ਦੀ ਅਲਖ ਮਕਾਉਣ ਦਾ ਕੰਮ ਕਰੇਗਾ।
ਸ਼੍ਰੀ ਰਣਧੀਰ ਸਿੰਘ ਬੈਨੀਪਾਲ ਪੰਜਾਬ ਇੰਚਾਰਜ ਜੀ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕੇ ਕਾਂਗਰਸ ਨੇ ਬਸਪਾ ਦੀ ਅਲਖ ਜਗਾਓ ਰੈਲੀ ਨੂੰ ਅਸਫਲ ਕਰਨ ਲਈ ਅੱਜ ਦੀ ਪੰਜਾਬ ਬੰਦ ਵਿੱਚ ਵੱਡਾ ਰੋਲ ਅਦਾ ਕੀਤਾ ਹੈ। ਕਾਂਗਰਸ ਤੇ ਆਪ ਦਾ ਸੂਪੜਾ ਬਸਪਾ ਅਕਾਲੀ ਗੱਠਜੋੜ ਸਾਫ ਕਰੇਗੀ।
ਰਾਜ ਸਭਾ ਮੈਂਬਰ ਸ਼੍ਰੀ ਰਾਮਜੀ ਗੌਤਮ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਦੇਸ਼ ਨੂੰ ਡੁਬਾਉਣ ਲਈ ਕਾਂਗਰਸ ਜਿੰਮੇਵਾਰ ਹੈ ਜਿਸਦੇ ਰਾਜ ਵਿਚ ਜੀਪ ਘੋਟਾਲੇ ਤੋਂ ਲੈਕੇ ਕੋਲਾ ਘੋਟਾਲਾ ਹੋਇਆ ਹੈ।
ਸ ਜਸਵੀਰ ਸਿੰਘ ਗੜ੍ਹੀ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕੇ ਕਾਂਗਰਸ ਦੀ ਚੋਰੀ ਮੋਹਾਲੀ, ਨਾਭਾ, ਹੋਸ਼ਿਆਰਪੁਰ, ਲੁਧਿਆਣਾ ਦੇ ਕੈਬਨਿਟ ਰੈਂਕ ਦੇ ਮੰਤਰੀਆਂ ਨੇ ਸੈਂਕੜੇ ਕਰੋੜ ਦੇ ਘਪਲੇ ਬੇਨਕਾਬ ਹੋ ਚੁਕੇ ਹਨ ਜਦੋਂਕਿ ਚੋਰੀ ਕਰਨ ਵਾਲੀ ਕਾਂਗਰਸ ਦਲਿਤਾ ਪੱਛੜੇ ਵਰਗਾਂ ਨਾਲ ਸੀਨਾਜੋਰੀ ਕਰ ਰਹੀ ਹੈ।
ਮੰਚ ਸੰਚਾਲਨ ਸੂਬਾ ਜਨਰਲ ਸਕੱਤਰ ਸ਼੍ਰੀ ਨਛੱਤਰ ਪਾਲ ਜੀ ਨੇ ਕੀਤਾ।
ਸੂਬਾ ਉੱਪ ਪ੍ਰਧਾਨ ਸ ਹਰਜੀਤ ਸਿੰਘ ਲੌਂਗੀਆਂ, ਸੂਬਾਜਨਰਲ ਸਕੱਤਰ ਡਾ ਨਛੱਤਰ ਪਾਲ, ਸ੍ਰੀ ਬਲਵਿੰਦਰ ਕੁਮਾਰ, ਡਾ ਦਲਜੀਤ ਸਿੰਘ ਚੀਮਾ, ਸ੍ਰੀ ਜਰਨੈਲ ਸਿੰਘ ਵਾਹਿਦ, ਸ੍ਰੀ ਹੀਰਾ ਸਿੰਘ ਗਾਬੜੀਆ, ਸ੍ਰੀ ਸਰਵਣ ਸਿੰਘ ਕੁਲਾਰ, ਸ਼੍ਰੀ ਰਜਿੰਦਰ ਚੰਦੀ, ਰਣਜੀਤ ਸਿੰਘ ਖੁਰਾਣਾ, ਬਲਦੇਵ ਸਿੰਘ ਖਹਿਰਾ, ਡਾ ਸੁਖਵਿੰਦਰ ਸੁੱਖੀ, ਗੁਰਪ੍ਰਤਾਪ ਵਡਾਲਾ, ਦਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਡਾਪਾਈ, ਹਰਜੀਤ ਸਿੰਘ ਵਾਲੀਆ, ਐਡਵੋਕੇਟ ਰਣਜੀਤ ਕੁਮਾਰ, ਸ੍ਰੀ ਗੁਰਲਾਲ ਸੈਲਾ, ਸ੍ਰੀ ਰਾਜਾ ਰਜਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਨਨਹੇੜਿਆ, ਸ੍ਰੀ ਗੁਰਮੇਲ ਚੁੰਬਰ,  ਸ੍ਰੀ ਰਮੇਸ਼ ਕੌਲ, ਸ੍ਰੀ ਅਜੀਤ ਸਿੰਘ ਭੈਣੀ, ਸ੍ਰੀ ਮਨਜੀਤ ਸਿੰਘ ਅਟਵਾਲ, ਡਾ ਸੁਖਬੀਰ ਸਿੰਘ ਸਲਾਰਪੁਰ, ਹਿਮਤ ਕੁਮਾਰ ਬਾਬੀ, ਸ੍ਰੀ ਕੁਲਦੀਪ ਸਿੰਘ ਸਰਦੂਲਗੜ੍ਹ,   ਸ੍ਰੀ ਚਮਕੌਰ ਸਿੰਘ ਵੀਰ, ਸ੍ਰੀ ਰਜਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਰੀਹਲ, ਸ੍ਰੀ ਜੋਗਾ ਸਿੰਘ ਪਨੋਦੀਆਂ,ਸ੍ਰੀ ਲਾਲ ਸਿੰਘ ਸੁਲਹਾਣੀ, ਸ੍ਰੀ ਨਿਰਮਲ ਸਿੰਘ ਸੁੱਮਣ, ਸ੍ਰੀ ਗੁਰਬਕਸ਼ ਸਿੰਘ ਸ਼ੇਰਗਿੱਲ, ਸ੍ਰੀ ਰੋਹਿਤ ਖੋਖਰ, ਸੂਬੇ ਦੇ ਸਕੱਤਰ ਸ੍ਰੀ ਸੁਮਿੱਤਰ ਸਿੰਘ ਸਿਕਰੀ,  ਡਾ ਜਸਪ੍ਰੀਤ ਸਿੰਘ, ਸ੍ਰੀ ਜਗਜੀਤ ਸਿੰਘ ਛੜਬੜ੍ਹ, ਸ੍ਰੀ ਹਰਭਜਨ ਸਿੰਘ ਬਲਾਲੋ, ਸ੍ਰੀ ਅਸ਼ੋਕ ਸੰਧੂ, ਸ ਬਲਜੀਤ ਸਿੰਘ ਭਾਰਾਪੁਰ, ਸ੍ਰੀ ਸੁਖਦੇਵ ਸਿੰਘ ਸ਼ੀਰਾ, ਸ੍ਰੀ ਦਰਸ਼ਨ ਸਿੰਘ ਝਲੂਰ, ਸ੍ਰੀ ਦਲਜੀਤ ਰਾਏ, ਸ੍ਰੀ ਗੁਰਮੇਲ ਸਿੰਘ ਜੀ ਕੇ, ਸ੍ਰੀ ਸੰਤ ਰਾਮ ਮੱਲੀਆਂ, ਸ੍ਰੀ ਪਰਵੀਨ ਬੰਗਾ, ਸ੍ਰੀ ਰਾਮ ਸਿੰਘ ਗੋਗੀ, ਸ੍ਰੀ ਵਿਜੈ ਬੱਧਣ, ਸ੍ਰੀਮਤੀ ਰਚਨਾ ਦੇਵੀ, ਸ੍ਰੀ ਹਰਬੰਸ ਲਾਲ ਚਨਕੋਆ, ਸ੍ਰੀ ਪਰਮਜੀਤ ਮੱਲ, ਸ੍ਰੀ ਪੀ ਡੀ ਸ਼ਾਂਤ ਆਦਿ ਸ਼ਾਮਿਲ ਸਨ।

आज के समय में जॉब को लेकर काफी कंपटीशन है।  प्रत्येक छात्र को यह सोचना चाहिए कि किस कोर्स या कोर्स की पढ़ाई करनी चाहिए ताकि उसे जल्दी से अच्छी नौकरी मिल सके।  इस उम्र में सबसे बड़ी चुनौती कोर्स का चुनाव करना है।  आइए बात करते हैं 'शॉर्ट टर्म कोर्स' की, जिन्हें शॉर्ट टर्म कोर्स कहा जाता है।  जैसा कि नाम से पता चलता है, शॉर्ट टर्म कोर्स बहुत ही कम समय में पूरे हो जाते हैं।  ये पाठ्यक्रम आमतौर पर तीन महीने से एक वर्ष की अवधि के लिए होते हैं।  कई विश्वविद्यालय और कॉलेज इन पाठ्यक्रमों की पेशकश करते हैं और कुछ निजी संस्थानों को भी ऐसे पाठ्यक्रमों की पेशकश करने के लिए सरकार द्वारा अनुमोदित किया जाता है।

 पाठ्यक्रमों का लाभ

 आमतौर पर ये सभी कोर्स वोकेशनल होते हैं यानी इन्हें इस तरह से डिजाइन किया जाता है कि इन कोर्सेज को पूरा करने के बाद स्टूडेंट्स संबंधित काम कर सकें।  जब वे इस विषय में पारंगत हो जाते हैं, तो कई संस्थानों द्वारा उन्हें काम पर रखने की संभावना बढ़ जाती है।  कुछ ऐसे पाठ्यक्रम हैं जिन्हें समय की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए तीन से छह महीने में पूरा किया जा सकता है।  रोजगार के क्षेत्र में इन पाठ्यक्रमों की काफी मांग है।

 डिजिटल मार्केटिंग कोर्स

 ऑनलाइन शॉपिंग और मार्केटिंग के आगमन के साथ, डिजिटल मार्केटिंग का क्षेत्र बहुत व्यापक हो गया है।  डिजिटल मार्केटिंग का मतलब ऑनलाइन उत्पादों का विज्ञापन करना और खरीदना और बेचना है।  ऑनलाइन शॉपिंग और मार्केटिंग में, सामान और सेवाओं को ऑनलाइन ग्राहकों तक पहुंचाया जाता है।  यह कोर्स कोई भी छात्र कर सकता है जिसने 10वीं, 12वीं, ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन पास किया हो।  यह कोर्स तीन महीने से कम या तीन महीने में पूरा किया जा सकता है।  कोर्स पूरा करने के बाद नौकरी के कई अवसर उपलब्ध हैं।

 व्यापार विश्लेषक

 एक व्यापार विश्लेषक का काम व्यापार डेटा का विश्लेषण करना है।  वे व्यापार वस्तुओं और सेवाओं के बारे में संबंधित डेटा प्रदान करते हैं।  इस पद पर काम करने के लिए तीन से छह महीने का बिजनेस एनालिस्ट कोर्स उपलब्ध है।  इस कोर्स के पूरा होने पर छात्र बिजनेस एनालिस्ट के तौर पर बिजनेस ऑर्गनाइजेशन में काम कर सकते हैं।  इस क्षेत्र में उन्नति के कई अवसर हैं और क्षमता के अनुसार आय में वृद्धि जारी है।

 जावा डेवलपर

 जावा एक वस्तु आधारित भाषा है, जो हमें विभिन्न कंप्यूटर/मोबाइल एप्लिकेशन बनाने में विशेषज्ञता प्रदान करती है।  जावा तकनीक पर आधारित सॉफ्टवेयर लगभग हर इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस पर काम करता है।  पूरी दुनिया में एक लोकप्रिय कंप्यूटर भाषा होने के नाते, जावा नौकरियों में उच्च स्कोर करने का अवसर प्रदान करता है।  जो लोग इस भाषा को जानते हैं उन्हें अच्छी तनख्वाह और नौकरी मिलती है।  जावा डेवलपर कोर्स की अवधि तीन महीने से छह महीने तक होती है।  इस कोर्स को पूरा करने के बाद निजी और सार्वजनिक दोनों क्षेत्रों में नौकरी के कई अवसर हैं।

 व्यापार लेखा और कराधान

 यह कोर्स कोई भी छात्र बारहवीं कक्षा पास करने के बाद कर सकता है।  यह कोर्स ज्यादातर उन छात्रों के लिए उपयोगी है, जिन्होंने कॉमर्स विषय में 12वीं पास की है।  यह कोर्स तीन महीने में पूरा किया जा सकता है।  लघु व्यवसाय संगठन उन छात्रों को अपने व्यवसाय लेखांकन के लिए चार्टर्ड एकाउंटेंट या एकाउंटेंट को किराए पर लेने का अवसर प्रदान करते हैं जिन्होंने लेखांकन से संबंधित पाठ्यक्रम लिया है।  कार्य अनुभव प्राप्त करने के बाद व्यक्ति अपने कार्य के आधार पर बड़े संगठनों में भी नौकरी प्राप्त कर सकता है।

 मशीन लर्निंग में सर्टिफिकेट कोर्स

 मशीन लर्निंग कोर्स बहुत तेजी से उभर रहा है।  इस कोर्स को पूरा करने के बाद यदि किसी छात्र को किसी व्यवसाय में नौकरी मिल जाती है, तो वह डेटा साइंस के क्षेत्र में अपनी विशेषज्ञता और कौशल के कारण एक अच्छी स्थिति प्राप्त कर सकता है।  इस कोर्स की अवधि 6 महीने है।  यह 12वीं, ग्रेजुएट या पोस्ट ग्रेजुएट पास कोई भी छात्र कर सकता है।

 प्रमाणित वित्तीय योजनाकार प्रमाणन पाठ्यक्रम

 शिक्षा मूल्यांकन, अभ्यास और नैतिकता के मानकों को पूरा करने वाले सभी व्यक्तियों के लिए यह कोर्स दुनिया में सबसे अच्छा सर्टिफिकेट कोर्स है।  अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त वित्तीय योजनाकार एफपीएसबी इंडिया को सीएफ़सी प्रमाणन प्रदान किया गया है।  सीएफ़सी प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम कोलकाता, मुंबई, हैदराबाद, बेंगलुरु, पुणे और नई दिल्ली में उपलब्ध हैं।  यह कोर्स 6 महीने में पूरा होता है।  इस कोर्स को करने के बाद भी नौकरी के अच्छे अवसर उपलब्ध हैं।

 उपरोक्त पाठ्यक्रमों के अलावा, कई अन्य पाठ्यक्रम हैं जो छात्रों की रुचि के आधार पर 3 से 6 महीने की अवधि में पूरे किए जा सकते हैं।  इन कोर्सेज को पूरा करने के बाद छात्र अपना खुद का बिजनेस शुरू कर सकते हैं।


 वेब डिजाइनिंग

 सराय प्रबंधन

 योग।

 ग्राफिक्स डिजाइनिंग।

 सत्कार।

 इंटीरियर डिजाइनिंग।

 आर्किटेक्चर।

 विपणन संचार।

 3डी एनिमेशन।

 खाना बनाना।

 फोटोग्राफी।

 छात्र अपनी इच्छानुसार इनमें से कोई भी कोर्स चुन सकते हैं


 विजय गर्ग
 पूर्व पीईएस-1
सेवानिवृत्त प्राचार्य
मलौत

 


ਪੰਜਾਬੀਅਤ ਦੀ ਸੇਵਾ ਨੂੰ ਸਮਰਪਿਤ ਪੰਜਾਬੀ ਸੱਥ ਮੈਲਬੋਰਨ ਸਮੇਂ ਸਮੇਂ ਕਵੀ ਦਰਬਾਰ ਅਤੇ ਸਭਿਅਕ ਖੇਤਰ ਦੀ ਜਾਣ ਪਹਿਚਾਣ ਸਾਂਝੀ ਕਰਕੇ ਬਣਦਾ ਯੋਗਦਾਨ ਪਾਉਂਦੇ ਰਹਿੰਦੇ ਹਨ l ਸਤਿਕਾਰਤ ਸ਼ਖ਼ਸੀਅਤਾਂ ਦੇ ਸਹਿਯੋਗ ਨਾਲ ਜਸਮੀਨ ਪੰਨੂ ਜੀ ਬੜੀ ਮਿਹਨਤ ਨਾਲ ਹਫ਼ਤਾਵਾਰ ਆਨਲਾਈਨ ਪ੍ਰੋਗਰਾਮ ਕਰਕੇ ਸਾਹਿਤਕ ਸਾਂਝ ਬਣਾਉਣ ਦੇ ਨਾਲ ਨਾਲ ਸਾਨੂੰ ਸਾਡੇ ਸਭਿਆਚਾਰ ਨਾਲ ਜੋੜਦੇ ਹਨ l

ਇਸ ਵਾਰ ਸਾਡੇ ਸਭਿਅਕ ਅਲੋਪ ਹੋ ਰਹੇ ਗਹਿਣਿਆਂ ਦੇ ਬਾਰੇ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦੇ ਕੇ ਸਰੋਤਿਆਂ ਦਾ ਦਿਲ ਜਿੱਤਿਆ ਮੀਨਾ ਮਹਿਰੋਕ  ਨੇ ਵੀ ਬਹੁਤ ਜਾਣਕਾਰੀ ਭਰਭੂਰ ਗੱਲਬਾਤ ਕੀਤੀ l ਜਸਮੀਨ ਪੰਨੂ ਜੀ ਨੇ ਵੱਖ ਵੱਖ ਗਹਿਣਿਆਂ ਬਾਰੇ ਸੰਖੇਪ ਤੌਰ ਤੇ ਗਹਿਣੇ ਪਾਉਣ ਦੇ ਮੰਤਵ ਬਾਰੇ ਦੱਸਿਆ l ਅਰਵਿੰਦ ਸੋਹੀ ਜੀ ਜੀ ਨੇ ਸਾਹਿਤਕ ਰੰਗ ਨੂੰ ਬਖੂਬੀ ਪੇਸ਼ ਕੀਤਾ l ਕੁਲਜੀਤ ਕੌਰ ਗ਼ਜ਼ਲ ਜੀ ਦੇ ਉਚੇਚੇ ਯਤਨਾਂ ਸਦਕਾ ਪੰਜਾਬੀ ਸੱਥ ਮੈਲਬੋਰਨ ਸੰਸਾਰ ਵਿੱਚ ਸਾਹਿਤਕ ਮੱਲਾਂ ਮਾਰ  ਰਿਹਾ ਹੈ l

 दिन-दिहाड़े वारदात को अंजाम देकर पति हुआ फरार, रेलवे पुलिस ने दर्ज किया मामला


श्री मुक्तसर साहिब, 28 अगस्त: करीब छह माह से मायके में रह रही पत्नी द्वारा पति के साथ जाने से बार बार इंकार करने पर शनिवार को गुस्साए पति ने छुरा घौंपकर उसको मौत के घाट उतार दिया। मॉडल टाउन गली नंबर 1 की बैकसाइड अपनी पत्नी को मौत के घाट उतारने की वारदात को अंजाम देने के बाद पति मौके से फरार हो गया। घटना रेल्वे पुलिस के अधिकार क्षेत्र में होने के चलते रेल्वे पुलिस ने मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। 
जानकारी अनुसार मृतका संदीप कौर (23) का अपने पति मनजिंदर सिंह (30) पुत्न कुलवंत सिहं वासी गांव मल्लूवाला (जीरा) के साथ विवाहित थी तथा पिछले कुछ समय से उनके बीच में आपसी विवाद चल रहा था। मृतका का पति मनिजंदर उसे बार-बार फोन करके अपने साथ घर ले जाना चाहता थाख् लेकिन संदीप कौर उसके साथ ससुराल में नहीं जाना चाहती थी। शनिवार को फिर से एक बार संदीप का पति उसे अपने साथ ले जाने के लिए अपने ससुराल मुक्तसर में आया हुआ था। दोपहर करीब दो बजे दोनों पति पत्नी के बीच फिर से उक्त विषय में बहस हो गई तथा बार बार पत्नी के इंकार से गुस्साए मनिजंदर ने संदीप कौर को छुरे के तीन-चार वार करके मौत के घाट उतार दिया तथा मौके से फरार हो गया।

सूचना के बाद पहुंची पुलिस ने घटना स्थल रेल्वे के अधिकार क्षेत्र में होने के चलते रेल्वे पुलिस को सूचित किया। मृतक की माता परविंदर कौर ने कहा कि उसकी बेटी की मनिजंदर सिंह से करीब छह-सात वर्ष पहले शादी हुई थी, तभी से दोनों में लड़ाई-झगड़ा चला आ रहा था। उनकी बेटी पिछले छह महीने से मुक्तसर उनके पास ही रह रही थी। पिछले दिनों भी परिवार वाले उसे लेने आए थे और लड़ाई-झगड़ा कर गए थे। शनिवार को जब उसका दामाद मनिजंदर सिंह अपनी पत्नी संदीप कौर को दोबारा घर वापिस ले जाने की जिद पर अड़ गया तो मनिजंदर व संदीप में विवाद हो गया। उसके दामाद ने संदीप कौर को जान से मार दिया। परविंदर कौर के अनुसार मृतका का पति नशा करने का आदी है। मृतका का दो वर्ष का एक बेटा भी है। थाना जीआरपी फरीदकोट के मुख्य अफसर एसएचओ सुखदेव सिंह ने घटना रेलवे के अधिकार क्षेत्न में होने की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस द्वारा हत्यारोपी पति के खिलाफ हत्या की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जा रहा है।

ਬਠਿੰਡਾ , 28 ਅਗਸਤ (ਸੁਖਪਾਲ ਸਿੰਘ ਢਿੱਲੋਂ ) ਆਲ ਪੰਜਾਬ ਆਂਗਣਵਾੜੀ ਮੁਲਾਜ਼ਮ ਯੂਨੀਅਨ ਜ਼ਿਲਾ ਬਠਿੰਡਾ ਵੱਲੋਂ ਯੂਨੀਅਨ ਦੀ ਸੂਬਾ ਜਨਰਲ ਸਕੱਤਰ ਗੁਰਮੀਤ ਕੌਰ ਗੋਨੇਆਣਾ ਦੀ ਅਗਵਾਈ ਹੇਠ ਬਠਿੰਡਾ ਵਿਖੇ ਖਜ਼ਾਨਾ ਮੰਤਰੀ ਪੰਜਾਬ ਮਨਪ੍ਰੀਤ ਸਿੰਘ ਬਾਦਲ ਦੇ ਦਫ਼ਤਰ ਅੱਗੇ ਆਪਣੀਆਂ ਮੰਗਾਂ ਤੇ ਮਸਲਿਆਂ ਨੂੰ ਲੈ ਕੇ ਭੁੱਖ ਹੜਤਾਲ ਰੱਖੀ ਗਈ ਤੇ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਦੇ ਖ਼ਿਲਾਫ਼ ਜ਼ੋਰਦਾਰ ਨਾਅਰੇਬਾਜ਼ੀ ਕੀਤੀ ਗਈ । ਇਸ ਮੌਕੇ ਯੂਨੀਅਨ ਦੇ ਸੂਬਾ ਪ੍ਰਧਾਨ ਹਰਗੋਬਿੰਦ ਕੌਰ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਤੌਰ ਤੇ ਪਹੁੰਚੇ । ਇਸ ਮੌਕੇ ਆਂਗਣਵਾੜੀ ਵਰਕਰਾਂ ਤੇ ਹੈਲਪਰਾਂ ਨੇ ਆਪਣੇ ਖ਼ੂਨ ਨਾਲ ਮੰਗ ਪੱਤਰ ਲਿਖਿਆ ਤੇ ਫੇਰ ਇਹ ਮੰਗ ਪੱਤਰ ਮਨਪ੍ਰੀਤ ਬਾਦਲ ਦੇ ਨੁਮਾਇੰਦਿਆਂ ਕੰਵਲਜੀਤ ਸਿੰਘ ਅਤੇ ਬਲਜਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਨੂੰ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਪੰਜਾਬ ਕੈਪਟਨ ਅਮਰਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਦੇ ਨਾਮ ਦਿੱਤਾ । ਵੱਡੇ ਇਕੱਠ ਨੂੰ ਸੰਬੋਧਨ ਕਰਦਿਆਂ ਸੂਬਾ ਪ੍ਰਧਾਨ ਹਰਗੋਬਿੰਦ ਕੌਰ ਨੇ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਤੋਂ ਮੰਗ ਕੀਤੀ ਕਿ ਆਂਗਣਵਾੜੀ ਸੈਂਟਰਾਂ ਦੇ 3 ਸਾਲ ਤੋਂ 6 ਸਾਲ ਤੱਕ ਦੇ ਬੱਚੇ ਜੋ ਸਰਕਾਰ ਨੇ 2017 ਵਿੱਚ ਖੋਹ ਕੇ ਸਰਕਾਰੀ ਪ੍ਰਾਇਮਰੀ ਸਕੂਲਾਂ ਵਿੱਚ ਭੇਜ ਦਿੱਤੇ ਸਨ , ਨੂੰ ਹੋਏ ਸਮਝੌਤੇ ਅਨੁਸਾਰ ਵਾਪਸ ਸੈਂਟਰਾਂ ਵਿੱਚ ਭੇਜਿਆ ਜਾਵੇ । ਨਰਸਰੀ ਟੀਚਰ ਦਾ ਦਰਜ਼ਾ ਆਂਗਣਵਾੜੀ ਵਰਕਰਾਂ ਨੂੰ ਦਿੱਤਾ ਜਾਵੇ । ਪੰਜਾਬ ਦੀਆਂ ਆਂਗਣਵਾੜੀ ਵਰਕਰਾਂ ਤੇ ਹੈਲਪਰਾਂ ਨੂੰ ਹਰਿਆਣਾ ਪੈਟਰਨ ਤੇ ਮਾਣ ਭੱਤਾ ਦਿੱਤਾ ਜਾਵੇ । ਐਨ ਜੀ ਓ ਅਧੀਨ ਕੰਮ ਕਰਦੀਆਂ ਵਰਕਰਾਂ ਤੇ ਹੈਲਪਰਾਂ ਨੂੰ ਮੁੱਖ ਵਿਭਾਗ ਅਧੀਨ ਲਿਆਂਦਾ ਜਾਵੇ । ਵਰਕਰਾਂ ਨੂੰ ਸਮਾਰਟ ਫ਼ੋਨ ਦਿੱਤੇ ਜਾਣ , ਉਤਸ਼ਾਹ ਵਰਧਕ ਰਾਸ਼ੀ ਕ੍ਰਮਵਾਰ ਵਰਕਰ ਤੇ ਹੈਲਪਰ ਨੂੰ 500 ਰੁਪਏ ਤੇ 250 ਰੁਪਏ ਦਿੱਤੇ ਜਾਣ । ਸਰਕਲ ਮੀਟਿੰਗ ਦਾ ਕਿਰਾਇਆ 200 ਰਪਏ ਦਿੱਤਾ ਜਾਵੇ । ਪੀ ਐਮ ਵੀ ਵਾਈ ਦੇ 2017 ਤੋਂ ਪੈਡਿੰਗ ਪਏ ਪੈਸੇ ਰਲੀਜ਼ ਕੀਤੇ ਜਾਣ । 2015 ਵਿੱਚ ਗ਼ਲਤ ਸਰਟੀਫਿਕੇਟ ਪੇਸ਼ ਕਰਕੇ ਵਰਕਰ ਤੋਂ ਸੁਪਰਵਾਈਜ਼ਰ ਬਣੀਆਂ , ਸੁਪਰਵਾਈਜ਼ਰਾਂ ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਖਿਲਾਫ਼ ਮਹਿਕਮੇ ਵੱਲੋਂ ਪੜਤਾਲ ਪੂਰੀ ਹੋ ਚੁੱਕੀ ਹੈ , ਨੂੰ ਨੌਕਰੀ ਤੋਂ ਫ਼ਾਰਗ ਕਰ ਦਿੱਤਾ ਗਿਆ ਹੈ , ਉਹਨਾਂ ਦੇ ਖ਼ਿਲਾਫ਼ 420 ਦੇ ਪਰਚੇ ਦਰਜ਼ ਕੀਤੇ ਜਾਣ । ਮਿੰਨੀ ਆਂਗਣਵਾੜੀ ਵਰਕਰ ਨੂੰ ਪੂਰੀ ਆਂਗਣਵਾੜੀ ਵਰਕਰ ਦਾ ਦਰਜ਼ਾ ਦਿੱਤਾ ਜਾਵੇ । ਬਾਲਣ ਦੇ ਪੈਸੇ ਜੋ ਪ੍ਰਤੀ ਲਾਭਪਾਤਰੀ 40 ਪੈਸੇ ਮਿਲਦੇ ਹਨ , ਉਹ ਇੱਕ ਰੁਪਈਆ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇ । ਯੂਨੀਅਨ ਦੀਆਂ ਆਗੂਆਂ ਨੇ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਨੂੰ ਸਖਤ ਚਿਤਾਵਨੀ ਦਿੱਤੀ ਹੈ ਕਿ ਜੇਕਰ ਉਹਨਾਂ ਦੀਆਂ ਮੰਗਾਂ ਨਾ ਮੰਨੀਆਂ ਗਈਆਂ ਤਾਂ ਉਹ 2022 ਦੀਆਂ ਵਿਧਾਨ ਸਭਾ ਚੋਣਾਂ ਦੌਰਾਨ ਕਾਂਗਰਸ ਪਾਰਟੀ ਦੇ ਉਮੀਦਵਾਰਾਂ ਦਾ ਪੂਰੇ ਸੂਬੇ ਵਿੱਚ ਵਿਰੋਧ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇਗਾ । ਇਸ ਮੌਕੇ ਛਿੰਦਰਪਾਲ ਕੌਰ ਥਾਂਦੇਵਾਲਾ , ਜਸਵੀਰ ਕੌਰ ਬਠਿੰਡਾ , ਅੰਮ੍ਰਿਤਪਾਲ ਕੌਰ ਬੱਲੂਆਣਾ , ਸਤਵੰਤ ਕੌਰ ਤਲਵੰਡੀ , ਕਿਰਨਜੀਤ ਕੌਰ ਭੰਗਚੜੀ , ਜਸਵਿੰਦਰ ਕੌਰ ਬੱਬੂ ਦੋਦਾ , ਰਣਵਿੰਦਰ ਕੌਰ ਮੌੜ , ਲਾਭ ਕੌਰ ਸੰਗਤ , ਪਰਮਜੀਤ ਕੌਰ ਰੁਲਦੂ ਵਾਲਾ , ਸੋਮਾ ਰਾਣੀ , ਰੀਤਾ ਰਾਣੀ , ਰੇਖਾ ਰਾਣੀ , ਬਲਵੀਰ ਕੌਰ ਭੋਖੜਾ , ਗੁਰਚਰਨ ਕੌਰ , ਪਰਮਜੀਤ ਕੌਰ ਸਿਵੀਆ , ਰਾਜਵਿੰਦਰ ਕੌਰ ਬੁਲਾਡੇ ਵਾਲ਼ਾ , ਰਣਜੀਤ ਕੌਰ ਨਰੂਆਣਾ , ਕੁਲਦੀਪ ਕੌਰ ਝੂੰਬਾ , ਸੁਖਦੇਵ ਕੌਰ ਬਠਿੰਡਾ , ਸਰਬਜੀਤ ਕੌਰ ਕੌੜਿਆਂਵਾਲੀ , ਅੰਮ੍ਰਿਤਪਾਲ ਕੌਰ ਥਾਂਦੇਵਾਲਾ , ਹਰਪ੍ਰੀਤ ਕੌਰ ਮੁਕਤਸਰ ਆਦਿ ਆਗੂ ਮੌਜੂਦ ਸਨ ।

BBT NEWS : गुरदास मान द्वारा कुछ दिन पहले डेरा मुराद शाह नकोदर में एक कार्यक्र म दौरान मुराद शाह व लाड़ी शाह को श्री गुरु  अमरदास जी का अंश बताया था, जिसके बाद अलग अलग संस्थाओं द्वारा गुरदास मान के खिलाफ पुलिस थाने के सामने मोर्चा खोला हुआ था, जो गुरदास मान के खिलाफ धार्मिक भावनाएं भड़काने की धाराओं के तहत मामला दर्ज होने पर खत्म हो गया। इस मामले में गुरदास मान के हक में आए जतिंदर शाह ने अपने फेसबुक पेज पर डाली पोस्ट में  कहा है कि टोपिक बहुत लंबा व बारीक भी है, यदि कभी भी किसी ने डिसकस करना हो इन डिटेल तो कभी भी बता दे कर लेंगे बात। गुरु साहिबान के नाम की आड़ में यह काम ना करो

बाकी हमारे साईं जी व मेरे बाबा  गुरदास मान जी बारे गलत भाषा बरतनी बंद करो। बहुत हो गया जुबान को लगाम देकर रखो, नहीं तो लगाम जल्दी ही डल जानी है .. उस अकाल पुरख उस मालिक के घर में ना देर ना अंधेर है.. 

वाहेगुरु जी का खालसा वाहेगुर जी की फतेह 

धन बाबा दीप सिंह जी 

जै साईं जी दी 

मेरे बाबा जी लव यू सो मच्छ जी 

जै हो 


 


पकड़ी गए लोगों में एक गिद्दड़बाहा, एक मलोट व एक अबोहर की रहने वाली महिला के अलावा दो सगे भाई

गिद्दड़बाहा : जिला पुलिस प्रमुख चरनजीत सिंह सोहल द्वारा श्री मुक्तसर साहिब का चार्ज संभालने के बाद जिले में असामाजिक तत्वों पर पुलिस ने शिकंजा और कस दिया है। उनके दिशानिर्देशों पर थाना गिद्दड़बाहा प्रभारी हरजीत सिंह ने गुरु तेगबहादर नगर गिद्दड़बाहा में चल रहे जिस्म फरोशी के अड्डे का पर्दाफास करते हुए अड्डे की संचालिका के बेटे व तीन महिलाओं समेत छह लोगों को काबू किया है, जबकि इसी दौरान मौके का फायदा उठाते हुए मुख्य संचालिका फरार होने में सफल रही। उक्त सात लोगों को नामजद करते  हुए पुलिस ने मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस द्वारा दर्ज मामले के अनुसार वार्ड नंबर 2, गुरु तेगबहादर नगर गिद्दड़बाहा में रहने वाली मनजीत कौर, उसका बेटा बलदेव सिंह पुत्र तरसेम सिंह अपने घर में शहर व आस पास से महिलाओं व पुरुषों को बुलाकर जिस्मफरोशी का अनैतिक धंधा करते हैं तथा उनसे मोटी रकम वसूल करते हैं।
 उक्त सूचना के आधार पर पुलिस ने छामामारी करते हुए संचालिका के बेटे बलदेव सिंह, डीएवी स्कूल के पास गिदछड़बाहा की रहने वाली सुनीता, रुप नगर मलोट की रहने वाली हरजीत कौर, बस स्टैंड के पीछे अबोहर की रहने वाली पूनम व वार्ड नंबर दो गिद्दड़बाहा के रहने वाले दो सगे भाईयों करनवीर उर्फ मोनी तथा सन्नी कुमार को काबू कर लिया जबकि संचालिका मनजीत कौर पत्नी तरसेम सिंह मौके का फायदा उठाते हुए निकल भागने में सफल रही। एचएचओ हरजीत सिंह ने उक्त छह लोगों की गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि एसएसपी चरनजीत सिंह सोहल व डीएसपी गिद्दड़बाहा नरिंदर सिंह की हिदायतों अनुसार मामला दर्ज कर लिया है तथा शीघ्र ही संचालिका मनजीत कौर को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। 


भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को श्री कृष्ण ने धरती पर लिया था अवतारः पं. जोशी

श्री मुक्तसर साहिब, 28 अगस्त 
- श्री-कृष्ण जन्माष्टमी इस बार पूरे 
देश में 30 अगस्त सोमवार को रात्रि में एक साथ मनाई जाएगी। हर वर्ष की तरह इस बार भी जन्माष्टमी बड़ी ही धूम-धाम और उत्साह के साथ मनाई जाएगी। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मदिवस को कृष्ण भक्त कृष्ण जन्माष्टमी के रूप मनाते हैं। इस बार 30 अगस्त, सोमवार को पूरे देश में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का त्योहार मनाया जाएगा। हिंदू पंचांग के अनुसार भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को भगवान विष्णु के अवतार श्रीकृष्ण ने धरती पर जन्म लिया था। जन्माष्टमी पर घरों और मंदिरों में विशेष रूप से सजावट की जाती है। सभी प्रसिद्ध कृष्ण मंदिर और धामों में विशेष तरह के आयोजन होते हैं। कृष्ण भक्त इस दिन उपवास रखकर कान्हा की भक्ति में डूबे रहते हैं। यह विचार श्री सनातन धर्म प्रचारक प्रसिद्ध विद्वान ब्रह्मऋषि पं. पूरन चंद्र जोशी गांधी नगर में श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर चर्चा करते हुए व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की तिथि को लेकर लगभग हर बार कृष्ण और शैव मतावलंवियों के बीच में संशय रहता है। तिथि को लेकर आपस में मतभेद होने के कारण जन्माष्टमी दो दिन मनाई जाती है। लेकिन साल 2021 में इस बार सभी जगह एक ही दिन जन्माष्टमी का त्योहार मनाया जाएगा। शास्त्रों के अनुसार भगवान कृष्ण के जन्म के समय विशेष ज्योतिषि संयोग बना था, ऐसा संयोग इस बार भी बना रहा है। भगवान श्रीकृष्ण का जन्म भाद्रपद  कृष्णपक्ष की आधी रात्रि अष्टमी तिथि, रोहिणी नक्षत्र और चंद्रमा के वृषभ राशि में गोचर रहने का संयोग बना था। कुछ इसी तरह का संयोग इस बार भी जन्माष्टमी तिथि पर हो रहा है। इस बार यानी 30 अगस्त को पड़ने वाली जन्माष्टमी का संयोग वैसा ही रहेगा जैसा द्वापर युग में भगवान कृष्ण के जन्म लेने पर हुआ था। भाद्रपद के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि सोमवार को सुबह ही लग जाएगी जोकि रात के 2 बजे के बाद समाप्ति होगी। जयंती योग और रोहिणी नक्षत्र का भी संयोग बन रहा है। इसके अलावा अष्टमी तिथि पर चंद्रमा वृषभ राशि में मौजूद रहेंगे। ऐसे में इस बार की जन्माष्टमी 30 अगस्त सोमवार के दिन  ही मनाई जाएगी। जन्माष्टमी के दिन प्रातः जल्दी उठकर स्नान आदि से निवृत होकर स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इसके बाद पूर्व या उत्तर की ओर मुख करके व्रत का संकल्प लें। माता देवकी और भगवान श्री कृष्ण की मूर्ति या चित्र पालने में स्थापित करें। पूजन में देवकी,वासुदेव,बलदेव,नन्द, यशोदा आदि देवताओं के नाम जपें। रात्रि में 12 बजे के बाद श्री कृष्ण का जन्मोत्सव मनाएं। पंचामृत से अभिषेक कराकर भगवान को नए वस्त्र अर्पित करें एवं लड्डू गोपाल को झूला झुलाएं। पंचामृत में तुलसी डालकर माखन-मिश्री व धनिये की पंजीरी का भोग लगाएं तत्पश्चात आरती करके प्रसाद को भक्तजनों में वितरित करें। जन्माष्टमी पर रोहिणी नक्षत्र 30 अगस्त की सुबह 06 बजकर 39 मिनट पर रहेगा। ऐसे में जन्माष्टमी के पूजा का शुभ मुहूर्त 30 अगस्त की रात 11 बजकर 59 मिनट से रात 12 बजकर 44 मिनट तक रहेगा।

  ਇਕ ਵਾਰ ਫਿਰ ਕੋਰੋਨਾ ਫੈਲਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋ ਗਿਆ ਹੈ.  ਕੁਦਰਤੀ ਤੌਰ 'ਤੇ, ਚਿੰਤਾਵਾਂ ਉੱਠਣੀਆਂ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋ ਗਈਆਂ ਹਨ ਕਿ ਕੀ ਇਹ ਤੀਜੀ ਲਹਿਰ ਦੀ ਆਵਾਜ਼ ਹੈ.  ਕੋਰੋਨਾ ਦੀ ਦੂਜੀ ਲਹਿਰ ਦੇ ਰੁਕਣ ਦੇ ਬਾਵਜੂਦ, ਲਾਗ ਦਾ ਅੰਕੜਾ ਲੰਮੇ ਸਮੇਂ ਤੱਕ ਪੈਂਤੀ ਤੋਂ ਚਾਲੀ ਹਜ਼ਾਰ ਦੇ ਵਿਚਕਾਰ ਰਿਹਾ, ਪਰ ਪਿਛਲੇ ਚਾਰ ਦਿਨਾਂ ਤੋਂ ਇਸਦਾ ਰੁਝਾਨ ਚਾਲੀ ਹਜ਼ਾਰ ਤੋਂ ਉੱਪਰ ਰਿਹਾ ਹੈ.  ਸ਼ੁੱਕਰਵਾਰ ਨੂੰ, ਇਹ ਚਾਲੀ ਹਜ਼ਾਰ ਤੋਂ ਉੱਪਰ ਪਹੁੰਚ ਗਿਆ ਸੀ.  ਹੁਣ ਤੱਕ ਦੇਸ਼ ਵਿੱਚ ਸੰਕਰਮਿਤ ਲੋਕਾਂ ਦੀ ਕੁੱਲ ਗਿਣਤੀ ਦਾ ਅੱਧਾ ਹਿੱਸਾ ਮਹਾਰਾਸ਼ਟਰ ਅਤੇ ਕੇਰਲਾ ਤੋਂ ਆ ਰਿਹਾ ਸੀ, ਹੁਣ ਅੱਧੇ ਕੇਸ ਇਕੱਲੇ ਕੇਰਲ ਤੋਂ ਹੀ ਦਰਜ ਕੀਤੇ ਜਾ ਰਹੇ ਹਨ।  ਦੱਖਣੀ ਅਤੇ ਪੱਛਮੀ ਬੰਗਾਲ, ਉੜੀਸਾ ਅਤੇ ਉੱਤਰ -ਪੂਰਬ ਦੇ ਹੋਰ ਰਾਜਾਂ ਵਿੱਚ ਵੀ, ਕੋਰੋਨਾ ਦੀ ਸੰਭਾਵਤ ਗਿਰਾਵਟ ਨਹੀਂ ਹੋ ਰਹੀ ਹੈ.  ਹੁਣ ਦਿੱਲੀ ਵਿੱਚ ਵੀ ਮਾਮਲੇ ਵਧਣੇ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋ ਗਏ ਹਨ।  ਮੈਡੀਕਲ ਵਿਗਿਆਨੀਆਂ ਦਾ ਕਹਿਣਾ ਹੈ ਕਿ ਕੋਰੋਨਾ ਦਾ ਡੈਲਟਾ ਰੂਪ ਵਧੇਰੇ ਖਤਰਨਾਕ ਸਾਬਤ ਹੋ ਰਿਹਾ ਹੈ।  ਇਸ ਵੇਲੇ 'ਆਰ ਫੈਕਟਰ' ਇੱਕ ਪ੍ਰਤੀਸ਼ਤ ਤੋਂ ਹੇਠਾਂ ਨਹੀਂ ਆ ਰਿਹਾ ਹੈ.  ਇਸ ਦੀ ਦਰ ਇੱਕ ਪ੍ਰਤੀਸ਼ਤ ਤੋਂ ਵੱਧ ਹੋਣ ਦਾ ਮਤਲਬ ਹੈ ਕਿ ਕੋਰੋਨਾ ਦੇ ਮਾਮਲੇ ਤੇਜ਼ੀ ਨਾਲ ਵੱਧ ਸਕਦੇ ਹਨ.  ਇਸ ਲਈ, ਇਸ ਸਥਿਤੀ ਬਾਰੇ ਵਧੇਰੇ ਚਿੰਤਾ ਪ੍ਰਗਟ ਕੀਤੀ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ।

ਦੂਜੀ ਲਹਿਰ ਘਟਣ ਲੱਗੀ, ਉਦੋਂ ਤੋਂ ਤੀਜੀ ਲਹਿਰ ਦਾ ਡਰ ਸੀ.  ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਲਗਾਤਾਰ ਲੋੜੀਂਦੀਆਂ ਸਾਵਧਾਨੀਆਂ ਵਰਤਣ ਲਈ ਕਿਹਾ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ.  ਹੁਣ ਕੋਰੋਨਾ ਦੀ ਤੀਜੀ ਲਹਿਰ ਅਮਰੀਕਾ ਅਤੇ ਯੂਰਪੀਅਨ ਦੇਸ਼ਾਂ ਵਿੱਚ ਫੈਲਣੀ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋ ਗਈ ਹੈ, ਇਸ ਲਈ ਇੱਥੇ ਫੈਲਣ ਦਾ ਵੀ ਡਰ ਹੈ.  ਹਾਲਾਂਕਿ ਵਿਦੇਸ਼ੀ ਉਡਾਣਾਂ ਫਿਲਹਾਲ ਬੰਦ ਹਨ, ਪਰ ਜਦੋਂ ਕੋਰੋਨਾ ਦਾ ਡੈਲਟਾ ਰੂਪ ਆਪਣੇ ਹੀ ਦੇਸ਼ ਵਿੱਚ ਰਹਿੰਦਾ ਹੈ, ਤਾਂ ਇਸਦੇ ਸੰਕਰਮਣ ਦਾ ਖਤਰਾ ਬਾਹਰ ਦੀ ਬਜਾਏ ਅੰਦਰੋਂ ਹੁੰਦਾ ਹੈ.  ਕੇਰਲਾ ਆਦਿ ਰਾਜਾਂ ਵਿੱਚ, ਕੋਰੋਨਾ ਨੂੰ ਕੰਟਰੋਲ ਨਾ ਕੀਤੇ ਜਾਣ ਦੇ ਕੁਝ ਕਾਰਨ ਸਪਸ਼ਟ ਹਨ।  ਦੂਜੀ ਲਹਿਰ ਦੇ ਹੌਲੀ ਹੋਣ ਨਾਲ, ਜਦੋਂ ਅੰਸ਼ਕ ਬੰਦ ਹੋਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋਇਆ, ਲੋਕਾਂ ਨੇ ਮੰਨਿਆ ਕਿ ਕੋਰੋਨਾ ਦਾ ਡਰ ਖਤਮ ਹੋ ਗਿਆ ਹੈ.  ਬਾਜ਼ਾਰਾਂ, ਸੜਕਾਂ, ਜਨਤਕ ਵਾਹਨਾਂ ਵਿੱਚ ਭੀੜ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋ ਗਈ.  ਇਸ ਵਿੱਚ ਸਰਕਾਰਾਂ ਦੀ ਲਾਪਰਵਾਹੀ ਵੀ ਸੀ।  ਜਦੋਂ ਕੇਰਲਾ ਸਰਕਾਰ ਨੇ ਈਦ ਦੇ ਮੌਕੇ 'ਤੇ ਬਾਜ਼ਾਰ ਖੋਲ੍ਹੇ ਤਾਂ ਕੁਦਰਤੀ ਤੌਰ' ਤੇ ਵਿਆਪਕ ਨਿੰਦਾ ਹੋਈ।  ਉਸ ਲਾਪਰਵਾਹੀ ਦੇ ਨਤੀਜੇ ਆਉਣੇ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋ ਗਏ।  ਈਦ ਤੋਂ ਬਾਅਦ, ਉੱਥੇ ਲਾਗ ਤੇਜ਼ੀ ਨਾਲ ਵਧੀ ਹੈ.  ਇਸਦੇ ਕਾਰਨ, ਦੁਬਾਰਾ ਬੰਦ ਕਰਨ ਦਾ  ਫੈਸਲਾ ਲੈਣਾ ਪਿਆ।

ਵਿਜੈ ਗਰਗ

ਸਾਬਕਾ ਪੀਈਐਸ -1
 ਰਿਟਾਇਰਡ ਪ੍ਰਿੰਸੀਪਲ
ਮਲੋਟ

ਵਰਤਮਾਨ ਯੁੱਗ ਦੀ ਤੇਜ਼ ਰਫਤਾਰ ਤਰੱਕੀ ਦੇ ਵਿੱਚ ਸਮਾਜ ਅਤੇ ਸਭਿਆਚਾਰ ਦੇ ਵਿੱਚ ਬਦਲਾ ਵੀ ਤੇਜ਼ੀ ਨਾਲ ਹੋ ਰਹੇ ਹਨ। ਸਾਂਝੇ ਪਰੀਵਾਰ ਖਤਮ ਹੋ ਰਹੇ ਹਨ ਅਤੇ ਹਰ ਕੋਈ ਇਕਹਿਰੇ ਪਰੀਵਾਰ ਨੂੰ ਪਹਿਲ ਦੇ ਰਿਹਾ ਹੈ । ਨੌਜਵਾਨਾਂ ਨੇ ਤਾਂ ਇਸ ਨੂੰ ਪਹਿਲ ਦੇਣੀ ਹੀ ਹੈ ਪਰ ਬਜ਼ੁਰਗ ਲੋਕ ਵੀ ਆਪਣੀ ਡਫਲੀ ਆਪ ਵਜਾਉਣ ਨੂੰ ਪਹਿਲ ਦਿੰਦੇ ਹਨ। ਜਦ ਤੋਂ ਪੰਜਾਬ ਦੀ ਜ਼ਰਖੇਜ ਜ਼ਮੀਨ ਹਰੀ ਕਰਾਂਤੀ ਨਾਲ ਮੋਟੀ ਕਮਾਈ ਦੇਣ ਲੱਗੀ ਹੈ ਨੂੰ ਦੇਖਕੇ ਬਜ਼ੁਰਗ ਲੋਕ ਵੀ ਆਪਣੇ ਪੁੱਤਾਂ ਨਾਲ ਸ਼ਰੀਕਾਂ ਵਾਂਗ ਜ਼ਮੀਨਾਂ ਵੰਡਣ ਲੱਗ ਪਏ ਹਨ। ਧੀਆਂ ਪੁੱਤਰਾਂ ਨੂੰ ਮਾਪਿਆਂ ਨੇ ਪੈਸੇ ਬਣਾਉਣ ਵਾਲੀ ਮਸ਼ੀਨ ਬਣਨ ਦੀ ਹੱਲਾਸੇਰੀ ਦੇਕੇ ਆਪਣੇ ਪੈਰ ਆਪ ਕੁਹਾੜਾ ਮਾਰਿਆ ਹੈ। ਜਦ ਮਨੁੱਖ ਇਨਸਾਨ ਦੀ ਥਾਂ ਪੈਸੇ ਬਣਾਉਣ ਵਾਲੀ ਮਸ਼ੀਨ ਬਣ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਤਦ ਉਸਨੂੰ ਮਾਪਿਆਂ ਜਾਂ ਬਜ਼ੁਰਗਾਂ ਨੂੰ ਸੰਭਾਲਣਾ ਵੀ ਘਾਟੇ ਦਾ ਸੌਦਾ ਲੱਗਦਾ ਹੈ । ਵਰਤਮਾਨ ਵਿੱਚ ਬੱਚਿਆਂ ਨੂੰ ਦੂਸਰਿਆਂ ਦੀ ਭਲਾਈ ਦੀ ਥਾਂ ਨਿੱਜ ਵਾਦ ਦੀ ਸਿੱਖਿਆ ਦਿੱਤੀ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ ਜਿਸ ਵਿੱਚ ਪੇਸ਼ੇਵਾਰਾਨਾ ਸੋਚ ਨੂੰ ਹੀ ਹੱਲਾਸੇਰੀ ਦਿੱਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ। ਇਸ ਵਪਾਰਕ ਸੋਚ ਦੇ ਘੋੜੇ ਤੇ ਚੜਿਆਂ ਬੰਦਾ ਦੂਸਰਿਆਂ ਦੀ ਭਲਾਈ ਸੋਚਣ ਤੋਂ ਹੀ ਕੋਰਾ ਹੋ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਦੂਸਰਿਆਂ ਦੀ ਭਲਾਈ ਕਰਨ ਤੋਂ ਮੁੱਕਰਿਆ ਬੰਦਾ ਆਪਣੇ ਮਾਪਿਆਂ ਨੂੰ ਵੀ ਬੋਝ ਹੀ ਸਮਝਦਾ ਹੈ । ਜਿਸ ਬੱਚੇ ਵਿੱਚ ਸਮਾਜ ਸੇਵਾ ਜਾਂ ਦੂਸਰਿਆਂ ਦੀ ਮਦਦ ਕਰਨ ਦੀ ਸੋਚ ਭਰੀ ਹੋਵੇਗੀ ਉਹ ਵਿਅਕਤੀ ਕਦੇ ਵੀ ਆਪਣੇ ਮਾਪਿਆਂ ਦੀ ਸੇਵਾ ਤੋਂ ਵੀ ਪੈਰ ਪਿਛਾਂਹ ਨਹੀਂ ਕਰ ਸਕਦਾ । ਬੱਚਿਆਂ ਦੇ ਵਿੱਚ ਲਾਲਸਾਵਾਂ ਦੀ ਅੱਗ ਬਾਲਕੇ ਅਸੀਂ ਉਹਨਾਂ ਤੋਂ ਕਿਸੇ ਦੀ ਵੀ ਸੇਵਾ ਦੀ ਆਸ ਨਹੀਂ ਰੱਖ ਸਕਦੇ । ਵਰਤਮਾਨ ਵਿੱਚ ਪੈਸੇ ਦੀ ਦੌੜ ਏਨੀ ਭਾਰੂ ਹੋ ਚੁੱਕੀ ਹੈ ਜਿਸ ਵਿੱਚ ਸਮਾਜ ਦਾ ਹਰ ਵਰਗ ਦੌੜ ਰਿਹਾ ਹੈ ਅਤੇ ਇਸ ਦੌੜ ਦੇ ਵਿੱਚ ਸਾਹੋ ਸਾਹੀਂ ਹੋਏ ਮਨੁੱਖ ਨੂੰ ਕਿਸੇ ਦੂਸਰੇ ਬਾਰੇ ਸੋਚਣ ਦੀ ਵਿਹਲ ਹੀ ਨਹੀਂ ਹੈ। ਵਰਤਮਾਨ ਵਿੱਚ ਹਰ ਮਨੁੱਖ ਆਪਣੇ ਬੱਚਿਆਂ ਨੂੰ ਅਮੀਰੀ ਦੇ ਘਰ ਵਿੱਚ ਦੇਖਣ ਲਈ ਪਹਿਲਾਂ ਤਾਂ ਅਖੌਤੀ ਵਿੱਦਿਆਂ ਜੋ ਸਿਖਾਉਣ ਦੀ ਥਾਂ ਲੁੱਟ ਦਾ ਰੂਪ ਹੈ ਨੂੰ ਦਿਵਾਉਂਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਬਾਅਦ ਵਿੱਚ ਪਛਤਾਉਂਦਾਂ ਹੈ। ਇਸ ਆਧੁਨਿਕ ਪੜਾਈ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਜੇ ਸਰਕਾਰੀ ਨੌਕਰੀ ਲੈਣੀ ਹੋਵੇ ਤਦ ਮੁਸ਼ਕਲ ਨਾਲ ਦੋ ਪਰਸੈਂਟ ਬੱਚੇ ਹੀ ਇਸਨੂੰ ਹਾਸਲ ਕਰ ਪਾਉਂਦੇ ਹਨ, ਜਿਹਨਾਂ ਵਿੱਚ ਬਹੁਤੇ ਗਲਤ ਤਰੀਕਿਆਂ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰਨ ਵਾਲੇ ਹੀ ਹਾਸਲ ਕਰ ਲੈਂਦੇ ਹਨ ਬਹੁਤ ਥੋੜੇ ਨੌਜਵਾਨ ਹੀ ਸਰਕਾਰੀ ਨੌਕਰੀ ਵਿੱਦਿਅਕ ਯੋਗਤਾ ਦੇ ਸਹਾਰੇ ਇਸਨੂੰ ਹਾਸਲ ਕਰ ਪਾਉਂਦੇ ਹਨ। ਬਾਕੀ ਬਚਦੇ ਲੋਕ ਆਪਣੇ ਧੀਆਂ ਪੁੱਤਰਾਂ ਨੂੰ ਜੇ ਸਾਧਨ ਬਣਦੇ ਹੋਣ ਤਾਂ ਲੱਖਾਂ ਖਰਚ ਕੇ ਵਿਦੇਸ਼ ਭੇਜਣ ਦੀ ਸੋਚਦੇ ਹਨ। ਪਰਾਈਵੇਟ ਸੰਸਥਾਵਾਂ ਵਿੱਚ ਰੁਜ਼ਗਾਰ ਕਰਨ ਵਾਲੇ ਜ਼ਿਆਦਾਤਰ ਨੌਜਵਾਨ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਜਿਉਣ ਜਿੰਨਾਂ ਹੀ ਮਸਾਂ ਕਮਾ ਪਾਉਂਦੇ ਹਨ । ਇਸ ਤਰਾਂ ਦੇ ਰੁਜ਼ਗਾਰ ਹਾਸਲ ਕਰਨ ਵਾਲੇ ਨੌਜਵਾਨ ਫਿਰ ਆਪਣੀ ਇਕਹਿਰੀ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਜਿਉਣ ਬਾਰੇ ਸੋਚਣਾਂ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਦਿੰਦੇ ਹਨ । ਜਦ ਨੌਜਵਾਨ ਵਰਗ ਆਪਣੇ ਬਚਪਨ ਨੂੰ ਵਿਦਿਆਂ ਵਿੱਚ ਗਵਾਕੇ ਨਿਕਲਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਜਵਾਨੀ ਦੇ ਸਮੇਂ ਨੂੰ ਚਿੰਤਾ ਮੁਕਤ ਹੋਣ ਦੀ ਥਾਂ ਸੰਘਰਸ਼ ਵਿੱਚ ਗੁਜ਼ਾਰਦਾ ਹੈ ਤਦ ਤੱਕ ਉਸਦੀ ਸੋਚ ਲੰਗੜਾ ਚੁੱਕੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਸਮਾਜ ਪ੍ਰਤੀ ਨਾਂਹ ਪੱਖੀ ਵਤੀਰਾ ਧਾਰਨ ਕਰ ਲੈਂਦਾ ਹੈ । ਪਿਛਲੇ ਕੁਝ ਸਾਲਾਂ ਵਿੱਚ ਤਕਨੀਕ ਨੇ ਏਨਾਂ ਵਿਕਾਸ ਕੀਤਾ ਹੈ ਜਿਸ ਨਾਲ ਹਰ ਵਿਅਕਤੀ ਦੇ ਘਰੇਲੂ ਖਰਚ ਅਤੇ ਰੁਝੇਵੇਂ ਏਨੇ ਵਧ ਚੁੱਕੇ ਹਨ ਕਿ ਕਿਸੇ ਕੋਲ ਵਕਤ ਹੀ ਨਹੀਂ ਦੂਸਰਿਆਂ ਨਾਲ ਸਾਂਝ ਪਾਉਣ ਦਾ ਜਿਸ ਕਾਰਨ ਮੋਹ ਅਤੇ ਮਮਤਾ ਦੀ ਤੰਦ ਕਮਜ਼ੋਰ ਹੋ ਰਹੀ ਹੈ। ਜਦ ਮੋਹ ਦੀਆਂ ਤੰਦਾਂ ਕਮਜ਼ੋਰ ਹੋ ਜਾਣਗੀਆਂ ਤਦ ਕੁਦਰਤੀ ਹੈ ਕਿ ਦਇਆ ਰੂਪੀ ਹਮਦਰਦੀ ਦਾ ਬੂਟਾ ਸੁੱਕ ਜਾਂਦਾ ਹੈ। ਜਦ ਮਨੁੱਖ ਵਿੱਚ ਦਇਆਂ ਨਹੀਂ ਰਹਿ ਜਾਂਦੀ ਤਦ ਉਸਦਾ ਫਰਜ਼ ਨਿਭਾਉਣ ਵਾਲਾ ਧਰਮ ਵੀ ਮਰ ਮੁੱਕ ਜਾਂਦਾ ਹੈ। ਵਰਤਮਾਨ ਸਮਾਜ ਦਾ ਇਹੀ ਵੱਡਾ ਦੁਖਾਂਤ ਹੈ ਜਿਸ ਕਾਰਨ ਨੌਜਵਾਨੀ ਅਤੇ ਬਜ਼ੁਰਗਾਂ ਦੇ ਵਿਚਕਾਰਲੀ ਸਾਂਝ ਦੀ ਕੜੀ ਟੁੱਟ ਰਹੀ ਹੈ। ਜਿਉਂ ਜਿਉਂ ਇਹ ਸਾਂਝ ਘੱਟਦੀ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ ਤਿਉਂ ਤਿਉਂ ਬਜ਼ੁਰਗਾਂ ਦਾ ਜੀਵਨ ਮੁਸ਼ਕਲ ਭਰਿਆ ਹੋਈ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ। ਨੌਜਵਾਨ ਉਮਰ ਵਿੱਚ ਤਾਂ ਮਨੁੱਖ ਕੋਲ ਬਹੁਤ ਸਾਰੇ ਰੁਝੇਵੇਂ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਵਕਤ ਨੂੰ ਲੰਘਾਉਣ ਲਈ ਪਰ ਵੱਡੀ ਉਮਰ ਵਿੱਚ ਸਮੇਂ ਨਾਲ ਇਹ ਘੱਟਦੇ ਜਾਂਦੇ ਹਨ । ਇੱਕ ਵਕਤ ਆਉਂਦਾ ਹੈ ਜਦ ਬਜ਼ੁਰਗ ਵਿਅਕਤੀ ਦਾ ਸਰੀਰ ਵੀ ਸਾਥ ਛੱਡਣਾਂ ਸੁਰੂ ਕਰ ਦਿੰਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਇਹੋ ਜਿਹੇ ਵਕਤ ਹਮੇਸਾਂ ਆਪਣੀ ਔਲਾਦ ਹੀ ਸਾਂਭ ਸੰਭਾਲ ਕਰ ਸਕਦੀ ਹੈ। ਵੱਡੀ ਉਮਰ ਵਿੱਚ ਜੇ ਔਲਾਦ ਕੋਲ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਹੀ ਘਰਾਂ ਵਿੱਚ ਰੌਣਕ ਰਹਿੰਦੀ ਹੈ ਜਿਸ ਨਾਲ ਬਜੁਰਗਾਂ ਦੀ ਵੀ ਸਮਾਜ ਨਾਲ ਸਾਂਝ ਬਣੀ ਰਹਿੰਦੀ ਹੈ। ਜੇ ਵੱਡੀ ਉਮਰ ਵਿੱਚ ਵਿਅਕਤੀ ਕੋਲ ਪਰਿਵਾਰ ਜਾਂ ਔਲਾਦ ਹੀ ਨਹੀਂ ਤਾਂ ਉਸ ਕੋਲ ਕੋਈ ਮਿਲਣ ਵਾਲਾ ਵੀ ਨਹੀਂ ਜਾਂਦਾ ਜਿਸ ਨਾਲ ਇਕੱਲਾਪਣ ਭਾਰੂ ਹੋ ਜਾਂਦਾ ਹੈ। ਇਕੱਲਾਪਣ ਬਹੁਤ ਹੀ ਖਤਰਨਾਕ ਅਤੇ ਡਰਾਉਣਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ। ਜਿਸ ਵਿਕਤੀ ਕੋਲ ਬਜ਼ੁਰਜਤਾਈ ਦੀ ਉਮਰ ਵਿੱਚ ਔਲਾਦ ਕੋਲ ਹੈ ਤਦ ਇਹ ਸਵਰਗ ਵਰਗਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਪਰ ਜਿਸ ਕੋਲ ਇਕੱਲਾਪਣ ਹੋਵੇ ਤਦ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਦਾ ਇਹ ਪਹਿਰ ਨਰਕ ਦਾ ਰੂਪ ਹੋ ਜਾਂਦਾ ਹੈ। ਅਸਲ ਵਿੱਚ ਮਨੁੱਖ ਨੇ ਤਰੱਕੀ ਦੇ ਨਾਂ ਤੇ ਨਰਕ ਵੱਲ ਹੀ ਛਾਲ ਮਾਰੀ ਹੈ। ਨੌਜਵਾਨੀ ਆਪਣੇ ਬਜ਼ੁਰਗਾਂ ਤੋਂ ਸਿੱਖਕੇ ਹਰ ਹੀਲੇ ਪੈਸਾ ਕਮਾਉਣਾ ਲੋਚਦੀ ਹੈ। ਇਸ ਪੈਸੇ ਨੂੰ ਇਕੱਠਾ ਕਰਨ ਦੀ ਦੌੜ ਵਿੱਚ ਉਸਦੇ ਆਪਣੇ ਮਾਪੇ ਜਾਂ ਬਜ਼ੁਰਗ ਵੀ ਯਾਦ ਨਹੀਂ ਰਹਿੰਦੇ । ਵਰਤਮਾਨ ਸਮਾਜ ਦੀ ਇਹ ਹੁਣ ਹੋਣੀ ਬਣ ਚੁੱਕੀ ਹੈ ਜਿਸਦਾ ਭਾਰ ਚੁੱਕਣਾ ਵੀ ਬਜ਼ੁਰਗਾਂ ਨੂੰ ਪੈ ਰਿਹਾ ਹੈ। ਅੱਜ ਦੀ ਨੌਜਵਾਨੀ ਵੀ ਭਵਿੱਖ ਵਿੱਚ ਇਸਦੇ ਖਤਰਨਾਕ ਨਤੀਜੇ ਹੰਢਾਵੇਗੀ । ਕੁਦਰਤ ਦੇ ਉਲਟ ਚੱਲਕੇ ਮਨੁੱਖ ਕਦੇ ਵੀ ਸਾਂਵੀਂ ਪੱਧਰੀ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਨਹੀਂ ਜਿਉਂ ਸਕਦਾ।


ਵਿਜੈ ਗਰਗ
ਸਾਬਕਾ ਪੀਈਐਸ-1
ਸੇਵਾ ਮੁਕਤ ਪਿ੍ੰਸਪਲ
ਮਲੋਟ

आधुनिक फर्नीचर और बाल पेंटिंग से सजेंगे आंगनवाड़ी केंद्र
स्वास्थ्य विभाग की हिदायतों के बाद बच्चों के लिए खुलेंगे आंगनवाड़ी केंद्र
आंगनवाड़ी मुलाज़िम जत्थेबंदियों से आंगनवाड़ी केन्द्रों को बेहतर बनाने के लिए सुझाव

चंडीगढ़, 27 अगस्त
पंजाब के सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अरुणा चौधरी ने कहा कि राज्य के आंगनवाड़ी केन्द्रों को चरणबद्ध तरीके से मॉडल आंगनवाड़ी केन्द्रों में बदला जायेगा, जिसमें छोटे बच्चों में सीखने की रुचि पैदा करन के लिए नयी सीखने की तकनीकों और रंगदार पेंटिंग पर ज़ोर दिया जायेगा। दीवार चित्रों के द्वारा बच्चों को सिखाने के साथ-साथ गाँव स्तर पर आंगनवाड़ी केन्द्रों के लिए संकेत लगाऐ जाएंगे जिससे उनकी गाँव स्तर पर अहम संस्था के तौर पर पहचान बने। आंगनवाड़ी केन्द्रों की ज़रूरतों के मुताबिक फर्नीचर और आधुनिक उपकरण हर केंद्र को मुहैया कराने के लिए मूल्यांकन किया जा रहा है।  यहाँ पंजाब भवन में आंगनवाड़ी वर्करों और हैल्परों के साथ आंगनवाड़ी केन्द्रों को मज़बूत करने के लिए हुई मीटिंग के दौरान कैबिनेट मंत्री ने ऐलान किया कि किराये की इमारतों या अन्य स्थानों पर चलते आंगनवाड़ी सैंटरों को अपनी इमारतों में तबदील किया जायेगा जिससे बच्चे सुरक्षित माहौल में रह सकें। आंगनवाड़ी केन्द्रों को बच्चों के लिए जल्दी खोलने के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि इस पर विचार किया जा रहा है। कोरोना महामारी के कारण बंद किये इन आंगनवाड़ी केन्द्रों को जल्द ही बच्चों के लिए खोला जायेगा। श्रीमती चौधरी ने कहा कि जिन आंगनवाड़ी केन्द्रों की इमारतों की मुरम्मत करवाने की ज़रूरत है, उनकी सूचियां तैयार कर ली गई हैं और काम जल्द शुरू किया जायेगा। उन्होंने कहा कि वह पंजाब के आंगनवाड़ी केन्द्रों को देश भर में से उच्चतम मानकों की तरह बनाने के इच्छुक हैं। इसलिए सुझावों के लिए आज आंगनवाड़ी वर्करों और हैल्परों की जत्थेबंदियों को बुलाया गया है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को मिले सुझावों पर अमल करने के लिए आदेश दे दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी केन्द्रों में ही टीकाकरण कैंप लाने के लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ तालमेल किया जा रहा है जिससे कोई भी बच्चा टीकाकरण और अनीमिया से मुक्ति या अन्य सेवाओं से वंचित न रहे।  श्रीमती अरुणा चौधरी ने यह भी कहा कि फ्रंटलाईन आंगनवाड़ी टीम द्वारा ज़मीनी स्तर पर दी सेवाओं के साथ ही राज्य में ऐसा आधार बंधा है, जिससे महिलाओं, बच्चों एवं किशोर उम्र वालों के स्वास्थ्य और पोषण की दिशा में राज्य ने बड़ी उपलब्धी हासिल की। उन्होंने एक-एक वर्कर से सुझाव लिए और अपने विभाग के अधिकारियों को हर सुझाव पर तत्काल अमल करने के लिए कहा जिससे सेवाओं में सुधार करके राज्य के लाखों लाभार्थियों का जीवन स्तर ऊँचा उठाया जा सके। इस दौरान प्रमुख सचिव सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग श्रीमती राजी पी. श्रीवास्तव ने आंगनवाड़ी वर्करों द्वारा कोविड महामारी के दौरान फ्रंटलाईन वर्करों के तौर पर निभाई भूमिका की सराहना की, जिसके द्वारा पंजाब इस महामारी से दूसरे राज्य की अपेक्षा बेहतर ढंग से निपट सका। उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी वर्करों के काम का बहुत प्रचार नहीं होता परन्तु इसके बावजूद यह वर्कर और हैल्पर अपना काम ईमानदारी और संजीदगी से कर रही हैं। मीटिंग के दौरान जत्थेबंदियों के प्रतिनिधियों ने मान भत्ते में विस्तार करने की लम्बे समय से रहती माँग को पूरा करने पर सरकार का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि इससे ज़मीनी स्तर पर वर्करों का मनोबल बढ़ेगा और वह अधिक वचनबद्धता से अपना काम करेंगी। उन्होंने जायज माँगों के हक में खड़ा होने और वर्करों और हैल्परों की मुश्किलें सुनने के लिए कैबिनेट मंत्री श्रीमती चौधरी का धन्यवाद किया। विभाग के डायरैक्टर विपुल उज्जवल ने बताया कि शिक्षा विभाग के साथ बेहतर तालमेल के लिए एक साझा एक्शन कमेटी प्रस्तावित की गई है जिससे 2017 के दिशा-निर्देशों को मौजूदा संदर्भ में लागू किया जा सके, जिसमें मुख्य तौर पर शिक्षा विभाग के वालंटियरों को एक घंटे के लिए आंगनवाड़ी केन्द्रों के बच्चों को पढ़ाने के लिए भेजना शामिल था। उन्होंने बताया कि एक बार कमेटी बन जाने के बाद इन दिशा-निर्देशों को लागू करने में मदद मिलेगी। मीटिंग के दौरान आंगनवाड़ी केन्द्रों को सुचारू रूप से चलाने संबंधी सुझाव देते हुये आंगनवाड़ी मुलाज़िम यूनियन पंजाब (सीटू) की ऑल इंडिया प्रधान उषा रानी ने जल्दी से जल्दी आंगनवाड़ी केन्द्रों में लर्निंग किटें देने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि गाँवों में आंगनवाड़ी के साईन बोर्ड लगाऐ जाएँ और केन्द्रों की दीवारों पर आंगनवाड़ी केन्द्रों के द्वारा मिलते राशन की सूची दर्शाई जाये। ऑल पंजाब आंगनवाड़ी मुलाज़िम यूनियन की प्रदेश प्रधान हरगोबिन्द कौर ने बच्चों के टीकाकरण कैंप आंगनवाड़ी केन्द्रों में लगाने की माँग रखी। उन्होंने स्वास्थ्य एवं शिक्षा विभाग के साथ बेहतर तालमेल संबंधी भी कहा। ऑल इंडिया आंगनवाड़ी वर्करज़ हैल्परज़ यूनियन एटक पंजाब की प्रदेश प्रधान सरोज छप्पड़ीवाला ने आंगनवाड़ी केंद्र जल्द खोलने की माँग रखी। मीटिंग के दौरान ज्वाइंट डायरैक्टर गुरजिन्दर सिंह मौड़, डिप्टी डायरैक्टर रुपिन्दर कौर, डिप्टी डायरैक्टर अमरजीत सिंह कोरे और ज़िला प्रोग्राम अफ़सर सुखदीप सिंह भी उपस्थित थे।

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