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सभी जिलों में RTPCR लैब्स स्थापित की जाएंगी - कैप्टन अमरिंदर सिंह

 चंडीगढ़, 14 अगस्त: कोविड मामलों की मौजूदा दर के आने वाले 64 दिनों में बढक़र दोगुना होने के अनुमानों को विचारते हुए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह द्वारा शनिवार को राज्य के अंदर कोविड टैस्टें को बढ़ाकर कम से कम 60,000 प्रतिदिन करने के आदेश दिए हैं। यह आदेश मुख्यमंत्री द्वारा लुधियाना और फरीदकोट में बच्चों के कोविड वॉर्ड और पी.एस.ए ऑक्सीजन प्लांट्स का वर्चुअल विधि के द्वारा उद्घाटन करने के समय दिए गए।


कोविड की संभावित तीसरी लहर सम्बन्धी राज्य की तैयारियों का जायज़ा लेते हुए कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने स्वास्थ्य विभाग को सरकारी और निजी अस्पतालों के ओ.पी.डी मरीज़ों के लिए, यात्रियों के दाखि़ला स्थानों, सरकारी दफ्तरों, उद्योग और लेबर कालोनियों, मैरिज पैलसों, रैस्टोरैंट्स, पब, बार, जिम आदि के स्टाफ की टेस्टिंग को प्रमुखता के साथ शुरू करने के लिए आदेश दिए हैं। जी.आई.एस. निगरानी और रोकथाम के तरीकों, जिसके ज़रिये स्थानीय पाबंदियों के लिए स्व-चालित व्यवस्था जो समूचे जिलों में मौजूद है और ज़रूरत पडऩे पर स्थानीय पाबंदियों में सहायक बनेगी, पर तसल्ली का इज़हार करते हुए उन्होंने कहा कि इसको आधार बनाकर जिले माईक्रो-कन्टेनमैंट ज़ोन से सम्बन्धित नीति बनाएंगे।

 लधियाना के सिविल अस्पताल में बच्चों के इलाज के लिए कोविड पैडरीऐटिक वॉर्ड (पी.आई.सी.यू) में पाँच पैडरीऐटिक इंटैसिव केयर यूनिट और बच्चों में मल्टीसिस्टम इन्फलेमेटरी सिंड्रोम (एम.आई.एस.सी) के आठ बैड मौजूद हैं। यह कहते हुए कि अत्याधुनिक पी.आई.सी यूनिट की तुलना मुल्क के अंदर इस तरह की उत्तम सुविधा के साथ की जा सकती है, मुख्यमंत्री ने हीरो ईकोटैक लिमिटेड, लुधियाना के विजय मुंजाल और दयानन्द मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के डॉ. बिशव मोहन की 20 लाख की लागत वाली इस सुविधा दान करने के लिए धन्यवाद किया। डॉ. बिशव मोहन की सहायता से डॉक्टरों और नर्सों को प्रशिक्षण दिया गया है।

 इस वॉर्ड के लिए डी.एम.सी.एच. से ईको और कार्डियोलॉजी बैकअप मौजूद है। डॉ. रुपेश अग्रवाल (सिंगापुर) ज़ीसस प्रोजैक्ट ओ-2, इंडिया, द्वारा 5 पी.आई.सी.यू बैड दान किए गए हैं। यहाँ अन्य सुविधाएं पंजाब सरकार द्वारा मुहैया करवाई गई हैं। मुख्यमंत्री ने ऐलान किया कि सभी जिलों में सरकार द्वारा पी.आई.सी.यू और दूसरे दर्जे के पैडरीऐटिक बैड और 4 जी.एम.सी.एच में पैडीऐटिरक बैड 1,104 तक बढ़ाए जाएंगे।

 मुख्यमंत्री द्वारा लुधियाना में उद्घाटन किए गए पी.एस.ए ऑक्सीजन प्लांटों में सिविल अस्पताल और ई.एस.आई दोनों में 1000 एल.पी.एम और वर्धमान शहरी स्वास्थ्य केंद्र में 500 एल.पी.एम शामिल है। मुख्यमंत्री ने बाबा फऱीद मेडिकल कॉलेज और अस्पताल फरीदकोट में एस.पी.एस ओबराए द्वारा स्पॉन्सर्ड 2000 लीटर के पी.एस.ए प्लांट का उद्घाटन भी किया।

 कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि कुल 76 पी.एस.ए प्लांट (41 भारत सरकार की सहायता वाले और 35 दानी सज्जनों की सहायता वाले) राज्य में स्थापित किए जा रहे हैं, जिनकी ऑक्सीजन पैदावार क्षमता 48,832 एल.पी.एम है। इन प्लांटों की स्थापति से राज्य की ऑक्सीजन के लिए बाहरी निर्भरता बड़े पैमाने पर घटने का जि़क्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ऑक्सीजन क्षमता 560 मीट्रिक टन तक बढ़ाने के यत्न जारी हैं, जिसमें 235 मीट्रिक टन एल.एम.ओ और करीब 328 मीट्रिक टन पी.एस.ए प्लांटों, ए.एस.यू और ऑक्सीजन कंसेन्ट्रेटर शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इसमें 50 एम.टी. ग़ैर-कोविड इमरजैंसी स्थितियों के लिए शामिल होगी, जिससे यह यकीनी बनाया जा सके कि ग़ैर-कोविड मरीज़ों को मुश्किल न आए। दूसरी लहर के शिखर पर पंजाब में 308 मीट्रिक टन ऑक्सीजन का इस्तेमाल किया जा रहा था।

 मुख्यमंत्री द्वारा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभागों को कोविड की तीसरी लहर का सामना करने के लिए स्वास्थ्य ढांचा और चिकित्सा आपूर्ति को मज़बूत करने के लिए कहा गया। कोविड इमरजैंसी पैकेज-2 (ई.सी.आर.पी) और पंद्रवें वित्त कमिशन की अनुदान और संकट प्रबंधन फंड के अंतर्गत पंजाब सरकार इस उद्देश्य के लिए मौजूदा वर्ष में 1000 करोड़ से और ज्यादा ख़र्च कर रही है।

 कोविड इमरजैंसी पैकेज के अंतर्गत 331.48 करोड़, जो केंद्र के 60 फीसदी हिस्से और राजय के 40 फीसदी हिस्से के अनुपात में है, समूचे जि़ला अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में पैडीऐटरिक इलाज ईकाइयों की स्थापति के लिए राज्य में ख़र्च किए जा रहे हैं। मीटिंग के दौरान बताया गया कि राज्य के 41 एस.डी.एच. और 89 कम्युनिटी स्वास्थ्य केन्द्रों में 20 बिस्तरों वाले यूनिट और 153 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में 6 बिस्तरों वाले यूनिट स्थापित किए जाएंगे। अमृतसर के मेडिकल कॉलेज में एक पैडीऐटरिक सैंटर ऑफ एक्सीलैंस (बच्चों के इलाज के लिए आला दर्जे का केंद्र) भी स्थापित किया जा रहा है। सरकार द्वारा राज्य के सभी जिलों के अंदर आर.टी-पीसीआर टेस्टिंग लैब्स स्थापित करने का फ़ैसला लिया गया है। मीटिंग के दौरान आगे बताया गया कि अमृतसर, फरीदकोट और पटियाला के मेडिकल कॉलेजों में यह लैब्स पहले ही कार्यशील हैं।

 15वें वित्त आयोग द्वारा ग्रामीण और शहरी घटकों के तौर पर पंजाब के लिए 2130.71 करोड़ की सिफ़ारिश की जा चुकी है। मौजूदा वित्तीय वर्ष के लिए राज्य के ख़ातिर 401 करोड़ रुपए की मंज़ूरी दी गई है। यह अनुदान प्राथमिक स्वास्थ्य 14 सब-सैंटरों और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में 63 टैस्टों की व्यवस्था होने समेत शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य ढांचे की मज़बूती के लिए ख़र्च किए जाएंगे।

 डॉ. के.के. तलवाड़ ने बताया कि राज्य तीसरी लहर से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है और मौजूदा समय में स्थिति पूरी तरह स्थिर है।

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