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अगर पाकिस्तान हमलावर रूख अपनाता है तो मुँह तोड़ जवाब देंगे: मुख्यमंत्री ने लिया प्रण

 केंद्र के काले कृषि कानूनों को रद्द करवाने के लिए किसानों के साथ संघर्ष में डटे रहने का संकल्प लिया

कहा, सी.बी.आई से बेअदबी मामलों की जांच वापस लेने के लिए सख़्त मेहनत की; 23 व्यक्तियों के खि़लाफ़ पहले ही चार्जशीट दाखि़ल की, 15 पुलिस कर्मचारी निलंबित किए

अमृतसर, 15 अगस्त: पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने देश के ऐतिहासिक 75वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पाकिस्तान के नापाक मंसूबों के विरुद्ध सीमावर्ती राज्य पंजाब की रक्षा करने का प्रण लिया। इसके साथ ही उन्होंने केंद्र के काले कृषि कानूनों को रद्द करवाने के लिए किसानों के साथ मिलकर लड़ाई जारी रखने का वादा भी किया।

पाकिस्तान के विरुद्ध पूरी तरह सतर्क रहने की बात करते हुए जोकि हमेशा मुश्किलें खड़ी करने की ताक में रहता है, मुख्यमंत्री ने ज़ोर देकर कहा कि ‘‘हम शांति चाहते हैं परन्तु हमारे क्षेत्र में किसी भी हमलावर कार्रवाई या हमले को बर्दाश्त नहीं करेंगे।’’ राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद पंजाब के लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने ऐलान किया ‘‘अगर पाकिस्तान कोई मुसीबत खड़ी करता है तो हम उनको ऐसा सबक सिखाएंगे जो वह जि़ंदगी भर याद रखेगा।’’


 पड़ोसी मुल्कों द्वारा राज्य में हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी के लिए ड्रोन का प्रयोग का जि़क्र करते हुए कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने चेतावनी दी कि पाकिस्तान पंजाब में किसी भी नाज़ुक स्थिति का लाभ लेने का कोई मौका नहीं छोड़ेगा।

 उद्योग के विकास को प्रोत्साहित करने और राज्य के लोगों की तरक्की के लिए राज्य में शांति बनाए रखने की ज़रूरत पर ज़ोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार गैंगस्टरों और आतंकवादियों समेत किसी भी खतरे को बर्दाश्त नहीं करेगी और हम ऐसी किसी भी कोशिश के विरुद्ध सख़्ती से पेश आएंगे। उन्होंने कहा कि पंजाब के लिए कोई भी ख़तरा हमारे समूचे मुल्क के लिए ख़तरा होगा। उन्होंने बताया कि सरकार के सत्ता संभालने से लेकर 47 पाकिस्तानी आतंकवादी मॉड्यूलों और 347 गैंग्स्टरों के मॉड्यूलों को निष्प्रभावी किया गया है, जिनमें से कुछ बड़े गैंगस्टरों को अर्मेनिया, यूएई और अन्य देशों से डिपोर्ट करवाया गया और कई अन्य को डिपोर्ट करवाने की कार्यवाही जारी है।

 बाद में कुछ मीडिया कर्मियों के साथ अनौपचारिक बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने किसानों के चल रहे आंदोलन संबंधी चिंता प्रकट की और कहा कि उन्होंने हाल ही में प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री के साथ अपनी बैठकों के दौरान यह मुद्दा उठाया था। 

 उन्होंने कहा कि उन्होंने कृषि कानूनों को रद्द करने की माँग की, जो किसान विरोधी और संविधान की भावना के विरुद्ध हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह इन कानूनों को रद्द करवाने के लिए किसानों के साथ मिलकर लड़ाई जारी रखेंगे और इस संघर्ष के दौरान शहीद होने वाले किसानों के बलिदानों को व्यर्थ नहीं जाने देंगे।

 कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि इन काले कृषि कानूनों के विरुद्ध लड़ाई राजनैतिक नहीं है। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि कौन सत्ता में है। हमें जो सही हैं उनके साथ खड़े रहने और यह सुनिश्चित बनाने की ज़रूरत है कि संविधान में मिले हमारे अधिकारों को कुचला न जाए। उन्होंने कहा कि अगर कुछ अन्य राजनैतिक पार्टियों ने पिछले साल जून महीने के दौरान केंद्र के समक्ष हमारी गहरी चिंताओं को एकजुट होकर उठाने सम्बन्धी मेरी ओर से बार-बार किए गए अनुरोध को माना होता तो शायद आज यह स्थिति पैदा ना होती। 

 अपने आधिकारित भाषण में मुख्यमंत्री ने उनकी सरकार द्वारा बेअदबी मामलों की जांच सीबीआई से वापस लेने के लिए की गई कानूनी प्रयासों के बारे में बताया। बताने योग्य है कि पिछली अकाली-भाजपा सरकार ने इस सम्बन्धी दर्ज की गई तीन एफआईआर और कोटकपूरा और बहबल कलाँ गोलीकांड मामलों में दर्ज अन्य तीन एफ.आई.आर सी.बी.आई. को सौंप दी थीं। उन्होंने कहा कि सीबीआई से मामलों को वापस लेने के बाद चार मामलों में 23 व्यक्तियों के विरुद्ध चार्जशीट दाखि़ल की गई है और 15 पुलिस कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है, जबकि 10 व्यक्तियों को गिरफ़्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि इस सम्बन्ध में अब तक 10 चालान पेश किए गए हैं।

 उनकी सरकार द्वारा नशों के समस्या के विरुद्ध लड़ाई में हासिल की गई सफलताओं का जि़क्र करते हुए उन्होंने बताया कि अब तक एनडीपीएस एक्ट के अधीन 47,510 मामले दर्ज किए गए हैं और 216 बड़ी मछलियों (5 किलो या ज़्यादा हेरोइन समते पकड़े गए) को गिरफ़्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि नशा मुक्ति प्रोग्राम के अधीन 7 लाख से अधिक मरीज़ों का इलाज चल रहा है।

 कोविड की स्थिति के संदर्भ में मुख्यमंत्री ने सभी चिकित्सा कर्मचारियों की बेमिसाल सेवा संबंधी बात की, जबकि पंजाब के लोगों का इस खतरे का प्रभावशाली ढंग से मुकाबला करने के लिए धन्यवाद किया। हालाँकि उन्होंने यह सुनिश्चित बनाने के लिए निरंतर सतर्क रहने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया, जिससे महामारी वापस ना आए। उन्होंने कहा कि सरकार मौजूदा कॉलेजों को अपग्रेड करने के अलावा 5 नए मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की प्रक्रिया सम्बन्धी कार्यवाही कर रही है।

 मुख्यमंत्री ने हाल ही में समाप्त हुई टोक्यो ओलम्पिक खेलों में राज्य का नाम रौशन करने वाले 20 लडक़े और लड़कियों के प्रदर्शन पर गर्व प्रकट किया और कहा कि नकद पुरस्कारों के अलावा इन सभी खिलाडिय़ों को सरकारी नौकरियाँ भी दी जाएंगी। उन्होंने कहा कि हालाँकि, उन्होंने निजी तौर पर महसूस किया है कि उनकी उपलब्ध्यिों के लिए यह सब अभी काफ़ी नहीं है।

 रोजग़ार संबंधी बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 62,748 सरकारी नौकरियाँ पहले ही दी जा चुकी हैं, जबकि 7.4 लाख नौजवानों को निजी नौकरियाँ और 10.9 लाख नौजवानों को स्व-रोजग़ार की सुविधा दी गई है। उन्होंने आगे कहा कि 1 लाख सरकारी नौकरियाँ प्रदान करने की प्रक्रिया चल रही है।

 उनकी निगरानी अधीन गेहूँ और धान के बिना किसी रुकावट और रिकॉर्ड उत्पादन की सराहना करते हुए कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने सभी किसानों, आढतियों, मज़दूरों और एजेंसियों के स्टाफ का धन्यवाद किया, जिन्होंने राज्य के किसानों की उपज का एक-एक दाना खरीदने के लिए मुख्यमंत्री द्वारा किए गए वादे को पूरा करने में सहायता की। 

 उन्होंने 5.83 लाख किसानों को दी गई 4700 करोड़ रुपए की ऋण राहत प्रदान करने के साथ-साथ खराबे की राशि में वृद्धि के बारे में भी बात की। पिछले साल किसानों, उद्योगों और एस.सी./बी.सी. को दी गई बिजली सब्सिडियों का जि़क्र करते हुए उन्होंने दोहराया उनके सत्ता में रहने तक यह सुविधाएं जारी रहेंगी।

 मुख्यमंत्री ने उनकी सरकार द्वारा दलितों, ओबीसी और गरीबों के कल्याण के लिए उठाए गए कदमों का हवाला भी दिया, जिसमें पैंशन और आशीर्वाद स्कीम के अधीन शगुन राशि में वृद्धि के साथ-साथ एससी पोस्ट मैट्रिक स्कीम, जिसको केंद्र सरकार ने अचानक बंद कर दिया था, की फिर से शुरूआत करना भी शामिल है। 

 उन्होंने बताया कि एससी और बीसी कॉर्पोरेशन के 14,000 से अधिक कजऱ्दारों को 52 करोड़ रुपए की लागत के साथ ऋण राहत दी गई है। उन्होंने आगे कहा कि आई.के.जी. गुजराल पंजाब टैक्निकल यूनिवर्सिटी में बाबा साहेब डॉ. बी.आर. अम्बेदकर जी को समर्पित एक संग्रहालय और एक इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमैंट स्थापित किया जा रहा है।

 महिलाओं के कल्याण को अपनी सरकार की मुख्य प्राथमिकता बताते हुए मुख्यमंत्री ने पंचायती राज संस्थाओं और शहरी स्थानीय सरकारों के साथ-साथ सरकारी नौकरियों में महिलाओं को दिए गए आरक्षण का जि़क्र किया। इसके अलावा महिलाओं को मुफ़्त बस यात्रा की सुविधा देने के साथ-साथ उनकी सुरक्षा के लिए बसों में जीपीएस और पैनिक बटन भी लगाए गए हैं। 

 सैनिकों के कल्याण संबंधी उठाए गए कदमों का जि़क्र करते हुए उन्होंने बताया कि राज्य सरकार में 82 शहीदों के वारिसों को नौकरियाँ दी गई हैं और 15 और वारिसों को भी जल्द ही नौकरियाँ दी जाएंगी। इसके अलावा शहीदों के परिवारों को एक्स-ग्रेशिया की राशि 12 लाख रुपए से बढ़ाकर 50 लाख रुपए की गई है। राज्य के 4300 गार्डियन्ज़ ऑफ गवर्नेंस (खुशहाली के रक्षक) राज्य में काम कर रहे हैं, जिससे योजनाओं के लाभ नागरिकों तक पहुँचाने को सुनिश्चित बनाया जा सके।

 पिछली सरकार के समय नरेगा स्कीम को पूरी तरह असफल बताते हुए उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने इस स्कीम के अधीन 3820 करोड़ रुपए ख़र्च किए और 1165 मानवीय देहाडिय़ाँ पैदा कीं। उन्होंने ग्रामीण विकास के लिए की गई अन्य पहलकदमियों में स्मार्ट गाँव मुहिम और मिशन लाल लकीर का भी हवाला दिया। उन्होंने आगे कहा कि मार्च 2022 तक राज्य के सभी 35 लाख ग्रामीण घरों को पाईप के द्वारा पीने वाले पानी के कनेक्शन दिए जाएंगे।

 मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके साथ ही शहरी विकास भी उनकी सरकार की प्राथमिकता का एजेंडा रहा है, जिसके अंतर्गत शहरी वातावरण सुधार प्रोग्राम और झुग्गी झौंपडिय़ों के लिए बसेरा जैसी पहलकदमियों के साथ शहरी लोगों के जीवन स्तर में सुधार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 89 प्रतिशत शहरी आबादी पहले ही पाईप के द्वारा पानी वाले पानी की सप्लाई प्राप्त कर रही है और 31 मार्च 2023 तक समूचे राज को इसके अधीन कवर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नहरी आधारित पानी की सप्लाई अब बड़े कस्बों को सप्लाई किया जा रहा है।

 उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों के लोगों द्वारा हमारी नीतियों की बहुत प्रशंसा की गई है, जोकि नगर निगम मतदान में कांग्रेस पार्टी को दिए गए भारी जनादेश में झलकता है।

 यह जि़क्र करते हुए कि पहली बार पंजाब को स्कूली शिक्षा के मामले में देश में पहला दर्जा दिया गया है, मुख्यमंत्री ने शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए उठाए गए विभिन्न कदमों के बारे में भी जानकारी दी, जोकि ना सिफऱ् स्कूलों में बल्कि इसके अतिरिक्त उच्च स्तर पर भी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि छह नए डिग्री कॉलेज पहले ही कक्षाएं शुरू कर चुके हैं, जबकि 12 इस साल शुरू होने वाले हैं और अन्य 25 डिग्री कॉलेजों को मंज़ूरी दी गई है।

 अप्रैल 2017 से लेकर अब तक 93,500 करोड़ रुपए के औद्योगिक निवेश के साथ 2018 से 2020 तक पंजाब की अर्थव्यवस्था के तेज़ी से विकास पर संतुष्टी ज़ाहिर करते हुए उन्होंने विश्वास प्रकट किया कि दिसंबर 2021 से पहले यह 1 लाख करोड़ रुपए के आंकड़े को छू लेगा। उन्होंने कहा कि 55 प्रतिशत नई फ़ैक्ट्रियों ने पहले ही व्यापारिक उत्पादन शुरू कर दिया है।

 श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व और नौवें सिख गुरू श्री गुरु तेग़ बहादुर जी के 400वें प्रकाश पर्व के ऐतिहासिक समागमों का हिस्सा बनने के लिए स्वयं को खुशकिस्मत बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एक बार जब कोविड की स्थिति में सुधार होता है तो शेष समागम पूरे उत्साह के साथ मनाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि बाबा बन्दा सिंह बहादुर जी का 350वें जन्म दिवस को भी कोविड के कारण नहीं मनाया जा सका, परन्तु राज्य सरकार जल्द ही सरहिन्द में महान सिख जनरल की प्रतिमा स्थापित करेगी। करतारपुर गलियारे के बंद होने के लिए कोविड को बड़ा कारण बताते हुए मुख्यमंत्री ने गलियारे को जल्द से जल्द खोलने का मामला उठाने के लिए भारत सरकार को पुन: विनती की, जिससे सिख संगत खुले दर्शन दीदार के लिए जा सकें।

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